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हाथरस के सिकंद्राराऊ स्थित रामवती कुंज में स्वामी रामभद्राचार्य महाराज की प्रेस वार्ता को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। पिछले तीन दिनों से मीडियाकर्मी स्वामी रामभद्राचार्य से बातचीत के लिए निश्चित समय का इंतज़ार कर रहे हैं, लेकिन उन्हें अब तक कोई स्पष्ट जानकारी नहीं मिल पाई है। मुख्य आयोजक टेनी ठाकुर ने स्पष्ट किया है कि प्रेस वार्ता का समय केवल महाराज ही तय करेंगे। वहीं, पत्रकारों का आरोप है कि उन्हें बार-बार आश्वासन देकर वापस लौटाया जा रहा है। कुछ मीडियाकर्मियों ने यह सवाल भी उठाया है कि जब महाराज श्रद्धालुओं से मुलाकात कर रहे हैं, तो प्रेस वार्ता के लिए समय क्यों नहीं दिया जा रहा है। इस मुद्दे को लेकर चर्चाओं का बाज़ार गर्म है, और अब सभी की नज़रें आयोजकों की अगली घोषणा पर टिकी हैं। फिलहाल, यह सवाल उठ रहा है कि आखिर मीडिया से संवाद के लिए स्पष्ट कार्यक्रम क्यों घोषित नहीं किया जा रहा है।

8 hrs ago
user_JIMMY VARSHNEY
JIMMY VARSHNEY
पत्रकार सिकंदरा राव, हाथरस, उत्तर प्रदेश•
8 hrs ago

हाथरस के सिकंद्राराऊ स्थित रामवती कुंज में स्वामी रामभद्राचार्य महाराज की प्रेस वार्ता को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। पिछले तीन दिनों से मीडियाकर्मी स्वामी रामभद्राचार्य से बातचीत के लिए निश्चित समय का इंतज़ार कर रहे हैं, लेकिन उन्हें अब तक कोई स्पष्ट जानकारी नहीं मिल पाई है। मुख्य आयोजक टेनी ठाकुर ने स्पष्ट किया है कि प्रेस वार्ता का समय केवल महाराज ही तय करेंगे। वहीं, पत्रकारों का आरोप है कि उन्हें बार-बार आश्वासन देकर वापस लौटाया जा रहा है। कुछ मीडियाकर्मियों ने यह सवाल भी उठाया है कि जब महाराज श्रद्धालुओं से मुलाकात कर रहे हैं, तो प्रेस वार्ता के लिए समय क्यों नहीं दिया जा रहा है। इस मुद्दे को लेकर चर्चाओं का बाज़ार गर्म है, और अब सभी की नज़रें आयोजकों की अगली घोषणा पर टिकी हैं। फिलहाल, यह सवाल उठ रहा है कि आखिर मीडिया से संवाद के लिए स्पष्ट कार्यक्रम क्यों घोषित नहीं किया जा रहा है।

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  • हाथरस के सिकंद्राराऊ स्थित रामवती कुंज में स्वामी रामभद्राचार्य महाराज की प्रेस वार्ता को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। पिछले तीन दिनों से मीडियाकर्मी स्वामी रामभद्राचार्य से बातचीत के लिए निश्चित समय का इंतज़ार कर रहे हैं, लेकिन उन्हें अब तक कोई स्पष्ट जानकारी नहीं मिल पाई है। मुख्य आयोजक टेनी ठाकुर ने स्पष्ट किया है कि प्रेस वार्ता का समय केवल महाराज ही तय करेंगे। वहीं, पत्रकारों का आरोप है कि उन्हें बार-बार आश्वासन देकर वापस लौटाया जा रहा है। कुछ मीडियाकर्मियों ने यह सवाल भी उठाया है कि जब महाराज श्रद्धालुओं से मुलाकात कर रहे हैं, तो प्रेस वार्ता के लिए समय क्यों नहीं दिया जा रहा है। इस मुद्दे को लेकर चर्चाओं का बाज़ार गर्म है, और अब सभी की नज़रें आयोजकों की अगली घोषणा पर टिकी हैं। फिलहाल, यह सवाल उठ रहा है कि आखिर मीडिया से संवाद के लिए स्पष्ट कार्यक्रम क्यों घोषित नहीं किया जा रहा है।
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    हाथरस के सिकंद्राराऊ स्थित रामवती कुंज में स्वामी रामभद्राचार्य महाराज की प्रेस वार्ता को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। पिछले तीन दिनों से मीडियाकर्मी स्वामी रामभद्राचार्य से बातचीत के लिए निश्चित समय का इंतज़ार कर रहे हैं, लेकिन उन्हें अब तक कोई स्पष्ट जानकारी नहीं मिल पाई है।

