लांजी BMO को अविलंब प्रतिवेदन प्रस्तुत करने SDM ने जारी किया रिमाईंडर नोटिस लांजी बीएमओ को अविलंब प्रतिवेदन प्रस्तुत करने एसडीएम ने जारी किया रिमाईंडर नोटिस लांजी। तहसील मुख्यालय अंतर्गत आने वाले ग्राम कारंजा के शासकीय अस्पताल में ड्यूटी के मामले में की गई एक शिकायत पर लांजी एसडीएम कमलचंद सिंहसार द्वारा बीएमओ अक्षय उपराड़े और संबंधित एएनएम नर्मदा ठाकरे के नाम नोटिस जारी किया गया था, वहीं अब इस मामले में बीएमओ के नाम रिमाईंडर नोटिस जारी किया गया है, मामला विगत 3 वर्ष से कारंजा अस्पताल में पदस्थ एएनएम नर्मदा ठाकरे के द्वारा कराये गये प्रसव की संख्या निरंक होने का है, शिकायतकर्ता आशीष भंडारकर के द्वारा उक्ताशय की शिकायत एसडीएम लांजी को की गई थी, इस मामले में एएनएम नर्मदा ठाकरे द्वारा अपना जवाब प्रस्तुत कर दिया गया था तो वहीं बीएमओ के द्वारा प्रतिवेदन प्रस्तुत नहीं किया गया, जिसके बाद एसडीएम द्वारा 10 फरवरी 2026 को रिमाईंडर नोटिस जारी किया गया है। जानकारी के अनुसार बीएमओ को जारी रिमाईंडर नोटिस में कहा गया है कि उपरोक्त मामले में प्रतिवेदन चाहा गया है किंतु आज दिनांक तक प्रतिवेदन अप्राप्त है, तत्संबंध में शिकायत पत्र में उल्लेखित तथ्यों का तथ्यात्मक रूप से विस्तृत जांच कर वस्तुस्थिति का प्रतिवेदन अविलंब प्रस्तुत करना सुनिश्चित करें।
लांजी BMO को अविलंब प्रतिवेदन प्रस्तुत करने SDM ने जारी किया रिमाईंडर नोटिस लांजी बीएमओ को अविलंब प्रतिवेदन प्रस्तुत करने एसडीएम ने जारी किया रिमाईंडर नोटिस लांजी। तहसील मुख्यालय अंतर्गत आने वाले ग्राम कारंजा के शासकीय अस्पताल में ड्यूटी के मामले में की गई एक शिकायत पर लांजी एसडीएम कमलचंद सिंहसार द्वारा बीएमओ अक्षय उपराड़े और संबंधित एएनएम नर्मदा ठाकरे के नाम नोटिस जारी किया गया था, वहीं अब इस मामले में बीएमओ के नाम रिमाईंडर नोटिस जारी किया गया है, मामला विगत 3 वर्ष से कारंजा अस्पताल में पदस्थ एएनएम नर्मदा ठाकरे के द्वारा कराये गये प्रसव की संख्या निरंक होने का है, शिकायतकर्ता आशीष भंडारकर के द्वारा उक्ताशय की शिकायत एसडीएम लांजी को की गई थी, इस मामले में एएनएम नर्मदा ठाकरे द्वारा अपना जवाब प्रस्तुत कर दिया गया था तो वहीं बीएमओ के द्वारा प्रतिवेदन प्रस्तुत नहीं किया गया, जिसके बाद एसडीएम द्वारा 10 फरवरी 2026 को रिमाईंडर नोटिस जारी किया गया है। जानकारी के अनुसार बीएमओ को जारी रिमाईंडर नोटिस में कहा गया है कि उपरोक्त मामले में प्रतिवेदन चाहा गया है किंतु आज दिनांक तक प्रतिवेदन अप्राप्त है, तत्संबंध में शिकायत पत्र में उल्लेखित तथ्यों का तथ्यात्मक रूप से विस्तृत जांच कर वस्तुस्थिति का प्रतिवेदन अविलंब प्रस्तुत करना सुनिश्चित करें।
