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जोधपुर के पावटा अस्पताल में दो प्रसूताओं को गंभीर संक्रमण होने के बाद उन्हें एम डी एम अस्पताल रेफर किया गया है। वहीं, पावटा अस्पताल में अन्य प्रसूताएं अभी भी भर्ती हैं। इस मामले को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने पावटा अस्पताल का दौरा किया। गहलोत ने अस्पताल में भर्ती प्रसूताओं से मुलाकात की और उनसे बातचीत भी की।

2 hrs ago
user_Yogesh Kumar Gupta
Yogesh Kumar Gupta
पत्रकार बस्सी, जयपुर, राजस्थान•
2 hrs ago

जोधपुर के पावटा अस्पताल में दो प्रसूताओं को गंभीर संक्रमण होने के बाद उन्हें एम डी एम अस्पताल रेफर किया गया है। वहीं, पावटा अस्पताल में अन्य प्रसूताएं अभी भी भर्ती हैं। इस मामले को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने पावटा अस्पताल का दौरा किया। गहलोत ने अस्पताल में भर्ती प्रसूताओं से मुलाकात की और उनसे बातचीत भी की।

More news from राजस्थान and nearby areas
  • आज जयपुर के वाटिका गांव क्षेत्र में एक सड़क हादसा हुआ, जहाँ एक टाटा सफारी वाहन ने पीछे से एक टैक्सी को टक्कर मार दी। गनीमत रही कि इस दुर्घटना में किसी भी व्यक्ति को कोई चोट या गंभीर नुकसान नहीं हुआ। हालांकि, टक्कर के कारण टैक्सी वाहन को काफी नुकसान पहुंचा है, जिससे ड्राइवर भाई को आर्थिक हानि का सामना करना पड़ सकता है। इस घटना के बाद, सभी वाहन चालकों से अपील की गई है कि वे सड़क पर वाहन चलाते समय यातायात नियमों का पालन करें और सुरक्षित दूरी बनाए रखें, ताकि ऐसी दुर्घटनाओं से बचा जा सके और सभी सावधानीपूर्वक वाहन चलाकर सुरक्षित रहें।
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    आज जयपुर के वाटिका गांव क्षेत्र में एक सड़क हादसा हुआ, जहाँ एक टाटा सफारी वाहन ने पीछे से एक टैक्सी को टक्कर मार दी। गनीमत रही कि इस दुर्घटना में किसी भी व्यक्ति को कोई चोट या गंभीर नुकसान नहीं हुआ। हालांकि, टक्कर के कारण टैक्सी वाहन को काफी नुकसान पहुंचा है, जिससे ड्राइवर भाई को आर्थिक हानि का सामना करना पड़ सकता है। इस घटना के बाद, सभी वाहन चालकों से अपील की गई है कि वे सड़क पर वाहन चलाते समय यातायात नियमों का पालन करें और सुरक्षित दूरी बनाए रखें, ताकि ऐसी दुर्घटनाओं से बचा जा सके और सभी सावधानीपूर्वक वाहन चलाकर सुरक्षित रहें।
    user_Just Jaipur Live
    Just Jaipur Live
    Journalist जयपुर, जयपुर, राजस्थान•
    6 hrs ago
  • राजस्थान के विभिन्न सरकारी अस्पतालों में गर्भवती और हाल ही में जन्म देने वाली महिलाओं (प्रसूताओं) की मौत और गंभीर रूप से बीमार होने की घटनाएं बेहद चिंताजनक और संवेदनशील हैं। चिकित्सा जगत और प्रशासनिक जांच के आधार पर इस पूरे मामले की तथ्यात्मक रिपोर्ट में कई गंभीर कारण सामने आए हैं। कोटा के सबसे बड़े मातृ एवं शिशु चिकित्सालय (जेके लोन अस्पताल) में कुछ ही दिनों के भीतर चार प्रसूताओं की अचानक मौत हो गई। शुरुआती जांच और मेडिकल ऑडिट में प्रसूताओं की मौत का मुख्य कारण प्रसव के बाद अत्यधिक रक्तस्राव (Severe PPH) और गंभीर संक्रमण के कारण अंगों का काम बंद करना (Septic Shock) पाया गया। कुछ मामलों में प्रसूताओं को बहुत गंभीर एनीमिया (खून की कमी) की स्थिति में अस्पताल लाया गया था। बीकानेर के पीबीएम अस्पताल से संबद्ध जनाना अस्पताल में प्रसव के बाद कई महिलाओं की किडनी और लिवर अचानक खराब होने (Acute Kidney & Liver Injury) के मामले सामने आए। उच्च स्तरीय जांच समितियों की रिपोर्ट के अनुसार, इसके पीछे संक्रमित जीवन रक्षक दवाएं (Contaminated IV Fluids/Injections) और अस्पताल के ऑपरेशन थिएटर (ओटी) में फैला संक्रमण मुख्य वजह पाए गए। जांच में प्रसव के दौरान दी जाने वाली ग्लूकोज/ड्रिप की बोतलों में बैक्टीरिया का संक्रमण मिला, जिसने प्रसूताओं के शरीर में जाकर सेप्सिस पैदा किया और उनके अंगों को नुकसान पहुंचाया। इसी तरह, जोधपुर के सरकारी उम्मेद अस्पताल में भी प्रसूताओं की तबीयत बिगड़ने और उन्हें आईसीयू में शिफ्ट करने के मामले सामने आए। जांच में सामने आया कि अस्पताल के वार्डों और लेबर रूम में साफ-सफाई (हाइजीन) की भारी कमी थी। इसके अलावा, अत्यधिक वर्कलोड के कारण डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ द्वारा प्रसव के बाद दी जाने वाली देखभाल (Post-operative care) में निगरानी की कमी भी एक महत्वपूर्ण कारण रही।
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    राजस्थान के विभिन्न सरकारी अस्पतालों में गर्भवती और हाल ही में जन्म देने वाली महिलाओं (प्रसूताओं) की मौत और गंभीर रूप से बीमार होने की घटनाएं बेहद चिंताजनक और संवेदनशील हैं। चिकित्सा जगत और प्रशासनिक जांच के आधार पर इस पूरे मामले की तथ्यात्मक रिपोर्ट में कई गंभीर कारण सामने आए हैं।

