वार्ड नंबर 6 में खुला नाला, हादसे का खतरा मानसी नगर पंचायत के वार्ड नंबर 6 में 20 दिन से ढक्कन खोलकर छोड़ने से हादसा हो सकती है वार्ड नंबर 6 में खुला नाला, हादसे का खतरा मानसी नगर पंचायत के वार्ड नंबर 6 में नाले का ढक्कन करीब 20 दिनों से खुला पड़ा है। बारिश के मौसम में खुले नाले के कारण यहां कभी भी बड़ी दुर्घटना हो सकती, है। स्थानीय दुकानदारों और राहगीरों ने नगर पंचायत प्रशासन से जल्द से जल्द नाले पर ढक्कन लगाने की मांग की है। दुकानदारों का कहना है कि खुले नाले के कारण लोगों को आवागमन में काफी परेशानी हो रही है। बारिश होने पर नाला पानी से भर जाता है, जिससे इसका पता लगाना भी मुश्किल हो जाता है। स्थानीय दुकानदार ने बताया कि अब तक एक-दो बच्चे खुले नाले में गिर भी चुके हैं। हालांकि उन्हें समय रहते बाहर निकाल लिया गया, लेकिन भविष्य में कोई बड़ा हादसा होने से इनकार नहीं किया जा सकता। लोगों ने नगर पंचायत के संवेदनशील अधिकारियों से मामले का संज्ञान लेते हुए तत्काल नाले को ढकवाने की गुहार लगाई है।
वार्ड नंबर 6 में खुला नाला, हादसे का खतरा मानसी नगर पंचायत के वार्ड नंबर 6 में 20 दिन से ढक्कन खोलकर छोड़ने से हादसा हो सकती है वार्ड नंबर 6 में खुला नाला, हादसे का खतरा मानसी नगर पंचायत के वार्ड नंबर 6 में नाले का ढक्कन करीब 20 दिनों से खुला पड़ा है। बारिश के मौसम में खुले नाले के कारण यहां कभी भी बड़ी दुर्घटना हो सकती, है। स्थानीय दुकानदारों और राहगीरों ने नगर पंचायत प्रशासन से जल्द से जल्द नाले पर ढक्कन लगाने की मांग की है। दुकानदारों का कहना है कि खुले नाले के कारण लोगों को आवागमन में काफी परेशानी हो रही है। बारिश होने पर नाला पानी से भर जाता है, जिससे इसका पता लगाना भी मुश्किल हो जाता है। स्थानीय दुकानदार ने बताया कि अब तक एक-दो बच्चे खुले नाले में गिर भी चुके हैं। हालांकि उन्हें समय रहते बाहर निकाल लिया गया, लेकिन भविष्य में कोई बड़ा हादसा होने से इनकार नहीं किया जा सकता। लोगों ने नगर पंचायत के संवेदनशील अधिकारियों से मामले का संज्ञान लेते हुए तत्काल नाले को ढकवाने की गुहार लगाई है।
- नेपाल में फ्लैश फ्लड के बाद मानसी-चौथम प्रशासन अलर्ट, छोटी नावों के परिचालन पर रोक नेपाल में फ्लैश फ्लड के बाद मानसी-चौथम प्रशासन अलर्ट, छोटी नावों के परिचालन पर रोक खगड़िया | मानसी गौतम कुमार चौरसिया नेपाल में भूस्खलन के बाद आई फ्लैश फ्लड को देखते हुए खगड़िया जिला प्रशासन अलर्ट मोड में है। जिलाधिकारी विक्रम विरकर के निर्देश पर मानसी-चौथम क्षेत्र में बाढ़ से निपटने के लिए एहतियाती कदम तेज कर दिए गए हैं। जिलाधिकारी ने अंचलाधिकारी और थानाध्यक्ष के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा कर आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में छोटी नावों के परिचालन पर पूर्ण रोक लगाने तथा केवल सुरक्षित और उपयुक्त नावों के संचालन की अनुमति देने को कहा। साथ ही तटबंधों पर नियमित गश्त करने के निर्देश दिए गए हैं। मानसी अंचलाधिकारी लीलावती कुमारी ने बताया कि राजस्व कर्मचारी अपने-अपने पंचायतों में आपदा मित्रों के साथ नियमित गश्त करेंगे। आपदा मित्रों के तैराकों को भी मानसी के मटिहानी घाट पर तैनात किया गया है। मानसी थानाध्यक्ष दीपक कुमार ने सभी चौकीदारों को अपने-अपने क्षेत्रों में सक्रिय रहने का निर्देश दिया है। प्रशासन ने मेडिकल टीम, सुरक्षित स्थानों के चयन, सामुदायिक रसोई और आवश्यक सामग्री की उपलब्धता को लेकर भी तैयारी शुरू कर दी है।1
