सपने में आया बाबा का बुलावा, आंखों की परेशानी के बीच परिवार ने शुरू की दंडवत यात्रा असरगंज। सावन की अंतिम सोमवारी पर असरगंज कच्ची कांवरिया पथ पर आस्था की अनोखी तस्वीर देखने को मिली। बांका जिले के फुल्लीडुमर की सोनी कुमारी अपने पति मंटू कुमार और 11 वर्षीय बेटे अंकुश कुमार के साथ बाबा बैद्यनाथ धाम की दंडवत यात्रा पर निकली हैं। परिवार का कहना है कि कई वर्षों से सपने में दंडवत करते हुए देवघर जाने का दृश्य दिखाई देता था। इसे बाबा का बुलावा मानकर परिवार ने यात्रा का संकल्प लिया। सोनी कुमारी ने बताया कि करीब छह-सात वर्ष पहले उन्हें पहली बार ऐसा सपना आया था। करीब तीन वर्ष पहले दोबारा वही सपना आया। इसी दौरान उनके पति की आंखों में परेशानी शुरू हो गई और धीरे-धीरे उनकी नजर कमजोर होती चली गई। कई डॉक्टरों से इलाज कराने के बावजूद सुधार नहीं हुआ। करीब 15-20 दिन पहले फिर वही सपना आने के बाद परिवार ने बाबा धाम जाने का निर्णय लिया। इसी बीच 11 वर्षीय बेटे अंकुश की आंखों में भी जलन, दर्द और धुंधला दिखाई देने की शिकायत शुरू हो गई। इसके बाद परिवार ने दंडवत यात्रा शुरू करने का फैसला किया। सोनी आठ माह की गर्भवती हैं, इसलिए वह खुद दंड नहीं काट रही हैं और सेवादार के रूप में पति-बेटे के साथ चल रही हैं। मंटू और अंकुश दंडवत करते हुए देवघर की ओर बढ़ रहे हैं। परिवार का कहना है कि बाबा बैद्यनाथ पर उनकी पूरी आस्था है। उन्हें विश्वास है कि बाबा उनकी मनोकामना पूरी करेंगे और बेटे की आंखों की परेशानी दूर होगी। परिवार की एक अन्य इच्छा बेटी के सुख की भी है। सपने में आया बाबा का बुलावा, आंखों की परेशानी के बीच परिवार ने शुरू की दंडवत यात्रा असरगंज। सावन की अंतिम सोमवारी पर असरगंज कच्ची कांवरिया पथ पर आस्था की अनोखी तस्वीर देखने को मिली। बांका जिले के फुल्लीडुमर की सोनी कुमारी अपने पति मंटू कुमार और 11 वर्षीय बेटे अंकुश कुमार के साथ बाबा बैद्यनाथ धाम की दंडवत यात्रा पर निकली हैं। परिवार का कहना है कि कई वर्षों से सपने में दंडवत करते हुए देवघर जाने का दृश्य दिखाई देता था। इसे बाबा का बुलावा मानकर परिवार ने यात्रा का संकल्प लिया। सोनी कुमारी ने बताया कि करीब छह-सात वर्ष पहले उन्हें पहली बार ऐसा सपना आया था। करीब तीन वर्ष पहले दोबारा वही सपना आया। इसी दौरान उनके पति की आंखों में परेशानी शुरू हो गई और धीरे-धीरे उनकी नजर कमजोर होती चली गई। कई डॉक्टरों से इलाज कराने के बावजूद सुधार नहीं हुआ। करीब 15-20 दिन पहले फिर वही सपना आने के बाद परिवार ने बाबा धाम जाने का निर्णय लिया। इसी बीच 11 वर्षीय बेटे अंकुश की आंखों में भी जलन, दर्द और धुंधला दिखाई देने की शिकायत शुरू हो गई। इसके बाद परिवार ने दंडवत यात्रा शुरू करने का फैसला किया। सोनी आठ माह की गर्भवती हैं, इसलिए वह खुद दंड नहीं काट रही हैं और सेवादार के रूप में पति-बेटे के साथ चल रही हैं। मंटू और अंकुश दंडवत करते हुए देवघर की ओर बढ़ रहे हैं। परिवार का कहना है कि बाबा बैद्यनाथ पर उनकी पूरी आस्था है। उन्हें विश्वास है कि बाबा उनकी मनोकामना पूरी करेंगे और बेटे की आंखों की परेशानी दूर होगी। परिवार की एक अन्य इच्छा बेटी के सुख की भी है।
