केसीजी जिले में पहली बार पीआईटी एनडीपीएस के तहत पुलिस की सख्त कार्रवाई,एक महिला गांजा तस्कर तीन माह के लिए जेल निरुद्ध, 11 फरवरी बुधवार को सुबह 11 बजे मिली जानकारी अनुसार बता दें कि जिला खैरागढ़ छुईखदान गंडई में मादक पदार्थों के अवैध व्यापार के विरुद्ध अब तक की सबसे कड़ी कार्रवाई करते हुए पहली बार पीआईटी एनडीपीएस (मादक पदार्थों की अवैध तस्करी निवारण) अधिनियम के तहत निवारक निरोध की कार्रवाई की गई है। जिला पुलिस द्वारा गांजा तस्करी में संलिप्त एक महिला को गिरफ्तार कर केन्द्रीय जेल दुर्ग भेजा गया है। थाना गंडई क्षेत्र के वार्ड क्रमांक 8, महारापारा निवासी मेहरूननिशा पति इस्माईल खान के विरुद्ध पूर्व में गांजा बिक्री के मामलों में अपराध क्रमांक 105/23 एवं 190/25, धारा 20(ख) एनडीपीएस एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज कर अभियोग पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया था। आरोपी महिला द्वारा लगातार अवैध रूप से गांजा बिक्री किए जाने की गतिविधियों को देखते हुए पुलिस द्वारा पीआईटी एनडीपीएस अधिनियम की धारा 3(1) के तहत आयुक्त न्यायालय, दुर्ग में प्रकरण प्रस्तुत किया गया। माननीय आयुक्त न्यायालय, दुर्ग द्वारा 9 फरवरी को आदेश पारित करते हुए आरोपी महिला को तीन माह की अवधि के लिए केन्द्रीय जेल दुर्ग में निरुद्ध करने का वारंट जारी किया गया। न्यायालय के आदेश के पालन में जिला केसीजी पुलिस ने वारंट की तामीली कराते हुए महिला गांजा तस्कर को जेल दाखिल कराया। केसीजी जिले में पहली बार पीआईटी एनडीपीएस अधिनियम के तहत की गई यह कार्रवाई नशीले पदार्थों के अवैध व्यापार पर प्रभावी नियंत्रण की दिशा में एक ऐतिहासिक और कड़ा कदम माना जा रहा है।
केसीजी जिले में पहली बार पीआईटी एनडीपीएस के तहत पुलिस की सख्त कार्रवाई,एक महिला गांजा तस्कर तीन माह के लिए जेल निरुद्ध, 11 फरवरी बुधवार को सुबह 11 बजे मिली जानकारी अनुसार बता दें कि जिला खैरागढ़ छुईखदान गंडई में मादक पदार्थों के अवैध व्यापार के विरुद्ध अब तक की सबसे कड़ी कार्रवाई करते हुए पहली बार पीआईटी एनडीपीएस (मादक पदार्थों की अवैध तस्करी निवारण) अधिनियम के तहत निवारक निरोध की कार्रवाई की गई है। जिला पुलिस द्वारा गांजा तस्करी में संलिप्त एक महिला को गिरफ्तार कर केन्द्रीय जेल दुर्ग भेजा गया है। थाना गंडई क्षेत्र के वार्ड क्रमांक 8, महारापारा निवासी मेहरूननिशा पति इस्माईल खान के विरुद्ध पूर्व में गांजा बिक्री के मामलों में अपराध क्रमांक 105/23 एवं 190/25, धारा 20(ख) एनडीपीएस एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज कर अभियोग पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया था। आरोपी महिला द्वारा लगातार अवैध रूप से गांजा बिक्री किए जाने की गतिविधियों को देखते हुए पुलिस द्वारा पीआईटी एनडीपीएस अधिनियम की धारा 3(1) के तहत आयुक्त न्यायालय, दुर्ग में प्रकरण प्रस्तुत किया गया। माननीय आयुक्त न्यायालय, दुर्ग द्वारा 9 फरवरी को आदेश पारित करते हुए आरोपी महिला को तीन माह की अवधि के लिए केन्द्रीय जेल दुर्ग में निरुद्ध करने का वारंट जारी किया गया। न्यायालय के आदेश के पालन में जिला केसीजी पुलिस ने वारंट की तामीली कराते हुए महिला गांजा तस्कर को जेल दाखिल कराया। केसीजी जिले में पहली बार पीआईटी एनडीपीएस अधिनियम के तहत की गई यह कार्रवाई नशीले पदार्थों के अवैध व्यापार पर प्रभावी नियंत्रण की दिशा में एक ऐतिहासिक और कड़ा कदम माना जा रहा है।
- 11 फरवरी बुधवार को दोपहर 12 बजे प्राप्त जानकारी के अनुसार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गंडई में आज फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत दवा सेवन कराया गया। इस अवसर पर जनपद पंचायत सदस्य नीना विनोद ताम्रकार, सदस्य रिखीराम पटेल एवं पूर्व जिला पंचायत सदस्य विनोद ताम्रकार उपस्थित रहे। सभी जनप्रतिनिधियों ने स्वयं दवा का सेवन कर आमजन को फाइलेरिया की दवा नियमित रूप से खाने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम में डॉक्टर प्रशांत सोनी सहित स्वास्थ्य केंद्र का समस्त स्टाफ मौजूद रहा। स्वास्थ्य विभाग द्वारा फाइलेरिया जैसी गंभीर बीमारी से बचाव के लिए दवा सेवन को आवश्यक बताया गया तथा अधिक से अधिक लोगों से अभियान में सहभागिता की अपील की गई। उल्लेखनीय है कि यह अभियान 10 फरवरी से 25 फरवरी तक संचालित किया जा रहा1
