Shuru
Apke Nagar Ki App…
लखीमपुर खीरी। लखीमपुर खीरी के लगभग सभी जगहों पर हुई जोर दार बारिश कई जगहों पर तेज आंधी मूसला धार बारिश के साथ हुई वोला वृष्टि जिससे निघासन तहसील के कई गांवों भरा पानी नालिया चोक। लखीमपुर खीरी। लखीमपुर खीरी के सभी जगहों पर तेज आंधी और मूसला धार बारिश हुई वही कही जगहों पर वोले भी गिरे वही कस्बा मैलानी में हो रही जोरदार बारिश से हुआ कई जगहों पर जल भराव
उत्तर प्रदेश मीडिया प्रभारी रम
लखीमपुर खीरी। लखीमपुर खीरी के लगभग सभी जगहों पर हुई जोर दार बारिश कई जगहों पर तेज आंधी मूसला धार बारिश के साथ हुई वोला वृष्टि जिससे निघासन तहसील के कई गांवों भरा पानी नालिया चोक। लखीमपुर खीरी। लखीमपुर खीरी के सभी जगहों पर तेज आंधी और मूसला धार बारिश हुई वही कही जगहों पर वोले भी गिरे वही कस्बा मैलानी में हो रही जोरदार बारिश से हुआ कई जगहों पर जल भराव
More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
- लखीमपुर खीरी। लखीमपुर खीरी के सभी जगहों पर तेज आंधी और मूसला धार बारिश हुई वही कही जगहों पर वोले भी गिरे वही कस्बा मैलानी में हो रही जोरदार बारिश से हुआ कई जगहों पर जल भराव1
- इस व्यक्ति को जल्द से जल्द जेल में डालना चाहिए। अपने बगीचे से अमरूद चुराने के लिए एक बच्ची को बेरहमी से बांधकर पीटना? लोगों को आखिर क्या हो गया है? ज़रा सोचिए, उस बच्ची पर कितना गहरा सदमा लगेगा।1
- लखीमपुर खीरी संपादक महेश कुमार पांडे धौरहरा खीरी नगर पंचायत व तहसील धौरहरा के अंतर्गत निर्मित माननीय काशीराम कॉलोनी अमेठी रोड पर संचालित है जिसमें पानी की टंकी से सप्लाई नहीं मिल पा रही है अधिशासी अभियंता जल निगम से कई बार शिकायत की गई अभी तक कोई कार्यवाही नहीं कीगई1
- ASTv24 digital शाहिद लखाही लखीमपुर खीरी। जनपद में बुधवार को अचानक बदले मौसम ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया। तेज आंधी, बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि ने खेतों में खड़ी फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया है। खासकर गेहूं, मसूर और केले की फसलें बुरी तरह प्रभावित हुई हैं, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है। लखीमपुर खीरी के बिजुआ रामालक्षना ,राजगढ़, गदियाना बम्हनपुर, दौलतापुर, रामपुर, छेदुईपतिया सहित आसपास के कई गांवों में तेज हवाओं के साथ हुई बारिश और ओलों की मार से गेहूं की तैयार फसल खेतों में गिर गई। कई जगहों पर बालियां टूटकर बिखर गईं, जिससे उत्पादन पर सीधा असर पड़ने की आशंका है। वहीं मसूर की फसल भी जमीन पर गिरकर खराब हो गई है। केले की फसल को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है। तेज आंधी के चलते बड़ी संख्या में केले के पेड़ टूटकर गिर गए, जिससे किसानों को भारी आर्थिक झटका लगा है। इसके अलावा आम के बागों में भी नुकसान देखा गया है, जहां फूल झड़ने से इस बार उत्पादन घटने की संभावना जताई जा रही है। किसानों का कहना है कि फसल कटाई के बिल्कुल नजदीक थी और वे अच्छी पैदावार की उम्मीद लगाए बैठे थे, लेकिन अचानक आई इस आपदा ने उनकी सारी उम्मीदों पर पानी फेर दिया। खेतों में जलभराव और फसलों के गिरने से नुकसान और बढ़ गया है। बारिश के बाद मौसम में ठंडक बढ़ने से जनजीवन भी प्रभावित हुआ है। उधर, प्रभावित किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द फसल क्षति का सर्वे कराया जाए और उन्हें उचित मुआवजा दिया जाए, ताकि उनकी आर्थिक स्थिति को संभाला जा सके।1
