कवर्धा जिले के बैगा बाहुल्य गांव बदहाल पानी के बिना जीना मुहाल, दिखावे को लगे सोलर पैनल कबीरधाम जिले के सुदूर वनांचल क्षेत्र में आज भी ऐसे गांव मौजूद हैं, जहां विकास की रोशनी नहीं पहुंच सकी है। जिला मुख्यालय कवर्धा से करीब 70 किलोमीटर दूर बसे ग्रामी सौरू में रहने वाले बैगा आदिवासी परिवार आज भी पानी, बिजली और सड़क जैसी मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं। यह वही बैगा समुदाय है जिन्हें देश का विशेष संरक्षित जनजाति माना जाता है और जिन्हें राष्ट्रपति का दत्तक पुत्र तक कहा जाता है। लेकिन जमीनी हकीकत बेहद दर्दनाक है। यह तस्वीरें कबीरधाम जिले के सौरू गांव की हैं। यहां लगभग 35 बैगा परिवार, करीब 200 की आबादी के साथ निवास करते हैं। गांव में ना बिजली है, ना पक्की सड़क और ना ही पीने के लिए स्वच्छ पानी है लोगों को अपनी रोजमर्रा की जरूरतों के लिए आज भी संघर्ष करना पड़ रहा है। गांव में सोलर पैनल लगाए गए थे, अब वो भी बंद गांव में सोलर सिस्टम से एक हैंडपंप लगाया गया है, लेकिन वह भी कभी चलता है, कभी बंद हो जाता है। जब हैंडपंप काम नहीं करता तो ग्रामीणों को मजबूरन दो से ढाई किलोमीटर पैदल चलकर झीरीया से पानी लाना पड़ता है और उसी पानी को पीने के लिए उपयोग करते हैं। बिजली के नाम पर गांव में सोलर पैनल लगाए गए थे, लेकिन अब वे भी बंद पड़े हैं। रात होते ही पूरा गांव अंधेरे में डूब जाता है। बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है और सामान्य जीवन भी मुश्किल हो गया है। ना जनप्रतिनिधि ध्यान देते हैं, ना प्रशासनिक अधिकारी- गांव में स्कूल तो है, लेकिन बच्चों की शिक्षा की हालत भी चिंताजनक है। ग्रामीणों ने बताया कि गाँव के स्कूल से अक्सर शिक्षक गायब रहते हैं, कई बार स्कूल समय पर नहीं खुलता और कभी-कभी बंद भी रहता है। ऐसे में बैगा बच्चों का भविष्य अंधकार में जाता दिखाई दे रहा है। यह गांव ऐसा प्रतीत होता है मानो संसाधनों और विकास से पूरी तरह कट चुका हो। ग्रामीणों का आरोप है कि, ना जनप्रतिनिधि ध्यान देते हैं, ना प्रशासनिक अधिकारी निरीक्षण करने पहुंचते हैं।
कवर्धा जिले के बैगा बाहुल्य गांव बदहाल पानी के बिना जीना मुहाल, दिखावे को लगे सोलर पैनल कबीरधाम जिले के सुदूर वनांचल क्षेत्र में आज भी ऐसे गांव मौजूद हैं, जहां विकास की रोशनी नहीं पहुंच सकी है। जिला मुख्यालय कवर्धा से करीब 70 किलोमीटर दूर बसे ग्रामी सौरू में रहने वाले बैगा आदिवासी परिवार आज भी पानी, बिजली और सड़क जैसी मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं। यह वही बैगा समुदाय है जिन्हें देश का विशेष संरक्षित जनजाति माना जाता है और जिन्हें राष्ट्रपति का दत्तक पुत्र तक कहा जाता है। लेकिन जमीनी हकीकत बेहद दर्दनाक है। यह तस्वीरें कबीरधाम जिले के सौरू गांव की हैं। यहां लगभग 35 बैगा परिवार, करीब 200 की आबादी के साथ निवास करते हैं। गांव में ना बिजली है, ना पक्की सड़क और ना ही पीने के लिए स्वच्छ पानी है लोगों को अपनी रोजमर्रा की जरूरतों के लिए आज भी संघर्ष करना पड़ रहा है। गांव में सोलर पैनल लगाए गए थे, अब वो भी बंद गांव में सोलर सिस्टम से एक हैंडपंप लगाया गया है, लेकिन वह भी कभी चलता है, कभी बंद हो जाता है। जब हैंडपंप काम नहीं करता तो ग्रामीणों को मजबूरन दो से ढाई किलोमीटर पैदल चलकर झीरीया से पानी लाना पड़ता है और उसी पानी को पीने के लिए उपयोग करते हैं। बिजली के नाम पर गांव में सोलर पैनल लगाए गए थे, लेकिन अब वे भी बंद पड़े हैं। रात होते ही पूरा गांव अंधेरे में डूब जाता है। बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है और सामान्य जीवन भी मुश्किल हो गया है। ना जनप्रतिनिधि ध्यान देते हैं, ना प्रशासनिक अधिकारी- गांव में स्कूल तो है, लेकिन बच्चों की शिक्षा की हालत भी चिंताजनक है। ग्रामीणों ने बताया कि गाँव के स्कूल से अक्सर शिक्षक गायब रहते हैं, कई बार स्कूल समय पर नहीं खुलता और कभी-कभी बंद भी रहता है। ऐसे में बैगा बच्चों का भविष्य अंधकार में जाता दिखाई दे रहा है। यह गांव ऐसा प्रतीत होता है मानो संसाधनों और विकास से पूरी तरह कट चुका हो। ग्रामीणों का आरोप है कि, ना जनप्रतिनिधि ध्यान देते हैं, ना प्रशासनिक अधिकारी निरीक्षण करने पहुंचते हैं।
