सावरी आहता मौलाना तौसीफ मज़हरी की हत्या मामले में सीबीआई जांच की मांग, सौपा ज्ञापन पूरनपुर ,पीलीभीत।बरेली में मौलाना तौसीफ मज़हरी के साथ ट्रेन में मारपीट कर चलती ट्रेन से फेककर हत्या, बरेली पुलिस पर मामला दवाने को लेकर मुस्लिम समुदाय में भारी आक्रोश देखने को मिला। इस मामले में रेल मंत्री भारत सरकार, नई दिल्ली को संबोधित ज्ञापन तहसीलदार आशीष कुमार गुप्ता पूरनपुर को मोहल्ला खानकाह में स्थित सावरी आहता गेट पर सौंपकर सीबीआई जांच की मांग की गई है। ज्ञापन में बताया गया कि किशनगंज (बिहार) निवासी मौलाना तौसीफ मज़हरी 26 अप्रैल 2026 को ट्रेन संख्या 04314 से सफर कर रहे थे। यात्रा के दौरान उन्होंने अपनी पत्नी को फोन कर बताया था कि उन पर हमला हुआ है और वह जान बचाने की गुहार लगा रहे थे। इसके कुछ समय बाद उनका संपर्क पूरी तरह टूट गया। बाद में उनका शव बरेली कैंट के पास रेलवे ट्रैक के किनारे पड़ा मिला और बरेली पुलिस ने मामला दबाने का प्रयास किया। बरेली पुलिस की संदिग्ध कार्रवाई को लेकर भी मुस्लिम समुदाय के लोगों में रोष व्याप्त है। वही परिजनों का आरोप है कि यह कोई साधारण हादसा नहीं बल्कि गंभीर आपराधिक घटना है। ज्ञापन में दोषियों की जल्द गिरफ्तार कर फांसी की सजा व परिवार को सम्मानजनक मुआवजा तथा रेलवे यात्रियों की सुरक्षा के लिए सख्त और प्रभावी इंतजाम लागू करने और बरेली पुलिस की कार्रवाई को लेकर स्पष्टीकरण की मांग करते दोषियों को गिरफ्तार कर फांसी की सजा की मांग की है।
सावरी आहता मौलाना तौसीफ मज़हरी की हत्या मामले में सीबीआई जांच की मांग, सौपा ज्ञापन पूरनपुर ,पीलीभीत।बरेली में मौलाना तौसीफ मज़हरी के साथ ट्रेन में मारपीट कर चलती ट्रेन से फेककर हत्या, बरेली पुलिस पर मामला दवाने को लेकर मुस्लिम समुदाय में भारी आक्रोश देखने को मिला। इस मामले में रेल मंत्री भारत सरकार, नई दिल्ली को संबोधित ज्ञापन तहसीलदार आशीष कुमार गुप्ता पूरनपुर को मोहल्ला खानकाह में स्थित सावरी आहता गेट पर सौंपकर सीबीआई जांच की मांग की गई है। ज्ञापन में बताया गया कि किशनगंज (बिहार) निवासी मौलाना तौसीफ मज़हरी 26 अप्रैल 2026 को ट्रेन संख्या 04314 से सफर कर रहे थे। यात्रा के दौरान उन्होंने अपनी पत्नी को फोन कर बताया था कि उन पर हमला हुआ है और वह जान बचाने की गुहार लगा रहे थे। इसके कुछ समय बाद उनका संपर्क पूरी तरह टूट गया। बाद में उनका शव बरेली कैंट के पास रेलवे ट्रैक के किनारे पड़ा मिला और बरेली पुलिस ने मामला दबाने का प्रयास किया। बरेली पुलिस की संदिग्ध कार्रवाई को लेकर भी मुस्लिम समुदाय के लोगों में रोष व्याप्त है। वही परिजनों का आरोप है कि यह कोई साधारण हादसा नहीं बल्कि गंभीर आपराधिक घटना है। ज्ञापन में दोषियों की जल्द गिरफ्तार कर फांसी की सजा व परिवार को सम्मानजनक मुआवजा तथा रेलवे यात्रियों की सुरक्षा के लिए सख्त और प्रभावी इंतजाम लागू करने और बरेली पुलिस की कार्रवाई को लेकर स्पष्टीकरण की मांग करते दोषियों को गिरफ्तार कर फांसी की सजा की मांग की है।
- Post by समाचार Crime News1
- पीलीभीत। जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गांधी सभागार में श्रृमवीर गौरव समारोह का आयोजन किया गया जिसमें लखनऊ से लाईव प्रसारण भी देखा गया इस दौरान श्रृमिकों को डीएम ने प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया।1
- दुर्गाबती चौक1
- घाटमपुर में त्रिवेणी घाट से शुरू हुआ गोमती पुनरुद्धार अभियान जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने फावड़ा चलाकर किया शुभारंभ जिला पीलीभीत घुंघचाई। गोमती नदी के पुनरुद्धार अभियान के तहत घाटमपुर स्थित त्रिवेणी घाट पर शनिवार को जनप्रतिनिधियों और अफसरों ने फावड़ा से गोमती नदी की खोदाई कर कार्य का शुभारंभ किया। जिलाधिकारी व जनप्रतिनिधियों ने लोगों की समस्याओं को सुनकर मौके पर मौजूद अधिकारियों को निर्देशित किया। माधोटांडा उद्गम स्थल से निकली गोमती नदी जिले में करीब 47 किमी के दायरे में बहती है। गोमती अपने उद्गम के जिले में ही - दम तोड़ रही है। गोमती नदी 16 ग्राम पंचायतों से होते हुए गुजरती है। अतिक्रमण के चलते गोमती नदी सूखी पड़ी हुई है। नदी की