मुख्य आयोजक टेनी ठाकुर ने स्पष्ट किया है कि प्रेस वार्ता का समय केवल महाराज ही तय करेंगे। वहीं, पत्रकारों का आरोप है कि उन्हें बार-बार आश्वासन देकर वापस लौटाया जा रहा है। कुछ मीडियाकर्मियों ने यह सवाल भी उठाया है कि जब महाराज श्रद्धालुओं से मुलाकात कर रहे हैं, तो प्रेस वार्ता के लिए समय क्यों नहीं दिया जा रहा है। इस मुद्दे को लेकर चर्चाओं का बाज़ार गर्म है, और अब सभी की नज़रें आयोजकों की अगली घोषणा पर टिकी हैं। फिलहाल, यह सवाल उठ रहा है कि आखिर मीडिया से संवाद के लिए स्पष्ट कार्यक्रम क्यों घोषित नहीं किया जा रहा है।
    user_JIMMY VARSHNEY
    JIMMY VARSHNEY
    पत्रकार सिकंदरा राव, हाथरस, उत्तर प्रदेश•
    8 hrs ago
  • गांव डंडेसरी में वीर शिरोमणि धीर सिंह पुंढीर की जन्म जयंती बड़े उत्साह के साथ मनाई गई। इस अवसर पर अगसोली से खिदरपुर तक एक विशाल रैली सफलतापूर्वक निकाली गई, जिसके बाद एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में मनी ग्रैमी सिंगर्स को भी शामिल किया गया। जयंती समारोह के दौरान गांव डंडेसरी में वीर शिरोमणि धीर सिंह पुंढीर की मूर्ति का निर्माण भी किया गया।
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    गांव डंडेसरी में वीर शिरोमणि धीर सिंह पुंढीर की जन्म जयंती बड़े उत्साह के साथ मनाई गई। इस अवसर पर अगसोली से खिदरपुर तक एक विशाल रैली सफलतापूर्वक निकाली गई, जिसके बाद एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में मनी ग्रैमी सिंगर्स को भी शामिल किया गया। जयंती समारोह के दौरान गांव डंडेसरी में वीर शिरोमणि धीर सिंह पुंढीर की मूर्ति का निर्माण भी किया गया।
    user_Harsh Pundhir
    Harsh Pundhir
    Newspaper publisher सिकंदरा राव, हाथरस, उत्तर प्रदेश•
    12 hrs ago
  • कोर्ट मैरिज भारत में दो वयस्क व्यक्तियों को बिना किसी धार्मिक रीति-रिवाज के कानूनी रूप से विवाह करने का एक माध्यम है। यह विवाह विशेष विवाह अधिनियम, 1954 के तहत संपन्न किया जाता है, जिसका मुख्य उद्देश्य विभिन्न धर्मों, जातियों या समुदायों के लोगों को विवाह की सुविधा देना है, हालांकि समान धर्म के लोग भी इसका चुनाव कर सकते हैं। कोर्ट मैरिज के लिए लड़के की न्यूनतम आयु 21 वर्ष और लड़की की 18 वर्ष होनी चाहिए। दोनों की सहमति अनिवार्य है और विवाह किसी दबाव, धोखे या भय के बिना होना चाहिए। इसके अतिरिक्त, दोनों में से कोई भी व्यक्ति पहले से विवाहित नहीं होना चाहिए, जब तक कि उसका पिछला विवाह कानूनी रूप से समाप्त न हो गया हो। प्रक्रिया के तहत, सबसे पहले विवाह अधिकारी के कार्यालय में पहचान पत्र, आयु प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र और पासपोर्ट आकार के फोटो सहित आवेदन जमा किया जाता है। आवेदन के बाद, विवाह अधिकारी 30 दिनों के लिए एक नोटिस जारी करते हैं। यदि इस अवधि में कोई वैध आपत्ति नहीं आती है, तो विवाह की तिथि तय की जाती है। निर्धारित तिथि पर, दोनों पक्ष तीन गवाहों के साथ विवाह अधिकारी के समक्ष उपस्थित होते हैं, अपनी इच्छा से विवाह करने की घोषणा करते हैं, विवाह रजिस्टर पर हस्ताक्षर करते हैं, और विवाह अधिकारी द्वारा कानूनी रूप से मान्य विवाह प्रमाण पत्र जारी किया जाता है। कोर्ट मैरिज के कई लाभ हैं, जैसे यह एक सरल, सुरक्षित और कानूनी रूप से मान्य प्रक्रिया है, जिसमें खर्च कम होता है और दहेज जैसी कुरीतियों को बढ़ावा नहीं मिलता। यह अंतरजातीय और अंतरधार्मिक विवाह करने वालों के लिए एक महत्वपूर्ण विकल्प है, जिसके बाद पति-पत्नी को सभी वैवाहिक अधिकार और कानूनी सुरक्षा मिलती है। हालांकि, सभी दस्तावेज सही होने चाहिए और कानूनी नियमों का पालन करना अनिवार्य है; गलत जानकारी या धोखाधड़ी पर कानूनी कार्रवाई हो सकती है। कोर्ट मैरिज आधुनिक समाज में व्यक्तिगत स्वतंत्रता, समानता और संवैधानिक अधिकारों को बढ़ावा देने वाला एक सुरक्षित, सरल और कानूनी तरीका है।
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    कोर्ट मैरिज भारत में दो वयस्क व्यक्तियों को बिना किसी धार्मिक रीति-रिवाज के कानूनी रूप से विवाह करने का एक माध्यम है। यह विवाह विशेष विवाह अधिनियम, 1954 के तहत संपन्न किया जाता है, जिसका मुख्य उद्देश्य विभिन्न धर्मों, जातियों या समुदायों के लोगों को विवाह की सुविधा देना है, हालांकि समान धर्म के लोग भी इसका चुनाव कर सकते हैं।

