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9अगस्त आदिवासी दिवस के अवसर पर सड़क की बदहाली ने खोली विकास की पोल! विकास के दावों की हकीकत सड़क पर साफ दिखाई दे रही है। 🚨 आदिवासी दिवस के अवसर पर सड़क की बदहाली ने खोली विकास की पोल! विकास के दावों की हकीकत सड़क पर साफ दिखाई दे रही है।
Arvind tirkey
9अगस्त आदिवासी दिवस के अवसर पर सड़क की बदहाली ने खोली विकास की पोल! विकास के दावों की हकीकत सड़क पर साफ दिखाई दे रही है। 🚨 आदिवासी दिवस के अवसर पर सड़क की बदहाली ने खोली विकास की पोल! विकास के दावों की हकीकत सड़क पर साफ दिखाई दे रही है।
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- कांसाबेल में विश्व आदिवासी दिवस की धूम, निकली भव्य रैली कांसाबेल में विश्व आदिवासी दिवस की धूम, निकली भव्य रैली विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर कांसाबेल में आदिवासी समाज द्वारा भव्य रैली निकाली गई। क्षेत्रभर से बड़ी संख्या में लोग पारंपरिक वेशभूषा में शामिल हुए। रैली के दौरान “भारत माता की जय” और “आदिवासी जिंदाबाद” के नारों से कांसाबेल गूंज उठा। बस स्टैंड में रैली का स्वागत किया गया। इसके बाद मुख्य चौक पर भगवान बिरसा मुंडा को माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि दी गई। रैली कन्या शाला प्रांगण पहुंचकर सभा में तब्दील हो गई। 📰 Jashpur Times | सच सब तक #विश्वआदिवासीदिवस #कांसाबेल #आदिवासीसमाज #बिरसामुंडा #जशपुर #JashpurTimes1
- विश्व आदिवासी दिवस पर निकाली गई भव्य शोभायात्रा, अमर शहीद अलबर्ट एक्का को दी श्रद्धांजलि चैनपुर: विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर चैनपुर में आदिवासी एकता मंच एवं गुड शेफर्ड के संयुक्त तत्वावधान में भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस मौके पर क्षेत्र में एक विशाल एवं भव्य शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा के उपरांत लोगों ने परमवीर चक्र विजेता अमर शहीद अलबर्ट एक्का की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।इसके पश्चात बारवे मैदान में मुख्य समारोह का आयोजन हुआ, जिसकी शुरुआत अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलित कर की गई। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में चैनपुर अनुमंडल पदाधिकारी हरि उरांव और अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी श्रुति शामिल हुईं। अतिथियों ने अपने संबोधन में आदिवासी समाज की संस्कृति, एकजुटता और अधिकारों के प्रति जागरूक रहने पर जोर दिया।समारोह को संबोधित करते हुए जिला परिषद सदस्य मेरी लकड़ा ने कहा कि अब आदिवासियों के जागने का समय आ गया है। लोगों को अपने हक और अधिकारों की प्राप्ति के लिए आगे आकर आवाज उठानी होगी। वहीं सांसद प्रतिनिधि अल्बर्ट तिग्गा ने बच्चों द्वारा अपने अधिकारों की मांग को लेकर किए जा रहे धरना-प्रदर्शन का जिक्र करते हुए कहा कि हक और अधिकार पाने के लिए संघर्ष जरूरी है।कार्यक्रम के दौरान स्थानीय ग्रामीणों और बच्चों ने एक से बढ़कर एक पारंपरिक नृत्य एवं सांस्कृतिक गीत प्रस्तुत कर उपस्थित लोगों का मन मोह लिया।