कोटा के सबसे बड़े मातृ एवं शिशु चिकित्सालय (जेके लोन अस्पताल) में कुछ ही दिनों के भीतर चार प्रसूताओं की अचानक मौत हो गई। शुरुआती जांच और मेडिकल ऑडिट में प्रसूताओं की मौत का मुख्य कारण प्रसव के बाद अत्यधिक रक्तस्राव (Severe PPH) और गंभीर संक्रमण के कारण अंगों का काम बंद करना (Septic Shock) पाया गया। कुछ मामलों में प्रसूताओं को बहुत गंभीर एनीमिया (खून की कमी) की स्थिति में अस्पताल लाया गया था।

बीकानेर के पीबीएम अस्पताल से संबद्ध जनाना अस्पताल में प्रसव के बाद कई महिलाओं की किडनी और लिवर अचानक खराब होने (Acute Kidney & Liver Injury) के मामले सामने आए। उच्च स्तरीय जांच समितियों की रिपोर्ट के अनुसार, इसके पीछे संक्रमित जीवन रक्षक दवाएं (Contaminated IV Fluids/Injections) और अस्पताल के ऑपरेशन थिएटर (ओटी) में फैला संक्रमण मुख्य वजह पाए गए। जांच में प्रसव के दौरान दी जाने वाली ग्लूकोज/ड्रिप की बोतलों में बैक्टीरिया का संक्रमण मिला, जिसने प्रसूताओं के शरीर में जाकर सेप्सिस पैदा किया और उनके अंगों को नुकसान पहुंचाया।