- स्क्रिप्ट फारूख हुसैन लखीमपुर-खीरी एंकर लखीमपुर खीरी जिले के दुधवा टाइगर रिजर्व के मझगई वन रेंज के अंतर्गत लोहार वीरान क्षेत्र में पिछले दिनों तेंदुए के हमले में घायल हुए ग्रामीणों को विभाग की ओर से राहत राशि प्रदान की गई है। बुधवार को वन क्षेत्रीय अधिकारी (रेंजर) अंकित सिंह ने स्वयं घायलों से मुलाकात कर उन्हें सहायता राशि के चेक सौंपे। ग्रामीणों ने दिखाई थी बहादुरी गौरतलब है कि लोहार वीरान इलाके में तेंदुए ने अचानक हमला कर कई ग्रामीणों को लहुलुहान कर दिया था। इस दौरान ग्रामीणों ने अदम्य साहस का परिचय देते हुए न केवल अपनी जान बचाई, बल्कि तेंदुए को काबू कर वन विभाग के सुपुर्द किया था। घायलों को मिली राहत वन विभाग की ओर से त्वरित कार्रवाई करते हुए सभी घायलों को 10-10 हजार रुपये के चेक प्रदान किए गए। सहायता राशि प्राप्त करने वालों में मुख्य रूप से बेला गांव के निवासी बबलू, रामनरेश, पिंकी और अरविंद कुमार शामिल हैं। मौके पर मौजूद रहे अधिकारी चेक वितरण के दौरान वन क्षेत्रीय अधिकारी अंकित सिंह ने ग्रामीणों को सुरक्षा के प्रति आश्वस्त किया। इस अवसर पर वनरक्षक भूपेंद्र सिंह और डिप्टी रेंजर मनोज कुमार यादव भी मुख्य रूप से मौजूद रहे। अधिकारियों ने ग्रामीणों से अपील की कि वे वन क्षेत्र के आस-पास सतर्क रहें और किसी भी वन्यजीव की हलचल होने पर तुरंत विभाग को सूचित करें।2
- Post by संदीप कुमार शर्मा1
- लखीमपुर खीरी जनपद में अचानक बदले मौसम ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया। तेज आंधी, भारी बारिश और ओलावृष्टि के चलते खेतों में खड़ी गेहूं और सरसों की फसल बुरी तरह प्रभावित हुई है। खासकर ब्लॉक बिजुआ के रामालक्षना, राजगढ़ और गदियाना क्षेत्रों में ओलों की मार से फसलें जमीन पर बिछ गईं, जिससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है। किसानों का कहना है कि इस प्राकृतिक आपदा ने उनकी कमर तोड़ दी है। कई किसानों की पूरी फसल बर्बाद हो गई है, जिससे उनके सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। अन्नदाता इस समय बेहद कठिन परिस्थितियों से गुजर रहे हैं और शासन-प्रशासन से मदद की उम्मीद लगाए बैठे हैं। स्थानीय लोगों और किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द नुकसान का सर्वे कराया जाए और प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा दिया जाए, ताकि उन्हें इस संकट से राहत मिल सके।1
- "ये इंडिया नहीं है, नेपाल है. पानी डाल साफ़ करो" इन गुटका खोरों ने भारत की अंतरराष्ट्रीय बेइज्जती कराई है नेपाली पुलिसकर्मी ने इन लोगों को गुटखा थूकते सड़क पर देख लिया फिर कहा- आप लोग इतने बड़े देश 'इंडिया' से आये हो और ऐसा काम कर रहे हो1