इस अवसर पर जिला परिषद मेरी लकड़ा, थाना प्रभारी अरविंद कुमार, एसआई विजय उरांव, मुखिया शोभा देवी, सुशील दीपक मिंज, मधुरा मिंज, प्रियंका असुर, पूर्व उप प्रमुख अनुप संजय टोप्पो, उप प्रमुख प्रमोद खलखो, सांसद प्रतिनिधि अल्बर्ट तिग्गा, गुड शेफर्ड कॉन्वेंट की सिस्टर नीतियां, कुमुद मुंडा, सिस्टर निर्मल लकड़ा, सिस्टर ज्योति, सिस्टर स्वाति लीडर प्रोजेक्ट ज्योति, फिया फाउंडेशन, हीरा बरवे कॉन्वेंट रामपुर की सिस्टर दीप्ति सहित भारी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।3
- टीबी मुक्त गुमला की दिशा में जिला प्रशासन की बड़ी पहल, आगामी चार माह के लिए तैयार की गई विशेष कार्ययोजना उपायुक्त ने जिला क्षय केंद्र के नवनिर्मित भवन का किया उद्घाटन, ‘Build, Prevent, Detect एवं Treat’ के चार स्तंभों पर आधारित होगी रणनीति गुमला: टीबी (Tuberculosis) देश एवं झारखंड राज्य में सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए एक बड़ी चुनौती है। टीबी का प्रभाव केवल स्वास्थ्य तक सीमित नहीं है, बल्कि यह जिले की सामाजिक एवं आर्थिक प्रगति को भी प्रभावित करता है। गुमला जिले में टीबी के अधिकांश मरीज कामकाजी आयु वर्ग से संबंधित हैं, जिससे परिवारों की आय एवं उत्पादकता पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। इसी को ध्यान में रखते हुए टीबी के खिलाफ अभियान को और तेज करते हुए वर्ष 2026 के आगामी चार माह में गुमला जिले को टीबी मुक्त बनाने के उद्देश्य से विशेष कार्ययोजना तैयार की गई है। इसी क्रम में आज उपायुक्त, गुमला दिलेश्वर महत्तो द्वारा सदर अस्पताल परिसर में जिला क्षय केंद्र के नवनिर्मित भवन का उद्घाटन किया गया। साथ ही ‘टीबी मुक्त गुमला जिला’ के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए जिला टीबी सेल द्वारा तैयार की गई आगामी चार माह की रणनीतिक कार्ययोजना को उपायुक्त द्वारा अनुमोदित किया गया तथा कार्ययोजना पर हस्ताक्षर किए गए। इस अवसर पर उपायुक्त ने कहा कि पूर्व में जिला क्षय केंद्र शहर से लगभग चार किलोमीटर की दूरी पर स्थित था, जिसके कारण लोगों को जांच एवं उपचार संबंधी सुविधाओं के लिए आने-जाने में कठिनाई होती थी। अब नए भवन के माध्यम से जिला मुख्यालय में ही टीबी की जांच एवं उपचार संबंधी सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इससे मरीजों को समय पर जांच कराने और उपचार प्राप्त करने में सुविधा होगी। उपायुक्त ने कहा कि गुमला जिले को आगामी चार माह में टीबी मुक्त बनाने के लक्ष्य को लेकर जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा विशेष रणनीति तैयार की गई है। इस रणनीति के तहत केवल टीबी मरीजों की पहचान और उपचार ही नहीं, बल्कि बीमारी के संक्रमण को रोकने, जोखिम वाले समूहों की पहचान करने तथा टीबी से जुड़े प्रमुख जोखिम कारकों पर भी प्रभावी तरीके से कार्य किया जाएगा। उन्होंने कहा कि टीबी की दवाएं निःशुल्क उपलब्ध हैं और जिले में CBNAAT एवं TrueNat जैसी अत्याधुनिक जांच सुविधाएं