खटीमा मे स्लैटर हाउस एवं बूचड़खाना टेंडर पर बवाल,शिवसेना और भवानी सेना ने लगाए घोर अनियमितता के आरोप स्लग - खटीमा में स्लैटर हाउस एवं बुचड़खान टेंडर पर बवाल, शिवसेना और भवानी सेना ने लगाए घोर अनियमितता के आरोप। स्थान - खटीमा ऊधम सिंह नगर उत्तराखंड गुड्डू खान खटीमा - खटीमा के इस्लामनगर स्थित तहसील खटीमा में स्लैटर हाउस (बुचड़खान) के टेंडर को लेकर विवाद गहरा गया है। शिवसेना और भवानी सेना के कार्यकर्ताओं ने टेंडर प्रक्रिया में बड़ी धांधली का आरोप लगाते हुए इसे तत्काल निरस्त करने की मांग की है। स्थानीय नेताओं का कहना है कि अगर प्रशासन ने इस पर ठोस कदम नहीं उठाए, तो क्षेत्र की शांति व्यवस्था भंग हो सकती है।शिवसेना नेता बिक्रम बिष्ट और भवानी सेना के कार्यकर्ताओं का आरोप है कि वर्तमान टेंडर प्रक्रिया में नियमों को ताक पर रखा गया है। उन्होंने मांग की है कि इस टेंडर को रद्द कर, स्थानीय दैनिक समाचार पत्रों और कुर्मांचल संस्करणों में विधिवत सूचना प्रकाशित कर नए सिरे से पारदर्शी टेंडर कराए जाए।कार्यकर्ताओं ने बताया कि पिछले वर्ष मांस की दर 250 रुपये प्रति किलो थी। सूत्रों के हवाले से दावा किया गया है कि नए टेंडर के बाद मीट की कीमत 360 रुपये प्रति किलो तक जा सकती है, जो स्थानीय जनता की जेब पर अतिरिक्त बोझ डालेगी।विरोध कर रहे संगठनों का कहना है कि स्लैटर हाउस का 80 प्रतिशत मीट बरेली भेजने की योजना है, जबकि केवल 20 प्रतिशत ही खटीमा में उपलब्ध होगा। इससे स्थानीय आपूर्ति प्रभावित होगी और जनता में असंतोष बढ़ेगा।कार्यकर्ताओं ने मांग रखी है कि जानवरों का कटान अनिवार्य रूप से मवेशी डॉक्टरों और प्रशासन की सीधी देखरेख में हो। केवल वैध और स्वास्थ्य परीक्षण में पास जानवरों को ही काटने की अनुमति दी जाए। शिव सेना के बिक्रम बिष्ट ने चेतावनी दी है कि इस विवादित टेंडर से क्षेत्र में तनाव बढ़ सकता है । उन्होंने प्रशासन से अपील की है कि स्थानीय लोगों को रोजगार मिले और प्रक्रिया न्यायपूर्ण हो।फिलहाल, इन संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि टेंडर तत्काल निरस्त नहीं किया गया, तो वे बड़े आंदोलन के लिए मजबूर होंगे। अब देखना यह है कि प्रशासन इन गंभीर आरोपों पर क्या रुख अपनाता है। बाइट -1 बिक्रम सिंह बिष्ट शिव सेना खटीमा बाइट - 2. गीता गौतम प्रशासनिक अधिकारी खटीमा
खटीमा मे स्लैटर हाउस एवं बूचड़खाना टेंडर पर बवाल,शिवसेना और भवानी सेना ने लगाए घोर अनियमितता के आरोप स्लग - खटीमा में स्लैटर हाउस एवं बुचड़खान टेंडर पर बवाल, शिवसेना और भवानी सेना ने लगाए घोर अनियमितता के आरोप। स्थान - खटीमा ऊधम सिंह नगर उत्तराखंड गुड्डू खान खटीमा - खटीमा के इस्लामनगर स्थित तहसील खटीमा में स्लैटर हाउस (बुचड़खान) के टेंडर को लेकर विवाद गहरा गया है। शिवसेना और भवानी सेना के कार्यकर्ताओं ने टेंडर प्रक्रिया में बड़ी धांधली का आरोप लगाते हुए इसे तत्काल निरस्त करने की मांग की है। स्थानीय नेताओं का कहना है कि अगर प्रशासन ने इस पर ठोस कदम नहीं उठाए, तो क्षेत्र की शांति व्यवस्था भंग हो सकती है।शिवसेना नेता बिक्रम बिष्ट और भवानी सेना के कार्यकर्ताओं का आरोप है कि वर्तमान टेंडर प्रक्रिया में नियमों को ताक पर रखा गया है। उन्होंने मांग की है कि इस टेंडर को रद्द कर, स्थानीय दैनिक समाचार पत्रों और कुर्मांचल संस्करणों में विधिवत सूचना प्रकाशित कर नए सिरे से पारदर्शी टेंडर कराए जाए।कार्यकर्ताओं ने बताया कि पिछले वर्ष मांस की दर 250 रुपये प्रति किलो थी। सूत्रों के हवाले से दावा किया गया है कि नए टेंडर के बाद मीट की कीमत 360 रुपये प्रति किलो तक जा सकती है, जो स्थानीय जनता की जेब पर अतिरिक्त बोझ डालेगी।