- गोगरी नगर परिषद क्षेत्र अंतर्गत लतरू पासवान टोला में जल जमाव से बढ़ी परेशानी, बदबू से लोग है बेहाल। गोगरी नगर परिषद क्षेत्र के लतरु पासवान टोला में इन दिनों जलजमाव की समस्या गंभीर बनी हुई है। सड़क और आसपास के इलाके में पानी जमा रहने के कारण स्थानीय लोगों को आवागमन में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। लंबे समय से पानी जमा रहने के कारण अब उसमें से दुर्गंध भी आने लगी है, जिससे लोगों को संक्रमण और बीमारी फैलने की चिंता सताने लगी है। स्थानीय लोगों के अनुसार, जलजमाव के कारण सबसे अधिक परेशानी बच्चों, बुजुर्गों और रोजाना पैदल आने-जाने वाले लोगों को हो रही है। बच्चों को स्कूल जाने के दौरान जमा पानी से होकर गुजरना पड़ता है। वहीं, लोगों को मस्जिद आने-जाने में भी काफी दिक्कत हो रही है। कई जगह पानी इतना जमा है कि लोगों को अपने कपड़े और जूते बचाकर आवागमन करना पड़ रहा है। वार्ड पार्षद प्रतिनिधि मनोज पासवान एवं स्थानीय लोगों ने बताया कि जलजमाव की समस्या को लेकर नगर परिषद के अधिकारियों और संबंधित जनप्रतिनिधियों को फोन के माध्यम से कई बार जानकारी दी गई है। इसके बावजूद अब तक जलनिकासी के लिए कोई ठोस पहल नहीं की गई है। लोगों का कहना है कि नगर परिषद की ओर से न तो जमा पानी की निकासी की व्यवस्था की जा रही है और न ही जलजमाव वाले स्थानों पर ब्लीचिंग पाउडर या अन्य कीटनाशक का छिड़काव कराया जा रहा है। स्थानीय लोगों ने बताया कि लगातार पानी जमा रहने से मच्छरों का प्रकोप भी बढ़ गया है। दुर्गंध और गंदगी के कारण आसपास रहने वाले परिवारों को काफी परेशानी हो रही है। लोगों ने नगर परिषद प्रशासन से जल्द से जल्द जलजमाव वाले स्थानों से पानी की निकासी कराने तथा ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव कराने की मांग की है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते जलनिकासी और साफ-सफाई की व्यवस्था नहीं की गई तो आने वाले दिनों में स्थिति और गंभीर हो सकती है। लोगों ने नगर परिषद के अधिकारियों से स्थल का निरीक्षण कर स्थायी जलनिकासी की व्यवस्था कराने की मांग की है, ताकि बरसात के दौरान बार-बार होने वाली इस समस्या से निजात मिल सके।1
- खगड़िया/ परबत्ता बाढ़ के बीच जागरूकता की पहल, माधवपुर पंचायत में ग्रामीणों को किया गया सतर्क—बचाव और सुरक्षा के बताए जरूरी उपाय.. #khagaria_bihar_india1
- मुंगेर नगर निगम के सभागर में निगम बोर्ड की बैठक हुई आयोजित। मुंगेर: गुरुवार को नगर निगम के सभागार में मुंगेर नगर निगम बोर्ड की बैठक आयोजित की गई जिसमें उपस्थित सभी वार्ड पार्षदों ने विभिन्न एजेण्डा पर मोहर लगाए। बोर्ड की बैठक में मुंगेर नगर निगम के आयुक्त पार्थ गुप्ता मेयर कुमकुम देवी डिप्टी मेयर खालिद हुसैन वार्ड नंबर 11 के पार्षद राहुल कुमार सहित 45 वार्ड के पार्षद उपस्थित रहे।1
