खबर, जिला सागर से। लोकेशन, थाना सानौधा, जिला सागर दिनांक : 12/05/2026 *चौकी शाहपुर अंतर्गत हुए दोहरे हत्याकाण्ड का खुलासा — 02 आरोपी गिरफ्तार, घटना को दुर्घटना का रूप देने की साजिश पुलिस ने की विफल* थाना सानौधा अंतर्गत चौकी शाहपुर क्षेत्र में दिनांक 08.05.2026 को हुए सनसनीखेज दोहरे हत्याकाण्ड प्रकरण में पुलिस ने त्वरित, सूक्ष्म एवं वैज्ञानिक विवेचना करते हुए 02 आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की है। वहीं फरार अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी हेतु पुलिस की विशेष टीमें लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। घटना के संबंध में दिनांक 09.05.2026 को फरियादी सूरज अहिरवार पिता दामोदर अहिरवार उम्र 40 वर्ष निवासी वार्ड क्रमांक 07 शाहपुर थाना सानौधा जिला सागर द्वारा रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी कि दिनांक 08.05.2026 की रात्रि लगभग 08:30 बजे शराब बेचने के संदेह को लेकर आरोपीगण 1. नीलेश अहिरवार पिता काशीराम अहिरवार निवासी शाहपुर, 2. भगवत पटैल पिता कुन्दन पटैल निवासी शाहपुर, 3. अंशुल यादव पिता रामप्रसाद यादव निवासी भडराना थाना बण्डा, 4. छोटू उर्फ हर्ष सिंह लोधी एवं 5. अभिषेक पटैल निवासी शाहपुर थाना सानौधा द्वारा फरियादी एवं नीरज प्रजापति का रास्ता रोककर गाली-गलौज की गई तथा जातिसूचक शब्दों से अपमानित करते हुए लाठी एवं लोहे की रॉड से गंभीर मारपीट की गई। घटना में गंभीर रूप से घायल नीरज प्रजापति की मौके पर ही मृत्यु हो गई थी, जबकि घायल सूरज अहिरवार की उपचार के दौरान दिनांक 10.05.2026 को मृत्यु हो गई। घटना के बाद आरोपियों द्वारा पूरे घटनाक्रम को सड़क दुर्घटना का रूप देने का प्रयास किया गया। आरोपियों ने मृतक एवं घायल की मोटरसाइकिल में तोड़फोड़ की तथा स्वयं की बोलेरो वाहन को भी सड़क के नीचे खंती में उतारकर ऐसा दृश्य निर्मित करने का प्रयास किया कि घटना एक सड़क दुर्घटना प्रतीत हो। किन्तु पुलिस द्वारा घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण, तकनीकी एवं वैज्ञानिक साक्ष्यों का संकलन, परिस्थितिजन्य तथ्यों का सूक्ष्म विश्लेषण तथा गवाहों से गहन पूछताछ किए जाने पर घटना का वास्तविक स्वरूप सामने आया और आरोपियों की साजिश विफल हो गई। पुलिस द्वारा प्रकरण में महत्वपूर्ण वैज्ञानिक एवं भौतिक साक्ष्य एकत्रित किए गए हैं, जो आरोपियों की संलिप्तता को प्रमाणित करते हैं। फरियादी की रिपोर्ट पर थाना सानौधा में अपराध क्रमांक 128/26 धारा 103(1), 126(2), 190, 191(2), 191(3), 296(B), 115(2) बी.एन.एस. एवं 3(1)(द), 3(1)(घ), 3(2)(V) एससी/एसटी एक्ट के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। प्रकरण की गंभीरता को दृष्टिगत रखते हुए पुलिस अधीक्षक श्री अनुराग सुजानिया के निर्देशन में, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. संजीव उइके, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री लोकेश कुमार सिन्हा, एसडीओपी रहली श्री प्रकाश मिश्रा एवं नगर पुलिस अधीक्षक श्री ललित कश्यप के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी सानौधा निरीक्षक भरत सिंह ठाकुर के नेतृत्व में विशेष पुलिस टीमों का गठन किया गया। पुलिस टीमों द्वारा ग्राम मंझला, भडराना, बूड़ा खेड़ा, धबौली, शाहपुर एवं किन्द्रह सहित