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_*श्री हनुमान जन्मोत्सव पर निकली भव्य शोभायात्रा, जगह-जगह हुआ भंडारा*......

5 hrs ago
user_Dharmendra sahu
Dharmendra sahu
Photographer तेंदूखेड़ा, नरसिंहपुर, मध्य प्रदेश•
5 hrs ago

_*श्री हनुमान जन्मोत्सव पर निकली भव्य शोभायात्रा, जगह-जगह हुआ भंडारा*......

More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
  • Post by Dharmendra sahu
    1
    Post by Dharmendra sahu
    user_Dharmendra sahu
    Dharmendra sahu
    Photographer तेंदूखेड़ा, नरसिंहपुर, मध्य प्रदेश•
    4 hrs ago
  • Post by कृष्णकांत प्रदीप शर्मा करेली
    1
    Post by कृष्णकांत प्रदीप शर्मा करेली
    user_कृष्णकांत प्रदीप शर्मा करेली
    कृष्णकांत प्रदीप शर्मा करेली
    Electrician करेली, नरसिंहपुर, मध्य प्रदेश•
    3 hrs ago
  • लोकेशन :-बीना रिपोर्टर :-राकेश सेन बीना :-ग्राम सेमाढाना में चल रही श्री नर्मदा महापुराण कथा के प्रथम दिवस में कलश यात्रा समस्त ग्राम वासियों ने बड़े धूमधाम से निकाली सेमाधाना से कलश यात्रा होते हुए सिद्ध बाबा धाम में पहुंची जहां पर नर्मदा महापुराण की कथा प्रारंभ हुई कथा व्यास पं. कमलेश कृष्ण शास्त्री ने कहा श्री सिद्ध बाबा धाम की महिमा का वर्णन करते हुए भक्तों को केवल प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर नहीं है, बल्कि यह ऋषि-मुनियों की तपोभूमि भी रही है, जहाँ सदियों से साधना, भक्ति और धर्म की गंगा प्रवाहित होती आ रही है। इस पावन भूमि की धूल भी मन को शुद्ध करने वाली मानी जाती है। नर्मदा पुराण श्रवण से मनुष्य के पापों का क्षय होता है और उसका मन शुद्ध एवं पवित्र बनता है। जो व्यक्ति सच्चे मन से कथा सुनता है, उसके जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आते हैं और वह धीरे-धीरे भगवान की भक्ति में लीन होकर मोक्ष मार्ग की ओर अग्रसर होता है। इसलिए प्रत्येक व्यक्ति को समय-समय पर कथा का श्रवण अवश्य करना चाहिए, ताकि जीवन में सुख, शांति और आध्यात्मिक उन्नति प्राप्त हो सके। जीवन में अपने बच्चों को भगवान श्रीराम के चरित्र से शिक्षा देना अत्यंत आवश्यक है, क्योंकि श्रीराम का जीवन आदर्श, मर्यादा और धर्म का सर्वोत्तम उदाहरण है। उन्होंने हर परिस्थिति में सत्य, कर्तव्य और धर्म का पालन किया—चाहे वह पुत्र धर्म हो, भाई का प्रेम हो, पति का समर्पण हो या राजा का दायित्व। जब बच्चों को श्रीराम के जीवन की कथाएं सुनाई जाती हैं, तो उनके भीतर सच्चाई, आज्ञाकारिता, विनम्रता और सम्मान जैसे गुण स्वाभाविक रूप से विकसित होते हैं। जब भी संतान कोई अच्छा कार्य करती है, धर्म और सदाचार के मार्ग पर चलती है, तो सबसे अधिक प्रसन्न उसके पितर होते हैं। जब संतान अच्छे संस्कारों के साथ जीवन जीती है, सत्य बोलती है, दूसरों की सहायता करती है और भगवान की भक्ति में लीन रहती है, तो यह सब देखकर पितर संतुष्ट होते हैं और अपने वंशजों को आशीर्वाद देते हैं। जहाँ सत्संग होता है, वहाँ नेगेटिव एनर्जी का वास नहीं होता। सत्संग अर्थात् “सत्” यानी सत्य और “संग” यानी संगति – अर्थात् सच्चाई, धर्म, और ईश्वर के साथ जुड़ना। जब घर में सत्संग होता है, भजन-कीर्तन गूंजते हैं, भगवान की महिमा का श्रवण और