भी उपलब्ध हैं। इन सुविधाओं का अधिकतम उपयोग करते हुए टीबी के मामलों की समय पर पहचान एवं उपचार सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि ‘टीबी मुक्त गुमला जिला’ का उद्देश्य केवल टीबी के मामलों को कम करना नहीं, बल्कि जिले की स्वास्थ्य प्रणाली को और मजबूत बनाना है, ताकि टीबी के सभी संभावित मामलों का जल्द पता लगाया जा सके, मजबूत निगरानी प्रणाली विकसित हो तथा उच्च जोखिम वाले समूहों में संक्रमण की जांच एवं उपचार सुनिश्चित किया जा सके। उन्होंने सभी संबंधित विभागों, स्वास्थ्यकर्मियों एवं आमजनों से इस अभियान में सक्रिय सहभागिता की अपील की। उन्होंने कहा कि टीबी के जोखिम को बढ़ाने वाले प्रमुख कारकों, जैसे मधुमेह, कुपोषण, पुरानी सांस संबंधी बीमारियां तथा अल्कोहल एवं तंबाकू का सेवन को कम करने के लिए भी विशेष प्रयास आवश्यक हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सभी के सामूहिक प्रयास एवं सहभागिता से ‘टीबी मुक्त गुमला’ का लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है और यह प्रयास जिले में टीबी मुक्त समाज के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा। जिला टीबी सेल द्वारा तैयार कार्ययोजना नेशनल स्ट्रैटेजिक प्लान (NSP) के चार प्रमुख स्तंभों Build (स्वास्थ्य प्रणाली को मजबूत करना), Prevent (रोकथाम), Detect (समय पर पहचान) एवं Treat (प्रभावी उपचार) पर आधारित है। कार्ययोजना के तहत टीबी के मामलों की सक्रिय खोज, समय पर जांच, उपचार की निरंतर निगरानी, उच्च जोखिम वाले समूहों पर विशेष फोकस तथा समुदाय स्तर पर जागरूकता गतिविधियों को गति दी जाएगी। सिविल सर्जन डॉ. शंभूनाथ चौधरी ने बताया कि जिले में टीबी उन्मूलन को लेकर लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। एक चरण में जिले की 62 पंचायतों को टीबी मुक्त पंचायत के रूप में चिन्हित किया गया है। वर्ष 2026 में जिले की 169 पंचायतों को टीबी मुक्त बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस दिशा में पंचायत स्तर तक टीबी की पहचान, जांच, उपचार एवं फॉलोअप को मजबूत किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि 21 अगस्त को नगर भवन, गुमला में टीबी मुक्त पंचायतों के सम्मान में विशेष कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इसमें 62 टीबी मुक्त पंचायतों के मुखिया एवं संबंधित प्रखंडों के प्रमुखों की उपस्थिति में पंचायतों को सम्मानित किया जाएगा। टीबी उन्मूलन की दिशा में बेहतर कार्य करने वाली पंचायतों को कांस्य प्रतिमा/सम्मान चिह्न प्रदान कर सम्मानित किया जाएगा। यह आयोजन जिले की अन्य पंचायतों को भी टीबी मुक्त अभियान के लिए प्रेरित करने का माध्यम बनेगा। जिला कार्यक्रम समन्वयक विनय कुमार गुप्ता ने बताया कि नए जिला क्षय केंद्र के माध्यम से अब जिला स्तर पर टीबी की जांच एवं उपचार संबंधी सेवाओं को और सुदृढ़ किया जा सकेगा। केंद्र में उपलब्ध अत्याधुनिक जांच सुविधाओं का लाभ आमजनों को मिलेगा। आगामी चार माह की कार्ययोजना के तहत टीबी मरीजों की सक्रिय खोज, जांच, उपचार एवं फॉलोअप पर विशेष जोर दिया जाएगा। कार्यक्रम में सिविल सर्जन डॉ. शंभूनाथ चौधरी, सदर अस्पताल उपाधीक्षक डॉ. अनुपम किशोर, जिला क्षय रोग पदाधिकारी डॉ. के.के. मिश्रा, जिला आरसीएच पदाधिकारी डॉ. सुनील कुमार, जिला कार्यक्रम समन्वयक विनय कुमार गुप्ता सहित स्वास्थ्य विभाग के पदाधिकारी एवं जिला क्षय केंद्र के कर्मी उपस्थित थे।1