सपने में आया बाबा का बुलावा, आंखों की परेशानी के बीच परिवार ने शुरू की दंडवत यात्रा असरगंज। सावन की अंतिम सोमवारी पर असरगंज कच्ची कांवरिया पथ पर आस्था की अनोखी तस्वीर देखने को मिली। बांका जिले के फुल्लीडुमर की सोनी कुमारी अपने पति मंटू कुमार और 11 वर्षीय बेटे अंकुश कुमार के साथ बाबा बैद्यनाथ धाम की दंडवत यात्रा पर निकली हैं। परिवार का कहना है कि कई वर्षों से सपने में दंडवत करते हुए देवघर जाने का दृश्य दिखाई देता था। इसे बाबा का बुलावा मानकर परिवार ने यात्रा का संकल्प लिया। सोनी कुमारी ने बताया कि करीब छह-सात वर्ष पहले उन्हें पहली बार ऐसा सपना आया था। करीब तीन वर्ष पहले दोबारा वही सपना आया। इसी दौरान उनके पति की आंखों में परेशानी शुरू हो गई और धीरे-धीरे उनकी नजर कमजोर होती चली गई। कई डॉक्टरों से इलाज कराने के बावजूद सुधार नहीं हुआ। करीब 15-20 दिन पहले फिर वही सपना आने के बाद परिवार ने बाबा धाम जाने का निर्णय लिया। इसी बीच 11 वर्षीय बेटे अंकुश की आंखों में भी जलन, दर्द और धुंधला दिखाई देने की शिकायत शुरू हो गई। इसके बाद परिवार ने दंडवत यात्रा शुरू करने का फैसला किया। सोनी आठ माह की गर्भवती हैं, इसलिए वह खुद दंड नहीं काट रही हैं और सेवादार के रूप में पति-बेटे के साथ चल रही हैं। मंटू और अंकुश दंडवत करते हुए देवघर की ओर बढ़ रहे हैं। परिवार का कहना है कि बाबा बैद्यनाथ पर उनकी पूरी आस्था है। उन्हें विश्वास है कि बाबा उनकी मनोकामना पूरी करेंगे और बेटे की आंखों की परेशानी दूर होगी। परिवार की एक अन्य इच्छा बेटी के सुख की भी है। सपने में आया बाबा का बुलावा, आंखों की परेशानी के बीच परिवार ने शुरू की दंडवत यात्रा असरगंज। सावन की अंतिम सोमवारी पर असरगंज कच्ची कांवरिया पथ पर आस्था की अनोखी तस्वीर देखने को मिली। बांका जिले के फुल्लीडुमर की सोनी कुमारी अपने पति मंटू कुमार और 11 वर्षीय बेटे अंकुश कुमार के साथ बाबा बैद्यनाथ धाम की दंडवत यात्रा पर निकली हैं। परिवार का कहना है कि कई वर्षों से सपने में दंडवत करते हुए देवघर जाने का दृश्य दिखाई देता था। इसे बाबा का बुलावा मानकर परिवार ने यात्रा का संकल्प लिया। सोनी कुमारी ने बताया कि करीब छह-सात वर्ष पहले उन्हें पहली बार ऐसा सपना आया था। करीब तीन वर्ष पहले दोबारा वही सपना आया। इसी दौरान उनके पति की आंखों में परेशानी शुरू हो गई और धीरे-धीरे उनकी नजर कमजोर होती चली गई। कई डॉक्टरों से इलाज कराने के बावजूद सुधार नहीं हुआ। करीब 15-20 दिन पहले फिर वही