विभिन्न संभावित स्थानों पर लगातार दबिश दी गई तथा विश्वसनीय मुखबिर सक्रिय किए गए। इसी दौरान दिनांक 11.05.2026 को मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई कि आरोपी नीलेश अहिरवार अपने घर शाहपुर आने वाला है तथा आरोपी अंशुल यादव अमोदा तिराहे के पास अपने परिजनों से मिलने आने वाला है एवं प्रदेश से बाहर भागने की फिराक में है। सूचना पर तत्काल दो अलग-अलग पुलिस टीमें रवाना की गईं। पहली टीम द्वारा शाहपुर में आरोपी नीलेश अहिरवार के घर दबिश दी गई। पुलिस को देखकर आरोपी भागने लगा, लेकिन भागते समय गिरने से उसके दाहिने पैर में चोट आ गई। पुलिस टीम ने घेराबंदी कर उसे सावधानीपूर्वक गिरफ्तार किया तथा प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र शाहपुर में मेडिकल परीक्षण कराने के बाद थाना सानौधा लाया गया। वहीं दूसरी टीम द्वारा अमोदा तिराहे के पास घेराबंदी कर आरोपी अंशुल यादव को गिरफ्तार किया गया। दोनों आरोपियों से घटना में प्रयुक्त आलाजरब बरामद कर विधिवत गिरफ्तार किया गया तथा उन्हें माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया गया। फरार अन्य आरोपियों की तलाश एवं गिरफ्तारी हेतु पुलिस की विशेष टीमें लगातार प्रयासरत हैं। पूछताछ एवं पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार आरोपी नीलेश अहिरवार का पूर्व आपराधिक रिकॉर्ड भी रहा है। उसके विरुद्ध विभिन्न थानों में कुल 08 आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं तथा उसे पूर्व में जिला बदर भी किया जा चुका है। आरोपी अंशुल यादव के विरुद्ध थाना बण्डा में मारपीट का प्रकरण दर्ज है। प्रकरण में पुलिस द्वारा की गई सतर्कता, वैज्ञानिक विवेचना, त्वरित कार्रवाई एवं साक्ष्य संकलन की क्षेत्र में व्यापक सराहना की जा रही है। पुलिस की सजगता एवं सूझबूझ के कारण आरोपियों द्वारा रची गई दुर्घटना की झूठी कहानी का पर्दाफाश संभव हो सका तथा दोहरे हत्याकाण्ड के आरोपियों तक पुलिस शीघ्रता से पहुंच सकी। उक्त कार्यवाही में निरीक्षक भरत सिंह ठाकुर थाना प्रभारी सानौधा, उनि बालाराम छारी, सउनि जय सिंह ठाकुर, सउनि शेषनारायण दुबे, प्रआर 56 उमेश तिवारी, प्रआर 583 धर्मदास बंसल, प्रआर 1385 पुरुषोत्तम दास, प्रआर 1765 विष्णु प्रसाद, प्रआर 331 राजेश पाण्डे, आरक्षक 1545 प्रवीण जाट, आरक्षक 516 देवेन्द्र, आरक्षक 1429 लकी अहिरवार, आरक्षक 1163 शिवराज उईके, आरक्षक 1676 प्रमोद राजपूत, आरक्षक 1134 गौरव अग्निहोत्री, आरक्षक 1519 राहुल श्रीवास्तव एवं आरक्षक 1612 नीरज आठिया की विशेष एवं सराहनीय भूमिका रही।
खबर, जिला सागर से। लोकेशन, थाना सानौधा, जिला सागर दिनांक : 12/05/2026 *चौकी शाहपुर अंतर्गत हुए दोहरे हत्याकाण्ड का खुलासा — 02 आरोपी गिरफ्तार, घटना को दुर्घटना का रूप देने की साजिश पुलिस ने की विफल* थाना सानौधा अंतर्गत चौकी शाहपुर क्षेत्र में दिनांक 08.05.2026 को हुए सनसनीखेज दोहरे हत्याकाण्ड प्रकरण में पुलिस ने त्वरित, सूक्ष्म एवं वैज्ञानिक विवेचना करते हुए 02 आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की है। वहीं फरार अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी हेतु पुलिस की विशेष टीमें लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। घटना के संबंध में दिनांक 09.05.2026 को फरियादी सूरज अहिरवार पिता दामोदर अहिरवार