गिरिडीह के डुमरी विधानसभा क्षेत्र में एसआईआर (SIR) का कार्य चल रहा है, जिसके तहत बीएलओ द्वारा मतदाताओं के बीच फॉर्म वितरित किए गए हैं। एसडीएम सह एआरओ राजेन्द्र प्रसाद गुप्ता ने जानकारी दी कि इन फॉर्मों का डिजिटाइजेशन किया जा रहा है, लेकिन कई स्थानों से मतदाताओं को फॉर्म भरने में परेशानी आने की शिकायतें प्राप्त हुई हैं। इस समस्या के समाधान के लिए प्रशासन ने ब्लॉक के सभी 37 पंचायत भवनों में 11 से 14 जुलाई तक चार दिनों का विशेष कैंप लगाने का निर्णय लिया है। ये कैंप प्रतिदिन सुबह 8 बजे से शाम 5 बजे तक संचालित रहेंगे। जिन मतदाताओं को फॉर्म भरने में दिक्कत आ रही है, वे इन कैंपों में जाकर सहायता प्राप्त कर सकते हैं। प्रशासन ने सहायता के लिए सभी 37 पंचायतों में रोजगार सेवक, पंचायत सचिव, स्वयंसेवक और कंप्यूटर ऑपरेटरों को तैनात किया है। ये कर्मी बीएलओ, सुपरवाइजर और बीएलए के साथ समन्वय बनाकर मतदाताओं की मदद करेंगे। एसडीएम ने स्पष्ट किया कि जिन मतदाताओं ने फॉर्म पहले ही भर लिए हैं, उनके फॉर्म बीएलओ स्वयं जाकर एकत्रित कर लेंगी, जबकि अन्य लोग कैंप में आकर फॉर्म भर सकते हैं।
गिरिडीह के डुमरी विधानसभा क्षेत्र में एसआईआर (SIR) का कार्य चल रहा है, जिसके तहत बीएलओ द्वारा मतदाताओं के बीच फॉर्म वितरित किए गए हैं। एसडीएम सह एआरओ राजेन्द्र प्रसाद गुप्ता ने जानकारी दी कि इन फॉर्मों का डिजिटाइजेशन किया जा रहा है, लेकिन कई स्थानों से मतदाताओं को फॉर्म भरने में परेशानी आने की शिकायतें प्राप्त हुई हैं। इस समस्या के समाधान के लिए प्रशासन ने ब्लॉक के सभी 37 पंचायत भवनों में 11 से 14 जुलाई तक चार दिनों का विशेष कैंप लगाने का निर्णय लिया है। ये कैंप प्रतिदिन सुबह 8 बजे से शाम 5 बजे तक संचालित रहेंगे। जिन मतदाताओं को फॉर्म भरने में दिक्कत आ रही है, वे इन कैंपों में जाकर सहायता प्राप्त कर सकते हैं। प्रशासन ने सहायता के लिए सभी 37 पंचायतों में रोजगार सेवक, पंचायत सचिव, स्वयंसेवक और कंप्यूटर ऑपरेटरों को तैनात किया है। ये कर्मी बीएलओ, सुपरवाइजर और बीएलए के साथ समन्वय बनाकर मतदाताओं की मदद करेंगे। एसडीएम ने स्पष्ट किया कि जिन मतदाताओं ने फॉर्म पहले ही भर लिए हैं, उनके फॉर्म बीएलओ स्वयं जाकर एकत्रित कर लेंगी, जबकि अन्य लोग कैंप में आकर फॉर्म भर सकते हैं।
- गिरिडीह के डुमरी विधानसभा क्षेत्र में एसआईआर (SIR) का कार्य चल रहा है, जिसके तहत बीएलओ द्वारा मतदाताओं के बीच फॉर्म वितरित किए गए हैं। एसडीएम सह एआरओ राजेन्द्र प्रसाद गुप्ता ने जानकारी दी कि इन फॉर्मों का डिजिटाइजेशन किया जा रहा है, लेकिन कई स्थानों से मतदाताओं को फॉर्म भरने में परेशानी आने की शिकायतें प्राप्त हुई हैं। इस समस्या के समाधान के लिए प्रशासन ने ब्लॉक के सभी 37 पंचायत भवनों में 11 से 14 जुलाई तक चार दिनों का विशेष कैंप लगाने का निर्णय लिया है। ये कैंप प्रतिदिन सुबह 8 बजे से शाम 5 बजे तक संचालित रहेंगे। जिन मतदाताओं को फॉर्म भरने में दिक्कत आ रही है, वे इन कैंपों में जाकर सहायता प्राप्त कर सकते हैं। प्रशासन ने सहायता के लिए सभी 37 पंचायतों में रोजगार सेवक, पंचायत सचिव, स्वयंसेवक और कंप्यूटर ऑपरेटरों को तैनात किया है। ये कर्मी बीएलओ, सुपरवाइजर और बीएलए के साथ समन्वय बनाकर मतदाताओं की मदद करेंगे। एसडीएम ने स्पष्ट किया कि जिन मतदाताओं ने फॉर्म पहले ही भर लिए हैं, उनके फॉर्म बीएलओ स्वयं जाकर एकत्रित कर लेंगी, जबकि अन्य लोग कैंप में आकर फॉर्म भर सकते हैं।1