सपना आने के बाद परिवार ने बाबा धाम जाने का निर्णय लिया। इसी बीच 11 वर्षीय बेटे अंकुश की आंखों में भी जलन, दर्द और धुंधला दिखाई देने की शिकायत शुरू हो गई। इसके बाद परिवार ने दंडवत यात्रा शुरू करने का फैसला किया। सोनी आठ माह की गर्भवती हैं, इसलिए वह खुद दंड नहीं काट रही हैं और सेवादार के रूप में पति-बेटे के साथ चल रही हैं। मंटू और अंकुश दंडवत करते हुए देवघर की ओर बढ़ रहे हैं। परिवार का कहना है कि बाबा बैद्यनाथ पर उनकी पूरी आस्था है। उन्हें विश्वास है कि बाबा उनकी मनोकामना पूरी करेंगे और बेटे की आंखों की परेशानी दूर होगी। परिवार की एक अन्य इच्छा बेटी के सुख की भी है।
- बिहार में शराबबंदी कानून समाप्त? शराबबंदी कानून के खिलाफ केंद्र की मोदी सरकार का दख़ल? मोदी-शाह के एजेंट को लागू करने की तैयारी में सम्राट सरकार? NCAER रिपोर्ट के आधार पर बिहार सरकार पूर्ण शराबबंदी कानून की समीक्षा के लिए तैयार? राज्यसभा सांसद नीतीश कुमार के पूर्ण शराबबंदी कानून को 440 वोल्ट का झटका1
- सपने में आया बाबा का बुलावा, आंखों की परेशानी के बीच परिवार ने शुरू की दंडवत यात्रा असरगंज। सावन की अंतिम सोमवारी पर असरगंज कच्ची कांवरिया पथ पर आस्था की अनोखी तस्वीर देखने को मिली। बांका जिले के फुल्लीडुमर की सोनी कुमारी अपने पति मंटू कुमार और 11 वर्षीय बेटे अंकुश कुमार के साथ बाबा बैद्यनाथ धाम की दंडवत यात्रा पर निकली हैं। परिवार का कहना है कि कई वर्षों से सपने में दंडवत करते हुए देवघर जाने का दृश्य दिखाई देता था। इसे बाबा का बुलावा मानकर परिवार ने यात्रा का संकल्प लिया। सोनी कुमारी ने बताया कि करीब छह-सात वर्ष पहले उन्हें पहली बार ऐसा सपना आया था। करीब तीन वर्ष पहले दोबारा वही सपना आया। इसी दौरान उनके पति की आंखों में परेशानी शुरू हो गई और धीरे-धीरे उनकी नजर कमजोर होती चली गई। कई डॉक्टरों से इलाज कराने के बावजूद सुधार नहीं हुआ। करीब 15-20 दिन पहले फिर वही सपना आने के बाद परिवार ने बाबा धाम जाने का निर्णय लिया। इसी बीच 11 वर्षीय बेटे अंकुश की आंखों में भी जलन, दर्द और धुंधला दिखाई देने की शिकायत शुरू हो गई। इसके बाद परिवार ने दंडवत यात्रा शुरू करने का फैसला किया। सोनी आठ माह की गर्भवती हैं, इसलिए वह खुद दंड नहीं काट रही हैं और सेवादार के रूप में पति-बेटे के साथ चल रही हैं। मंटू और अंकुश दंडवत करते हुए देवघर की ओर बढ़ रहे हैं। परिवार का कहना है कि बाबा बैद्यनाथ पर उनकी पूरी आस्था है। उन्हें विश्वास है कि बाबा उनकी मनोकामना पूरी करेंगे और बेटे की आंखों की परेशानी दूर होगी। परिवार की एक अन्य इच्छा बेटी के सुख की भी है। सपने में आया बाबा का बुलावा, आंखों की परेशानी के बीच परिवार ने शुरू की दंडवत यात्रा असरगंज। सावन की अंतिम सोमवारी पर असरगंज कच्ची कांवरिया पथ पर आस्था की अनोखी तस्वीर देखने को