सरदारशहर में रीडर संदीप भोजक को हटाने की मांग तेजः विकास मंच ने एसडीएम को सौंपा ज्ञापन, सरदारशहर में रीडर संदीप भोजक को हटाने की मांग तेजः विकास मंच ने एसडीएम को सौंपा ज्ञापन, दो दिन में कार्रवाई नहीं तो आंदोलन की चेतावनी शहर क्षेत्र में कानून व्यवस्था और प्रशासनिक पारदर्शिता को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। सरदारशहर विकास मंच के अध्यक्ष राजेंद्र सिंह राजपुरोहित के नेतृत्व में मंच के पदाधिकारियों व विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों ने उपखंड मजिस्ट्रेट रामगोपाल वर्मा को ज्ञापन सौंपकर रीडर संदीप भोजक को तत्काल प्रभाव से हटाने की मांग की है। पहले भी उठ चुके हैं विरोध के स्वरः ज्ञापन में बताया गया कि संदीप भोजक के खिलाफ करीब डेढ़ महीने पहले अभिभाषक संघ द्वारा निंदा प्रस्ताव पारित किया जा चुका है। वहीं पंचायत समिति की बैठक में, जिसमें स्वयं एसडीएम उपस्थित थे, जनप्रतिनिधियों ने भी संदीप भोजक के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई थी। भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप विकास मंच ने आरोप लगाया कि जब संदीप भोजक तहसील कार्यालय में बाबू के पद पर कार्यरत था, तब भी उस पर भ्रष्टाचार के आरोप लगते रहे। इस दौरान विभिन्न संगठनों द्वारा धरना-प्रदर्शन किए गए और सोशल मीडिया पर भी लगातार शिकायतें सामने आईं। ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि सब रजिस्ट्रार कार्यालय में कार्यरत रहने के दौरान भी वह भ्रष्टाचार में संलिप्त पाया गया था, जिसके चलते उसे वहां से स्थानांतरित किया गया। इसके बावजूद जांच लंबित रहते हुए उसे पुनः एसडीएम कार्यालय में रीडर नियुक्त कर दिया गया, जिससे स्थानीय लोगों में आक्रोश है। एसीबी कार्रवाई और बढ़ता जनाक्रोशः मंच ने यह भी दावा किया कि संबंधित कर्मचारी के खिलाफ एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) द्वारा कार्रवाई हो चुकी है और उसके व्यवहार के कारण अन्य स्थानों पर भी विवाद की स्थिति बनी रही है। मंच के अनुसार, सैकड़ों लोग उसके व्यवहार से परेशान हैं और यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो क्षेत्र में कानून व्यवस्था बिगड़ सकती है। एसडीएम बोले कोई शिकायत नहीं मिली ज्ञापन देने के बाद राजेंद्र पुरोहित ने एसडीएम रामगोपाल वर्मा से कहा कि आपके पास संदीप भोजक के खिलाफ कई शिकायतें पहुंच चुकी हैं। इस पर एसडीएम वर्मा ने जवाब दिया कि उनके पास ऐसी कोई शिकायत नहीं आई है। इस पर पुरोहित ने बताया कि पिछले एक महीने से वकीलों का बहिष्कार चल रहा है और इसी मुद्दे को लेकर उन्हें फोन पर धमकी तक दी गईं। जिस पर पुलिस थाने में शिकायत दी है। नारेबाजी और विरोध प्रदर्शनः घटना के बाद एसडीएम कार्यालय के बाहर प्रदर्शनकारियों ने एसडीएम के खिलाफ नारेबाजी की। पुरोहित ने आरोप लगाया कि प्रशासन इस मामले को सुनने को तैयार नहीं है, जबकि पंचायत समिति, जिला परिषद और वकीलों द्वारा 60-70 से अधिक ज्ञापन पहले ही दिए जा चुके हैं। दो दिन का अल्टीमेटम राजेंद्र पुरोहित ने कहा कि संदीप भोजक एसडीएम के करीबी हैं, जिसके कारण कार्रवाई नहीं हो रही। उन्होंने प्रशासन को दो दिन का समय देते हुए चेतावनी दी कि यदि इस अवधि में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया, तो आंदोलन तेज किया जाएगा और कानूनी लड़ाई भी लड़ी जाएगी। प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की मांगः विकास मंच और अन्य संगठनों ने मांग की है कि संदीप भोजक को तत्काल प्रभाव से जिला मुख्यालय स्थानांतरित किया जाए, ताकि क्षेत्र में शांति और कानून व्यवस्था बनी रहे। अंत में मंच ने स्पष्ट किया कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई, तो जनआंदोलन और उग्र रूप ले सकता है। पहले भी भोजक कि खिलाफ लोगो ने मोखिक शिकायतः वही वहां पर मोजूद कुछ अन्य लोगों ने मिड़िया के केमरे के सामने बोलने से बच रहे है बल्की उन्होने बताया कि भोजक का व्यवहार एकदम खराब है।
