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बच्चा चोर धराया आया सिरसिया कमरगामा सिंहेश्वर मधेपुरा बिहार में यह घटना सिरसिया कमरगामा मधेपुरा बिहार की है आज सुबह तकरीबन 9:00 बजे मकई खेत में घात लगाकर छोटे बच्चे चोर जब बच्चे को पकड़ कर बोर में भरने का प्रयास किया तो बच्चे के शोर पर बच्चों के परिजन बाहर आए और देखा तो शोर किया है जिसे हर दोगोचर ग्रामीणों ने और पुलिस के हवाले किया,
शांति ग्रामीण विकास ट्रस्ट समिति
बच्चा चोर धराया आया सिरसिया कमरगामा सिंहेश्वर मधेपुरा बिहार में यह घटना सिरसिया कमरगामा मधेपुरा बिहार की है आज सुबह तकरीबन 9:00 बजे मकई खेत में घात लगाकर छोटे बच्चे चोर जब बच्चे को पकड़ कर बोर में भरने का प्रयास किया तो बच्चे के शोर पर बच्चों के परिजन बाहर आए और देखा तो शोर किया है जिसे हर दोगोचर ग्रामीणों ने और पुलिस के हवाले किया,
- शांति ग्रामीण विकास ट्रस्ट समितिMasaurhi, Patna💣14 hrs ago
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- यह घटना सिरसिया कमरगामा मधेपुरा बिहार की है आज सुबह तकरीबन 9:00 बजे मकई खेत में घात लगाकर छोटे बच्चे चोर जब बच्चे को पकड़ कर बोर में भरने का प्रयास किया तो बच्चे के शोर पर बच्चों के परिजन बाहर आए और देखा तो शोर किया है जिसे हर दोगोचर ग्रामीणों ने और पुलिस के हवाले किया,1
- Post by Bharat News7881
- जहानाबाद जिले में अंचलाधिकारी और राजस्व कर्मचारियों के हड़ताल पर चले जाने से अंचल कार्यालयों का कामकाज पूरी तरह ठप हो गया है। हड़ताल के कारण आय, जाति और आवासीय प्रमाण पत्र बनाने का कार्य, दाखिल-खारिज, परिमार्जन तथा जमीन से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण कार्य प्रभावित हो गए हैं। इससे आम लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।सोमवार को जिले के विभिन्न ग्रामीण इलाकों से बड़ी संख्या में लोग अपने जरूरी कार्यों को लेकर अंचल कार्यालय पहुंचे, लेकिन कार्यालयों में कर्मियों की अनुपस्थिति के कारण उनका कोई काम नहीं हो सका। कार्यालयों में सन्नाटा पसरा रहा और लोग घंटों इंतजार करने के बाद मायूस होकर वापस लौट गए। कई लोगों ने बताया कि वे दूर-दराज के गांवों से किराया खर्च कर अपने काम कराने के लिए अंचल कार्यालय आते हैं, लेकिन हड़ताल की वजह से उन्हें निराश होकर लौटना पड़ रहा है। लोगों का कहना है कि आय, जाति और आवासीय प्रमाण पत्र जैसे दस्तावेज पढ़ाई, नौकरी और अन्य सरकारी योजनाओं के लिए बेहद जरूरी होते हैं। वहीं जमीन से जुड़े कार्य नहीं होने से किसानों और अन्य लोगों को भी दिक्कतें हो रही हैं।स्थानीय लोगों और किसानों ने सरकार से जल्द से जल्द हड़ताल समाप्त कराने की मांग की है। उनका कहना है कि अंचल कार्यालयों का कामकाज जल्द सामान्य कराया जाए, ताकि आम जनता को हो रही परेशानियों से राहत मिल सके।1
- पटना से सामने आई इस चौंकाने वाली घटना ने रिश्तों की मर्यादा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यहां एक 35 वर्षीय विधवा महिला ने अपने 65 साल के ससुर पर शादी के लिए दबाव बनाने और प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है। महिला की शादी साल 2012 में हुई थी और उसके दो बेटे हैं। मार्च 2024 में पति की बीमारी से मौत के बाद वह ससुराल में ही रह रही थी। पीड़िता का आरोप है कि उसके ससुर ने बीमारी का बहाना बनाकर उसे कमरे में बुलाया, हाथ पकड़कर कहा कि “तुम भी अकेली हो और मैं भी अकेला हूं, चलो हम दोनों एक हो जाएं।” महिला के अनुसार, जब उसने इसका विरोध किया तो परिवार के अन्य सदस्य भी ससुर का समर्थन करने लगे। जेठ ने भी उसे ससुर की बात मानने के लिए कहा। लगातार मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना से परेशान होकर महिला ने बिहार राज्य महिला आयोग में शिकायत दर्ज कराई है। आयोग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है और पीड़िता को न्याय दिलाने की बात कही है।1
- 🗣️*इससे बड़ा अपराध कोई नहीं है...??* *प्रेमानंद जी के अनमोल विचारों की लाइक शेयर जरूर करें* 👍❤️1
- Post by N BHARAT NEWS 3651
- Bihar will never get a Chief Minister like Nitish Kumar again, people will remember fo… more1
- जहानाबाद में वाहन चालकों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर सोमवार को जोरदार प्रदर्शन किया। ड्राइवर एसोसिएशन के बैनर तले जिले के सैकड़ों वाहन चालकों ने कन्नौदी से रैली निकालकर समाहरणालय तक मार्च किया। रैली में शामिल चालक नारेबाजी करते हुए अपनी मांगों के समर्थन में आवाज बुलंद कर रहे थे। समाहरणालय के समीप पहुंचने के बाद रैली सभा में तब्दील हो गई, जहां चालकों ने धरना प्रदर्शन करते हुए प्रशासन से अपनी मांगों पर जल्द विचार करने की अपील की। धरना पर बैठे वाहन चालकों ने बताया कि वे लोग लंबे समय से अपनी समस्याओं को लेकर आवाज उठाते आ रहे हैं, लेकिन अब तक उनकी मांगों पर ठोस पहल नहीं की गई है। प्रदर्शन कर रहे चालकों ने कहा कि सड़क दुर्घटना में यदि किसी ड्राइवर की मौत होती है तो उसे आपदा में शामिल किया जाए, ताकि पीड़ित परिवार को सरकारी सहायता मिल सके। इसके साथ ही उन्होंने मांग की कि सभी वाहनों के आगे और पीछे सरकारी निधि से कैमरे लगाए जाएं, जिससे सड़क दुर्घटनाओं या अन्य घटनाओं के समय दोषियों की सही पहचान हो सके। प्रदर्शनकारियों ने यह भी कहा कि ड्राइवर समाज दिन-रात मेहनत कर लोगों को सुरक्षित उनके गंतव्य तक पहुंचाने का काम करता है, लेकिन उनकी सुरक्षा और सामाजिक सुरक्षा को लेकर पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। इसलिए सरकार को ड्राइवरों के हित में ठोस कदम उठाने चाहिए। धरना में मौजूद चालकों ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि उनकी 10 सूत्री मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और तेज किया जाएगा। इस दौरान बड़ी संख्या में वाहन चालक मौजूद रहे और उन्होंने एकजुट होकर अपनी मांगों के समर्थन में आवाज उठाई।1