- बोकारो के उपायुक्त के निर्देश पर जिले के चंद्रपुरा थाना क्षेत्र में एक विशेष छापामारी अभियान चलाया गया। इस अभियान के दौरान तरंगा मुख्य पथ के समीप अवैध रूप से स्टोन चिप्स खनिज का परिवहन करते हुए एक मिनी हाइवा को पकड़ा गया। पकड़े गए वाहन को विधिवत रूप से जब्त कर लिया गया है और आगे की कार्रवाई के लिए इसे चंद्रपुरा थाना के सुपुर्द कर दिया गया है। इस पूरी कार्रवाई में खान निरीक्षक अजय कुमार महतो, खान निरीक्षक सीता राम टुडू और स्थानीय पुलिस बल के जवान शामिल थे।1
- झारखंड के बोकारो जिले में स्थित चंद्रपुरा डीवीसी पावर प्लांट की एक झलक सामने आई है। इस पावर प्लांट परिसर के दृश्य को तस्वीरों में देखा जा सकता है।1
- झारखंड के हजारीबाग जिले के टाटीझरिया स्थित बेड़म स्कूल को दबंगों ने तबेला बना दिया है। शिक्षा के इस मंदिर में जानवरों को बांधने की तस्वीरें सामने आई हैं, जिसे लेकर भारी आक्रोश है। स्थानीय स्तर पर इसे बच्चों के भविष्य के साथ सीधा खिलवाड़ माना जा रहा है। इस अपमानजनक स्थिति को उजागर करते हुए वीडियो को ज्यादा से ज्यादा शेयर करने की अपील की गई है ताकि शिक्षा के केंद्र की इस दुर्दशा पर ध्यान आकर्षित किया जा सके।1
- बियाडा के पूर्व अध्यक्ष सह समाज सेवी विजय कुमार झा ने बाघमारा और कोयलांचल क्षेत्र में हो रही कोयले की लूट के मुद्दे पर एक प्रेस वार्ता का आयोजन किया। इस दौरान उन्होंने कोयलांचल के विभिन्न हिस्सों में जारी अवैध खनन और लूट को लेकर अपनी बात रखी और मामले को जनता के सामने उठाया।1
- धनबाद के बागमारा-कम-कटरास स्थित गजलीटांड़ क्षेत्र एक बार फिर चर्चा में है, जिससे 1995 के उस काले हादसे की यादें ताजा हो गई हैं। वर्तमान में कतरी नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण खदान में पानी घुसने का गंभीर खतरा पैदा हो गया है। इस स्थिति को देखते हुए बीसीसीएल ने मोर्चा संभाल लिया है। खदान की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रबंधन द्वारा एहतियाती उपाय और प्रयास तेज कर दिए गए हैं।1
- झारखंड के धनबाद जिले के बाघामारा-सह-कटरास क्षेत्र में अवैध कोयला खदानों में पानी भरने की खबर सामने आई है। इस क्षेत्र में पहले भी एक भीषण हादसे के दौरान 65 लोगों की एक साथ जान जा चुकी है, जिसके बाद अब फिर से वैसी ही तबाही की आशंका जताई जा रही है। स्थानीय स्तर पर इन अवैध माइंस की स्थिति को लेकर चिंता बढ़ गई है।1
- झारखंड के धनबाद स्थित छाताबाद में कोयला खनन के कारण एक भीषण हादसा हुआ है। खनन की गतिविधियों के चलते जमीन का बड़ा हिस्सा धंस गया, जिससे एक पूरा तालाब पाताल लोक की तरह जमीन में समा गया। इस भू-धंसाव की चपेट में आने से आधा दर्जन आवास बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए हैं। तबाही की यह तस्वीर स्थानीय स्तर पर बड़ा संकट लेकर आई है, जहाँ कोयला खनन की वजह से जमीन के भीतर खाली हुए स्थान ने आवासीय क्षेत्र को अपनी जद में ले लिया है।1