मिली। बांका जिले के फुल्लीडुमर की सोनी कुमारी अपने पति मंटू कुमार और 11 वर्षीय बेटे अंकुश कुमार के साथ बाबा बैद्यनाथ धाम की दंडवत यात्रा पर निकली हैं। परिवार का कहना है कि कई वर्षों से सपने में दंडवत करते हुए देवघर जाने का दृश्य दिखाई देता था। इसे बाबा का बुलावा मानकर परिवार ने यात्रा का संकल्प लिया। सोनी कुमारी ने बताया कि करीब छह-सात वर्ष पहले उन्हें पहली बार ऐसा सपना आया था। करीब तीन वर्ष पहले दोबारा वही सपना आया। इसी दौरान उनके पति की आंखों में परेशानी शुरू हो गई और धीरे-धीरे उनकी नजर कमजोर होती चली गई। कई डॉक्टरों से इलाज कराने के बावजूद सुधार नहीं हुआ। करीब 15-20 दिन पहले फिर वही सपना आने के बाद परिवार ने बाबा धाम जाने का निर्णय लिया। इसी बीच 11 वर्षीय बेटे अंकुश की आंखों में भी जलन, दर्द और धुंधला दिखाई देने की शिकायत शुरू हो गई। इसके बाद परिवार ने दंडवत यात्रा शुरू करने का फैसला किया। सोनी आठ माह की गर्भवती हैं, इसलिए वह खुद दंड नहीं काट रही हैं और सेवादार के रूप में पति-बेटे के साथ चल रही हैं। मंटू और अंकुश दंडवत करते हुए देवघर की ओर बढ़ रहे हैं। परिवार का कहना है कि बाबा बैद्यनाथ पर उनकी पूरी आस्था है। उन्हें विश्वास है कि बाबा उनकी मनोकामना पूरी करेंगे और बेटे की आंखों की परेशानी दूर होगी। परिवार की एक अन्य इच्छा बेटी के सुख की भी है।1
- बलिया पुलिस के द्वारा दो अलग-अलग कांड में पांच अभियुक्त को गिरफ्तार किया गया बलिया पुलिस के द्वारा पहाड़पुर से दो अलग-अलग कांड के पांच अभियुक्त को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत हेतु बेगूसराय जेल भेजा गया है1
- गोगरी अनुमंडलीय अस्पताल में अनीमिया मुक्त बिहार अभियान का किया गया आयोजन,50 महिलाओं की हीमोग्लोबिन की हुई जांच। अनीमिया मुक्त बिहार अभियान के तहत मंगलवार को गोगरी अनुमंडलीय अस्पताल में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के दौरान शाम चार बजे तक 50 महिलाओं के हीमोग्लोबिन की जांच की गई। जांच के बाद महिलाओं को आवश्यक दवा, स्वास्थ्य संबंधी परामर्श एवं अनीमिया से बचाव के उपायों की जानकारी दी गई। कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं में खून की कमी यानी अनीमिया की पहचान कर समय पर उपचार उपलब्ध कराना और उन्हें इसके प्रति जागरूक करना था। स्वास्थ्य कर्मियों ने महिलाओं को संतुलित एवं पौष्टिक आहार लेने तथा नियमित स्वास्थ्य जांच कराने की सलाह दी। कार्यक्रम में जिला कार्यक्रम प्रबंधक शैलेष चन्द्रा, जिला सामुदायिक उत्प्रेरक सुब्रतो दास, चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. चंद्रप्रकाश, अस्पताल मैनेजर पूजा कुमारी, बीएचएम रूपक कुमार एवं बीसीएम नीतू कुमारी मौजूद रहीं। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों एवं कर्मियों ने अभियान के तहत महिलाओं की जांच और स्वास्थ्य परामर्श को लेकर आवश्यक जानकारी दी।1