उम्र 40 वर्ष निवासी वार्ड क्रमांक 07 शाहपुर थाना सानौधा जिला सागर द्वारा रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी कि दिनांक 08.05.2026 की रात्रि लगभग 08:30 बजे शराब बेचने के संदेह को लेकर आरोपीगण 1. नीलेश अहिरवार पिता काशीराम अहिरवार निवासी शाहपुर, 2. भगवत पटैल पिता कुन्दन पटैल निवासी शाहपुर, 3. अंशुल यादव पिता रामप्रसाद यादव निवासी भडराना थाना बण्डा, 4. छोटू उर्फ हर्ष सिंह लोधी एवं 5. अभिषेक पटैल निवासी शाहपुर थाना सानौधा द्वारा फरियादी एवं नीरज प्रजापति का रास्ता रोककर गाली-गलौज की गई तथा जातिसूचक शब्दों से अपमानित करते हुए लाठी एवं लोहे की रॉड से गंभीर मारपीट की गई। घटना में गंभीर रूप से घायल नीरज प्रजापति की मौके पर ही मृत्यु हो गई थी, जबकि घायल सूरज अहिरवार की उपचार के दौरान दिनांक 10.05.2026 को मृत्यु हो गई। घटना के बाद आरोपियों द्वारा पूरे घटनाक्रम को सड़क दुर्घटना का रूप देने का प्रयास किया गया। आरोपियों ने मृतक एवं घायल की मोटरसाइकिल में तोड़फोड़ की तथा स्वयं की बोलेरो वाहन को भी सड़क के नीचे खंती में उतारकर ऐसा दृश्य निर्मित करने का प्रयास किया कि घटना एक सड़क दुर्घटना प्रतीत हो। किन्तु पुलिस द्वारा घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण, तकनीकी एवं वैज्ञानिक साक्ष्यों का संकलन, परिस्थितिजन्य तथ्यों का सूक्ष्म विश्लेषण तथा गवाहों से गहन पूछताछ किए जाने पर घटना का वास्तविक स्वरूप सामने आया और आरोपियों की साजिश विफल हो गई। पुलिस द्वारा प्रकरण में महत्वपूर्ण वैज्ञानिक एवं भौतिक साक्ष्य एकत्रित किए गए हैं, जो आरोपियों की संलिप्तता को प्रमाणित करते हैं। फरियादी की रिपोर्ट पर थाना सानौधा में अपराध क्रमांक 128/26 धारा 103(1), 126(2), 190, 191(2), 191(3), 296(B), 115(2) बी.एन.एस. एवं 3(1)(द), 3(1)(घ), 3(2)(V) एससी/एसटी एक्ट के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। प्रकरण की गंभीरता को दृष्टिगत रखते हुए पुलिस अधीक्षक श्री अनुराग सुजानिया के निर्देशन में, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. संजीव उइके, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री लोकेश कुमार सिन्हा, एसडीओपी रहली श्री प्रकाश मिश्रा एवं नगर पुलिस अधीक्षक श्री ललित कश्यप के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी सानौधा निरीक्षक भरत सिंह ठाकुर के नेतृत्व में विशेष पुलिस टीमों का गठन किया गया। पुलिस टीमों द्वारा ग्राम मंझला, भडराना, बूड़ा खेड़ा, धबौली, शाहपुर एवं किन्द्रह सहित विभिन्न संभावित स्थानों पर लगातार दबिश दी गई तथा विश्वसनीय मुखबिर सक्रिय किए गए। इसी दौरान दिनांक 11.05.2026 को मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई कि आरोपी नीलेश अहिरवार अपने घर शाहपुर आने वाला है तथा आरोपी अंशुल यादव अमोदा तिराहे के पास अपने परिजनों से मिलने आने वाला है एवं प्रदेश से बाहर भागने की फिराक में है। सूचना पर तत्काल दो अलग-अलग पुलिस टीमें रवाना की गईं। पहली टीम द्वारा शाहपुर में आरोपी नीलेश अहिरवार के घर दबिश दी गई। पुलिस को देखकर आरोपी भागने लगा, लेकिन भागते समय गिरने से उसके दाहिने पैर में चोट आ गई। पुलिस टीम ने घेराबंदी कर उसे सावधानीपूर्वक गिरफ्तार किया तथा प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र