- लांजी बीएमओ को अविलंब प्रतिवेदन प्रस्तुत करने एसडीएम ने जारी किया रिमाईंडर नोटिस लांजी। तहसील मुख्यालय अंतर्गत आने वाले ग्राम कारंजा के शासकीय अस्पताल में ड्यूटी के मामले में की गई एक शिकायत पर लांजी एसडीएम कमलचंद सिंहसार द्वारा बीएमओ अक्षय उपराड़े और संबंधित एएनएम नर्मदा ठाकरे के नाम नोटिस जारी किया गया था, वहीं अब इस मामले में बीएमओ के नाम रिमाईंडर नोटिस जारी किया गया है, मामला विगत 3 वर्ष से कारंजा अस्पताल में पदस्थ एएनएम नर्मदा ठाकरे के द्वारा कराये गये प्रसव की संख्या निरंक होने का है, शिकायतकर्ता आशीष भंडारकर के द्वारा उक्ताशय की शिकायत एसडीएम लांजी को की गई थी, इस मामले में एएनएम नर्मदा ठाकरे द्वारा अपना जवाब प्रस्तुत कर दिया गया था तो वहीं बीएमओ के द्वारा प्रतिवेदन प्रस्तुत नहीं किया गया, जिसके बाद एसडीएम द्वारा 10 फरवरी 2026 को रिमाईंडर नोटिस जारी किया गया है। जानकारी के अनुसार बीएमओ को जारी रिमाईंडर नोटिस में कहा गया है कि उपरोक्त मामले में प्रतिवेदन चाहा गया है किंतु आज दिनांक तक प्रतिवेदन अप्राप्त है, तत्संबंध में शिकायत पत्र में उल्लेखित तथ्यों का तथ्यात्मक रूप से विस्तृत जांच कर वस्तुस्थिति का प्रतिवेदन अविलंब प्रस्तुत करना सुनिश्चित करें।1
- 11 फरवरी बुधवार को दोपहर 12 बजे प्राप्त जानकारी के अनुसार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गंडई में आज फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत दवा सेवन कराया गया। इस अवसर पर जनपद पंचायत सदस्य नीना विनोद ताम्रकार, सदस्य रिखीराम पटेल एवं पूर्व जिला पंचायत सदस्य विनोद ताम्रकार उपस्थित रहे। सभी जनप्रतिनिधियों ने स्वयं दवा का सेवन कर आमजन को फाइलेरिया की दवा नियमित रूप से खाने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम में डॉक्टर प्रशांत सोनी सहित स्वास्थ्य केंद्र का समस्त स्टाफ मौजूद रहा। स्वास्थ्य विभाग द्वारा फाइलेरिया जैसी गंभीर बीमारी से बचाव के लिए दवा सेवन को आवश्यक बताया गया तथा अधिक से अधिक लोगों से अभियान में सहभागिता की अपील की गई। उल्लेखनीय है कि यह अभियान 10 फरवरी से 25 फरवरी तक संचालित किया जा रहा1
- वारासिवनी । बुधवार की दोपहर लगभग 2 बजे एक टवेरा वाहन अनियंत्रित होकर पुलिस थाने के पास स्थित जय स्तम्भ की बाऊंड्रीवाल से टकरा गया। जिससे बाऊंड्रीवाल व वाहन क्षतिग्रस्त हो गया। इस दुर्घटना में वाहन चालक सुरक्षित बच गया। जानकारी अनुसार टवेरा वाहन चालक कटंगी मार्ग से बस स्टैंड की ओर जा रहा था। जब वह जय स्तम्भ के समीप पहुॅचा, तभी अचानक उसका स्टेयरिंग पर से नियंत्रण हट गया और वाहन सीधे जय स्तम्भ के चारों तरफ बनी हुई बाऊंड्रीवाल को तोड़ते हुए जय स्तम्भ से जा टकराई। इस घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस थाने से तत्काल पुलिसकर्मी घटना स्थल पर पहुॅच गए। वहीं नगरपालिका सीएमओ सूर्यप्रकाश उके को इस घटना की खबर मिलने पर उन्होंने तत्काल कर्मचारियों को घटना स्थल पर भेजा और टवेरा वाहन को पुलिस के हवाले करवाया। बताया जाता है कि टवेरा वाहन चालक ने क्षतिग्रस्त हुई जय स्तम्भ की बाऊंड्रीवाल को बनवा कर देने का आश्वासन नगरपालिका