- Post by Rameshwar sahu1
- 11 फरवरी बुधवार को दोपहर 2 बजे मिली जानकारी अनुसार ग्राम कटंगी में शीतलाल निर्मलकर से जुड़े सामाजिक बहिष्कार के मामले को जिला प्रशासन ने गंभीरता से लेते हुए त्वरित हस्तक्षेप किया। अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) एवं अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस) की संयुक्त उपस्थिति में ग्राम पंचायत भवन में विशेष बैठक आयोजित की गई। बैठक में ग्राम सरपंच, पंचगण, निर्मलकर समाज के प्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। बैठक के दौरान अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि किसी भी व्यक्ति या परिवार का सामाजिक बहिष्कार करना, दबाव बनाना या सामुदायिक भेदभाव करना कानूनन दंडनीय अपराध है। ऐसे मामलों में दोषियों के विरुद्ध सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने दो टूक कहा कि गांव की शांति और सामाजिक समरसता से खिलवाड़ किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अधिकारियों ने ग्रामीणों को समझाइश देते हुए कहा कि किसी भी प्रकार के विवाद या मतभेद की स्थिति में कानून हाथ में लेना अनुचित है। समस्याओं का समाधान संवाद, आपसी सहमति तथा पंचायत एवं प्रशासनिक माध्यमों से ही किया जाना चाहिए। बैठक में सभी पक्षों की बातों को सुना गया और आपसी समझ से विवाद सुलझाने पर जोर दिया गया। ग्राम सरपंच एवं समाज के प्रतिनिधियों ने प्रशासन को आश्वस्त किया कि भविष्य में इस प्रकार की स्थिति उत्पन्न नहीं होने दी जाएगी। ग्रामीणों ने भी गांव में आपसी भाईचारा, सौहार्द और शांति बनाए रखने का संकल्प लिया। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि क्षेत्र में कानून-व्यवस्था पर सतत निगरानी रखी जाएगी और किसी भी अवांछित गतिविधि की स्थिति में तत्काल कार्रवाई की जाएगी।1
- चरित्र पर टिप्पणी से भड़की बेटी, पिता की हंसिया से हत्या आधी रात की वारदात: 25 वर्षीय बेटी ने उतारा पिता को मौत के घाट1
- छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री कन्या सामूहिक विवाह योजना के तहत एक ही दिन 6000 से अधिक कन्याओं का विवाह संपन्न कराया गया। इस भव्य आयोजन में बड़ी संख्या में नवविवाहित जोड़े शामिल हुए। योजना का उद्देश्य बेटियों के विवाह में आर्थिक सहयोग देना और सामाजिक समानता को बढ़ावा देना है। वीडियो में देखें आयोजन की पूरी झलक, खास पल और महत्वपूर्ण जानकारी।1
- आधा अधूरा मोहल्ले में पाइप बेचकर छोड़ दिया गया है पिछला सरपंच शिवकुमार यादव के कार्यकाल में एक पानी टंकी बनाया गया था वह भी 5 साल पुराना है फिर भी ठेकेदार को छठ पर छूट देने पर हो तो मनमानी कर रहे हैं फिर दूसरे साल सरपंच प्रतिनिधि नया चुनकर भेजे गए हैं वह भी कोई एक्शन नहीं ले पा रहा है पानी टंकी चालू ही नहीं कर पा रहे हैं हमारे यहां दो-दो पानी टंकी बन चुका है7