शाहपुर में मेडिकल परीक्षण कराने के बाद थाना सानौधा लाया गया। वहीं दूसरी टीम द्वारा अमोदा तिराहे के पास घेराबंदी कर आरोपी अंशुल यादव को गिरफ्तार किया गया। दोनों आरोपियों से घटना में प्रयुक्त आलाजरब बरामद कर विधिवत गिरफ्तार किया गया तथा उन्हें माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया गया। फरार अन्य आरोपियों की तलाश एवं गिरफ्तारी हेतु पुलिस की विशेष टीमें लगातार प्रयासरत हैं। पूछताछ एवं पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार आरोपी नीलेश अहिरवार का पूर्व आपराधिक रिकॉर्ड भी रहा है। उसके विरुद्ध विभिन्न थानों में कुल 08 आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं तथा उसे पूर्व में जिला बदर भी किया जा चुका है। आरोपी अंशुल यादव के विरुद्ध थाना बण्डा में मारपीट का प्रकरण दर्ज है। प्रकरण में पुलिस द्वारा की गई सतर्कता, वैज्ञानिक विवेचना, त्वरित कार्रवाई एवं साक्ष्य संकलन की क्षेत्र में व्यापक सराहना की जा रही है। पुलिस की सजगता एवं सूझबूझ के कारण आरोपियों द्वारा रची गई दुर्घटना की झूठी कहानी का पर्दाफाश संभव हो सका तथा दोहरे हत्याकाण्ड के आरोपियों तक पुलिस शीघ्रता से पहुंच सकी। उक्त कार्यवाही में निरीक्षक भरत सिंह ठाकुर थाना प्रभारी सानौधा, उनि बालाराम छारी, सउनि जय सिंह ठाकुर, सउनि शेषनारायण दुबे, प्रआर 56 उमेश तिवारी, प्रआर 583 धर्मदास बंसल, प्रआर 1385 पुरुषोत्तम दास, प्रआर 1765 विष्णु प्रसाद, प्रआर 331 राजेश पाण्डे, आरक्षक 1545 प्रवीण जाट, आरक्षक 516 देवेन्द्र, आरक्षक 1429 लकी अहिरवार, आरक्षक 1163 शिवराज उईके, आरक्षक 1676 प्रमोद राजपूत, आरक्षक 1134 गौरव अग्निहोत्री, आरक्षक 1519 राहुल श्रीवास्तव एवं आरक्षक 1612 नीरज आठिया की विशेष एवं सराहनीय भूमिका रही।
- खबर जिला सागर से। लोकेशन,,,,,,,,भानगढ़,,,,बीना पुरानी रंजिश में किराना दुकान पर हमला, पेट्रोल डालकर आग लगाने की कोशिश; फायरिंग में एक घायल, 5 अन्य भी चोटिल बीना। भानगढ़ में मंगलवार सुबह पुरानी रंजिश को लेकर दो पक्षों में जमकर विवाद हो गया। आरोप है कि कुछ लोगों ने किराना दुकान में पेट्रोल डालकर आग लगाने की कोशिश की, दुकान में तोड़फोड़ की और फायरिंग कर दी। घटना में एक व्यक्ति के मुंह में छर्रे लगने से वह गंभीर रूप से घायल हो गया, जबकि कुल छह लोग चोटिल हुए हैं। गंभीर घायल को प्राथमिक उपचार के बाद सागर रेफर किया गया है। जानकारी के अनुसार जिनेंद्र जैन (52), गौरव जैन (26), अभय जैन, पिंकी जैन (45), शशि जैन और जया जैन के साथ मारपीट की घटना हुई। बताया जा रहा है कि सुबह करीब 8 बजे पुरानी रंजिश के चलते अनिल कुमार जैन से विवाद और गाली-गलौज हुई थी। इसके बाद जिनेंद्र जैन परिवार के सदस्य शिकायत दर्ज कराने थाने पहुंचे थे, लेकिन पारिवारिक स्तर पर समझौते की बात सामने आने पर सभी वापस लौट आए। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि करीब 11 बजे अनिल कुमार जैन, अभय जैन और दो अन्य लोग अचानक किराना दुकान पर पहुंचे। आरोपियों ने दुकान में पेट्रोल डालकर आग लगाने की कोशिश की और जमकर तोड़फोड़ की। विरोध करने पर महिलाओं सहित परिवार के छह लोगों के साथ मारपीट की गई। इसी दौरान बाहर से बंदूक से फायरिंग की गई, जिसमें जिनेंद्र जैन के मुंह में छर्रे लग गए। हालत गंभीर होने पर उन्हें सागर रेफर किया गया है। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और आसपास के लोग मौके पर जमा हो गए। बताया जा रहा है कि परिवार के कुछ सदस्य राहतगढ़ से मुंगावली रिश्तेदारी में जा रहे थे और रास्ते में भानगढ़ स्थित जिनेंद्र जैन के यहां रुके थे। इसी दौरान पुरानी रंजिश को लेकर विवाद बढ़ गया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को अस्पताल पहुंचाया। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।1
