जनपद अल्मोड़ा में स्वास्थ्य विभाग के अंतर्गत बड़ी संख्या में चिकित्सकों के तबादले किए जाने के विरोध में जिला कांग्रेस कमेटी ने गुरुवार को प्रदेश सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री का पुतला दहन कर इन तबादलों पर तुरंत पुनर्विचार करने की मांग उठाई। इस प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस जिलाध्यक्ष भूपेंद्र सिंह भोज ने कहा कि पर्वतीय जनपद अल्मोड़ा पहले से ही चिकित्सकों की कमी से जूझ रहा है और ऐसे में इतनी बड़ी संख्या में डॉक्टरों के तबादले से जिले की स्वास्थ्य सेवाओं पर गंभीर प्रतिकूल असर पड़ेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि इससे जिला अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में स्वास्थ्य सेवाएं बुरी तरह प्रभावित होंगी, जिसका खामियाजा सबसे अधिक ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों की जनता को भुगतना पड़ेगा। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की मांग की और आरोप लगाया कि सरकार की नीतियों के कारण पर्वतीय क्षेत्रों की स्वास्थ्य व्यवस्था लगातार कमजोर हो रही है। प्रदर्शन के दौरान पुलिस द्वारा मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री का पुतला छीनने के प्रयास पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कड़ा विरोध जताया। कांग्रेस नेताओं ने साफ कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखना प्रत्येक नागरिक का संवैधानिक अधिकार है और जनहित के मुद्दों को दबाने का कोई भी प्रयास उचित नहीं है। जिला कांग्रेस कमेटी ने इस संबंध में चेतावनी दी है कि यदि चिकित्सकों के इन तबादलों पर पुनर्विचार नहीं किया गया और स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो पार्टी जनता के हित में अपने आंदोलन को और भी व्यापक रूप देगी। इस प्रदर्शन में महानगर अध्यक्ष तारा चंद्र जोशी सहित कांग्रेस के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
जनपद अल्मोड़ा में स्वास्थ्य विभाग के अंतर्गत बड़ी संख्या में चिकित्सकों के तबादले किए जाने के विरोध में जिला कांग्रेस कमेटी ने गुरुवार को प्रदेश सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री का पुतला दहन कर इन तबादलों पर तुरंत पुनर्विचार करने की मांग उठाई। इस प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस जिलाध्यक्ष भूपेंद्र सिंह भोज ने कहा कि पर्वतीय जनपद अल्मोड़ा पहले से ही चिकित्सकों की कमी से जूझ रहा है और ऐसे में इतनी बड़ी संख्या में डॉक्टरों के तबादले से जिले की स्वास्थ्य सेवाओं पर गंभीर प्रतिकूल असर पड़ेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि इससे जिला अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में स्वास्थ्य सेवाएं बुरी तरह प्रभावित होंगी, जिसका खामियाजा सबसे अधिक ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों की जनता को भुगतना पड़ेगा। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की मांग की और आरोप लगाया कि सरकार की नीतियों के कारण पर्वतीय क्षेत्रों की स्वास्थ्य व्यवस्था लगातार कमजोर हो रही है। प्रदर्शन के दौरान पुलिस द्वारा मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री का पुतला छीनने के प्रयास पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कड़ा विरोध जताया। कांग्रेस नेताओं ने साफ कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखना प्रत्येक नागरिक का संवैधानिक अधिकार है और जनहित के मुद्दों को दबाने का कोई भी प्रयास उचित नहीं है। जिला कांग्रेस कमेटी ने इस संबंध में चेतावनी दी है कि यदि चिकित्सकों के इन तबादलों पर पुनर्विचार नहीं किया गया और स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो पार्टी जनता के हित में अपने आंदोलन को और भी व्यापक रूप देगी। इस प्रदर्शन में महानगर अध्यक्ष तारा चंद्र जोशी सहित कांग्रेस के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
- जनपद अल्मोड़ा में स्वास्थ्य विभाग के अंतर्गत बड़ी संख्या में चिकित्सकों के तबादले किए जाने के विरोध में जिला कांग्रेस कमेटी ने गुरुवार को प्रदेश सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री का पुतला दहन कर इन तबादलों पर तुरंत पुनर्विचार करने की मांग उठाई। इस प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस जिलाध्यक्ष भूपेंद्र सिंह भोज ने कहा कि पर्वतीय जनपद अल्मोड़ा पहले से ही चिकित्सकों की कमी से जूझ रहा है और ऐसे में इतनी बड़ी संख्या में डॉक्टरों के तबादले से जिले की स्वास्थ्य सेवाओं पर गंभीर प्रतिकूल असर पड़ेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि इससे जिला अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में स्वास्थ्य सेवाएं बुरी तरह प्रभावित होंगी, जिसका खामियाजा सबसे अधिक ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों की जनता को भुगतना पड़ेगा। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की मांग की और आरोप लगाया कि सरकार की नीतियों के कारण पर्वतीय क्षेत्रों की स्वास्थ्य व्यवस्था लगातार कमजोर हो रही है। प्रदर्शन के दौरान पुलिस द्वारा मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री का पुतला छीनने के प्रयास पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कड़ा विरोध जताया। कांग्रेस नेताओं ने साफ कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखना प्रत्येक नागरिक का संवैधानिक अधिकार है और जनहित के मुद्दों को दबाने का कोई भी प्रयास उचित नहीं है। जिला कांग्रेस कमेटी ने इस संबंध में चेतावनी दी है कि यदि चिकित्सकों के इन तबादलों पर पुनर्विचार नहीं किया गया और स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो पार्टी जनता के हित में अपने आंदोलन को और भी व्यापक रूप देगी। इस प्रदर्शन में महानगर अध्यक्ष तारा चंद्र जोशी सहित कांग्रेस के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।1
- चैखुटिया खीडा माईथान चमोली रोड की स्थिति अत्यंत दयनीय है। इस सड़क का हाल बेहाल बताया जा रहा है।1
- बागेश्वर जनपद में मानसून आपदाओं से निपटने की तैयारियों को परखने के लिए एक राज्यस्तरीय मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। इस अभ्यास का उद्देश्य बादल फटने, भूस्खलन, बाढ़ और भू-धंसाव जैसी विभिन्न आपदा परिस्थितियों में राहत एवं बचाव तंत्र की तत्परता का परीक्षण करना था। इस ड्रिल के माध्यम से आपदा प्रबंधन क्षमताओं का मूल्यांकन किया गया।1
- Post by sayyadali1
- राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत ने संघ की शाखा को 'जीवन बदल देने वाला व्यायाम' बताया है।1
- उत्तर प्रदेश की राजनीति में मचे घमासान ने सियासी गलियारों और सोशल मीडिया पर खलबली मचा दी है। एक ओर जहाँ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सहारनपुर के मंच से विपक्ष पर अब तक का सबसे तीखा हमला बोला है, वहीं दूसरी तरफ समाजवादी पार्टी के एक नेता के सनसनीखेज खुलासे ने यूपी की राजनीति में भूचाल ला दिया है। सीएम योगी ने 'स्कूल चलो अभियान 2026' के मंच से विरोधियों की दुखती रग पर हाथ रखते हुए अतीत में कांवड़ यात्रा और दुर्गा पूजा रोकने वालों को आड़े हाथों लिया। उनकी इस दहाड़ से विपक्ष में खलबली मच गई है। इसी बीच, समाजवादी पार्टी के कद्दावर नेता पवन पांडेय ने भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की रणनीति को लेकर एक बहुत बड़ा और हैरान करने वाला दावा किया है। पांडेय ने खुलासा किया है कि उन्हें बीजेपी की तरफ से विधायक और सीधे सरकार में मंत्री पद तक के बड़े-बड़े ऑफर्स दिए गए थे। हालांकि, उन्होंने सत्ता के इस लालच को ठुकरा दिया। इस फैसले के पीछे धरतीपुत्र मुलायम सिंह यादव (नेताजी) से जुड़ा एक बेहद भावुक और दिलचस्प किस्सा छिपा है। यह पूरी सियासी कहानी उत्तर प्रदेश में विकास और आस्था के मुद्दों पर चल रही बहस को और गहरा करती है, साथ ही पवन पांडेय के इस बड़े खुलासे पर लोगों की प्रतिक्रियाओं का इंतज़ार है।1
- सहारनपुर शहर में बुधवार रात उस समय अफरातफरी मच गई, जब पुलिस ने एसबीआई कॉलोनी के एक कमरे का दरवाजा तोड़कर भीतर प्रवेश किया। कमरे के अंदर लैब टेक्नीशियन सैम कमनिश (40) का शव खिड़की के सहारे फंदे से लटका मिला, जिनकी हाथ की नस भी कटी हुई थी। वहीं, फर्श पर शिक्षिका आस्था (23) का शव पड़ा था, उनके मुंह से झाग निकल रहा था। शुरुआती जांच के आधार पर आशंका जताई जा रही है कि आस्था ने जहरीला पदार्थ खाया था, जबकि सैम ने पहले अपने हाथ की नस काटी और फिर फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। जानकारी के अनुसार, परिवार की असहमति, सामाजिक परिस्थितियों और व्यक्तिगत फैसलों के बीच लगभग चार साल पुराने उनके प्रेम-प्रसंग का दुखद अंत हो गया। पुलिस ने दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। करीब चार साल पहले आस्था की मां गंभीर रूप से बीमार हुई थीं और उन्हें मेडीग्राम अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उस दौरान आस्था कई दिनों तक अस्पताल में अपनी मां की देखभाल कर रही थीं। इसी दौरान उनकी मुलाकात अस्पताल में लैब टेक्नीशियन के रूप में कार्यरत केरल निवासी सैम कमनिश से हुई थी। पुलिस अब यह भी पता लगा रही है कि क्या दोनों ने कोई सुसाइड नोट छोड़ा था और घटना से पहले उनके बीच क्या बातचीत हुई थी।1
- गुरुवार सुबह अयोध्या-लखनऊ नेशनल हाईवे पर एक दर्दनाक हादसा हो गया, जिसमें हरिद्वार से लौट रही एक तेज रफ्तार स्कॉर्पियो पीछे से एक ट्रक में जा घुसी। टक्कर इतनी भीषण थी कि स्कॉर्पियो की छत पूरी तरह से उड़ गई और उसके पहिए टूटकर अलग हो गए। इस भीषण हादसे में मां-बेटी समेत तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि चार अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए।1