- छतौना आवासपारा से घर जाने को निकला 57 वर्षीय मानसिक रूप से विछिप्त हुवा लापता चकरभाठा थाना मे मामला दर्ज मंगलवार की रात 9 बजे चकरभाठा पुलिस से मिली जानकारी गुम इंसान नाम विशाल साहू पिता लूडगू साहू उम्र 57 साल निवासी मोपका थाना सरकण्डा जिला बिलासपुर छ.ग. सूचक लेखराम साहू पिता विशाल साहू उम्र 38 साल निवासी मोपका थाना सरकण्डा जिला बिलासपुर का मंगलवार की साम 4 बजे के करीब थाना उपस्थित आकर मौखिक रिपोर्ट दर्ज कराया कि इसका पिता विशाल साहू उम्र 57 साल निवासी ग्राम मोपका का है जो दिनांक 26/01/2026 को अपने बेटी दमाद के घर ग्राम छतौना थाना चकरभाठा आया हुआ था जो ग्राम छतौना से अपने बेटी दमाद सुमीत साहू के घर से दिनांक 30/01/2026 के शाम 04-00 बजे बिना बताये कही चला गया है दिमाकी हालत ठीक नही है गुम इंसान का हुलिया कद 5 फिट 4 इंच रंग सांवला, चेहरा लम्बा, बाल अधपका छोटा, अनपढ है छत्तीसगढी भाषा बोलता है नीला रंग का शर्ट काला रंग का पेंट, काला रंग का जैकेट पहचा है जिसका आस पास पता तलाश रिश्तेदारो मे करता रहा पता नही चलने से मंगलवार को थाना रिपोर्ट करने आया हु कि सूचक की सूचना पर गुम इंसान क्रमांक 11/2026 कायम कर पतासाजी मे लिया गया गुम इंसान कायमी की सूचना जरिये RM सर्व थाना चौकी प्रभारी DCRB को भेजी जाती है1
- 11 फरवरी बुधवार को सुबह 11 बजे मिली जानकारी अनुसार बता दें कि जिला खैरागढ़ छुईखदान गंडई में मादक पदार्थों के अवैध व्यापार के विरुद्ध अब तक की सबसे कड़ी कार्रवाई करते हुए पहली बार पीआईटी एनडीपीएस (मादक पदार्थों की अवैध तस्करी निवारण) अधिनियम के तहत निवारक निरोध की कार्रवाई की गई है। जिला पुलिस द्वारा गांजा तस्करी में संलिप्त एक महिला को गिरफ्तार कर केन्द्रीय जेल दुर्ग भेजा गया है। थाना गंडई क्षेत्र के वार्ड क्रमांक 8, महारापारा निवासी मेहरूननिशा पति इस्माईल खान के विरुद्ध पूर्व में गांजा बिक्री के मामलों में अपराध क्रमांक 105/23 एवं 190/25, धारा 20(ख) एनडीपीएस एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज कर अभियोग पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया था। आरोपी महिला द्वारा लगातार अवैध रूप से गांजा बिक्री किए जाने की गतिविधियों को देखते हुए पुलिस द्वारा पीआईटी एनडीपीएस अधिनियम की धारा 3(1) के तहत आयुक्त न्यायालय, दुर्ग में प्रकरण प्रस्तुत किया गया। माननीय आयुक्त न्यायालय, दुर्ग द्वारा 9 फरवरी को आदेश पारित करते हुए आरोपी महिला को तीन माह की अवधि के लिए केन्द्रीय जेल दुर्ग में निरुद्ध करने का वारंट जारी किया गया। न्यायालय के आदेश के पालन में जिला केसीजी पुलिस ने वारंट की तामीली कराते हुए महिला गांजा तस्कर को जेल दाखिल कराया। केसीजी जिले में पहली बार पीआईटी एनडीपीएस अधिनियम के तहत की गई यह कार्रवाई नशीले पदार्थों के अवैध व्यापार पर प्रभावी नियंत्रण की दिशा में एक ऐतिहासिक और कड़ा कदम माना जा रहा है।1
- ट्रॉफी नहीं, प्लेयर ऑफ द मैच को मिला देसी मुर्गा देवरिया क्रिकेट टूर्नामेंट में अनोखा इनाम1
- स्कूल जाने को निकली कक्षा 11 की नाबालिक छात्रा हुई लापता बिल्हा थाना मे रिपोर्ट दर्ज मंगलवार की रात 9 बजे बिल्हा पुलिस से मिली जानकारी अनुसार प्रार्थी 40 वर्षीय पिता ने मंगलवार की दोपहर 13/46 बजे थाना उपस्थित हों कर रिपोर्ट दर्ज कराई है की मै बिल्हा थाना छेत्र मे रहता हूं हमाली का काम करता हूं मेरी एक लड़की एक लड़का है लड़की जिसकी जन्म तिथी 07.01.2009 उम्र 17 वर्ष 01 माह है जो कक्षा 11वी की पढाई गांव के स्कूल मे कर रही है जो दिनांक 04.02.2026 को सुबह 11.00 बजे घर से स्कूल जा रही हूं कहकर निकली है जो शाम तक घर वापस नही आई तब हम लोग उसके साथ पढने वाले लडका लड़कीयों से पुछताछ किये जो स्कूल नही आना बताये तब हम लोग आस पास गांव एवं रिश्तेदारो मे दिनांक 09.02.2026 तक पता तलास किये जो कहीं पता नही चला अपने पास एक मोबाईल रखी है जो बंद है मुझे संदेह है कि मेरी नाबालिक लड़की को किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा बहला फूसला कर भगाकर ले गया है पता तलास करने पश्चात नही मिलने पर मंगलवार को थाना रिपोर्ट करने आया हूं रिपोर्ट करता हूं कार्यवाही किया जाये प्रॉर्थी की रिपोर्ट पर बिल्हा पुलिस ने अपराध धारा- 137(2) भान्यासं. के तहत मामला दर्ज कर लिया है और मामले की विवेचना जारी है1