इसी तरह, जोधपुर के सरकारी उम्मेद अस्पताल में भी प्रसूताओं की तबीयत बिगड़ने और उन्हें आईसीयू में शिफ्ट करने के मामले सामने आए। जांच में सामने आया कि अस्पताल के वार्डों और लेबर रूम में साफ-सफाई (हाइजीन) की भारी कमी थी। इसके अलावा, अत्यधिक वर्कलोड के कारण डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ द्वारा प्रसव के बाद दी जाने वाली देखभाल (Post-operative care) में निगरानी की कमी भी एक महत्वपूर्ण कारण रही।
    user_Dainik Chaupal Samachar
    Dainik Chaupal Samachar
    आंधी, जयपुर, राजस्थान•
    7 hrs ago
  • टोंक से जयपुर जाने वाले मार्ग पर बनास नदी के पास स्थित राधा कृष्ण होटल का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में कथित तौर पर घी के बर्तन में एक मृत तिलचट्टा दिखाई दे रहा है। आरोप है कि तिलचट्टा मिलने के बावजूद होटल के कर्मचारी उसी घी का उपयोग ग्राहकों को रोटियों पर लगाकर परोस रहे थे। इस घटना के सामने आने के बाद लोगों में होटलों में मिलने वाले भोजन की गुणवत्ता और स्वच्छता को लेकर गंभीर चिंताएँ बढ़ गई हैं, जिससे आम नागरिकों का होटलों और ढाबों पर से विश्वास उठने की आशंका जताई जा रही है। मामले को लेकर जब पत्रकारों ने होटल संचालक हरकेश गुर्जर से बातचीत की, तो उन्होंने हाथ जोड़कर अपनी बात रखते हुए इसे गलती बताया। हरकेश गुर्जर ने जानकारी दी कि उनका होटल हाल ही में शुरू हुआ है और उन पर लगभग दो लाख रुपये का कर्ज है। उन्होंने हाईवे चौड़ीकरण और अन्य कारणों से दुकान के सामने का हिस्सा टूट जाने की बात कहते हुए आर्थिक परेशानियों का भी उल्लेख किया। हालाँकि, यह सवाल अभी भी बना हुआ है कि यदि घी में तिलचट्टा मौजूद था, तो उसका उपयोग भोजन बनाने और परोसने में क्यों किया जा रहा था, क्योंकि खाद्य सुरक्षा से जुड़े मामलों में ऐसी लापरवाही लोगों के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा उत्पन्न कर सकती है। स्थानीय स्तर पर इस बात को लेकर भी चर्चा हो रही है कि क्या होटल के पास आवश्यक लाइसेंस और खाद्य सुरक्षा संबंधी अनुमति है या नहीं। यदि होटल बिना आवश्यक अनुमति के संचालित हो रहा है, तो यह भी जाँच का एक महत्वपूर्ण विषय है। अब लोगों की यह मांग है कि संबंधित विभाग, खाद्य सुरक्षा अधिकारी और प्रशासन इस वायरल वीडियो की सत्यता की जाँच करें और यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
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    टोंक से जयपुर जाने वाले मार्ग पर बनास नदी के पास स्थित राधा कृष्ण होटल का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में कथित तौर पर घी के बर्तन में एक मृत तिलचट्टा दिखाई दे रहा है। आरोप है कि तिलचट्टा मिलने के बावजूद होटल के कर्मचारी उसी घी का उपयोग ग्राहकों को रोटियों पर लगाकर परोस रहे थे। इस घटना के सामने आने के बाद लोगों में होटलों में मिलने वाले भोजन की गुणवत्ता और स्वच्छता को लेकर गंभीर चिंताएँ बढ़ गई हैं, जिससे आम नागरिकों का होटलों और ढाबों पर से विश्वास उठने की आशंका जताई जा रही है।

मामले को लेकर जब पत्रकारों ने होटल संचालक हरकेश गुर्जर से बातचीत की, तो उन्होंने हाथ जोड़कर अपनी बात रखते हुए इसे गलती बताया। हरकेश गुर्जर ने जानकारी दी कि उनका होटल हाल ही में शुरू हुआ है और उन पर लगभग दो लाख रुपये का कर्ज है। उन्होंने हाईवे चौड़ीकरण और अन्य कारणों से दुकान के सामने का हिस्सा टूट जाने की बात कहते हुए आर्थिक परेशानियों का भी उल्लेख किया। हालाँकि, यह सवाल अभी भी बना हुआ है कि यदि घी में तिलचट्टा मौजूद था, तो उसका उपयोग भोजन बनाने और परोसने में क्यों किया जा रहा था, क्योंकि खाद्य सुरक्षा से जुड़े मामलों में ऐसी लापरवाही लोगों के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा उत्पन्न कर सकती है।