- कुरुडीह मुक्तिधाम जाने वाली गलियों में कीचड़ का साम्राज्य, ग्रामीणों का चलना मुश्किल, हालत खराब........... कुरुडीह मुक्तिधाम जाने वाली गलियों में कीचड़ का साम्राज्य, ग्रामीणों का चलना मुश्किल, हालत खराब........... बीमारियों का खतरा: जगह-जगह गंदा पानी जमा होने से मच्छर और मक्खियां पनप रहे हैं, जिससे बीमारियां फैलने का डर है। ग्राम पंचायत कुरुडीह की मुक्तिधाम जाने वाली मुख्य मार्ग कीचड़ से लतपथ, ग्राम पंचायत कुरुडीह में विकास के नाम पर मूलभूत सुविधाओं की ही मुहर नहीं लग सकी है। कम बारिश में ही गली कीचड़ से लतपथ हो जाती है। ग्रामीणों को दलदल में रहने की मजबूरी है। लगातार शिकायत करने के बावजूद जनप्रतिनिधि बिल्कुल भी ध्यान नहीं दे रहे। जिस वजह से हल्की बारिश में ही गली में गंदगी हो जाती है। इसमें मच्छर व कीड़े-मकोड़े पनप रहे है। ग्रामीणों को रोज समस्या हो रही है। कीचड़ के कारण लोगों को चलना मुश्किल हो रही है। इसे लेकर ग्रामीणों में खासी नाराजगी व आक्रोश है। कुरुडीह के ग्रामीणों के अनुसार गली से पानी की निकासी सही तरीके से नहीं होने एवं मुरम की जगह मिट्टी को पाट दिया गया है। जिसके वजह से गली पर ही पानी ठहर रहा है और कीचड़ की स्थिति बन रही है। समस्या के निराकरण के लिए ग्रामीणों ने मुक्तिधाम जाने वाली मुख्य मार्ग को जनप्रतिनिधियों से गली की सीसीकरण किये जाने का सुझाव भी रखा था। लेकिन अब तक अमल नहीं किया गया है। गली में कीचड़ की प्रमुख समस्या को जनप्रतिनिधि अब तक दूर नहीं कर पाएं है। चुनाव में उम्मीदवार भी लुभावने वादे कर बाद में मुकर जाते है। लेकिन अभी तक कीचड़ की समस्या का निराकरण नहीं हो सका है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि गली में दलदल से पनप रहे मच्छर, बीमारी फैलने की आशंका बनी हुई है। जनप्रतिनिधियों की लापरवाही ग्रामीणों को समस्या में डाल सकती है, किंतु समस्या के निराकरण के लिए गंभीरता बिलकुल भी नजर नहीं आ रही।1
- विश्व आदिवासी दिवस पर सूरजपुर में उमड़ा आदिवासी जनसैलाब करीब दो घंटे तक NH-43 पर थमे वाहनों के पहिए प्रेमनगर विधानसभा CMO Chhattisgarh Chhattisgarh social media #chhattisgarh #surajpurdistrict #adiwasi_viral_reels_adda #adivasiculture1
- बिलासपुर में गूंजिस आदिवासी संस्कृति के रंग, परंपरागत पहिरावा मं सजके निकरिस भव्य रैली3
- आदिवासी समाज पर कथित अभद्र टिप्पणी से भड़का आक्रोश, भैयाथान में लोगों ने जताया विरोध”1
- रायगढ़ युवा महोत्सव में दिखा युवाओं का हुनर,मेहंदी क्राफ्ट स्पर्धा में प्रतिभाओं ने बिखेरे रंग।1
- क्रेशर के पट्टे में फंसकर मजदूर की मौके पर हुई मौत, मजदूर को किसी तरह की नहीं दी गई थी सेफ्टी1