- ..भिलाई से दिल दहला देने वाली खबर, सेक्टर-8 में ट्यूशन टीचर की आग लगने से मौत ..भिलाई नगर से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। भिलाई सेक्टर-8 में 50 वर्षीय महिला ट्यूशन टीचर की आग लगने से दर्दनाक मौत हो गई। मृतिका की पहचान रजनी देवांगन के रूप में हुई है, जो अपने घर में बच्चों को ट्यूशन पढ़ाया करती थीं। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार महिला ने बाथरूम में आग लगाकर आत्महत्या की है। घटना में महिला करीब 95 प्रतिशत तक झुलस गई थी। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। पुलिस को घटनास्थल से एक सुसाइडल नोट भी मिला है, जिसकी जांच की जा रही है। फॉरेंसिक टीम ने भी मौके पर पहुंचकर साक्ष्य एकत्र किए हैं। मृतिका के परिवार में एक बेटा डॉक्टर है, जबकि दूसरी बेटी एमबीबीएस की पढ़ाई कर रही है। घटना के बाद पूरे टाउनशिप क्षेत्र में हड़कंप मच गया है। पुलिस आग लगने के कारणों और आत्महत्या के पीछे की वजहों की गहन जांच कर रही है। यह मामला भिलाई नगर थाना क्षेत्र का है।1
- लांजी बीएमओ को अविलंब प्रतिवेदन प्रस्तुत करने एसडीएम ने जारी किया रिमाईंडर नोटिस लांजी। तहसील मुख्यालय अंतर्गत आने वाले ग्राम कारंजा के शासकीय अस्पताल में ड्यूटी के मामले में की गई एक शिकायत पर लांजी एसडीएम कमलचंद सिंहसार द्वारा बीएमओ अक्षय उपराड़े और संबंधित एएनएम नर्मदा ठाकरे के नाम नोटिस जारी किया गया था, वहीं अब इस मामले में बीएमओ के नाम रिमाईंडर नोटिस जारी किया गया है, मामला विगत 3 वर्ष से कारंजा अस्पताल में पदस्थ एएनएम नर्मदा ठाकरे के द्वारा कराये गये प्रसव की संख्या निरंक होने का है, शिकायतकर्ता आशीष भंडारकर के द्वारा उक्ताशय की शिकायत एसडीएम लांजी को की गई थी, इस मामले में एएनएम नर्मदा ठाकरे द्वारा अपना जवाब प्रस्तुत कर दिया गया था तो वहीं बीएमओ के द्वारा प्रतिवेदन प्रस्तुत नहीं किया गया, जिसके बाद एसडीएम द्वारा 10 फरवरी 2026 को रिमाईंडर नोटिस जारी किया गया है। जानकारी के अनुसार बीएमओ को जारी रिमाईंडर नोटिस में कहा गया है कि उपरोक्त मामले में प्रतिवेदन चाहा गया है किंतु आज दिनांक तक प्रतिवेदन अप्राप्त है, तत्संबंध में शिकायत पत्र में उल्लेखित तथ्यों का तथ्यात्मक रूप से विस्तृत जांच कर वस्तुस्थिति का प्रतिवेदन अविलंब प्रस्तुत करना सुनिश्चित करें।1
- देव श्री गौरीशंकर मंदिर प्रांगण में श्रीमद भागवत कथा प्रारंभ1
- राजधानी में नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के बीच पुलिस विभाग की छवि को धक्का पहुंचाने वाला मामला सामने आया है. टिकरापारा थाना पुलिस ने हेरोइन तस्करी के आरोप में आमानाका थाना में पदस्थ आरक्षक हिमांशु बर्मन को गिरफ्तार किया है। आरोपी के कब्जे से करीब डेढ़ ग्राम हेरोइन जब्त की गई है.1
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- Post by Rameshwar sahu1
- 11 फरवरी बुधवार को दोपहर 2 बजे मिली जानकारी अनुसार ग्राम कटंगी में शीतलाल निर्मलकर से जुड़े सामाजिक बहिष्कार के मामले को जिला प्रशासन ने गंभीरता से लेते हुए त्वरित हस्तक्षेप किया। अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) एवं अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस) की संयुक्त उपस्थिति में ग्राम पंचायत भवन में विशेष बैठक आयोजित की गई। बैठक में ग्राम सरपंच, पंचगण, निर्मलकर समाज के प्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। बैठक के दौरान अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि किसी भी व्यक्ति या परिवार का सामाजिक बहिष्कार करना, दबाव बनाना या सामुदायिक भेदभाव करना कानूनन दंडनीय अपराध है। ऐसे मामलों में दोषियों के विरुद्ध सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने दो टूक कहा कि गांव की शांति और सामाजिक समरसता से खिलवाड़ किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अधिकारियों ने ग्रामीणों को समझाइश देते हुए कहा कि किसी भी प्रकार के विवाद या मतभेद की स्थिति में कानून हाथ में लेना अनुचित है। समस्याओं का समाधान संवाद, आपसी सहमति तथा पंचायत एवं प्रशासनिक माध्यमों से ही किया जाना चाहिए। बैठक में सभी पक्षों की बातों को सुना गया और आपसी समझ से विवाद सुलझाने पर जोर दिया गया। ग्राम सरपंच एवं समाज के प्रतिनिधियों ने प्रशासन को आश्वस्त किया कि भविष्य में इस प्रकार की स्थिति उत्पन्न नहीं होने दी जाएगी। ग्रामीणों ने भी गांव में आपसी भाईचारा, सौहार्द और शांति बनाए रखने का संकल्प लिया। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि क्षेत्र में कानून-व्यवस्था पर सतत निगरानी रखी जाएगी और किसी भी अवांछित गतिविधि की स्थिति में तत्काल कार्रवाई की जाएगी।1