स्थानीय स्तर पर इस बात को लेकर भी चर्चा हो रही है कि क्या होटल के पास आवश्यक लाइसेंस और खाद्य सुरक्षा संबंधी अनुमति है या नहीं। यदि होटल बिना आवश्यक अनुमति के संचालित हो रहा है, तो यह भी जाँच का एक महत्वपूर्ण विषय है। अब लोगों की यह मांग है कि संबंधित विभाग, खाद्य सुरक्षा अधिकारी और प्रशासन इस वायरल वीडियो की सत्यता की जाँच करें और यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
    user_Desh ka Darpan News
    Desh ka Darpan News
    जयपुर, जयपुर, राजस्थान•
    8 hrs ago
  • यह संदेश बार-बार होने वाले नजला-जुकाम, लगातार छींकें आने, सांस लेने में दिक्कत, बलग़म की समस्या और धूल, मौसम या अन्य चीज़ों से होने वाली एलर्जी जैसी सामान्य समस्याओं पर प्रकाश डालता है। इसमें ज़ोर दिया गया है कि इन परेशानियों को नज़रअंदाज़ नहीं करना चाहिए और समय रहते सही देखभाल व विशेषज्ञ की सलाह लेना अत्यंत आवश्यक है। इन समस्याओं से निपटने और स्वस्थ जीवन सुनिश्चित करने के लिए कुछ महत्वपूर्ण उपाय सुझाए गए हैं। इनमें स्वच्छ वातावरण बनाए रखना, धूल और धुएँ से दूर रहना, पर्याप्त मात्रा में पानी पीना, नियमित रूप से व्यायाम और योग करना शामिल है। इसके अतिरिक्त, सलाह दी गई है कि उपचार हमेशा डॉक्टर की सलाह के अनुसार ही किया जाए। संदेश का समापन इस प्रेरणादायक वाक्य से होता है कि 'स्वस्थ सांसें, स्वस्थ जीवन की पहचान हैं', जो लोगों को अपनी सेहत का ध्यान रखने और खुलकर सांस लेने के लिए प्रोत्साहित करता है। अधिक जानकारी प्राप्त करने के लिए 075686 28143 पर संपर्क करने का विकल्प भी दिया गया है।
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    यह संदेश बार-बार होने वाले नजला-जुकाम, लगातार छींकें आने, सांस लेने में दिक्कत, बलग़म की समस्या और धूल, मौसम या अन्य चीज़ों से होने वाली एलर्जी जैसी सामान्य समस्याओं पर प्रकाश डालता है। इसमें ज़ोर दिया गया है कि इन परेशानियों को नज़रअंदाज़ नहीं करना चाहिए और समय रहते सही देखभाल व विशेषज्ञ की सलाह लेना अत्यंत आवश्यक है।

इन समस्याओं से निपटने और स्वस्थ जीवन सुनिश्चित करने के लिए कुछ महत्वपूर्ण उपाय सुझाए गए हैं। इनमें स्वच्छ वातावरण बनाए रखना, धूल और धुएँ से दूर रहना, पर्याप्त मात्रा में पानी पीना, नियमित रूप से व्यायाम और योग करना शामिल है। इसके अतिरिक्त, सलाह दी गई है कि उपचार हमेशा डॉक्टर की सलाह के अनुसार ही किया जाए।