- बीना पुलिस ने अवैध रूप से ढाबों पर शराब परोसने और यातायात नियम तोड़ने वालों के खिलाफ सख्त अभियान छेड़ा है। इस दौरान कई चालान काटे गए, जुर्माना वसूला गया और एक व्यक्ति को प्रिंस ढाबे पर शराब पीते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए ऐसी कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।1
- बीना में आयोजित संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा के तीसरे दिन हजारों श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। व्यासपीठ से सुश्री जया किशोरी ने प्रवचन देते हुए कहा कि ईश्वर को पाने के लिए कठिन तपस्या नहीं, बल्कि सच्चा भाव और समर्पण आवश्यक है। इस आध्यात्मिक महोत्सव से पूरे क्षेत्र में सनातन संस्कृति और सद्भावना का संदेश प्रसारित हो रहा है।4
- सागर कलेक्टर प्रतिभा पाल ने शाहगढ़ के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का विस्तृत निरीक्षण किया। उन्होंने डॉक्टरों की उपस्थिति, दवाओं की उपलब्धता और 24 घंटे एम्बुलेंस सेवा पर कड़े निर्देश दिए। मरीजों को तत्काल उपचार और अस्पताल में स्वच्छता बनाए रखने पर विशेष जोर दिया गया।1
- विदिशा के बासोदा में एक निवेदन पत्र पर पिछले 4 दिनों से कोई सुनवाई नहीं हुई है। इससे आवेदक परेशान है और न्याय के लिए इंतजार कर रहा है। स्थानीय प्रशासन से मामले में जल्द हस्तक्षेप की मांग की गई है।1
- सागर जिले के शाहपुर में हुए दोहरे हत्याकांड का पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है। आरोपियों ने घटना को सड़क दुर्घटना दिखाने की साजिश रची थी, जिसे पुलिस ने अपनी वैज्ञानिक जांच से विफल कर दिया। मामले में दो आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं और अन्य की तलाश जारी है।1
- सागर कलेक्टर प्रतिभा पाल ने शाहगढ़ में विशेष जनसुनवाई कर ग्रामीणों की व्यक्तिगत और सार्वजनिक शिकायतें सुनीं। उन्होंने मौके पर कई समस्याओं का समाधान किया, जिसमें समग्र आईडी और आयुष्मान कार्ड से जुड़े मामले प्रमुख थे। कलेक्टर ने सभी संबंधित अधिकारियों को लंबित प्रकरणों का 3 दिन के भीतर अनिवार्य रूप से निराकरण करने के कड़े निर्देश दिए।3
- मध्य प्रदेश के सागर जिले में गौचर भूमि पर अवैध कब्जे से परेशान हिंदू समाज और गौ संगठनों ने राज्य सरकार को चेतावनी दी है। लगातार 157 ज्ञापन देने के बाद भी कार्रवाई न होने पर उन्होंने 20 दिनों के भीतर पशुपालन मंत्री का पुतला जलाने का ऐलान किया है।3
- सागर के शाहगढ़ में विशेष जनसुनवाई से अनाधिकृत रूप से अनुपस्थित रहने पर कलेक्टर ने कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. रोहित शिटोले और कार्यपालन यंत्री मयंक मरकाम को कारण बताओ नोटिस जारी किया। इन अधिकारियों को तीन दिन के भीतर व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर जवाब देने का आदेश दिया गया है।1