- मुंगेर में गंगा का जलस्तर खतरे के निशान के करीब, डेंजर लेवल से महज 50 सेंटीमीटर दूर मुंगेर : गंगा नदी के जलस्तर में लगातार वृद्धि से जिले में बाढ़ का खतरा गहराने लगा है। केंद्रीय जल आयोग की 27 अगस्त की रिपोर्ट के अनुसार, सुबह 10 बजे मुंगेर में गंगा का जलस्तर 38.83 मीटर दर्ज किया गया। यहां खतरे का निशान 39.33 मीटर है। इस तरह नदी का जलस्तर डेंजर लेवल से महज 50 सेंटीमीटर नीचे पहुंच गया है। वहीं, चेतावनी स्तर 38.33 मीटर है, जिसके मुकाबले गंगा का पानी 50 सेंटीमीटर ऊपर बह रहा है। फिलहाल जलस्तर का ट्रेंड स्थिर बताया गया है। गंगा के बढ़ते जलस्तर का असर जिले के निचले इलाकों और दियारा क्षेत्रों में दिखने लगा है। कई जगहों पर बाढ़ का पानी खेतों और निचले भूभाग में फैल गया है। कुछ इलाकों में घरों और संपर्क मार्गों के आसपास भी पानी पहुंचने से ग्रामीणों की परेशानी बढ़ गई है। दियारा क्षेत्र में पानी फैलने से किसानों की चिंता बढ़ गई है। खेतों में पानी जमा होने के कारण फसलों को नुकसान की आशंका बनी हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि जलस्तर में दोबारा तेजी से वृद्धि हुई तो कई गांवों और संपर्क मार्गों पर बाढ़ का दबाव बढ़ सकता है। गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से सिर्फ आधा मीटर नीचे रहने के कारण प्रशासन की चिंता भी बढ़ गई है। जलस्तर में मामूली वृद्धि होने पर नदी खतरे के निशान के और करीब पहुंच जाएगी। इधर, जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग लगातार स्थिति की निगरानी कर रहा है। जिला पदाधिकारी निखिल धनराज निप्पाणीकर ने अधिकारियों को अलर्ट रहने और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक तैयारियां पूरी रखने का निर्देश दिया है। आपदा प्रबंधन, स्वास्थ्य और पशुपालन विभाग को भी सतर्क रखा गया है। मुंगेर में गंगा का जलस्तर खतरे के निशान के करीब, डेंजर लेवल से महज 50 सेंटीमीटर दूर मुंगेर : गंगा नदी के जलस्तर में लगातार वृद्धि से जिले में बाढ़ का खतरा गहराने लगा है। केंद्रीय जल आयोग की 27 अगस्त की रिपोर्ट के अनुसार, सुबह 10 बजे मुंगेर में गंगा का जलस्तर 38.83 मीटर दर्ज किया गया। यहां खतरे का निशान 39.33 मीटर है। इस तरह नदी का जलस्तर डेंजर लेवल से महज 50 सेंटीमीटर नीचे पहुंच गया है। वहीं, चेतावनी स्तर 38.33 मीटर है, जिसके मुकाबले गंगा का पानी 50 सेंटीमीटर ऊपर बह रहा है। फिलहाल जलस्तर का ट्रेंड स्थिर बताया गया है। गंगा के बढ़ते जलस्तर का असर जिले के निचले इलाकों और दियारा क्षेत्रों में दिखने लगा है। कई जगहों पर बाढ़ का पानी खेतों और निचले भूभाग में फैल गया है। कुछ इलाकों में घरों और संपर्क मार्गों के आसपास भी पानी पहुंचने से ग्रामीणों की परेशानी बढ़ गई है। दियारा क्षेत्र में पानी फैलने से किसानों की चिंता बढ़ गई है। खेतों में पानी जमा होने के कारण फसलों को नुकसान की आशंका बनी हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि जलस्तर में दोबारा तेजी से वृद्धि हुई तो कई गांवों और संपर्क मार्गों पर बाढ़ का दबाव बढ़ सकता है। गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से