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गुरुवार अलसुबह 4 बजे नीमताल पर एक न्यायाधीश की कार और एक स्कार्पियो के बीच जोरदार भिड़ंत हो गई। इस भीषण टक्कर में न्यायाधीश का गार्ड घायल हो गया, वहीं स्कार्पियो का एक पहिया भी टूट गया। घटना के बाद कोतवाली पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है।
Vinod Mehra
गुरुवार अलसुबह 4 बजे नीमताल पर एक न्यायाधीश की कार और एक स्कार्पियो के बीच जोरदार भिड़ंत हो गई। इस भीषण टक्कर में न्यायाधीश का गार्ड घायल हो गया, वहीं स्कार्पियो का एक पहिया भी टूट गया। घटना के बाद कोतवाली पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है।
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- विदिशा में शिक्षा विभाग में 42 वर्षों तक सहायक शिक्षक के रूप में सेवा देने वाले सेवानिवृत्त डॉ. उमेश चंद्र गुप्ता अपने ही हक के भुगतान के लिए सत्याग्रह पर उतर आए हैं। उनका आरोप है कि सेवानिवृत्ति के छह माह बीत जाने के बाद भी उन्हें क्रमोन्नति, एरियर और अन्य देय लाभों का पूरा भुगतान नहीं मिला है। डॉ. गुप्ता का कहना है कि वे सेवानिवृत्ति के बाद से लगातार जिला शिक्षा अधिकारी और बीईओ कार्यालयों के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन उन्हें केवल आश्वासन ही मिल रहा है। इस परेशानी के चलते उन्होंने गांधीवादी तरीके से अपना विरोध शुरू किया है। अपने विरोध के अनोखे अंदाज में उन्होंने कलेक्ट्रेट की परिक्रमा की, अधिकारियों और कर्मचारियों को गुलाब का फूल भेंट कर उनके कर्तव्यों की याद दिलाई, और पंपलेट बांटकर अपनी अपील लोगों तक पहुंचाई। इस पूरे मामले पर जिला शिक्षा अधिकारी एस.पी. जाटव का कहना है कि संबंधित भुगतान बीईओ कार्यालय स्तर से किया जाना है। उन्होंने यह भी दावा किया कि सेवा पुस्तिका के आधार पर अर्जित अवकाश का पूरा भुगतान पहले ही किया जा चुका है। वहीं, डॉ. गुप्ता ने चेतावनी दी है कि यदि 6 जुलाई तक उन्हें उनका बकाया भुगतान नहीं किया गया, तो वे आमरण अनशन शुरू कर देंगे। फिलहाल, शिक्षक की अन्य मांगों पर प्रशासन की अगली कार्रवाई का सभी को इंतजार है।4
- Post by Curo1
- एक व्यक्ति ने अपनी गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा है कि वे (लोग) सोच-सोचकर दीवाने हो जाएंगे और अंततः बर्बाद हो जाएंगे। उन्होंने इस स्थिति पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए यह भी स्पष्ट किया कि वह इसका जवाब देता है।1
- रायसेन जिले में 'स्कूल रेडीनेस मेला-2' का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया, जिसमें जिले के सभी 61 सेक्टरों और 1800 से अधिक आंगनवाड़ी केंद्रों पर यह कार्यक्रम सम्पन्न हुआ। कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा ने स्वयं वार्ड क्रमांक 13 की एक आंगनवाड़ी में पहुंचकर संवाद किया। इस खबर को दूरदर्शन मध्य प्रदेश पर रायसेन जिला संवाददाता विनीत माहेश्वरी द्वारा दिखाया गया।1
- रायसेन जिले के सभी आंगनवाड़ी केंद्रों में स्कूल रेडीनेस मेला-2 का सफल आयोजन किया गया, जिसमें एक माह की मेहनत के पीछे माताओं की भूमिका निर्णायक रही। कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा रायसेन नगर के वार्ड क्रमांक-13 में स्थित आंगनवाड़ी केंद्र-04 में इस मेले में शामिल हुए और बच्चों के साथ आत्मीय संवाद किया। कलेक्टर विश्वकर्मा ने बच्चों की विभिन्न शिक्षण एवं रचनात्मक गतिविधियों का अवलोकन कर उनका उत्साहवर्धन किया और आंगनवाड़ी केंद्र की व्यवस्थाओं का भी निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि प्रारंभिक बाल्यावस्था बच्चों के बौद्धिक, मानसिक एवं सामाजिक विकास की सबसे महत्वपूर्ण अवस्था होती है। उनके अनुसार, स्कूल रेडीनेस मेला बच्चों को विद्यालयीन वातावरण से परिचित कराने और उन्हें खेल-खेल में सीखने के लिए प्रेरित करने का एक प्रभावी माध्यम है, जिससे रचनात्मक गतिविधि आधारित शिक्षण से बच्चों में सीखने की रुचि बढ़ती है और उनका सर्वांगीण विकास सुनिश्चित होता है। इस दौरान उन्होंने बच्चों से उनका नाम, पसंदीदा विषय और आंगनवाड़ी में होने वाली गतिविधियों के बारे में चर्चा की, जिस पर बच्चों ने भी पूरे उत्साह से जानकारी दी। बच्चों के उत्साह से प्रभावित होकर कलेक्टर विश्वकर्मा ने उनकी सराहना की और महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों तथा आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को