संदेश का समापन इस प्रेरणादायक वाक्य से होता है कि 'स्वस्थ सांसें, स्वस्थ जीवन की पहचान हैं', जो लोगों को अपनी सेहत का ध्यान रखने और खुलकर सांस लेने के लिए प्रोत्साहित करता है। अधिक जानकारी प्राप्त करने के लिए 075686 28143 पर संपर्क करने का विकल्प भी दिया गया है।
    user_Dr.Sharwan
    Dr.Sharwan
    Local News Reporter Jaipur, Rajasthan•
    9 hrs ago
  • यह बात कही गई है कि हमें दूसरों का अपमान नहीं करना चाहिए, क्योंकि सभी को अपने संस्कार और संस्कृति के अनुसार जीवन जीने का अधिकार है। हालांकि, इसी के साथ यह भी ज़ोर दिया गया है कि चाटुकारिता के लिए अपनी स्वयं की संस्कृति और संस्कारों की अवहेलना भी नहीं करनी चाहिए। व्यक्ति को अपने जीवन में अपनी स्वयं की सामर्थ्य और बल पर जीना चाहिए।
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    यह बात कही गई है कि हमें दूसरों का अपमान नहीं करना चाहिए, क्योंकि सभी को अपने संस्कार और संस्कृति के अनुसार जीवन जीने का अधिकार है। हालांकि, इसी के साथ यह भी ज़ोर दिया गया है कि चाटुकारिता के लिए अपनी स्वयं की संस्कृति और संस्कारों की अवहेलना भी नहीं करनी चाहिए। व्यक्ति को अपने जीवन में अपनी स्वयं की सामर्थ्य और बल पर जीना चाहिए।
    user_दौलत राम शर्मा शास्त्री
    दौलत राम शर्मा शास्त्री
    Voice of people आंधी, जयपुर, राजस्थान•
    19 hrs ago
  • जोधपुर के पावटा अस्पताल में दो प्रसूताओं को गंभीर संक्रमण होने के कारण उन्हें एमडीएम अस्पताल रेफर किया गया है। इसी के साथ, पावटा अस्पताल में अन्य प्रसूताएं भी भर्ती हैं। इस पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने पावटा अस्पताल का दौरा किया, जहां उन्होंने अस्पताल में भर्ती प्रसूताओं से मिलकर उनकी स्थिति के बारे में जानकारी ली।
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    जोधपुर के पावटा अस्पताल में दो प्रसूताओं को गंभीर संक्रमण होने के कारण उन्हें एमडीएम अस्पताल रेफर किया गया है। इसी के साथ, पावटा अस्पताल में अन्य प्रसूताएं भी भर्ती हैं। इस पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने पावटा अस्पताल का दौरा किया, जहां उन्होंने अस्पताल में भर्ती प्रसूताओं से मिलकर उनकी स्थिति के बारे में जानकारी ली।
    user_Yogesh Kumar Gupta
    Yogesh Kumar Gupta
    पत्रकार बस्सी, जयपुर, राजस्थान•
    3 hrs ago
  • दौसा में मानसून की आहट के साथ ही गोपाल वाटिका क्षेत्र के निवासियों की चिंताएं बढ़ गई हैं। सोमनाथ चौराहा, रोडवेज डिपो, कलेक्ट्रेट और आरटीओ ऑफिस के पीछे से आने वाला बरसाती पानी बाईपास पुलिया के रास्ते सीधे गोपाल वाटिका और इम्पल्स कॉलेज के पीछे की कॉलोनी में जमा हो जाता है। इस गंभीर जलभराव से करीब 80 से 90 परिवार सीधे तौर पर प्रभावित हैं, जहां सड़कें तालाब का रूप ले चुकी हैं। पानी के जमाव के कारण कई मकानों की दीवारों में दरारें आ गई हैं, जिससे किसी बड़े हादसे का खतरा मंडरा रहा है। स्थानीय निवासी रविंद्र मोरेड ने बताया कि इस समस्या को लेकर पूर्व में भी जिला कलेक्टर, उपखण्ड अधिकारी और नगरपालिका दौसा को कई बार लिखित शिकायतें दी जा चुकी हैं। हालांकि, प्रशासन की टीमें मौके पर आकर मुआयना तो करती हैं, लेकिन धरातल पर आज तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। समस्त निवासीगण और स्थानीय प्रतिनिधियों ने अब सांसद महोदय को ज्ञापन सौंपकर इस समस्या के स्थायी समाधान की मांग की है, साथ ही जिला कलेक्टर से भी जलभराव की इस गंभीर परेशानी को दूर करने की गुहार लगाई है।
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    दौसा में मानसून की आहट के साथ ही गोपाल वाटिका क्षेत्र के निवासियों की चिंताएं बढ़ गई हैं। सोमनाथ चौराहा, रोडवेज डिपो, कलेक्ट्रेट और आरटीओ ऑफिस के पीछे से आने वाला बरसाती पानी बाईपास पुलिया के रास्ते सीधे गोपाल वाटिका और इम्पल्स कॉलेज के पीछे की कॉलोनी में जमा हो जाता है।