कोर्ट मैरिज के लिए लड़के की न्यूनतम आयु 21 वर्ष और लड़की की 18 वर्ष होनी चाहिए। दोनों की सहमति अनिवार्य है और विवाह किसी दबाव, धोखे या भय के बिना होना चाहिए। इसके अतिरिक्त, दोनों में से कोई भी व्यक्ति पहले से विवाहित नहीं होना चाहिए, जब तक कि उसका पिछला विवाह कानूनी रूप से समाप्त न हो गया हो।

प्रक्रिया के तहत, सबसे पहले विवाह अधिकारी के कार्यालय में पहचान पत्र, आयु प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र और पासपोर्ट आकार के फोटो सहित आवेदन जमा किया जाता है। आवेदन के बाद, विवाह अधिकारी 30 दिनों के लिए एक नोटिस जारी करते हैं। यदि इस अवधि में कोई वैध आपत्ति नहीं आती है, तो विवाह की तिथि तय की जाती है। निर्धारित तिथि पर, दोनों पक्ष तीन गवाहों के साथ विवाह अधिकारी के समक्ष उपस्थित होते हैं, अपनी इच्छा से विवाह करने की घोषणा करते हैं, विवाह रजिस्टर पर हस्ताक्षर करते हैं, और विवाह अधिकारी द्वारा कानूनी रूप से मान्य विवाह प्रमाण पत्र जारी किया जाता है।

