पेहवा, कुरुक्षेत्र में भ्रष्टाचार और प्रशासनिक तानाशाही के विरोध में अखिल भारतीय असंगठित कामगार एवं कर्मचारी कांग्रेस (केकेसी) के प्रदेश सीनियर उप-चेयरमैन रामकिशन ठाकुर ने मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि पेहवा क्षेत्र में सरपंच बलजीत सिंह उर्फ गेटी द्वारा मिट्टी और पेड़ अवैध रूप से बेचने का मामला पिछले 12 महीनों से लंबित है। हालांकि सरकार ने 22 जून 2026 को सरपंच को निलंबित कर दिया था, लेकिन शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि प्रशासन द्वारा उन्हें कोई समाधान नहीं दिया जा रहा है। रामकिशन ठाकुर ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के उन दावों पर सवाल उठाया है जिसमें उन्होंने फाइलों को लटकाने वाले अधिकारियों की संपत्ति की जांच की बात कही थी। उन्होंने प्रशासन और डीडीपीओ के ढुलमुल रवैये की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि जब वे डीसी के पास अपनी शिकायत लेकर पहुंचे तो उनका अपमान किया गया। इस मामले को लेकर 13 जुलाई 2026 को मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन सौंपा जाएगा और जिला प्रशासन के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया जाएगा। रामकिशन ठाकुर ने चेतावनी दी है कि यदि भ्रष्ट अधिकारियों और सस्पेंड सरपंच के मामले में सख्त कदम नहीं उठाए गए, तो पूरे हरियाणा में एक बड़ा और उग्र आंदोलन शुरू किया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी पूरी तरह जिला प्रशासन की होगी।
पेहवा, कुरुक्षेत्र में भ्रष्टाचार और प्रशासनिक तानाशाही के विरोध में अखिल भारतीय असंगठित कामगार एवं कर्मचारी कांग्रेस (केकेसी) के प्रदेश सीनियर उप-चेयरमैन रामकिशन ठाकुर ने मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि पेहवा क्षेत्र में सरपंच बलजीत सिंह उर्फ गेटी द्वारा मिट्टी और पेड़ अवैध रूप से बेचने का मामला पिछले 12 महीनों से लंबित है। हालांकि सरकार ने 22 जून 2026 को सरपंच को निलंबित कर दिया
था, लेकिन शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि प्रशासन द्वारा उन्हें कोई समाधान नहीं दिया जा रहा है। रामकिशन ठाकुर ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के उन दावों पर सवाल उठाया है जिसमें उन्होंने फाइलों को लटकाने वाले अधिकारियों की संपत्ति की जांच की बात कही थी। उन्होंने प्रशासन और डीडीपीओ के ढुलमुल रवैये की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि जब वे डीसी के पास अपनी शिकायत लेकर पहुंचे तो
उनका अपमान किया गया। इस मामले को लेकर 13 जुलाई 2026 को मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन सौंपा जाएगा और जिला प्रशासन के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया जाएगा। रामकिशन ठाकुर ने चेतावनी दी है कि यदि भ्रष्ट अधिकारियों और सस्पेंड सरपंच के मामले में सख्त कदम नहीं उठाए गए, तो पूरे हरियाणा में एक बड़ा और उग्र आंदोलन शुरू किया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी पूरी तरह जिला प्रशासन की होगी।
- पेहवा, कुरुक्षेत्र में भ्रष्टाचार और प्रशासनिक तानाशाही के विरोध में अखिल भारतीय असंगठित कामगार एवं कर्मचारी कांग्रेस (केकेसी) के प्रदेश सीनियर उप-चेयरमैन रामकिशन ठाकुर ने मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि पेहवा क्षेत्र में सरपंच बलजीत सिंह उर्फ गेटी द्वारा मिट्टी और पेड़ अवैध रूप से बेचने का मामला पिछले 12 महीनों से लंबित है। हालांकि सरकार ने 22 जून 2026 को सरपंच को निलंबित कर दिया था, लेकिन शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि प्रशासन द्वारा उन्हें कोई समाधान नहीं दिया जा रहा है। रामकिशन ठाकुर ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के उन दावों पर सवाल उठाया है जिसमें उन्होंने फाइलों को लटकाने वाले अधिकारियों की संपत्ति की जांच की बात कही थी। उन्होंने प्रशासन और डीडीपीओ के ढुलमुल रवैये की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि जब वे डीसी के पास अपनी शिकायत लेकर पहुंचे तो उनका अपमान किया गया। इस मामले को लेकर 13 जुलाई 2026 को मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन सौंपा जाएगा और जिला प्रशासन के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया जाएगा। रामकिशन ठाकुर ने चेतावनी दी है कि यदि भ्रष्ट अधिकारियों और सस्पेंड सरपंच के मामले में सख्त कदम नहीं उठाए गए, तो पूरे हरियाणा में एक बड़ा और उग्र आंदोलन शुरू किया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी पूरी तरह जिला प्रशासन की होगी।3