मनन होता है, तो वहाँ का वातावरण अपने आप ही पवित्र और सकारात्मक हो जाता है। बच्चों के लिए सत्संग अमृत के समान है। जब वे बचपन से ही धार्मिक वातावरण में पलते हैं, तो उनमें संस्कार, संयम, सेवा और सत्य की भावना अपने आप विकसित होती है। ऐसे बच्चे नशे, बुरी संगति या कुसंस्कारों की ओर नहीं भटकते, बल्कि जीवन में आगे चलकर समाज और देश के लिए आदर्श बनते हैं। सबसे बड़ा धर्म है सत्य बोलना। सत्य ही धर्म का मूल है। जो व्यक्ति सच्चाई के मार्ग पर चलता है, वह कभी हारता नहीं। भले ही समय कठिन हो, परंतु अंततः सत्य की ही विजय होती है। इसलिए हमें सदैव सच बोलने का प्रयास करना चाहिए, चाहे परिस्थिति जैसी भी हो। कथा दिनांक 3 अप्रैल से 9 अप्रैल 2026 तक समय: दोप. 2बजे से 5 तक है कथा के आयोजक समस्त ग्रामवासी है ग्राम वासियो का सभी से आग्रह है अधिक से अधिक संख्या में पधारे
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    लोकेशन :-बीना 
रिपोर्टर :-राकेश सेन
बीना :-ग्राम सेमाढाना में चल रही श्री नर्मदा महापुराण कथा के प्रथम दिवस में  कलश यात्रा समस्त ग्राम वासियों ने बड़े धूमधाम से  निकाली सेमाधाना से कलश यात्रा होते हुए सिद्ध बाबा धाम  में पहुंची जहां पर नर्मदा महापुराण की कथा प्रारंभ हुई कथा व्यास पं. कमलेश कृष्ण शास्त्री ने कहा श्री सिद्ध बाबा धाम की महिमा का वर्णन करते हुए भक्तों को केवल प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर नहीं है, बल्कि यह ऋषि-मुनियों की तपोभूमि भी रही है, जहाँ सदियों से साधना, भक्ति और धर्म की गंगा प्रवाहित होती आ रही है। इस पावन भूमि की धूल भी मन को शुद्ध करने वाली मानी जाती है। 
नर्मदा पुराण श्रवण से मनुष्य के पापों का क्षय होता है और उसका मन शुद्ध एवं पवित्र बनता है। जो व्यक्ति सच्चे मन से कथा सुनता है, उसके जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आते हैं और वह धीरे-धीरे भगवान की भक्ति में लीन होकर मोक्ष मार्ग की ओर अग्रसर होता है। इसलिए प्रत्येक व्यक्ति को समय-समय पर कथा का श्रवण अवश्य करना चाहिए, ताकि जीवन में सुख, शांति और आध्यात्मिक उन्नति प्राप्त हो सके। 
जीवन में अपने बच्चों को भगवान श्रीराम के चरित्र से शिक्षा देना अत्यंत आवश्यक है, क्योंकि श्रीराम का जीवन आदर्श, मर्यादा और धर्म का सर्वोत्तम उदाहरण है। उन्होंने हर परिस्थिति में सत्य, कर्तव्य और धर्म का पालन किया—चाहे वह पुत्र धर्म हो, भाई का प्रेम हो, पति का समर्पण हो या राजा का दायित्व। जब बच्चों को श्रीराम के जीवन की कथाएं सुनाई जाती हैं, तो उनके भीतर सच्चाई, आज्ञाकारिता, विनम्रता और सम्मान जैसे गुण स्वाभाविक रूप से विकसित होते हैं।
जब भी संतान कोई अच्छा कार्य करती है, धर्म और सदाचार के मार्ग पर चलती है, तो सबसे अधिक प्रसन्न उसके पितर होते हैं। जब संतान अच्छे संस्कारों के साथ जीवन जीती है, सत्य बोलती है, दूसरों की सहायता करती है और भगवान की भक्ति में लीन रहती है, तो यह सब देखकर पितर संतुष्ट होते हैं और अपने वंशजों को आशीर्वाद देते हैं।
जहाँ सत्संग होता है, वहाँ नेगेटिव एनर्जी का वास नहीं होता। सत्संग अर्थात् “सत्” यानी सत्य और “संग” यानी संगति – अर्थात् सच्चाई, धर्म, और ईश्वर के साथ जुड़ना। जब घर में सत्संग होता है, भजन-कीर्तन गूंजते हैं, भगवान की महिमा का श्रवण और मनन होता है, तो वहाँ का वातावरण अपने आप ही पवित्र और सकारात्मक हो जाता है।