कोर्ट मैरिज के कई लाभ हैं, जैसे यह एक सरल, सुरक्षित और कानूनी रूप से मान्य प्रक्रिया है, जिसमें खर्च कम होता है और दहेज जैसी कुरीतियों को बढ़ावा नहीं मिलता। यह अंतरजातीय और अंतरधार्मिक विवाह करने वालों के लिए एक महत्वपूर्ण विकल्प है, जिसके बाद पति-पत्नी को सभी वैवाहिक अधिकार और कानूनी सुरक्षा मिलती है। हालांकि, सभी दस्तावेज सही होने चाहिए और कानूनी नियमों का पालन करना अनिवार्य है; गलत जानकारी या धोखाधड़ी पर कानूनी कार्रवाई हो सकती है। कोर्ट मैरिज आधुनिक समाज में व्यक्तिगत स्वतंत्रता, समानता और संवैधानिक अधिकारों को बढ़ावा देने वाला एक सुरक्षित, सरल और कानूनी तरीका है।
    user_Hari Singh Gautam
    Hari Singh Gautam
    Teacher जलेसर, एटा, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
  • कासगंज पुलिस अधीक्षक ओ.पी. सिंह के निर्देश पर जनपद में चलाए जा रहे अवैध शस्त्रों के खिलाफ अभियान के तहत थाना सोरों पुलिस को एक बड़ी सफलता मिली है। अपर पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार के पर्यवेक्षण और क्षेत्राधिकारी कासगंज आंचल चौहान के नेतृत्व में सोरों पुलिस ने 16 जून 2026 की शाम को एक अभियुक्त को अवैध हथियार के साथ गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार किए गए अभियुक्त की पहचान नितिन पुत्र अनिल के रूप में हुई है, जो रायपुर, थाना सोरों, जनपद कासगंज का निवासी है। पुलिस ने उसके कब्जे से एक अवैध 12 बोर बंदूक बरामद की है। इस गिरफ्तारी और बरामदगी के आधार पर थाना सोरों में मु0अ0सं0 214/26, धारा 3/25 आयुध अधिनियम के तहत अभियोग पंजीकृत किया गया है। आवश्यक विधिक कार्रवाई पूरी करने के बाद अभियुक्त नितिन को न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया है। पुलिस ने बताया कि जनपद में अवैध हथियार रखने और उनके उपयोग पर प्रभावी नियंत्रण लगाने के लिए यह अभियान लगातार जारी रहेगा।
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    कासगंज पुलिस अधीक्षक ओ.पी. सिंह के निर्देश पर जनपद में चलाए जा रहे अवैध शस्त्रों के खिलाफ अभियान के तहत थाना सोरों पुलिस को एक बड़ी सफलता मिली है। अपर पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार के पर्यवेक्षण और क्षेत्राधिकारी कासगंज आंचल चौहान के नेतृत्व में सोरों पुलिस ने 16 जून 2026 की शाम को एक अभियुक्त को अवैध हथियार के साथ गिरफ्तार कर लिया।

गिरफ्तार किए गए अभियुक्त की पहचान नितिन पुत्र अनिल के रूप में हुई है, जो रायपुर, थाना सोरों, जनपद कासगंज का निवासी है। पुलिस ने उसके कब्जे से एक अवैध 12 बोर बंदूक बरामद की है। इस गिरफ्तारी और बरामदगी के आधार पर थाना सोरों में मु0अ0सं0 214/26, धारा 3/25 आयुध अधिनियम के तहत अभियोग पंजीकृत किया गया है।

