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नादावां गांव में स्वर्गीय विवेका सिंह की पहली पुण्यतिथि के अवसर पर एक भव्य दंगल का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में आसपास के कई गांवों और जिलों से नामी पहलवानों ने भाग लिया। दंगल देखने के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीणों की भीड़ उमड़ी, जिससे माहौल उत्साहपूर्ण हो गया।
JMBNEWS
नादावां गांव में स्वर्गीय विवेका सिंह की पहली पुण्यतिथि के अवसर पर एक भव्य दंगल का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में आसपास के कई गांवों और जिलों से नामी पहलवानों ने भाग लिया। दंगल देखने के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीणों की भीड़ उमड़ी, जिससे माहौल उत्साहपूर्ण हो गया।
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- Post by JMBNEWS1
- मोकामा पश्चिम… जहां 4 सालों तक विकास की रफ्तार थमी रही… लेकिन अब तस्वीर बदलती नजर आ रही है। इस बदलाव के केंद्र में हैं—कुमार नवनीत हिमांशु। कभी योजनाओं की कमी… तो कभी राजनीतिक मतभेद… मोकामा पश्चिम क्षेत्र विकास से अछूता रहा। लेकिन कुमार नवनीत हिमांशु ने एक साल के अंदर हालात बदलने का संकल्प लिया और लगातार क्षेत्र में सक्रिय रहे। बताया जाता है कि पहले जिला परिषद अध्यक्ष का कुमार नवनीत हिमांशु उर्फ मोहित पासवान के साथ तालमेल सही नहीं रहने के कारण कई योजनाएं अटक गई थीं… जिससे जनता को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। लेकिन अब हालात बदल चुके हैं… लंबे संघर्ष के बाद कुमारी स्तुति के नेतृत्व में नया समीकरण बना… और अब करोड़ों करोड़ की योजनाएं तेजी से जमीन पर उतर रही हैं। सड़क, नाली, पेयजल और अन्य बुनियादी सुविधाओं पर काम शुरू हो चुका है… और कुमार नवनीत हिमांशु लगातार क्षेत्र में विकास कार्यों को आगे बढ़ाने में जुटे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि अब क्षेत्र में काम दिखने लगा है और विकास की रफ्तार तेज हुई है। अब सवाल ये है कि क्या ये रफ्तार आगे भी बनी रहेगी… और क्या मोकामा पश्चिम विकास की नई मिसाल बन पाएगा? फिलहाल बदलाव की शुरुआत हो चुकी है… और नजरें टिकी हैं आने वाले समय पर।”1
- समस्तीपुर जिला के मोहिउद्दीन नगर थाना क्षेत्र अंतर्गत चापर निवासी समीर कुमार सिंह की 14 वर्षीय पुत्री श्रुति कुमारी की मौत चिकित्सकों की लापरवाही से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मोहिउद्दीन नगर में हो जाती है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार कोचिंग जाने के क्रम में हरैल रोड में ट्रैक्टर से धक्का लगने के कारण घायल हो जाती है जिसके बाद उसे परिजनों के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मोहिउद्दीन नगर लाया जाता है जहां मौके पर मौजूद डॉक्टर दिया बलराज ने इलाज में लापरवाही करते हुए लगभग 4 घंटे तक उसे बच्ची को अस्पताल में रोक रखी जिस वजह से बच्चे ने दम तोड़ दिया आखिर इसका जिम्मेवार कौन।1
- पटना /बख्तियारपुर। शहर के मुख्य मार्गों पर लंबे समय से अतिक्रमण की शिकायतों को लेकर नगर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए एक बार फिर बुलडोजर कार्रवाई शुरू कर दी है। बख्तियारपुर नगर परिषद ने थाना प्रशासन के सहयोग से स्टेशन रोड से लेकर पुरानी बाईपास तक अतिक्रमण हटाने का अभियान चलाया। इससे पहले भी पुरानी बाईपास क्षेत्र में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई थी, लेकिन एक बार फिर सड़कों पर अवैध कब्जे बढ़ने की शिकायत मिलने पर प्रशासन हरकत में आया। अभियान के दौरान सड़क किनारे लगे अस्थायी दुकानों, ठेलों और अन्य अतिक्रमण को हटाया गया। हालांकि इस कार्रवाई को लेकर स्थानीय दुकानदारों में नाराजगी भी देखने को मिली। दुकानदारों का आरोप है कि अतिक्रमण हटाने से पहले न तो स्पष्ट रूप से डीमार्केशन किया गया और न ही किसी प्रकार का लिखित नोटिस दिया गया। उनका कहना है कि कुछ समय पहले नगर परिषद द्वारा नाले के किनारे बैरिकेडिंग कराई गई थी, जिसे अब खुद अतिक्रमण बताकर हटा दिया गया। इस पर लोगों ने सवाल उठाते हुए कहा कि क्या यह संसाधनों की बर्बादी नहीं है। वहीं नगर प्रबंधक मोहित कुमार दुबे ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि नगर परिषद द्वारा पहले ही माइकिंग कराकर लोगों को अतिक्रमण हटाने की सूचना दी जा चुकी थी। उन्होंने बताया कि यह कार्रवाई डीएम पटना के निर्देश पर पूरे जिले में चलाए जा रहे अतिक्रमण हटाओ अभियान के तहत की जा रही है। नगर प्रशासन का कहना है कि शहर को जाम और अव्यवस्था से मुक्त करने के लिए यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।1
- Post by DEEPAK Kumar1
- Post by सन ऑफ पासवान राजकुमार1
- Post by Dheeraj Kumar1
- पटना /बख्तियारपुर। शहर के मुख्य मार्गों पर लंबे समय से अतिक्रमण की शिकायतों को लेकर नगर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए एक बार फिर बुलडोजर कार्रवाई शुरू कर दी है। बख्तियारपुर नगर परिषद ने थाना प्रशासन के सहयोग से स्टेशन रोड से लेकर पुरानी बाईपास तक अतिक्रमण हटाने का अभियान चलाया। इससे पहले भी पुरानी बाईपास क्षेत्र में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई थी, लेकिन एक बार फिर सड़कों पर अवैध कब्जे बढ़ने की शिकायत मिलने पर प्रशासन हरकत में आया। अभियान के दौरान सड़क किनारे लगे अस्थायी दुकानों, ठेलों और अन्य अतिक्रमण को हटाया गया। हालांकि इस कार्रवाई को लेकर स्थानीय दुकानदारों में नाराजगी भी देखने को मिली। दुकानदारों का आरोप है कि अतिक्रमण हटाने से पहले न तो स्पष्ट रूप से डीमार्केशन किया गया और न ही किसी प्रकार का लिखित नोटिस दिया गया। उनका कहना है कि कुछ समय पहले नगर परिषद द्वारा नाले के किनारे बैरिकेडिंग कराई गई थी, जिसे अब खुद अतिक्रमण बताकर हटा दिया गया। इस पर लोगों ने सवाल उठाते हुए कहा कि क्या यह संसाधनों की बर्बादी नहीं है। वहीं नगर प्रबंधक मोहित कुमार दुबे ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि नगर परिषद द्वारा पहले ही माइकिंग कराकर लोगों को अतिक्रमण हटाने की सूचना दी जा चुकी थी। उन्होंने बताया कि यह कार्रवाई डीएम पटना के निर्देश पर पूरे जिले में चलाए जा रहे अतिक्रमण हटाओ अभियान के तहत की जा रही है। नगर प्रशासन का कहना है कि शहर को जाम और अव्यवस्था से मुक्त करने के लिए यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।1