जिला पंचायत में आयोजित हुई सामान्य सभा की बैठक डिंडौरी : 30 अप्रैल,2026 जिला पंचायत सभाकक्ष में सामान्य सभा की बैठक जिला पंचायत अध्यक्ष श्री रुद्रेश परस्ते की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में 25 मार्च 2026 को आयोजित पूर्व सामान्य सभा बैठक के पालन प्रतिवेदन पर चर्चा की गई। साथ ही विकसित भारत अभियान, जल गंगा संवर्धन अभियान की समीक्षा, मध्यप्रदेश पंचायतराज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम 1993-94 के क्रियान्वयन तथा 15वें एवं 5वें वित्त आयोग के कार्यों की समीक्षा की गई। बैठक में अध्यक्ष श्री रुद्रेश परस्ते ने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के कार्यपालन यंत्री को निर्देश दिए कि वर्षा ऋतु पूर्व सभी पानी की टंकियों एवं जल स्रोतों की साफ-सफाई कराई जाए, ताकि संक्रमण एवं संक्रामक बीमारियों की रोकथाम हो सके। उन्होंने घटिया निर्माण कार्य करने वाले ठेकेदारों को चिन्हित कर ब्लैकलिस्ट करने तथा संपत्ति राजसात करने की कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही जल जीवन मिशन योजना के तहत सभी मजरे-टोलों के प्रत्येक घर तक शत-प्रतिशत पेयजल पहुंचाना सुनिश्चित करने तथा कार्य पूर्ण होने के बाद ही भुगतान करने के निर्देश दिए। f शक्षा विभाग की समीक्षा के दौरान उपाध्यक्ष श्रीमती अंजु व्यौहार ने गुणवत्ताहीन साइकिल वितरण का मुद्दा सदन में उठाया। इस पर मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत ने जिला शिक्षा अधिकारी को निर्देशित किया कि गुणवत्ता परीक्षण के बिना साइकिल वितरण न कराया जाए। खराब साइकिल पाए जाने पर शासन को प्रतिवेदन भेजा जाए तथा उपयुक्त साइकिलों का वितरण जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में समारोहपूर्वक कराया जाए। बैठक में स्वास्थ्य विभाग द्वारा कराए जा रहे निर्माण कार्यों की गुणवत्ता एवं समय पर कार्य पूर्ण न होने की जानकारी विधायक शहपुरा श्री ओमप्रकाश धुर्वे ने दी। इस पर मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने संबंधित ठेकेदारों के विरुद्ध कार्रवाई करने के निर्देश दिए। सामान्य सभा में जनप्रतिनिधियों ने निर्माण कार्यों के लोकार्पण एवं भूमिपूजन की सूचना समय पर नहीं मिलने की बात रखी। इस पर सभी विभागों को निर्देशित किया गया कि कार्यक्रम तय होते ही पत्र एवं दूरभाष के माध्यम से क्षेत्रीय एवं जिला स्तरीय जनप्रतिनिधियों को सूचना उपलब्ध कराई जाए। जल गंगा संवर्धन अभियान एवं जल संचय जनभागीदारी अभियान में जिले की प्रगति एवं उपलब्धियों पर सभी जनप्रतिनिधियों ने प्रसन्नता व्यक्त की तथा अभियान पूर्ण होने तक उत्कृष्ट कार्य जारी रखने के निर्देश दिए। विधायक शहपुरा श्री ओमप्रकाश धुर्वे ने कहा कि आगामी 15 दिवस में प्राचीन जल संरचनाओं एवं तालाबों का चिन्हांकन कर जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में गहरीकरण, जीर्णाेद्धार एवं साफ-सफाई कार्य जनभागीदारी से कराया जाए। बैठक में पंचायतीराज अधिनियम के तहत पंच एवं सरपंच सम्मेलन जिला स्तर पर आयोजित कराने के निर्देश भी दिए गए। इस अवसर पर मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री दिव्यांशु चौधरी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में विधायक डिंडौरी श्री ओमकार मरकाम, विधायक शहपुरा श्री ओमप्रकाश धुर्वे, उपाध्यक्ष जिला पंचायत श्रीमती अंजु जितेंद्र व्यौहार, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती हीरा रुद्रेश परस्ते, श्री वीरेन्द्र बब्लू परस्ते, श्रीमती शकुन कुशराम, श्री प्रीतम सिंह मरावी, श्रीमती हेमवती राजपूत, अध्यक्ष अमरपुर श्री हन्नु सिंह पट्टा एवं अध्यक्ष करंजिया श्री राजू उद्दे सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