- कुरुक्षेत्र जिले के शाहाबाद स्थित धंतौड़ी गांव में बिजली विभाग की भारी लापरवाही के चलते दो सगे भाइयों की मौत हो गई। इस दुखद हादसे में परिवार का एक तीसरा सदस्य गंभीर रूप से घायल हो गया है, जिसका इलाज चल रहा है। ग्रामीणों और परिजनों ने बिजली विभाग पर लापरवाही का सीधा आरोप लगाया है, जिसके कारण यह जानलेवा घटना घटी।4
- इंद्री में पिछले दो दिनों से हो रही लगातार बारिश ने जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है। शहर के विभिन्न इलाकों में जलभराव की गंभीर स्थिति पैदा हो गई है, जिससे सड़कें, गलियाँ और बाजार पानी में डूब गए हैं और आवागमन बाधित हो गया है। इस स्थिति ने नगर प्रशासन द्वारा मानसून से पहले नालियों और नालों की सफाई के दावों की पोल खोल दी है, क्योंकि पहली ही बारिश में व्यवस्था की वास्तविकता सामने आ गई है। स्थानीय लोग अब इस बात को लेकर आशंकित हैं कि यदि शुरुआत में ही हालात इतने खराब हैं, तो भारी बारिश के दौरान स्थिति और अधिक भयावह हो सकती है। इधर, इंद्री हल्के के ग्रामीण क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश किसानों के लिए बड़ी मुसीबत बन गई है। खेतों में पानी भर जाने के कारण हाल ही में रोपी गई धान की फसल पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। किसानों को डर है कि यदि खेतों में पानी का जमाव लंबे समय तक बना रहा, तो फसल खराब हो जाएगी। पर्याप्त जल निकासी व्यवस्था के अभाव में किसान बेहद चिंतित हैं और आने वाले दिनों में और अधिक बारिश होने पर भारी नुकसान की आशंका जता रहे हैं। अब क्षेत्रवासियों और किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि जलभराव वाले इलाकों से जल्द पानी निकाला जाए और जल निकासी के पुख्ता इंतजाम किए जाएं ताकि जनजीवन सामान्य हो सके और फसलों को बचाया जा सके।1
- हरियाणा के यमुनानगर में बाढ़ की समस्या को लेकर स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। क्षेत्र में बाढ़ की स्थिति पर आधिकारिक प्रतिक्रिया जानने के लिए वीडियो देखा जा सकता है। वहीं, सहारनपुर में देर रात से हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन प्रभावित किया है। बेहट के जैतपुर में सहंश्रा नदी का जलस्तर बढ़ने से बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए हैं।1
- अंबाला शहर के जगाधरी गेट इलाके में हुई हल्की बारिश ने नगर निगम की जलनिकासी व्यवस्था के दावों की हकीकत सामने ला दी है। बारिश के कारण घंटाघर के सामने सड़क पर जलभराव की स्थिति पैदा हो गई, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। स्थानीय निवासियों का कहना है कि मामूली बारिश के बाद ही सड़कें पूरी तरह जलमग्न हो जाती हैं, जिससे आए दिन आम लोगों को मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। लोगों ने नगर निगम की लचर ड्रेनेज व्यवस्था पर कड़े सवाल उठाए हैं और इस समस्या के स्थायी समाधान की मांग की है।1
- कुरुक्षेत्र के मोहन नगर बाजार की गलियों और रास्तों पर बारिश का पानी जमा हो गया है, जिससे वहां के निवासियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों ने इस समस्या को जल्द से जल्द हल करने की गुहार लगाई है और प्रशासन से उचित कार्रवाई की मांग की है।2
- कर्नाल में मानसून की बारिश के कारण धान की फसल को भारी नुकसान पहुँचा है। इस बर्बादी के चलते क्षेत्र के किसानों के चेहरों पर चिंता साफ देखी जा सकती है। खराब हुई फसल ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है, जिससे वे गहरे संकट और परेशानी के दौर से गुजर रहे हैं।1
- करनाल में संदिग्ध परिस्थितियों के चलते एक व्यक्ति की जान चली गई है। इस घटना के बाद से मृतक के परिवार वालों का रो-रोकर बुरा हाल है और वे गहरे सदमे में हैं।1