- वार्ड नंबर 6 में खुला नाला, हादसे का खतरा मानसी नगर पंचायत के वार्ड नंबर 6 में 20 दिन से ढक्कन खोलकर छोड़ने से हादसा हो सकती है वार्ड नंबर 6 में खुला नाला, हादसे का खतरा मानसी नगर पंचायत के वार्ड नंबर 6 में नाले का ढक्कन करीब 20 दिनों से खुला पड़ा है। बारिश के मौसम में खुले नाले के कारण यहां कभी भी बड़ी दुर्घटना हो सकती, है। स्थानीय दुकानदारों और राहगीरों ने नगर पंचायत प्रशासन से जल्द से जल्द नाले पर ढक्कन लगाने की मांग की है। दुकानदारों का कहना है कि खुले नाले के कारण लोगों को आवागमन में काफी परेशानी हो रही है। बारिश होने पर नाला पानी से भर जाता है, जिससे इसका पता लगाना भी मुश्किल हो जाता है। स्थानीय दुकानदार ने बताया कि अब तक एक-दो बच्चे खुले नाले में गिर भी चुके हैं। हालांकि उन्हें समय रहते बाहर निकाल लिया गया, लेकिन भविष्य में कोई बड़ा हादसा होने से इनकार नहीं किया जा सकता। लोगों ने नगर पंचायत के संवेदनशील अधिकारियों से मामले का संज्ञान लेते हुए तत्काल नाले को ढकवाने की गुहार लगाई है।1
- लोकेशन सुल्तानगंज भागलपुर बिहार संवाददाता साहिल राज आगाज टाइम INTRO.... भागलपुर सुलतानगंज प्रखंड परिसर में एक दिवसीय आंगनबाड़ी यूनियन बैनर तले आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिका सेविका के द्वारा धरना प्रदर्शन किया गया। लोकेशन सुल्तानगंज भागलपुर बिहार संवाददाता साहिल राज आगाज टाइम INTRO.... भागलपुर सुलतानगंज प्रखंड परिसर में एक दिवसीय आंगनबाड़ी यूनियन बैनर तले आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिका सेविका के द्वारा धरना प्रदर्शन किया गया। अपने मांगों को लेकर आवाज बुलंद करते हुए, बिहार सरकार और भारत सरकार द्वारा जमकर नारेबाजी की, सुलतानगंज आंगनबाड़ी प्रखंड अध्यक्ष रीना कुमारी ने कहा, बिहार सरकार और भारत सरकार आंगनबाड़ी कर्मियों को नो हजार दे रही थी वह भी समय पर नहीं दे रही। जिसमें सेविका, सहायिका की घर की आर्थिक स्थिति दैनिया हों गया हैं। सेविका का कहना है,आठ घंटे काम लेती हैं सरकार,ना तो मोबाइल फोन उपलब्ध कराया गया,ना मोबाइल रिचार्ज की राशि। छह माह से वेतन नहीं मिला है।कर्ज लेकर घर चलाना पर रहा है। बाइट... सुलतानगंज आंगनबाड़ी प्रखंड अध्यक्ष, रीना कुमारी बाइट, सेविका,उषा कुमारी4
- 25/08/2026 : आज की बड़ी ख़बर | बाढ़ का पानी स्थिर | कल से मिल सकती है राहत | शाम्हो बेगूसराय | Mobile Tv News1
- NCAER रिपोर्ट के आधार पर शराबबंदी कानून की समीक्षा? नीतीश कुमार के शराबबंदी कानून को 440volt का झटका? बिहार में शराबबंदी कानून समाप्त? NCAER रिपोर्ट के आधार पर शराबबंदी कानून की समीक्षा? नीतीश कुमार के शराबबंदी कानून को 440volt का झटका? बिहार में शराबबंदी कानून समाप्त?1