सरदारशहर में रीडर संदीप भोजक को हटाने की मांग तेजः विकास मंच ने एसडीएम को सौंपा ज्ञापन, सरदारशहर में रीडर संदीप भोजक को हटाने की मांग तेजः विकास मंच ने एसडीएम को सौंपा ज्ञापन, दो दिन में कार्रवाई नहीं तो आंदोलन की चेतावनी शहर क्षेत्र में कानून व्यवस्था और प्रशासनिक पारदर्शिता को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। सरदारशहर विकास मंच के अध्यक्ष राजेंद्र सिंह राजपुरोहित के नेतृत्व में मंच के पदाधिकारियों व विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों ने उपखंड मजिस्ट्रेट रामगोपाल वर्मा को ज्ञापन सौंपकर रीडर संदीप भोजक को तत्काल प्रभाव से हटाने की मांग की है। पहले भी उठ चुके हैं विरोध के स्वरः ज्ञापन में बताया गया कि संदीप भोजक के खिलाफ करीब डेढ़ महीने पहले अभिभाषक संघ द्वारा निंदा प्रस्ताव पारित किया जा चुका है। वहीं पंचायत समिति की बैठक में, जिसमें स्वयं एसडीएम उपस्थित थे, जनप्रतिनिधियों ने भी संदीप भोजक के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई
थी। भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप विकास मंच ने आरोप लगाया कि जब संदीप भोजक तहसील कार्यालय में बाबू के पद पर कार्यरत था, तब भी उस पर भ्रष्टाचार के आरोप लगते रहे। इस दौरान विभिन्न संगठनों द्वारा धरना-प्रदर्शन किए गए और सोशल मीडिया पर भी लगातार शिकायतें सामने आईं। ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि सब रजिस्ट्रार कार्यालय में कार्यरत रहने के दौरान भी वह भ्रष्टाचार में संलिप्त पाया गया था, जिसके चलते उसे वहां से स्थानांतरित किया गया। इसके बावजूद जांच लंबित रहते हुए उसे पुनः एसडीएम कार्यालय में रीडर नियुक्त कर दिया गया, जिससे स्थानीय लोगों में आक्रोश है। एसीबी कार्रवाई और बढ़ता जनाक्रोशः मंच ने यह भी दावा किया कि संबंधित कर्मचारी के खिलाफ एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) द्वारा कार्रवाई हो चुकी है और उसके व्यवहार के कारण अन्य स्थानों पर भी विवाद की स्थिति बनी रही है। मंच के अनुसार, सैकड़ों लोग उसके
व्यवहार से परेशान हैं और यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो क्षेत्र में कानून व्यवस्था बिगड़ सकती है। एसडीएम बोले कोई शिकायत नहीं मिली ज्ञापन देने के बाद राजेंद्र पुरोहित ने एसडीएम रामगोपाल वर्मा से कहा कि आपके पास संदीप भोजक के खिलाफ कई शिकायतें पहुंच चुकी हैं। इस पर एसडीएम वर्मा ने जवाब दिया कि उनके पास ऐसी कोई शिकायत नहीं आई है। इस पर पुरोहित ने बताया कि पिछले एक महीने से वकीलों का बहिष्कार चल रहा है और इसी मुद्दे को लेकर उन्हें फोन पर धमकी तक दी गईं। जिस पर पुलिस थाने में शिकायत दी है। नारेबाजी और विरोध प्रदर्शनः घटना के बाद एसडीएम कार्यालय के बाहर प्रदर्शनकारियों ने एसडीएम के खिलाफ नारेबाजी की। पुरोहित ने आरोप लगाया कि प्रशासन इस मामले को सुनने को तैयार नहीं है, जबकि पंचायत समिति, जिला परिषद और वकीलों द्वारा 60-70 से अधिक ज्ञापन पहले ही दिए जा चुके
हैं। दो दिन का अल्टीमेटम राजेंद्र पुरोहित ने कहा कि संदीप भोजक एसडीएम के करीबी हैं, जिसके कारण कार्रवाई नहीं हो रही। उन्होंने प्रशासन को दो दिन का समय देते हुए चेतावनी दी कि यदि इस अवधि में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया, तो आंदोलन तेज किया जाएगा और कानूनी लड़ाई भी लड़ी जाएगी। प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की मांगः विकास मंच और अन्य संगठनों ने मांग की है कि संदीप भोजक को तत्काल प्रभाव से जिला मुख्यालय स्थानांतरित किया जाए, ताकि क्षेत्र में शांति और कानून व्यवस्था बनी रहे। अंत में मंच ने स्पष्ट किया कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई, तो जनआंदोलन और उग्र रूप ले सकता है। पहले भी भोजक कि खिलाफ लोगो ने मोखिक शिकायतः वही वहां पर मोजूद कुछ अन्य लोगों ने मिड़िया के केमरे के सामने बोलने से बच रहे है बल्की उन्होने बताया कि भोजक का व्यवहार एकदम खराब है।
