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दसवीं बोर्ड परीक्षा का परिणाम कल होगा जारी, शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने दी जानकारी
पुरुषोत्तम तिवाड़ी
दसवीं बोर्ड परीक्षा का परिणाम कल होगा जारी, शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने दी जानकारी
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- Post by Kishan Lal jangid1
- यूजीसी रोलबैक को लेकर आक्रोश: क्षत्रिय करणी सेना की अगुवाई में जयपुर सांसद मंजू शर्मा के आवास का घेराव जयपुर । यूजीसी (UGC) रोलबैक के मुद्दे पर सवर्ण समाज का गुस्सा अब सड़कों पर उतर आया है। रविवार को जयपुर में सवर्ण समाज के लोगों ने क्षत्रिय करणी सेना के नेतृत्व में जयपुर सांसद मंजू शर्मा के आवास का घेराव किया और जमकर नारेबाजी की। महापंचायत के मंच से हुई थी घोषणा गौरतलब है कि पिछले दिनों जयपुर में आयोजित 'सवर्ण महापंचायत' के दौरान ही यह निर्णय लिया गया था कि यदि सरकार और प्रशासन उनकी मांगों पर ध्यान नहीं देते हैं, तो सांसदों का घेराव किया जाएगा। उसी घोषणा पर अमल करते हुए रविवार को बड़ी संख्या में समाज के लोग सांसद के आवास पर एकत्रित हुए। क्यों है समाज में नाराजगी? प्रदर्शनकारियों का कहना है कि 19 मार्च को सुप्रीम कोर्ट में इस मामले पर सुनवाई नहीं होने और यूजीसी नियमों में बदलाव (रोलबैक) वापस नहीं लिए जाने के कारण समाज में गहरा आक्रोश है। हालांकि, वर्तमान में सुप्रीम कोर्ट ने इस प्रक्रिया पर रोक (Stay) लगा रखी है, लेकिन सवर्ण समाज इस मुद्दे का स्थायी समाधान और पूर्ण रोलबैक की मांग कर रहा है। सांसद के घेराव के दौरान प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि जनप्रतिनिधि केंद्र सरकार तक उनकी भावनाओं को पहुँचाएं और यह सुनिश्चित करें कि समाज के हितों के साथ कोई समझौता न हो। करणी सेना के पदाधिकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इस पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया, तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा।1
- Post by Rakesh Kumar Swami1
- ग्राम पंचायत हस्तेदा में काफी टाइम से कचरा पड़ा है जिसको खा कर गोमाता अपने प्राण त्याग रही है पंचायत को काफी टाइम से अवगत कराया है लेकिन पंचायत को कोई मतलब नहीं है बाल गोपाल गोरक्षक टीम ने पंचायत को अवगत करवाया मीडिया के जरिए दिखाया न्यू में डलवाया फिर भी गवर्मेंट मोन है विकास नहीं चाहिए सर गोमाता के लिए घर अति आवश्यक है पंचायत में काफी टाइम पहले नंदी घर था जिसको तुड़वाकर गवर्मेंट ने पंचायत भवन बनवा दिया इनको बेसरा कर दिया 15 साल से गोमाता कचरा खा रही हैं ये कहानी ग्राम पंचायत हस्तेड़ा की जहां पर mla मंत्री जज ci SP जैसी पोस्ट के बन्दे भी है फिर भी उनको मतलब नहीं है गोमाता प्राण नहीं संसार का प्राण है गो माता जानवर नहीं देश की जान है1
- Post by Yogesh Kumar Gupta1