विरोध कर रहे संगठनों का कहना है कि स्लैटर हाउस का 80 प्रतिशत मीट बरेली भेजने की योजना है, जबकि केवल 20 प्रतिशत ही खटीमा में उपलब्ध होगा। इससे स्थानीय आपूर्ति प्रभावित होगी और जनता में असंतोष बढ़ेगा।कार्यकर्ताओं ने मांग रखी है कि जानवरों का कटान अनिवार्य रूप से मवेशी डॉक्टरों और प्रशासन की सीधी देखरेख में हो। केवल वैध और स्वास्थ्य परीक्षण में पास जानवरों को ही काटने की अनुमति दी जाए। शिव सेना के बिक्रम बिष्ट ने चेतावनी दी है कि इस विवादित टेंडर से क्षेत्र में तनाव बढ़ सकता है । उन्होंने प्रशासन से अपील की है कि स्थानीय लोगों को रोजगार मिले और प्रक्रिया न्यायपूर्ण हो।फिलहाल, इन संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि टेंडर तत्काल निरस्त नहीं किया गया, तो वे बड़े आंदोलन के लिए मजबूर होंगे। अब देखना यह है कि प्रशासन इन गंभीर आरोपों पर क्या रुख अपनाता है। बाइट -1 बिक्रम सिंह बिष्ट शिव सेना खटीमा बाइट - 2. गीता गौतम प्रशासनिक अधिकारी खटीमा
- खटीमा ऊधम सिंह नगर उत्तराखंड सीएम धामी ने श्री पुर बिछुआ में दी श्रद्धांजलि,जनसमस्याओं के समाधान के लिए अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश।1
- Post by Mr Salim1
- शक्तिफार्म। कृषि विभाग द्वारा जारी आदेश के बाद क्षेत्र में उर्वरक (खाद) वितरण को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। किसान सेवा सहकारी समिति शक्तिफार्म के सचिव को दिये गए पत्र में स्पष्ट किया गया है कि नई व्यवस्था के चलते किसानों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। 23 अप्रैल 2026 को कृषि निदेशालय द्वारा जारी आदेश के तहत यूरिया एवं डीएपी खाद के नियंत्रण, मिश्रण और वितरण की व्यवस्था लागू की गई, लेकिन इसके बाद से किसानों को समय पर पर्याप्त खाद नहीं मिल पा रही है। इससे खेती-किसानी पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है और किसानों में नाराज़गी बढ़ती जा रही है। इसी क्रम में कांग्रेस के ब्लॉक अध्यक्ष उत्तम आचार्य के नेतृत्व में कांग्रेसी कार्यकर्ताओं और किसानों ने संयुक्त रूप से किसान सेवा सहकारी समिति पर तालाबंदी कर सांकेतिक धरना-प्रदर्शन किया।प्रदर्शनकारियों ने सरकार और कृषि विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए आरोप लगाया कि नई व्यवस्था किसानों के हितों के विपरीत है। प्रदर्शन कर रहे किसानों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मांग की कि पूर्व की व्यवस्था को बहाल किया जाए, ताकि किसानों को उनकी आवश्यकता के अनुसार समय पर खाद उपलब्ध हो सके। साथ ही उन्होंने यह भी मांग उठाई कि उर्वरक की मात्रा बढ़ाई जाए, क्योंकि वर्तमान में मिल रही खाद किसानों की खपत के लिए पर्याप्त नहीं है। आंदोलनकारियों ने प्रशासन को महज 15 दिन का समय देते हुए चेतावनी दी कि यदि इस अवधि के भीतर समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो आंदोलन को और उग्र रूप दिया जाएगा। इस दौरान समिति के अध्यक्ष के.पी. मण्डल ने प्रदर्शनकारियों को आश्वासन देते हुए बताया कि उक्त विषय की जानकारी कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा को दे दी गई है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जल्द ही समस्या का समाधान किया जाएगा। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने अपना धरना समाप्त कर दिया। इस मौके पर बलवंत बोहरा, नवतेजपाल सिह,विष्णु तरफदार,महानंद विश्वास,शिव मण्डल,सपना ओझा,सुकुमार चक्रवर्ती,भगवान पांडेय,रविन्द्र वाइन,श्रीकांत मिस्त्री,लक्ष्मी चौधरी,शशि भूषण,विश्वजीत, जगदीश मण्डल,रंजीत मण्डल,सुनील हालदार,विनय विश्वास आदि थे।3