- सरदारशहर में रीडर संदीप भोजक को हटाने की मांग तेजः विकास मंच ने एसडीएम को सौंपा ज्ञापन, दो दिन में कार्रवाई नहीं तो आंदोलन की चेतावनी शहर क्षेत्र में कानून व्यवस्था और प्रशासनिक पारदर्शिता को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। सरदारशहर विकास मंच के अध्यक्ष राजेंद्र सिंह राजपुरोहित के नेतृत्व में मंच के पदाधिकारियों व विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों ने उपखंड मजिस्ट्रेट रामगोपाल वर्मा को ज्ञापन सौंपकर रीडर संदीप भोजक को तत्काल प्रभाव से हटाने की मांग की है। पहले भी उठ चुके हैं विरोध के स्वरः ज्ञापन में बताया गया कि संदीप भोजक के खिलाफ करीब डेढ़ महीने पहले अभिभाषक संघ द्वारा निंदा प्रस्ताव पारित किया जा चुका है। वहीं पंचायत समिति की बैठक में, जिसमें स्वयं एसडीएम उपस्थित थे, जनप्रतिनिधियों ने भी संदीप भोजक के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई थी। भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप विकास मंच ने आरोप लगाया कि जब संदीप भोजक तहसील कार्यालय में बाबू के पद पर कार्यरत था, तब भी उस पर भ्रष्टाचार के आरोप लगते रहे। इस दौरान विभिन्न संगठनों द्वारा धरना-प्रदर्शन किए गए और सोशल मीडिया पर भी लगातार शिकायतें सामने आईं। ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि सब रजिस्ट्रार कार्यालय में कार्यरत रहने के दौरान भी वह भ्रष्टाचार में संलिप्त पाया गया था, जिसके चलते उसे वहां से स्थानांतरित किया गया। इसके बावजूद जांच लंबित रहते हुए उसे पुनः एसडीएम कार्यालय में रीडर नियुक्त कर दिया गया, जिससे स्थानीय लोगों में आक्रोश है। एसीबी कार्रवाई और बढ़ता जनाक्रोशः मंच ने यह भी दावा किया कि संबंधित कर्मचारी के खिलाफ एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) द्वारा कार्रवाई हो चुकी है और उसके व्यवहार के कारण अन्य स्थानों पर भी विवाद की स्थिति बनी रही है। मंच के अनुसार, सैकड़ों लोग उसके व्यवहार से परेशान हैं और यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो क्षेत्र में कानून व्यवस्था बिगड़ सकती है। एसडीएम बोले कोई शिकायत नहीं मिली ज्ञापन देने के बाद राजेंद्र पुरोहित ने एसडीएम रामगोपाल वर्मा से कहा कि आपके पास संदीप भोजक के खिलाफ कई शिकायतें पहुंच चुकी हैं। इस पर एसडीएम वर्मा ने जवाब दिया कि उनके पास ऐसी कोई शिकायत नहीं आई है। इस पर पुरोहित ने बताया कि पिछले एक महीने से वकीलों का बहिष्कार चल रहा है और इसी मुद्दे को लेकर उन्हें फोन पर धमकी तक दी गईं। जिस पर पुलिस थाने में शिकायत दी है। नारेबाजी और विरोध प्रदर्शनः घटना के बाद एसडीएम कार्यालय के बाहर प्रदर्शनकारियों ने एसडीएम के खिलाफ नारेबाजी की। पुरोहित ने आरोप लगाया कि प्रशासन इस मामले को सुनने को तैयार नहीं है, जबकि पंचायत समिति, जिला परिषद और वकीलों द्वारा 60-70 से अधिक ज्ञापन पहले ही दिए जा चुके हैं। दो दिन का अल्टीमेटम राजेंद्र पुरोहित ने कहा कि संदीप भोजक एसडीएम के करीबी हैं, जिसके कारण कार्रवाई नहीं हो रही। उन्होंने प्रशासन को दो दिन का समय देते हुए चेतावनी दी कि यदि इस अवधि में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया, तो आंदोलन तेज किया जाएगा और कानूनी लड़ाई भी लड़ी जाएगी। प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की मांगः विकास मंच और अन्य संगठनों ने मांग की है कि संदीप भोजक को तत्काल प्रभाव से जिला मुख्यालय स्थानांतरित किया जाए, ताकि क्षेत्र में शांति और कानून व्यवस्था बनी रहे। अंत में मंच ने स्पष्ट किया कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई, तो जनआंदोलन और उग्र रूप ले सकता है। पहले भी भोजक कि खिलाफ लोगो ने मोखिक शिकायतः वही वहां पर मोजूद कुछ अन्य लोगों ने मिड़िया के केमरे के सामने बोलने से बच रहे है बल्की उन्होने बताया कि भोजक का व्यवहार एकदम खराब है।4