कर्मचारियों व पुलिसकर्मियों को दिया है। लेकिन उसके बावजूद भी पुलिस ने वाहन को पुलिस थाने में खड़ा करवा लिया है। उल्लेखनीय है कि जय स्तम्भ चौक के आसपास चाय-पान की दुकानों के साथ ही कई छोटे मोटे व्यापारी दुकान लगाकर अपना व्यापार करते है। जहॉ पर हमेशा नागरिकों व उपभोक्ताओं की भीड़ लगी रहती है। यदि टवेरा वाहन अनियंत्रित होकर आसपास की दुकानों में घुस जाता, तो बड़ी घटना घटने से इंकार नहीं किया जा सकता था।1
- Post by Manish Hedau1
- आल इंडिया देवधर ट्राफी का सेमीफाइनल मुकाबला 2606 वारासिवनी1
- बालाघाट जिले के सरेखा रेलवे ओवरब्रिज पर बने सीमेंट रोड में महज़ छह महीने के भीतर दरारें पड़ना अब बड़ा सवाल बन गया है। हैरानी की बात ये कि सड़क को दोबारा सीमेंट से सुधारने के बजाय उसके ऊपर सीधे डामरीकरण कराया जा रहा है। मामले की जानकारी मिलते ही कंकर मुंजारे मौके पर पहुंचे और ओवरब्रिज का निरीक्षण किया। उन्होंने चल रहे डामरीकरण को गुणवत्ताहीन बताते हुए ठेकेदार से फोन पर बात कर काम तत्काल बंद करने को कहा।1
- Post by INDRAJEET SINGH DASHMER1
- 11 फरवरी बुधवार को दोपहर 2 बजे मिली जानकारी अनुसार ग्राम कटंगी में शीतलाल निर्मलकर से जुड़े सामाजिक बहिष्कार के मामले को जिला प्रशासन ने गंभीरता से लेते हुए त्वरित हस्तक्षेप किया। अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) एवं अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस) की संयुक्त उपस्थिति में ग्राम पंचायत भवन में विशेष बैठक आयोजित की गई। बैठक में ग्राम सरपंच, पंचगण, निर्मलकर समाज के प्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। बैठक के दौरान अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि किसी भी व्यक्ति या परिवार का सामाजिक बहिष्कार करना, दबाव बनाना या सामुदायिक भेदभाव करना कानूनन दंडनीय अपराध है। ऐसे मामलों में दोषियों के विरुद्ध सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने दो टूक कहा कि गांव की शांति और सामाजिक समरसता से खिलवाड़ किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अधिकारियों ने ग्रामीणों को समझाइश देते हुए कहा कि किसी भी प्रकार के विवाद या मतभेद की स्थिति में कानून हाथ में लेना अनुचित है। समस्याओं का समाधान संवाद, आपसी सहमति तथा पंचायत एवं प्रशासनिक माध्यमों से ही किया जाना चाहिए। बैठक में सभी पक्षों की बातों को सुना गया और आपसी समझ से विवाद सुलझाने पर जोर दिया गया। ग्राम सरपंच एवं समाज के प्रतिनिधियों ने प्रशासन को आश्वस्त किया कि भविष्य में इस प्रकार की स्थिति उत्पन्न नहीं होने दी जाएगी। ग्रामीणों ने भी गांव में आपसी भाईचारा, सौहार्द और शांति बनाए रखने का संकल्प लिया। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि क्षेत्र में कानून-व्यवस्था पर सतत निगरानी रखी जाएगी और किसी भी अवांछित गतिविधि की स्थिति में तत्काल कार्रवाई की जाएगी।1