आम लोगों को समय पर सेवा देने का दावा करने वाली सरकारी व्यवस्था की पोल शुक्रवार को वज़ीरगंज प्रखंड कार्यालय में खुलती नजर आई। सुबह से अपने जरूरी कामों को लेकर पहुंचे लोगों को उस समय भारी निराशा हाथ लगी, जब 11 बजे तक भी RTPS काउंटर नहीं खुला। RTPS यानि RIGHT to Public Service) काउंटर से आय, जाति, निवास, जन्म प्रमाण पत्र सहित कई आवश्यक दस्तावेज बनते हैं। दूर-दराज के गांवों से आए लोग सुबह 9 बजे से ही लाइन में खड़े रहे, लेकिन काउंटर पर कोई कर्मी मौजूद नहीं था। प्रखंड परिसर में मौजूद दर्जनों लोगों ने बताया कि वे मजदूरी और अन्य काम छोड़कर अपने कागजात बनवाने पहुंचे थे। “सरकार कहती है कि समय पर सेवा मिलेगी, लेकिन यहां तो समय पर दफ्तर ही नहीं खुलता,” कई छात्र-छात्राओं ने बताया कि उन्हें कॉलेज और नौकरी आवेदन के लिए तत्काल प्रमाण पत्र की जरूरत है, लेकिन काउंटर बंद रहने से उनका भविष्य प्रभावित हो सकता है। राज्य सरकार द्वारा RTPS व्यवस्था को पारदर्शी और समयबद्ध सेवा का मॉडल बताया जाता है, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही कहानी बयां कर रही है। यदि समय पर काउंटर नहीं खुलेगा, तो आम जनता को “समयबद्ध सेवा” का लाभ कैसे मिलेगा? लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि संबंधित कर्मियों पर कार्रवाई की जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि कार्यालय समय पर खुले। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह कोई पहली घटना नहीं है।अक्सर RTPS काउंटर देर से खुलता है, जिससे लोगों को बार-बार चक्कर लगाना पड़ता है। अब सवाल यह उठता है कि जब सरकार खुद सेवा की समय-सीमा तय करती है, तो उसका पालन कराने की जिम्मेदारी किसकी है? यदि लापरवाही पर कार्रवाई नहीं होगी, तो आमजन को यूं ही परेशान होना पड़ेगा। वज़ीरगंज की जनता ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि उन्हें दिखावे की नहीं, समय पर सेवा की जरूरत है।
आम लोगों को समय पर सेवा देने का दावा करने वाली सरकारी व्यवस्था की पोल शुक्रवार को वज़ीरगंज प्रखंड कार्यालय में खुलती नजर आई। सुबह से अपने जरूरी कामों को लेकर पहुंचे लोगों को उस समय भारी निराशा हाथ लगी, जब 11 बजे तक भी RTPS काउंटर नहीं खुला। RTPS यानि RIGHT to Public Service) काउंटर से आय, जाति, निवास, जन्म प्रमाण पत्र सहित कई आवश्यक दस्तावेज बनते हैं। दूर-दराज के गांवों से आए लोग सुबह 9 बजे से ही लाइन में खड़े रहे, लेकिन काउंटर पर कोई कर्मी मौजूद नहीं था। प्रखंड परिसर में मौजूद दर्जनों लोगों ने बताया कि वे मजदूरी और अन्य काम छोड़कर अपने कागजात बनवाने पहुंचे थे। “सरकार कहती है कि समय पर सेवा मिलेगी, लेकिन यहां तो समय पर दफ्तर ही नहीं खुलता,” कई छात्र-छात्राओं ने बताया कि उन्हें कॉलेज और नौकरी आवेदन के लिए तत्काल प्रमाण पत्र की जरूरत है, लेकिन काउंटर बंद रहने से उनका भविष्य प्रभावित हो सकता है। राज्य सरकार द्वारा RTPS व्यवस्था को पारदर्शी और समयबद्ध सेवा का मॉडल बताया जाता है, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही कहानी बयां कर रही है। यदि समय पर काउंटर नहीं खुलेगा, तो आम जनता को “समयबद्ध सेवा” का लाभ कैसे मिलेगा? लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि संबंधित कर्मियों पर कार्रवाई की जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि कार्यालय समय पर खुले। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह कोई पहली घटना नहीं है।अक्सर RTPS काउंटर देर से खुलता है, जिससे लोगों को बार-बार चक्कर लगाना पड़ता है। अब सवाल यह उठता है कि जब सरकार खुद सेवा की समय-सीमा तय करती है, तो उसका पालन कराने की जिम्मेदारी किसकी है? यदि लापरवाही पर कार्रवाई नहीं होगी, तो आमजन को यूं ही परेशान होना पड़ेगा। वज़ीरगंज की जनता ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि उन्हें दिखावे की नहीं, समय पर सेवा की जरूरत है।
- Runna ChaudhariBelaganj💣8 hrs ago
- वज़ीरगंज के पुनावा से बच्चा चोरी1