बच्चों के लिए सत्संग अमृत के समान है। जब वे बचपन से ही धार्मिक वातावरण में पलते हैं, तो उनमें संस्कार, संयम, सेवा और सत्य की भावना अपने आप विकसित होती है। ऐसे बच्चे नशे, बुरी संगति या कुसंस्कारों की ओर नहीं भटकते, बल्कि जीवन में आगे चलकर समाज और देश के लिए आदर्श बनते हैं।
सबसे बड़ा धर्म है सत्य बोलना। सत्य ही धर्म का मूल है। जो व्यक्ति सच्चाई के मार्ग पर चलता है, वह कभी हारता नहीं। भले ही समय कठिन हो, परंतु अंततः सत्य की ही विजय होती है। इसलिए हमें सदैव सच बोलने का प्रयास करना चाहिए, चाहे परिस्थिति जैसी भी हो।
कथा दिनांक 3 अप्रैल से 9 अप्रैल 2026 तक 
समय: दोप. 2बजे से 5 तक है 
कथा के आयोजक समस्त ग्रामवासी है ग्राम वासियो का सभी से आग्रह है अधिक से अधिक संख्या में पधारे
    user_Rakesh sen
    Rakesh sen
    सैखेड़ा, नरसिंहपुर, मध्य प्रदेश•
    7 hrs ago
  • Post by शंभू दयाल सेन
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    Post by शंभू दयाल सेन
    user_शंभू दयाल सेन
    शंभू दयाल सेन
    Madhya Pradesh•
    8 hrs ago
  • आपसी विवाद बना खूनी सघर्ष की वजह, पीड़ित परिवार ने एसपी से लगाई न्याय की गुहार
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    आपसी विवाद बना खूनी सघर्ष की वजह, पीड़ित परिवार ने एसपी से लगाई न्याय की गुहार
    user_Prime 24 News
    Prime 24 News
    सैखेड़ा, नरसिंहपुर, मध्य प्रदेश•
    11 hrs ago
  • साईं खेड़ा में बड़ी धूमधाम से मनाया गया हनुमानजी का जन्मोत्सव प्रथम पंक्ति में क्षेत्र के घोड़ों के नृत्य ने मन मोहा तत् पश्चात डी जे की धुन पर हनुमान भक्तो का डांस फिर अखाड़े के कौशल फिर भी थे और ढोल पर मात्र शक्ति के नृत्य के साथ जय घोष और हनुमान लला की आरती के पश्चात भंडारा प्रसादी के साथ चल समारोह का समापन श्री संकटमोचन हनुमान मंदिर पर संपन्न हुआ।
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    साईं खेड़ा में बड़ी धूमधाम से मनाया गया हनुमानजी का जन्मोत्सव 
प्रथम पंक्ति में क्षेत्र के घोड़ों के नृत्य ने मन मोहा तत् पश्चात डी जे की धुन पर हनुमान भक्तो का डांस फिर अखाड़े के कौशल फिर भी थे और ढोल पर मात्र शक्ति के नृत्य के साथ जय घोष और हनुमान लला की आरती के पश्चात भंडारा प्रसादी के साथ चल समारोह का समापन श्री संकटमोचन हनुमान मंदिर पर संपन्न हुआ।
    user_Ranjeet Tomar
    Ranjeet Tomar
    पत्रकार Narsimhapur, Narsinghpur•
    31 min ago
  • Post by News Chandra Shekher Sonu
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    Post by News Chandra Shekher Sonu
    user_News Chandra Shekher Sonu
    News Chandra Shekher Sonu
    नरसिंहपुर, नरसिंहपुर, मध्य प्रदेश•
    3 hrs ago
  • Post by Dharmendra sahu
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    Post by Dharmendra sahu
    user_Dharmendra sahu
    Dharmendra sahu
    Photographer तेंदूखेड़ा, नरसिंहपुर, मध्य प्रदेश•
    5 hrs ago
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