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गर्रा रेलवे ओवर ब्रिज के लोकार्पण से शहर को यातायात में बड़ी राहत मिली है। कैबिनेट मंत्री उदय प्रताप सिंह ने इस ब्रिज का शुभारंभ किया, इस दौरान सांसद, जनप्रतिनिधि और अधिकारी भी उपस्थित रहे।
Samarpit sahu
गर्रा रेलवे ओवर ब्रिज के लोकार्पण से शहर को यातायात में बड़ी राहत मिली है। कैबिनेट मंत्री उदय प्रताप सिंह ने इस ब्रिज का शुभारंभ किया, इस दौरान सांसद, जनप्रतिनिधि और अधिकारी भी उपस्थित रहे।
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- बालाघाट जिले के वारासिवनी में ट्रेडिंग के नाम पर स्थानीय निवासियों से करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। पीड़ितों ने एकजुट होकर पुलिस अधीक्षक बालाघाट से आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने और उनकी संपत्ति कुर्क करने की मांग की है। यह घटना लाँजी और किरनापुर के बहुचर्चित डबलमनी कांड के बाद ट्रेडिंग के नाम पर हुई एक और बड़ी महाठगी है। शिकायत के अनुसार, मुख्य आरोपी ग्राम वारा निवासी रिजवान अली उर्फ राजा अली, उसका भाई फरहान अली और मुद्दसर कुरैशी हैं। इन्होंने नगर के स्थानीय लोगों को झांसा दिया कि वे ट्रेडिंग का काम करते हैं और निवेशकों को हर महीने न्यूनतम पाँच प्रतिशत ब्याज तथा ₹10,000 के सदस्यता शुल्क पर भारी मुनाफे का लालच दिया। विश्वास जीतने के लिए आरोपियों ने एक फर्जी मोबाइल ऐप भी बनाया, जिस पर वे लोगों को झूठा मुनाफा दिखाते थे। पीड़ितों ने बताया कि आरोपियों ने ज्यादातर रकम नकद में जमा करवाई। कुछ महीनों तक मुनाफा देने के बाद अचानक आरोपियों ने भुगतान बंद कर दिया। जब पीड़ितों ने अपने पैसे मांगे, तो आरोपियों ने खुद को ग्यारंटर बताते हुए तकनीकी दिक्कत का बहाना बनाया। पिछले पाँच महीनों से कोई राशि नहीं दी गई है, और अब आरोपियों ने अपने व्हाट्सएप ग्रुप भी बंद कर दिए हैं तथा पैसे मांगने पर पीड़ितों को जान से मारने की धमकी दे रहे हैं। पीड़ितों ने यह भी आशंका जताई है कि आरोपी विदेश भाग सकते हैं, क्योंकि वे पहले दुबई जा चुके हैं, वहाँ संपत्तियां खरीदने का दावा करते रहे हैं, और उनके पास पासपोर्ट भी हैं। पीड़ितों ने पुलिस प्रशासन से उक्त तीनों आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी और उनसे अपने रुपये वापस दिलाने की मांग की है।1
- कलेक्टर नेहा मीना एक जनकल्याण शिविर में पहुंचीं, जहाँ उन्होंने अधिकारियों को समस्याओं के त्वरित निराकरण के निर्देश दिए।1
- सीवनी में डंप यार्ड में जमा कचरा एक गंभीर समस्या बन गया है, जहाँ अक्सर कचरे में आग लगा दी जाती है। इस आग से निकलने वाला जहरीला धुआँ वायु प्रदूषण फैला रहा है, जिससे आसपास के लगभग एक दर्जन गांवों के ग्रामीणों को लगातार बदबू और प्रदूषित वातावरण का सामना करना पड़ रहा है। इसके अतिरिक्त, डंप यार्ड में पनपने वाली मक्खियों और अन्य कीटों ने ग्रामीणों की परेशानी बढ़ा दी है, जिससे उनमें बीमारियों का खतरा लगातार बना हुआ है। इस पूरे मामले पर कांग्रेस के पार्षद और प्रवक्ता नगर पालिका के कार्यकारी अध्यक्ष को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। दूसरी ओर, नगर पालिका के सीएमओ ने बताया है कि कचरा प्रबंधन के लिए टेंडर प्रक्रिया जारी है और आवश्यक मशीनरी की व्यवस्था की जा रही है। उनका दावा है कि अगले दो से तीन महीनों में कचरे का पृथक्करण और उसके वैज्ञानिक निस्तारण की व्यवस्था शुरू कर दी जाएगी। वहीं, भाजपा विधायक ने भी इसे अधिकारियों की लापरवाही का परिणाम बताया है और जल्द समाधान का आश्वासन दिया है। फिलहाल, डंप यार्ड में जमा कचरा और उससे फैल रहा प्रदूषण सीवनी शहरवासियों के साथ-साथ आसपास के एक दर्जन गांवों के ग्रामीणों के लिए एक विकट समस्या बना हुआ है। बदबू, गंदगी और बीमारियों के खतरे के बीच, लोग प्रशासन से तत्काल और प्रभावी कार्रवाई की उम्मीद कर रहे हैं।1