आवश्यक विधिक कार्रवाई पूरी करने के बाद अभियुक्त नितिन को न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया है। पुलिस ने बताया कि जनपद में अवैध हथियार रखने और उनके उपयोग पर प्रभावी नियंत्रण लगाने के लिए यह अभियान लगातार जारी रहेगा।
    user_Journalist Anoop Mahere
    Journalist Anoop Mahere
    कासगंज, कासगंज, उत्तर प्रदेश•
    8 hrs ago
  • सासनी के बांधनू गांव की एक बेसहारा वृद्धा ने अपने जीवनयापन के लिए आवास और प्लॉट की माँग करते हुए जिलाधिकारी अतुल वत्स से गुहार लगाई है। भारतीय न्याय चक्र फाउंडेशन के पदाधिकारियों के साथ पहुँचकर वृद्धा ने जिलाधिकारी को अपनी व्यथा सुनाई। वृद्धा, गुड़िया देवी पत्नी स्वर्गीय पूरन सिंह, ने बताया कि उनके पास रहने के लिए अपना कोई मकान नहीं है और न ही आजीविका चलाने के लिए खेती की जमीन या कोई प्लॉट। उन्होंने बताया कि लगभग पंद्रह वर्ष पहले उनके पति का निधन हो गया था और करीब दस वर्ष पूर्व उनके इकलौते बेटे ने भी उनका साथ छोड़ दिया। पति और जवान बेटे की मौत के बाद वह बिल्कुल अकेली और बेसहारा हो गई हैं। पिछले लगभग पच्चीस वर्षों से वह गांव के एक जूनियर स्कूल में रहकर किसी तरह अपना जीवन व्यतीत कर रही हैं। वृद्धा ने जिलाधिकारी को अवगत कराया कि उम्र के इस पड़ाव पर उनके पास रहने-सहने की कोई उचित व्यवस्था नहीं है, जिससे उन्हें भारी दिक्कतों और मानसिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। भारतीय न्याय चक्र फाउंडेशन के पदाधिकारियों को जब गुड़िया देवी की जानकारी मिली, तो राष्ट्रीय अध्यक्ष विष्णु मिश्रा से उनका दुख देखा नहीं गया। वे पीड़िता को साथ लेकर कलेक्ट्रेट पहुँचे और जिलाधिकारी से वृद्धा के जीवनयापन हेतु एक प्लॉट और आवास स्वीकृत कराकर मदद करने की भावुक अपील की। इस दौरान भारतीय न्याय चक्र फाउंडेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष विष्णु मिश्रा, महिला प्रकोष्ठ की प्रदेश अध्यक्ष श्रीमती प्रेमलता, हाथरस जिला अध्यक्ष जितेंद्र कुमार गौड़, जिला उपाध्यक्ष दानवीर सिंह आर्य और संगठन के सदस्य राजेंद्र सिंह सहित कई अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।
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    सासनी के बांधनू गांव की एक बेसहारा वृद्धा ने अपने जीवनयापन के लिए आवास और प्लॉट की माँग करते हुए जिलाधिकारी अतुल वत्स से गुहार लगाई है। भारतीय न्याय चक्र फाउंडेशन के पदाधिकारियों के साथ पहुँचकर वृद्धा ने जिलाधिकारी को अपनी व्यथा सुनाई।

वृद्धा, गुड़िया देवी पत्नी स्वर्गीय पूरन सिंह, ने बताया कि उनके पास रहने के लिए अपना कोई मकान नहीं है और न ही आजीविका चलाने के लिए खेती की जमीन या कोई प्लॉट। उन्होंने बताया कि लगभग पंद्रह वर्ष पहले उनके पति का निधन हो गया था और करीब दस वर्ष पूर्व उनके इकलौते बेटे ने भी उनका साथ छोड़ दिया। पति और जवान बेटे की मौत के बाद वह बिल्कुल अकेली और बेसहारा हो गई हैं। पिछले लगभग पच्चीस वर्षों से वह गांव के एक जूनियर स्कूल में रहकर किसी तरह अपना जीवन व्यतीत कर रही हैं। वृद्धा ने जिलाधिकारी को अवगत कराया कि उम्र के इस पड़ाव पर उनके पास रहने-सहने की कोई उचित व्यवस्था नहीं है, जिससे उन्हें भारी दिक्कतों और मानसिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