- Post by Sudheer Kumar1
- Post by समाचार Crime News1
- "अगर आज इसे से नहीं बचता... तो खुद को कभी माफ नहीं कर पाता..." "जानवर नहीं यह भी किसी की जिंदगी है..." "इंसानियत दिखाने के लिए बड़ा बनना नहीं... बस दिल बड़ा होना चाहिए..." "आज जो हुआ... वो दिल तोड़ देने वाला था... 💔 एक मासूम बारासिंघा..."कुछ आवारा कुत्तों के बीच बुरी तरह फंसा हुआ था...🥲 वह चीख रहा था... तड़प रहा था... लेकिन कोई उसकी मदद करने वाला नहीं था... अच्छा मुझे पता चला... तो मैं खुद को रोक नहीं पाया... मैंने अपनी जान की परवाह किए बिना... उसे कुत्तों से बचाया... मैं अपने कंधे पर डालकर उसे घर लाया... वह बहुत घायल था... जितना हो सका... मैंने उसका इलाज किया... क्योंकि वो बोल नहीं सकता... लेकिन उसका दर्द मैं समझ सकता था...😌 फिर उसे सुरक्षित वन विभाग को सौंप दिया... याद रखना... इंसान वही है... जो बेजुबानों का दर्द समझे...❤️🙏" #Insaniyat #Seva animals# #real hero #respect #emotional #viral video #wildlife #animal rescue #heart touching #desh bhakti1
- दातागंज में जनगणना की ट्रेनिंग कर रहे शिक्षको के भोजन में बड़ा घोटाला, 200 रुपए के भोजन में सिर्फ ब्रेड पकोड़ा को लेकर बहस का वीडियो वायरल।1
- स्लग - खटीमा में स्लैटर हाउस एवं बुचड़खान टेंडर पर बवाल, शिवसेना और भवानी सेना ने लगाए घोर अनियमितता के आरोप। स्थान - खटीमा ऊधम सिंह नगर उत्तराखंड गुड्डू खान खटीमा - खटीमा के इस्लामनगर स्थित तहसील खटीमा में स्लैटर हाउस (बुचड़खान) के टेंडर को लेकर विवाद गहरा गया है। शिवसेना और भवानी सेना के कार्यकर्ताओं ने टेंडर प्रक्रिया में बड़ी धांधली का आरोप लगाते हुए इसे तत्काल निरस्त करने की मांग की है। स्थानीय नेताओं का कहना है कि अगर प्रशासन ने इस पर ठोस कदम नहीं उठाए, तो क्षेत्र की शांति व्यवस्था भंग हो सकती है।शिवसेना नेता बिक्रम बिष्ट और भवानी सेना के कार्यकर्ताओं का आरोप है कि वर्तमान टेंडर प्रक्रिया में नियमों को ताक पर रखा गया है। उन्होंने मांग की है कि इस टेंडर को रद्द कर, स्थानीय दैनिक समाचार पत्रों और कुर्मांचल संस्करणों में विधिवत सूचना प्रकाशित कर नए सिरे से पारदर्शी टेंडर कराए जाए।कार्यकर्ताओं ने बताया कि पिछले वर्ष मांस की दर 250 रुपये प्रति किलो थी। सूत्रों के हवाले से दावा किया गया है कि नए टेंडर के बाद मीट की कीमत 360 रुपये प्रति किलो तक जा सकती है, जो स्थानीय जनता की जेब पर अतिरिक्त बोझ डालेगी।विरोध कर रहे संगठनों का कहना है कि स्लैटर हाउस का 80 प्रतिशत मीट बरेली भेजने की योजना है, जबकि केवल 20 प्रतिशत ही खटीमा में उपलब्ध होगा। इससे स्थानीय आपूर्ति प्रभावित होगी और जनता में असंतोष बढ़ेगा।कार्यकर्ताओं ने मांग रखी है कि जानवरों का कटान अनिवार्य रूप से मवेशी डॉक्टरों और प्रशासन की सीधी देखरेख में हो। केवल वैध और स्वास्थ्य परीक्षण में पास जानवरों को ही काटने की अनुमति दी जाए। शिव सेना के बिक्रम बिष्ट ने चेतावनी दी है कि इस विवादित टेंडर से क्षेत्र में तनाव बढ़ सकता है । उन्होंने प्रशासन से अपील की है कि स्थानीय लोगों को रोजगार मिले और प्रक्रिया न्यायपूर्ण हो।फिलहाल, इन संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि टेंडर तत्काल निरस्त नहीं किया गया, तो वे बड़े आंदोलन के लिए मजबूर होंगे। अब देखना यह है कि प्रशासन इन गंभीर आरोपों पर क्या रुख अपनाता है। बाइट -1 बिक्रम सिंह बिष्ट शिव सेना खटीमा बाइट - 2. गीता गौतम प्रशासनिक अधिकारी खटीमा1