सिर्फ आधा मीटर नीचे रहने के कारण प्रशासन की चिंता भी बढ़ गई है। जलस्तर में मामूली वृद्धि होने पर नदी खतरे के निशान के और करीब पहुंच जाएगी। इधर, जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग लगातार स्थिति की निगरानी कर रहा है। जिला पदाधिकारी निखिल धनराज निप्पाणीकर ने अधिकारियों को अलर्ट रहने और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक तैयारियां पूरी रखने का निर्देश दिया है। आपदा प्रबंधन, स्वास्थ्य और पशुपालन विभाग को भी सतर्क रखा गया है।1
- बाढ़ प्रभावित इलाकों का CM सम्राट चौधरी ने किया हवाई सर्वेक्षण। पटना, भागलपुर, कटिहार, नवगछिया, बेगूसराय एवं खगड़िया के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण कर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने जमीनी स्थिति का जायजा लिया। इस दौरान उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी भी मौजूद रहे। CM ने प्रशासन को राहत एवं बचाव कार्य में पूरी तत्परता बरतने और प्रभावित लोगों को हरसंभव मदद उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। बाढ़ प्रभावित इलाकों का CM सम्राट चौधरी ने किया हवाई सर्वेक्षण। पटना, भागलपुर, कटिहार, नवगछिया, बेगूसराय एवं खगड़िया के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण कर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने जमीनी स्थिति का जायजा लिया। इस दौरान उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी भी मौजूद रहे। CM ने प्रशासन को राहत एवं बचाव कार्य में पूरी तत्परता बरतने और प्रभावित लोगों को हरसंभव मदद उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।1
- मुंबई में तेज हवाओं के साथ जोरदार बारिश मुंबई में अभी-अभी तेज हवाओं के साथ जोरदार मुंबई में तेज हवाओं के साथ जोरदार बारिश मुंबई में अभी-अभी तेज हवाओं के साथ जोरदार बारिश शुरू हो गई है। मुंबई में मानसून की बारिश जून महीने से शुरू होकर सितंबर में गणेश पूजा तक अपना असर दिखाती रहती है। यहां बारिश का कोई निश्चित समय नहीं होता। कभी सुबह अचानक बारिश शुरू हो जाती है, तो कभी शाम में और कई बार दिन के बीच में ही बिना किसी पूर्व सूचना के झमाझम बारिश होने लगती है। मुंबई की बारिश की सबसे खास बात यह है कि कई बार आसमान में ज्यादा बादल दिखाई नहीं देते और न ही बिजली कड़कने की आवाज सुनाई देती है। अचानक तेज हवाओं के साथ बारिश दनादन बरसने लगती है। कुछ ही मिनटों में सड़कें पानी से भीग जाती हैं और लोगों को बारिश से बचने के लिए सुरक्षित स्थानों का सहारा लेना पड़ता है। फिलहाल मुंबई में तेज बारिश और हवाओं का दौर जारी है।1
- नेपाल में विनाशकारी बाढ़! 160+ मौतें, 750+ लापता नेपाल में भीषण बाढ़ और मलबे के सैलाब से भारी तबाही। ताज़ा रिपोर्टों के मुताबिक 160+ लोगों की मौत और 750+ लोगों के लापता होने की खबर है। इनमें 133 भारतीय नागरिक भी शामिल बताए जा रहे हैं। राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है। 🙏 प्रभावित परिवारों के प्रति Lock Mood News की संवेदनाएं। Lock Mood News — खबर वही, जो जरूरी है।1