भारतीय न्याय चक्र फाउंडेशन के पदाधिकारियों को जब गुड़िया देवी की जानकारी मिली, तो राष्ट्रीय अध्यक्ष विष्णु मिश्रा से उनका दुख देखा नहीं गया। वे पीड़िता को साथ लेकर कलेक्ट्रेट पहुँचे और जिलाधिकारी से वृद्धा के जीवनयापन हेतु एक प्लॉट और आवास स्वीकृत कराकर मदद करने की भावुक अपील की। इस दौरान भारतीय न्याय चक्र फाउंडेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष विष्णु मिश्रा, महिला प्रकोष्ठ की प्रदेश अध्यक्ष श्रीमती प्रेमलता, हाथरस जिला अध्यक्ष जितेंद्र कुमार गौड़, जिला उपाध्यक्ष दानवीर सिंह आर्य और संगठन के सदस्य राजेंद्र सिंह सहित कई अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।
    user_सासनी समाचार
    सासनी समाचार
    सासनी, हाथरस, उत्तर प्रदेश•
    10 hrs ago
  • मनपसंद व्यक्ति से शादी करना जीवन के सबसे सुखद और यादगार अनुभवों में से एक माना जाता है, जो अपार खुशी, उत्साह और संतोष का भाव जगाता है। जब कोई व्यक्ति अपने पसंद के साथी से विवाह करता है, जिसे वह अच्छी तरह समझता और जिस पर विश्वास करता है, तो यह वैवाहिक जीवन को अधिक सुखद और मजबूत बनाता है। ऐसे विवाह में दोनों साथी एक-दूसरे की भावनाओं, विचारों और सपनों का सम्मान करते हैं। उनके बीच प्रेम, विश्वास और समझदारी का गहरा रिश्ता कायम होता है, जो हर कठिन परिस्थिति में उन्हें एक-दूसरे का साथ देने की प्रेरणा देता है। शादी के बाद नए जीवन की शुरुआत करने का उत्साह भी बहुत खास होता है। यदि ऐसी शादी परिवार और समाज के सहयोग से होती है, तो खुशी और भी बढ़ जाती है। जीवनसाथी के साथ भविष्य की योजनाएँ बनाना, सुख-दुख साझा करना और मिलकर परिवार का निर्माण करना जीवन को और भी अर्थपूर्ण बनाता है। इस प्रकार, मनपसंद व्यक्ति से शादी करना केवल एक सामाजिक बंधन नहीं है, बल्कि यह प्रेम, विश्वास और खुशियों से भरे एक नए जीवन की एक सुंदर शुरुआत है। यह अनुभव जीवनभर याद रहने वाली अनमोल खुशी प्रदान करता है।
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    मनपसंद व्यक्ति से शादी करना जीवन के सबसे सुखद और यादगार अनुभवों में से एक माना जाता है, जो अपार खुशी, उत्साह और संतोष का भाव जगाता है। जब कोई व्यक्ति अपने पसंद के साथी से विवाह करता है, जिसे वह अच्छी तरह समझता और जिस पर विश्वास करता है, तो यह वैवाहिक जीवन को अधिक सुखद और मजबूत बनाता है।

ऐसे विवाह में दोनों साथी एक-दूसरे की भावनाओं, विचारों और सपनों का सम्मान करते हैं। उनके बीच प्रेम, विश्वास और समझदारी का गहरा रिश्ता कायम होता है, जो हर कठिन परिस्थिति में उन्हें एक-दूसरे का साथ देने की प्रेरणा देता है। शादी के बाद नए जीवन की शुरुआत करने का उत्साह भी बहुत खास होता है। यदि ऐसी शादी परिवार और समाज के सहयोग से होती है, तो खुशी और भी बढ़ जाती है। जीवनसाथी के साथ भविष्य की योजनाएँ बनाना, सुख-दुख साझा करना और मिलकर परिवार का निर्माण करना जीवन को और भी अर्थपूर्ण बनाता है।

इस प्रकार, मनपसंद व्यक्ति से शादी करना केवल एक सामाजिक बंधन नहीं है, बल्कि यह प्रेम, विश्वास और खुशियों से भरे एक नए जीवन की एक सुंदर शुरुआत है। यह अनुभव जीवनभर याद रहने वाली अनमोल खुशी प्रदान करता है।
    user_Hari Singh Gautam
    Hari Singh Gautam
    Teacher जलेसर, एटा, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
  • एटा जिले के कोतवाली नगर क्षेत्र में महरारा दरवाजे से भूतिया सीर रोड तक के निवासियों को नगरपालिका की कथित लापरवाही के कारण भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोग इस समस्या से जूझ रहे हैं।
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    एटा जिले के कोतवाली नगर क्षेत्र में महरारा दरवाजे से भूतिया सीर रोड तक के निवासियों को नगरपालिका की कथित लापरवाही के कारण भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोग इस समस्या से जूझ रहे हैं।
    user_Rihan Qureshi india voice public app
    Rihan Qureshi india voice public app
    जलेसर, एटा, उत्तर प्रदेश•
    5 hrs ago
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