- लालसोट। राजस्थान की लोक संस्कृति और पारंपरिक गायकी का गौरव, 276वां हेला ख्याल दंगल अपनी पूरी भव्यता के साथ संपन्नता की ओर है। इस वर्ष के आयोजन में जहाँ राजनीति पर तीखे कटाक्षों की बौछार हुई, वहीं पर्यावरण संरक्षण और राष्ट्रीय एकता का सशक्त संदेश भी जन-जन तक पहुँचाया गया। राजनीतिक कटाक्ष और जन-उत्साह दंगल में गायक पार्टियों ने अपनी विशेष व्यंग्यात्मक शैली से वर्तमान व्यवस्था को जमकर घेरा। पारक मंडल लालसोट ने जब स्थानीय राजनीति और विकास की स्थिति का सजीव चित्रण किया, तो श्रोता झूम उठे। विशेष रूप से भाजपा विधायक रामविलास मीणा और पूर्व चेयरमैन पिंकी चतुर्वेदी के पति सोनू बिनोरी की कार्यशैली पर किए गए काव्यात्मक कटाक्षों ने जनता का दिल जीत लिया। कलाकारों की प्रस्तुति पर मोहित होकर लोगों ने नोटों की बौछार कर दी और माला पहनाकर उनका अभिनंदन किया। स्वदेशी और पर्यावरण का शंखनाद किला बाजार बरनाला की पार्टी ने अपनी कविताओं के माध्यम से 'स्वदेशी अपनाओ' और 'पर्यावरण बचाओ' का जो संदेश दिया, वह अत्यंत प्रभावशाली रहा। उनकी हृदयस्पर्शी काव्य रचनाओं ने आमजन को अपनी जड़ों और प्रकृति के प्रति जागरूक होने की प्रेरणा दी। बदलते समय की चुनौतियां यद्यपि पूरे लालसोट में हर गली-मोहल्ले और बाजार में दंगल सुनाने की पुख्ता व्यवस्था की गई थी, लेकिन बदलते समय की आहट यहाँ भी महसूस की गई। अचानक बदले मौसम ने आयोजन की रंगत को थोड़ा प्रभावित किया। विशेषज्ञों का मानना है कि समय के साथ हेला ख्याल की वह पुरानी शैली और पारंपरिक चमक धीरे-धीरे कुछ फीकी पड़ती जा रही है। सम्मान और पुरस्कार कार्यक्रम के दौरान प्रशासनिक और पुलिस के उच्च अधिकारियों की उपस्थिति गरिमामयी रही। दंगल समिति ने स्मृति चिह्न और माला पहनाकर अतिथियों का स्वागत किया। कलाकारों का मनोबल बढ़ाने के लिए प्रवासी रमेश ग्रामीण द्वारा नकद पुरस्कार प्रदान किए गए, जिससे गायकों में भारी उत्साह देखा गया।3
- Post by Kishan Lal jangid1
- राजधानी जयपुर में यातायात नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। शहर की सड़कों पर एक बार फिर खतरनाक लापरवाही सामने आई है, जहां एक मिनी लोडिंग टेम्पो में क्षमता से कहीं अधिक, डेढ़ दर्जन से ज्यादा यात्रियों को ठूंस-ठूंसकर बैठाया गया। स्थानीय लोगों के अनुसार, इस प्रकार की ओवरलोडिंग शहर के कई इलाकों में आम हो चुकी है, लेकिन पुलिस और प्रशासन इस पर कोई ठोस कार्रवाई करते नजर नहीं आ रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि ऐसे वाहन बेखौफ होकर सड़कों पर दौड़ रहे हैं और जिम्मेदार विभाग आंखें मूंदे बैठे हैं। गौरतलब है कि जयपुर की टनल और अन्य व्यस्त मार्गों पर पहले भी कई भीषण सड़क हादसे हो चुके हैं, जिनमें कई लोगों की जान जा चुकी है। हर हादसे के बाद कुछ दिनों तक पुलिस की सख्ती जरूर देखने को मिलती है, लेकिन समय बीतते ही हालात फिर जस के तस हो जाते हैं। इस लापरवाही को देखते हुए अब बड़ा सवाल खड़ा हो गया है कि क्या पुलिस और प्रशासन किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहे हैं? यदि समय रहते सख्त कदम नहीं उठाए गए, तो आने वाले दिनों में कोई गंभीर दुर्घटना होने से इंकार नहीं किया जा सकता।1
- Post by Yogesh Kumar Gupta1