जिला पंचायत में आयोजित हुई सामान्य सभा की बैठक डिंडौरी : 30 अप्रैल,2026 जिला पंचायत सभाकक्ष में सामान्य सभा की बैठक जिला पंचायत अध्यक्ष श्री रुद्रेश परस्ते की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में 25 मार्च 2026 को आयोजित पूर्व सामान्य सभा बैठक के पालन प्रतिवेदन पर चर्चा की गई। साथ ही विकसित भारत अभियान, जल गंगा संवर्धन अभियान की समीक्षा, मध्यप्रदेश पंचायतराज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम 1993-94 के क्रियान्वयन तथा 15वें एवं 5वें वित्त आयोग के कार्यों की समीक्षा की गई। बैठक में अध्यक्ष श्री रुद्रेश परस्ते ने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के कार्यपालन यंत्री को निर्देश दिए कि वर्षा ऋतु पूर्व सभी पानी की टंकियों एवं जल स्रोतों की साफ-सफाई कराई जाए, ताकि संक्रमण एवं संक्रामक बीमारियों की रोकथाम हो सके। उन्होंने घटिया निर्माण कार्य करने वाले ठेकेदारों को चिन्हित कर ब्लैकलिस्ट करने तथा संपत्ति राजसात करने की कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही जल जीवन मिशन योजना के तहत सभी मजरे-टोलों के प्रत्येक घर तक शत-प्रतिशत पेयजल पहुंचाना सुनिश्चित करने तथा कार्य पूर्ण होने के बाद ही भुगतान करने के निर्देश दिए। f शक्षा विभाग की समीक्षा के दौरान उपाध्यक्ष श्रीमती अंजु व्यौहार ने गुणवत्ताहीन साइकिल वितरण का मुद्दा सदन में उठाया। इस पर मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत ने जिला शिक्षा अधिकारी को निर्देशित किया कि गुणवत्ता परीक्षण के बिना साइकिल वितरण न कराया जाए। खराब साइकिल पाए जाने पर शासन को प्रतिवेदन भेजा जाए तथा उपयुक्त साइकिलों का वितरण जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में समारोहपूर्वक कराया जाए। बैठक में स्वास्थ्य विभाग द्वारा कराए
जा रहे निर्माण कार्यों की गुणवत्ता एवं समय पर कार्य पूर्ण न होने की जानकारी विधायक शहपुरा श्री ओमप्रकाश धुर्वे ने दी। इस पर मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने संबंधित ठेकेदारों के विरुद्ध कार्रवाई करने के निर्देश दिए। सामान्य सभा में जनप्रतिनिधियों ने निर्माण कार्यों के लोकार्पण एवं भूमिपूजन की सूचना समय पर नहीं मिलने की बात रखी। इस पर सभी विभागों को निर्देशित किया गया कि कार्यक्रम तय होते ही पत्र एवं दूरभाष के माध्यम से क्षेत्रीय एवं जिला स्तरीय जनप्रतिनिधियों को सूचना उपलब्ध कराई जाए। जल गंगा संवर्धन अभियान एवं जल संचय जनभागीदारी अभियान में जिले की प्रगति एवं उपलब्धियों पर सभी जनप्रतिनिधियों ने प्रसन्नता व्यक्त की तथा अभियान पूर्ण होने तक उत्कृष्ट कार्य जारी रखने के निर्देश दिए। विधायक शहपुरा श्री ओमप्रकाश धुर्वे ने कहा कि आगामी 15 दिवस में प्राचीन जल संरचनाओं एवं तालाबों का चिन्हांकन कर जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में गहरीकरण, जीर्णाेद्धार एवं साफ-सफाई कार्य जनभागीदारी से कराया जाए। बैठक में पंचायतीराज अधिनियम के तहत पंच एवं सरपंच सम्मेलन जिला स्तर पर आयोजित कराने के निर्देश भी दिए गए। इस अवसर पर मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री दिव्यांशु चौधरी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में विधायक डिंडौरी श्री ओमकार मरकाम, विधायक शहपुरा श्री ओमप्रकाश धुर्वे, उपाध्यक्ष जिला पंचायत श्रीमती अंजु जितेंद्र व्यौहार, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती हीरा रुद्रेश परस्ते, श्री वीरेन्द्र बब्लू परस्ते, श्रीमती शकुन कुशराम, श्री प्रीतम सिंह मरावी, श्रीमती हेमवती राजपूत, अध्यक्ष अमरपुर श्री हन्नु सिंह पट्टा एवं अध्यक्ष करंजिया श्री राजू उद्दे सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
- मंडला जिले के कान्हा टाइगर रिजर्व में लगातार हो रही बाघों की मौत को लेकर अब पत्रकारों में भी गहरी नाराजगी देखने को मिल रही है। गुरुवार दोपहर करीब 3 बजकर 15 मिनट पर जिले के समस्त पत्रकार एकजुट होकर कलेक्ट्रेट पहुंचे और मध्य प्रदेश शासन के वन मंत्री के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। पत्रकारों ने ज्ञापन के माध्यम से कान्हा टाइगर रिजर्व में लगातार सामने आ रही बाघों की मौत की घटनाओं पर गंभीर चिंता व्यक्त की है। उनका कहना है कि यह सिर्फ एक सामान्य घटना नहीं, बल्कि वन्यजीव संरक्षण व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा करता है। ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि एक के बाद एक बाघों की मौत होना प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर संदेह पैदा करता है। पत्रकारों ने आरोप लगाया कि कहीं न कहीं निगरानी, सुरक्षा व्यवस्था और प्रबंधन में लापरवाही सामने आ रही है, जिसके चलते राष्ट्रीय धरोहर माने जाने वाले बाघों की जान जा रही है। पत्रकारों ने मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराई जाए, ताकि बाघों की मौत के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा सके और दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो। इस मौके पर जिले के प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक और सोशल मीडिया के पत्रकार उपस्थित रहे।1
- Post by Govardhan kushwaha1
- मौत से पहले....कान्हा सरही जॉन आमाही नाला मैं पांच टाइगर लास्ट बार 29 मार्च 2026 को देखा गया था मॉर्निंग सफारी में1
- कल जो कहा आज वो किया: सीएम डॉ. मोहन यादव अचानक पहुंचे गेहूं उपार्जन केंद्र, किसानों से किया संवाद खरगोन जिले के कतरगांव में बनाए गए उपार्जन केंद्र पहुंचे प्रदेश के मुखिया मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने लिया उपार्जन की व्यवस्थाओं का जायजा केंद्र से संबंधित लोगों को दिए जरूरी दिशा-निर्देश भोपाल/खरगोन। किसान कल्याण के लिए प्रतिबद्ध मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कल यानी 29 अप्रैल को जो कहा था, वैसा ही 30 अप्रैल को किया। उन्होंने कहा था कि वे किसी भी गेहूं उपार्जन केंद्र का आकस्मिक दौरा कर सकते हैं। और, हुआ भी यही। वे आज सुबह अचानक खरगोन जिले के कतरगांव में बनाए गए उपार्जन केंद्र के निरीक्षण लिए पहुंचे। इस दौरान उन्होंने उपार्जन की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने यहां किसानों से चर्चा की और उनके साथ चाय भी पी। इसके अलावा उन्होंने केंद्र से संबंधित लोगों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए। बता दें, मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने महेश्वर में 29 अप्रैल को रात्रि विश्राम किया था। बता दें, मध्यप्रदेश सरकार ने किसानों के लिए उपार्जन केंद्रों पर छाया, बैठक और कई अन्य सुविधाओं की व्यवस्था की है। अब किसान जिले के किसी भी उपार्जन केन्द्र पर उपज विक्रय कर सकते हैं। इतना ही नहीं, किसानों को गेहूं की तौल के लिए इंतजार नहीं करना पड़े इसके लिए उपार्जन केन्द्रों में तौल कांटों की संख्या बढ़ाकर 6 कर दी गई है। सरकार जिलों में और भी तौल कांटे बढ़ा रही है। सरकार ने चमक विहीन गेहूं की सीमा भी 50 प्रतिशत कर दी है। सूकड़े दाने की सीमा 6 प्रतिशत से बढ़ाकर 10 प्रतिशत तक की गई है। क्षतिग्रत दानों की सीमा बढ़ाकर 6 प्रतिशत तक की गई है। किसानों के उपज की तौल समय पर हो सके इसके लिए बारदाने, तौल कांटे, हम्माल तुलावटी, सिलाई मशीन, कम्यूंटर, नेट कनेक्शन, कूपन ,गुणवत्ता परीक्षण उपकरण, उपज की साफ-सफाई के लिए पंखा, छन्ना आदि व्यवस्थाएं उपार्जन केन्द्र पर उपलब्ध कराई जा रही हैं। अब तक इतने लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीदी गौरतलब है कि अभी तक प्रदेश में समर्थन मूल्य पर गेहूं उपार्जन के लिए 9.83 लाख किसानों द्वारा 60.84 लाख मीट्रिक टन गेहूं के विक्रय के लिए स्लॉट बुक किए जा चुके हैं। प्रदेश में अभी तक 5 लाख 8 हजार 657 किसानों से 22 लाख 70 हजार मीट्रिक टन गेहूं का उपार्जन किया जा चुका है। पिछले साल समर्थन मूल्य पर 77 लाख मीट्रिक टन गेहूं का उपार्जन किया गया था। इस वर्ष युद्ध की विपरीत परिस्थितियों के बावजूद किसानों के हित में सरकार द्वारा 100 लाख मीट्रिक टन गेहूं के उपार्जन का लक्ष्य रखा गया है।1
- Post by प्रशांत पटैल1