अविरल धारा में बाधा है। बीते दिनों उद्गम स्थल से खोदाई कर अभियान शुरू किया था। शनिवार को पूरनपुर-बंडा हाईवे पर घाटमपुर स्थित त्रिवेणी घाट पर गोमती नदी के पुनरुद्धार अभियान के तहत पूरनपुर विधायक बाबूराम पासवान, जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. दलजीत कौर, डीएम ज्ञानेंद्र सिंह, घाटमपुर में गोमती नदी के त्रिवेणी घाट पर मौजूद डीएम, विधायक, जिला पंचायत अध्यक्ष ने खोदाई कर अभियान का किया शुभारंभ। संवाद सीडीओ राजेंद्र श्रीवास, उपजिलाधिकारी अजीत प्रताप सिंह, डीसी मनरेगा हेमंत यादव और अन्य अफसर पहुंचे। उन्होंने फावड़ा से खोदाई कर कार्य का शुभारंभ किया। जिलाधिकारी ने कहा कि गोमती नदी क्षेत्र की जीवनरेखा है। इसके संरक्षण के बिना सतत विकास संभव नहीं। उन्होंने स्पष्ट किया कि अभियान का उद्देश्य नदी को अविरल और निर्मल बनाना है। अभियान के तहत नदी में सिल्ट को हटाने, जलधारा को गहरा और चौड़ा करने तथा जल प्रवाह को बाधारहित बनाने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इसके साथ ही नदी किनारों की सफाई, अतिक्रमण पर निगरानी और कचरा निष्पादन की व्यवस्था को भी सख्ती से लागू किया जाएगा। जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए कि कार्य निर्धारित समय सीमा में गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा करें। कार्यक्रम में नायब तहसीलदार ऋषिकांत, भाजपा नेता वीरेंद्र प्रताप सिंह ध्रुव, गोमती भक्त लक्ष्मण वर्मा, निर्भय सिंह, प्रधान परमजीत सिंह, राममूर्ति सिंह, प्रधान रामनिवास शर्मा, ठाकुर प्रसाद वर्मा सहित अन्य लोग मौजूद रहे1
- Post by Atma Gandhi1
- खटीमा ऊधम सिंह नगर उत्तराखंड सीएम धामी ने श्री पुर बिछुआ में दी श्रद्धांजलि,जनसमस्याओं के समाधान के लिए अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश।1
- स्लग - खटीमा में स्लैटर हाउस एवं बुचड़खान टेंडर पर बवाल, शिवसेना और भवानी सेना ने लगाए घोर अनियमितता के आरोप। स्थान - खटीमा ऊधम सिंह नगर उत्तराखंड गुड्डू खान खटीमा - खटीमा के इस्लामनगर स्थित तहसील खटीमा में स्लैटर हाउस (बुचड़खान) के टेंडर को लेकर विवाद गहरा गया है। शिवसेना और भवानी सेना के कार्यकर्ताओं ने टेंडर प्रक्रिया में बड़ी धांधली का आरोप लगाते हुए इसे तत्काल निरस्त करने की मांग की है। स्थानीय नेताओं का कहना है कि अगर प्रशासन ने इस पर ठोस कदम नहीं उठाए, तो क्षेत्र की शांति व्यवस्था भंग हो सकती है।शिवसेना नेता बिक्रम बिष्ट और भवानी सेना के कार्यकर्ताओं का आरोप है कि वर्तमान टेंडर प्रक्रिया में नियमों को ताक पर रखा गया है। उन्होंने मांग की है कि इस टेंडर को रद्द कर, स्थानीय दैनिक समाचार पत्रों और कुर्मांचल संस्करणों में विधिवत सूचना प्रकाशित कर नए सिरे से पारदर्शी टेंडर कराए जाए।कार्यकर्ताओं ने बताया कि पिछले वर्ष मांस की दर 250 रुपये प्रति किलो थी। सूत्रों के हवाले से दावा किया गया है कि नए टेंडर के बाद मीट की कीमत 360 रुपये प्रति किलो तक जा सकती है, जो स्थानीय जनता की जेब पर अतिरिक्त बोझ डालेगी।विरोध कर रहे संगठनों का कहना है कि स्लैटर हाउस का 80 प्रतिशत मीट बरेली भेजने की योजना है, जबकि केवल 20 प्रतिशत ही खटीमा में उपलब्ध होगा। इससे स्थानीय आपूर्ति प्रभावित होगी और जनता में असंतोष बढ़ेगा।कार्यकर्ताओं ने मांग रखी है कि जानवरों का कटान अनिवार्य रूप से मवेशी डॉक्टरों और प्रशासन की सीधी देखरेख में हो। केवल वैध और स्वास्थ्य परीक्षण में पास जानवरों को ही काटने की अनुमति दी जाए। शिव सेना के बिक्रम बिष्ट ने चेतावनी दी है कि इस विवादित टेंडर से क्षेत्र में तनाव बढ़ सकता है । उन्होंने प्रशासन से अपील की है कि स्थानीय लोगों को रोजगार मिले और प्रक्रिया न्यायपूर्ण हो।फिलहाल, इन संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि टेंडर तत्काल निरस्त नहीं किया गया, तो वे बड़े आंदोलन के लिए मजबूर होंगे। अब देखना यह है कि प्रशासन इन गंभीर आरोपों पर क्या रुख अपनाता है। बाइट -1 बिक्रम सिंह बिष्ट शिव सेना खटीमा बाइट - 2. गीता गौतम प्रशासनिक अधिकारी खटीमा1
- जंगल में मंगल करते हुए पति ने pakda किया लगाई मार1
- रामगंगा1