निर्देश दिए कि प्रत्येक बच्चे के शारीरिक, मानसिक और बौद्धिक विकास पर विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने इसे गुणवत्तापूर्ण प्रारंभिक शिक्षा, पोषण और सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने की सामूहिक जिम्मेदारी बताया। साथ ही, उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे बच्चों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करें और घर पर भी उनके सीखने में सहयोग करें। मेले में बच्चों के लिए खेल आधारित शिक्षण तथा अन्य मनोरंजक गतिविधियों का आयोजन किया गया। इस अभियान के तहत, जिले में 5-6 वर्ष आयु के हजारों बच्चों का पाँच विकास क्षेत्रों – भाषा, संख्या ज्ञान, संज्ञानात्मक क्षमता, शारीरिक विकास तथा सामाजिक-भावनात्मक कौशल – में पुनः आकलन किया गया। 26 मई को आयोजित पहले मेले की तुलना में उनकी प्रगति को व्यक्तिगत रिपोर्ट कार्ड में दर्ज कर अभिभावकों को सौंपा गया, जिसके बाद जिले भर में एक माह तक चले माता सहभागिता कार्यक्रम के बाद बच्चों में उल्लेखनीय विकास देखा गया है।3
- सिया और उसके प्रेमी चेतन पर एक परिवार से उनका बेटा छीनने का आरोप लगाया गया है। पोस्ट में इन दोनों को 'शैतान' कहकर संबोधित किया गया है, जिन पर एक परिवार को उसके बेटे से वंचित करने का गंभीर आरोप है।1
- विदिशा के गंजबासौदा थाना देहात पुलिस ने ग्राम गमाकर में हुए एक जानलेवा हमले और लूट की गंभीर घटना का मात्र 24 घंटे के भीतर सफल खुलासा किया है। इस कार्रवाई में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया और उनके कब्जे से ₹35 हजार कीमत का लूटा गया सामान (मशर्रुका) बरामद किया गया। यह कार्रवाई विदिशा पुलिस अधीक्षक श्री रोहित काशवानी के निर्देशन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. प्रशांत चौबे तथा एसडीओपी गंजबासौदा श्रीमती शिखा भलावी के मार्गदर्शन में हुई। यह घटना 01 जुलाई 2026 को ग्राम गमाकर में घटित हुई थी, जिसके बाद थाना देहात गंजबासौदा में अपराध क्रमांक 293/2026 के तहत धारा 309(6), 331(7) एवं 317(2) बी.एन.एस. के अंतर्गत प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना शुरू की गई। घटना की गंभीरता को देखते हुए एक विशेष पुलिस टीम का गठन किया गया, जिसने घटनास्थल और आसपास के क्षेत्रों में लगे 110 से अधिक सीसीटीवी कैमरों के फुटेज का बारीकी से विश्लेषण किया। तकनीकी साक्ष्यों और विश्वसनीय मुखबिरों से मिली सूचनाओं के आधार पर संदिग्धों की पहचान कर पूछताछ की गई, जिसमें आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल किया। उनकी निशानदेही पर ₹10,000 नगद, एक सोने की नाक की लौंग और सोने के कान के टॉप्स बरामद किए गए, जिनकी कुल अनुमानित कीमत ₹35,000 है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में ग्राम गमाकर निवासी छोटू कुशवाह (उम्र 26 वर्ष), और धूसरपुरा, गंजबासौदा निवासी रानू जैन (उम्र 22 वर्ष) तथा शैलेन्द्र जैन (उम्र 27 वर्ष) शामिल हैं। तीनों को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया। इस सराहनीय कार्रवाई में एसडीओपी गंजबासौदा श्रीमती शिखा भावसार के नेतृत्व में थाना प्रभारी निरीक्षक जय कुमार सिंह, निरीक्षक निरपत सिंह लोधी, उनि राधेश्याम यादव, उनि दिव्या पराशर, प्रधान आरक्षक दिव्यक्रांति, सुरेश, राजकुमार, अभिलाख यादव, वीरेंद्र तिवारी, और आरक्षक रामनिवास मीना, शर्मन शाहू, अभिषेक शुक्ला, सत्येंद्र तोमर, राहुल, मनोज, अजय तथा राकेश की उल्लेखनीय भूमिका रही। पुलिस टीम की सतर्कता, त्वरित कार्रवाई, तकनीकी विवेचना और प्रभावी टीमवर्क के कारण ही इस गंभीर घटना का इतने कम समय में खुलासा हो सका।2
- गुरुवार अलसुबह करीब 4 बजे विदिशा के नीमताल क्षेत्र में एक न्यायाधीश की कार और एक स्कॉर्पियो वाहन के बीच भीषण टक्कर हो गई। यह भिड़ंत इतनी जोरदार थी कि स्कॉर्पियो का एक पहिया टूटकर अलग हो गया। इस हादसे में न्यायाधीश के सुरक्षा गार्ड को चोटें आई हैं। घटना के तुरंत बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया, जिसके बाद घायल गार्ड को उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया। कोतवाली पुलिस ने इस मामले में प्रकरण दर्ज कर दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, यह हादसा तेज रफ्तार या लापरवाही के चलते हुआ बताया जा रहा है, हालांकि वास्तविक कारण पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।2