इस गंभीर जलभराव से करीब 80 से 90 परिवार सीधे तौर पर प्रभावित हैं, जहां सड़कें तालाब का रूप ले चुकी हैं। पानी के जमाव के कारण कई मकानों की दीवारों में दरारें आ गई हैं, जिससे किसी बड़े हादसे का खतरा मंडरा रहा है।

स्थानीय निवासी रविंद्र मोरेड ने बताया कि इस समस्या को लेकर पूर्व में भी जिला कलेक्टर, उपखण्ड अधिकारी और नगरपालिका दौसा को कई बार लिखित शिकायतें दी जा चुकी हैं। हालांकि, प्रशासन की टीमें मौके पर आकर मुआयना तो करती हैं, लेकिन धरातल पर आज तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। समस्त निवासीगण और स्थानीय प्रतिनिधियों ने अब सांसद महोदय को ज्ञापन सौंपकर इस समस्या के स्थायी समाधान की मांग की है, साथ ही जिला कलेक्टर से भी जलभराव की इस गंभीर परेशानी को दूर करने की गुहार लगाई है।
    user_RIVENDRA KUMAR SHARMA
    RIVENDRA KUMAR SHARMA
    Local News Reporter बेजुपाड़ा, दौसा, राजस्थान•
    3 hrs ago
  • उत्तर प्रदेश (UP) में एक लाइब्रेरी में आग लगने से अब तक 18 लोगों की मौत की खबर है, जिनमें ज्यादातर छात्र बताए जा रहे हैं। यह घटना इतनी हृदयविदारक है कि छात्र अपनी जान बचाने के लिए पहली मंजिल से कूदने को मजबूर हुए। शवों को बाहर निकालने के लिए लाइब्रेरी की पीछे की दीवार तोड़नी पड़ी। घटना स्थल पर दमकल कर्मियों के पहुंचने में हो रही देरी को लेकर भी लोग सवाल उठा रहे हैं, उनका कहना है कि जहाँ पिज़्ज़ा आधे घंटे में आ जाता है, वहीं दमकल को पहुंचने में अभी भी कई घंटे लग रहे हैं। इस दुखद स्थिति को देखते हुए, जल्द से जल्द मदद पहुंचने की अपील की गई है।
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    उत्तर प्रदेश (UP) में एक लाइब्रेरी में आग लगने से अब तक 18 लोगों की मौत की खबर है, जिनमें ज्यादातर छात्र बताए जा रहे हैं। यह घटना इतनी हृदयविदारक है कि छात्र अपनी जान बचाने के लिए पहली मंजिल से कूदने को मजबूर हुए।

शवों को बाहर निकालने के लिए लाइब्रेरी की पीछे की दीवार तोड़नी पड़ी। घटना स्थल पर दमकल कर्मियों के पहुंचने में हो रही देरी को लेकर भी लोग सवाल उठा रहे हैं, उनका कहना है कि जहाँ पिज़्ज़ा आधे घंटे में आ जाता है, वहीं दमकल को पहुंचने में अभी भी कई घंटे लग रहे हैं। इस दुखद स्थिति को देखते हुए, जल्द से जल्द मदद पहुंचने की अपील की गई है।
    user_RIVENDRA KUMAR SHARMA
    RIVENDRA KUMAR SHARMA
    Local News Reporter बेजुपाड़ा, दौसा, राजस्थान•
    2 hrs ago
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