- अपने भारत देश की मौजूदा स्थिति पर गहरा कटाक्ष करते हुए यह टिप्पणी की गई है कि जहाँ बलात्कारी लोग संसद में पहुँच गए हैं, वहीं शिक्षा का दान देने वाले शिक्षक जेल में बंद हैं। इस तीखे अवलोकन के माध्यम से देश में व्याप्त अन्याय और विरोधाभास पर प्रकाश डाला गया है। आगे कहा गया है कि जहाँ एक पेड़ माँ के नाम पर है, वहीं पूरा जंगल टाटा और अडानी जैसे बड़े घरानों के नाम कर दिया गया है, जो संसाधनों के बँटवारे में असमानता को दर्शाता है।1
- रीडर माधव प्रसाद को 20 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ पकड़ा गया है। इस मामले में कार्रवाई करते हुए कलेक्टर ने माधव प्रसाद को निलंबित कर दिया है।1
- मंडला जिले के विकासखंड बीजाडांडी अंतर्गत ग्राम लावर मुड़िया निवासी श्रीमती गीता तेकाम ने कृषि को सफल व्यवसाय में बदलकर आत्मनिर्भरता की मिसाल पेश की है। एम.ए. शिक्षित गीता ने नौकरी के पारंपरिक विकल्पों को छोड़ आधुनिक एवं प्राकृतिक कृषि को अपना लक्ष्य बनाया, जिससे वे पूरे क्षेत्र के किसानों के लिए एक आदर्श बन गई हैं। उनकी इस सफलता में कृषि विभाग और आत्मा परियोजना का महत्वपूर्ण योगदान रहा। सहायक तकनीकी प्रबंधक मोहित गोल्हानी के मार्गदर्शन में गीता तेकाम ने चिया सीड और किनोवा जैसी उच्च मूल्य वाली सुपरफूड फसलों की खेती शुरू की। उन्होंने रासायनिक उर्वरकों का त्याग कर जीवामृत और घनजीवामृत जैसे जैविक खादों को अपनाया, जिससे खेती की लागत कम हुई और भूमि की उर्वरा शक्ति भी बढ़ी। सीमित संसाधनों के बावजूद, उनके बेहतर प्रबंधन से कुल सकल आय 4 लाख 6 हजार 850 रुपये रही। इसमें से 1 लाख 4 हजार रुपये की लागत घटाने के बाद उन्हें 3 लाख 2 हजार 850 रुपये का शुद्ध वार्षिक लाभ प्राप्त हुआ। उनकी कार्यकुशलता को देखते हुए, उन्हें नेशनल मिशन ऑन नेचुरल फार्मिंग के तहत 'कृषि सखी' के रूप में चुना गया है। वर्तमान में, वे क्षेत्र के लगभग 125 किसानों को प्राकृतिक खेती का प्रशिक्षण भी दे रही हैं। अपने उत्कृष्ट कार्यों के लिए उन्हें जिला स्तरीय प्रगतिशील महिला कृषक सम्मान से भी सम्मानित किया जा चुका है। गीता तेकाम आज ग्रामीण महिला शक्ति का एक सशक्त प्रतीक हैं, जो आत्मविश्वास के साथ भारतीय कृषि को एक नई दिशा प्रदान कर रही हैं और जिला के लिए प्रेरणा बन चुकी हैं।1
- बालाघाट जिले के सरदार पटेल पैरामेडिकल कॉलेज एक बार फिर विवादों में घिर गया है। कॉलेज के सैकड़ों विद्यार्थियों ने अपनी छात्रवृत्ति के लिए गुहार लगाई है, जो उन्हें पिछले तीन साल से नहीं मिली है। बताया गया है कि इस समस्या से लगभग 300 से 400 छात्र प्रभावित हैं।1
- एडीएम कार्यालय में लोकायुक्त ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए एक रीडर को 20 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई लोकायुक्त द्वारा बिछाए गए एक बड़े ट्रैप का हिस्सा थी, जिसके माध्यम से भ्रष्टाचार के खिलाफ यह गिरफ्तारी की गई।1
- मंडला जिले की ककैया पंचायत में कथित घटिया निर्माण कार्यों, रेत के अवैध खनन और शासकीय राशि के उपयोग में अनियमितताओं को लेकर ग्रामीणों में भारी नाराजगी देखी जा रही है। इन्हीं आरोपों की शिकायत लेकर ग्रामीण सीधे कलेक्टर कार्यालय पहुंचे, जहाँ उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। ग्रामीणों का आरोप है कि पंचायत में करवाए गए निर्माण कार्यों में गुणवत्ता का बिल्कुल ध्यान नहीं रखा गया है। इसके साथ ही, ग्रामीणों ने पंचायत के उपसरपंच पर रेत के अवैध खनन में शामिल होने के गंभीर आरोप भी लगाए हैं। उनका यह भी कहना है कि पंचायत में विभिन्न विकास कार्यों पर खर्च की गई सरकारी राशि का कोई स्पष्ट हिसाब-किताब नहीं दिया जा रहा है, जिससे पंचायत की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। ग्रामीणों ने जोर देकर कहा कि जांच के बाद ही पूरे मामले की सच्चाई सामने आ पाएगी और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। फिलहाल, ग्रामीणों की इस शिकायत के बाद प्रशासन की ओर से क्या कदम उठाए जाते हैं, इस पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।1