- रीवा जिले के त्योंथर तहसील क्षेत्र से एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां सीमांकन कार्य के दौरान पटवारी के साथ मारपीट ने पूरे राजस्व अमले को आक्रोशित कर दिया है। घटना हल्का बौना की बताई जा रही है, जहां पदस्थ पटवारी प्रमेन्द्र कुमार पर कथित रूप से हमला किया गया। जानकारी के मुताबिक, 28 अप्रैल को जब पटवारी सीमांकन की कार्रवाई कर रहे थे, उसी दौरान एक पक्ष के साथ पहुंचे अधिवक्ता अशोक तिवारी ने न केवल शासकीय कार्य में बाधा डाली, बल्कि पटवारी के साथ मारपीट भी की। आरोप है कि इस दौरान जातिसूचक अपशब्दों का भी इस्तेमाल किया गया, जिससे मामला और गंभीर हो गया। घटना के बाद जिले भर के पटवारियों में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। आक्रोशित पटवारियों ने एसडीएम को ज्ञापन सौंपते हुए आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो वे सामूहिक रूप से कलमबंद हड़ताल पर चले जाएंगे। ⚠️ इस घटनाक्रम ने प्रशासनिक व्यवस्था और कर्मचारियों की सुरक्षा पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सबकी नजर प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी है।1
- मंडला जिले से कानून व्यवस्था और पुलिसिंग को लेकर बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां पुलिस विभाग ने अपराधों पर सख्ती और बेहतर नियंत्रण के लिए व्यापक रणनीति बनाई है। गुरुवार को शाम 4 बजे पुलिस कंट्रोल रूम मंडला में मासिक अपराध समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें जिलेभर की कानून व्यवस्था, लंबित प्रकरणों और विशेष अभियानों की गहन समीक्षा की गई। बैठक की अध्यक्षता अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शिव कुमार वर्मा ने की। इस दौरान उन्होंने जिले के लंबित महिला एवं पुरुष मर्ग प्रकरणों, अनुसूचित जाति एवं जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के मामलों, गंभीर अपराधों, लंबित चालान, फरार आरोपियों की गिरफ्तारी और लंबित विवेचनाओं की विस्तार से समीक्षा की। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ने सभी थाना एवं चौकी प्रभारियों को सख्त निर्देश दिए कि लंबित अपराधों का त्वरित, प्रभावी और गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित किया जाए, ताकि आमजन को न्याय समय पर मिल सके। बैठक में 26 अप्रैल से संचालित विशेष हेलमेट अनिवार्यता अभियान की भी समीक्षा की गई। सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए लगातार वाहन चेकिंग, यातायात जागरूकता अभियान और बिना हेलमेट वाहन चलाने वालों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही पेट्रोल पंपों पर बिना हेलमेट पेट्रोल न देने के निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने की बात कही गई, ताकि लोग यातायात नियमों का पालन करें और हादसों में कमी आए। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ने NDPS एक्ट के तहत प्रभावी कार्रवाई करने, महिला एवं बाल अपराधों में संवेदनशीलता के साथ विवेचना करने और साइबर अपराधों की रोकथाम पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। इस बैठक में एसडीओपी मंडला पीयूष मिश्रा, एसडीओपी बिछिया सौरभ तिवारी, एसडीओपी नैनपुर मनीष राज, एसडीओपी निवास पी.एस. वालरे सहित जिले के सभी थाना और चौकी प्रभारी एवं अन्य अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।1
- मध्य प्रदेश के धार जिले से एक बेहद दर्दनाक सड़क हादसे की खबर सामने आई है, जहां मजदूरों से भरी एक पिकअप वाहन के पलटने से 15 लोगों की मौत हो गई है। मृतकों में दो मासूम बच्चे भी शामिल बताए जा रहे हैं। यह हादसा धार जिले के चिकलिया इलाके में रिलायंस पेट्रोल पंप के पास बुधवार शाम करीब 8:30 बजे हुआ। जानकारी के अनुसार, पिकअप वाहन में क्षमता से अधिक, लगभग 30 से 35 मजदूर सवार थे। इसी दौरान वाहन अचानक अनियंत्रित होकर पलट गया। हादसा इतना भीषण था कि कई लोग वाहन के नीचे दब गए और मौके पर ही कई लोगों की मौत हो गई। घटना के बाद इलाके में चीख-पुकार और अफरा-तफरी का माहौल बन गया। स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से राहत और बचाव कार्य शुरू किया गया। प्रशासन के अनुसार, हादसे के कारणों की जांच की जा रही है। प्रारंभिक तौर पर ओवरलोडिंग को हादसे की बड़ी वजह माना जा रहा है। घायलों को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है। फिलहाल, इस दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। ऐसी घटनाएं एक बार फिर सड़क सुरक्षा और नियमों के पालन पर सवाल खड़े करती हैं।1
- Post by प्रशांत पटैल1