- ग्राम पंचायत माखर के माखर गांव के बहुजन टोला और मुस्लिम टोला (अहमद उर्फ़ भोंदू मोदी) जी के घर के पास नल-जल योजना तहत् बिछाई गई पाइप लाइन में लगभग एक साल से नल नहीं था जहां आज़ मैंने नल लगाने का कार्य किया।1
- Post by SATISH KUMAR (पत्रकार)1
- Singer Aryan Akhilesh Writer Vikas Raj Video Director Gautam Bihari इतना सारा प्यार देने के लिए आप सबको दिल से धन्यवाद1
- नालंदा से एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आ रही है। सिर्फ पानी नहीं भरने की बात पर एक कारीगर की बेरहमी से पीट-पीटकर हत्या कर दी गई।1
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- हिसुआ में जदयू प्रखंड अध्यक्ष पद पर मनोज कुशवाहा निर्विरोध चुने गए संजय वर्मा , हिसुआ नवादा हिसुआ प्रखंड में जनता दल (यूनाइटेड) के प्रखंड अध्यक्ष पद के लिए आयोजित निर्वाचन कार्यक्रम शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ। चुनाव प्रक्रिया प्रखंड निर्वाचित पदाधिकारी ईश्वरी प्रसाद एवं प्रखंड पर्यवेक्षक विनय कुमार साहू की देखरेख में संपन्न कराई गई। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 20 फरवरी 2026 को सुबह 11:00 बजे से 12:30 बजे तक नामांकन पत्र दाखिल करने का समय तय किया गया था। निर्धारित समयावधि में प्रखंड अध्यक्ष पद के लिए केवल एक ही नामांकन पत्र प्राप्त हुआ। नामांकन पत्र की विधिवत जांच की गई, जिसमें आवेदन पूर्णतः सही पाया गया। इसके उपरांत मनोज कुमार कुशवाहा को हिसुआ प्रखंड का जदयू अध्यक्ष निर्विरोध निर्वाचित घोषित किया गया। घोषणा होते ही उपस्थित कार्यकर्ताओं ने उन्हें बधाई दी और संगठन को मजबूत बनाने का संकल्प दोहराया। इस अवसर पर प्रखंड के कई क्रियाशील सदस्यों ने सक्रिय भागीदारी निभाई। कार्यक्रम में महिला सदस्यों की उपस्थिति उल्लेखनीय रही। बैठक में नवीन सिंह, अखिलेश कुमार, कुंती देवी, मिथिलेश प्रसाद, संजय कुमार, राम सहाय महतो, शंभू प्रसाद, नीतू देवी, ललिता देवी, सुषमा देवी, भोला प्रसाद सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे। नवनिर्वाचित अध्यक्ष मनोज कुशवाहा ने सभी कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त करते हुए संगठन को बूथ स्तर तक सशक्त करने की प्रतिबद्धता जताई।4
- आम लोगों को समय पर सेवा देने का दावा करने वाली सरकारी व्यवस्था की पोल शुक्रवार को वज़ीरगंज प्रखंड कार्यालय में खुलती नजर आई। सुबह से अपने जरूरी कामों को लेकर पहुंचे लोगों को उस समय भारी निराशा हाथ लगी, जब 11 बजे तक भी RTPS काउंटर नहीं खुला। RTPS यानि RIGHT to Public Service) काउंटर से आय, जाति, निवास, जन्म प्रमाण पत्र सहित कई आवश्यक दस्तावेज बनते हैं। दूर-दराज के गांवों से आए लोग सुबह 9 बजे से ही लाइन में खड़े रहे, लेकिन काउंटर पर कोई कर्मी मौजूद नहीं था। प्रखंड परिसर में मौजूद दर्जनों लोगों ने बताया कि वे मजदूरी और अन्य काम छोड़कर अपने कागजात बनवाने पहुंचे थे। “सरकार कहती है कि समय पर सेवा मिलेगी, लेकिन यहां तो समय पर दफ्तर ही नहीं खुलता,” कई छात्र-छात्राओं ने बताया कि उन्हें कॉलेज और नौकरी आवेदन के लिए तत्काल प्रमाण पत्र की जरूरत है, लेकिन काउंटर बंद रहने से उनका भविष्य प्रभावित हो सकता है। राज्य सरकार द्वारा RTPS व्यवस्था को पारदर्शी और समयबद्ध सेवा का मॉडल बताया जाता है, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही कहानी बयां कर रही है। यदि समय पर काउंटर नहीं खुलेगा, तो आम जनता को “समयबद्ध सेवा” का लाभ कैसे मिलेगा? लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि संबंधित कर्मियों पर कार्रवाई की जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि कार्यालय समय पर खुले। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह कोई पहली घटना नहीं है।अक्सर RTPS काउंटर देर से खुलता है, जिससे लोगों को बार-बार चक्कर लगाना पड़ता है। अब सवाल यह उठता है कि जब सरकार खुद सेवा की समय-सीमा तय करती है, तो उसका पालन कराने की जिम्मेदारी किसकी है? यदि लापरवाही पर कार्रवाई नहीं होगी, तो आमजन को यूं ही परेशान होना पड़ेगा। वज़ीरगंज की जनता ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि उन्हें दिखावे की नहीं, समय पर सेवा की जरूरत है।1