- Post by दीनदया ल जाट1
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- झुंझुनूं जिले के बगड़ थाना पुलिस ने अवैध शराब के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 288 पव्वे शराब जब्त कर एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस द्वारा आबकारी अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी गई है। जिला पुलिस अधीक्षक कावेन्द्र सिंह सागर (आईपीएस) के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक देवेन्द्र सिंह राजावत (आरपीएस) के मार्गदर्शन तथा वृताधिकारी झुंझुनूं ग्रामीण हरिसिंह धायल (आरपीएस) के सुपरविजन में यह कार्रवाई की गई। पुलिस थाना बगड़ के थानाधिकारी दौलतराम (आरपीएस प्रोबेशनर) के नेतृत्व में गठित टीम ने 7 अप्रैल 2026 को विशेष अभियान चलाकर आरोपी को गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी अनिल कुमार पुत्र रामजीलाल, उम्र 25 वर्ष, निवासी घुमनसर खुर्द, थाना बगड़, जिला झुंझुनूं के कब्जे से बड़ी मात्रा में अवैध शराब बरामद की गई। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने 192 प्लास्टिक पव्वे देशी मदिरा सादा, 48 प्लास्टिक पव्वे शाही देशी शराब तथा 48 कांच के पव्वे व्हाइट लेस वोडका जब्त किए। कुल मिलाकर 288 पव्वे अवैध शराब बरामद हुई। पुलिस ने बताया कि क्षेत्र में अवैध शराब की बिक्री और तस्करी पर रोक लगाने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में संदिग्ध गतिविधियों की सूचना मिलने पर पुलिस टीम ने दबिश देकर आरोपी को मौके से गिरफ्तार किया। आरोपी के खिलाफ आबकारी अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर लिया गया है तथा शराब के स्रोत और सप्लाई नेटवर्क की जांच की जा रही है। इस कार्रवाई में थानाधिकारी दौलतराम के साथ उपनिरीक्षक नेमीचंद, हेड कांस्टेबल महेंद्र कुमार, कांस्टेबल रामस्वरूप तथा कांस्टेबल नरेंद्र कुमार ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जिले में अवैध शराब के खिलाफ आगे भी सख्त अभियान जारी रहेगा।1
- चिड़ावा शहर के बीचोंबीच विद्यानिकेतन स्कूल के सामने बुधवार दोपहर करीब 12 बजे एक तेज रफ्तार कैंपर ने एक बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कैंपर की रफ्तार अधिक थी व चालक का कैंपर पर नियंत्रण भी नहीं था। विद्यानिकेतन स्कूल के सामने सुथरा बस्ती के पास मोड़ पर कैंपर ने बाइक सवार चाचा-भतीजा ओमप्रकाश व अंकित निवासी चिड़ावा को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर लगने से बाइक सवार चाचा-भतीजा हवा में उछलकर दूर जा गिरे। इस आमने सामने की टक्कर में बाइक कैंपर के आगे फंस गई जिसे चालक लगभग 100 फीट तक घसीटते हुए ले गया। चालक ने कैम्पर को बैक बाइक के ऊपर से निकालकर मौके से फरार हो गया। टक्कर की जोरदार आवाज के बाद हादसा स्थल पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। सूचना पर 108 एंबुलेंस चालक मनेन्द्र सिंह व ईएमटी सतीश कुमार मौके पर पहुंचे व घायलों को उप जिला अस्पताल पहुंचाया जहां दोनों का इलाज जारी है। दुर्घटना की सूचना पर चिड़ावा थाने से एएसआई ओमप्रकाश नरुका मौके पर पहुंचे तथा मामले की जानकारी जुटाई। फरार कैंपर चालक को पकड़ने के लिए सीसीटीवी कैमरे खंगाले जा रहे हैं।1
- Post by Khati ka kam1
- Post by Shrawan Kumar Joshi1