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विदिशा जिले में एसबीआई गोल्ड लोन फर्जीवाड़े की जांच के दायरे में आए बैंक कर्मचारी मनोज सोनी (40 वर्ष) ने आज अपने ग्राम खामखेड़ा स्थित फार्म हाउस पर खुद को बंदूक से गोली मारकर घायल कर लिया। गोली लगने के बाद लोगों की मदद से उन्हें अस्पताल भेजा गया, जहां उनका इलाज जारी है और उनकी हालत गंभीर बताई जा रही है। बताया जाता है कि मनोज सोनी एसबीआई नकली गोल्ड लोन मामले में आरोपी था। इस घटना से पहले, बीते दिनों केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने मनोज सोनी और उसके परिजनों की दुकान पर भी छापा मारा था।
PRAYAS vishwakarma
विदिशा जिले में एसबीआई गोल्ड लोन फर्जीवाड़े की जांच के दायरे में आए बैंक कर्मचारी मनोज सोनी (40 वर्ष) ने आज अपने ग्राम खामखेड़ा स्थित फार्म हाउस पर खुद को बंदूक से गोली मारकर घायल कर लिया। गोली लगने के बाद लोगों की मदद से उन्हें अस्पताल भेजा गया, जहां उनका इलाज जारी है और उनकी हालत गंभीर बताई जा रही है। बताया जाता है कि मनोज सोनी एसबीआई नकली गोल्ड लोन मामले में आरोपी था। इस घटना से पहले, बीते दिनों केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने मनोज सोनी और उसके परिजनों की दुकान पर भी छापा मारा था।
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- विदिशा जिले के गोलबारी चक गांव में पानी का नल खराब है, जिससे ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। गांववालों ने इस खराब नल को तत्काल ठीक करने की मांग की है। उन्होंने अधिकारियों से अपने गाँव की समस्याओं पर ध्यान देने और उनकी सुनवाई करने का आग्रह किया है।1
- अयोध्या राम मंदिर परिसर में पुलिस बैरिकेडिंग के भीतर मीडिया कवरेज पर प्रतिबंध लगा दिया गया है, जिससे यह गंभीर सवाल उठ रहा है कि आखिर किस बात का डर है। यदि सब कुछ पारदर्शी है, तो स्वतंत्र मीडिया को रिपोर्टिंग करने से क्यों रोका जा रहा है? लोकतंत्र में मीडिया की भूमिका सत्ता से सवाल पूछने की होती है, न कि केवल सरकारी प्रचार प्रसारित करने की। यदि परिसर में केवल कुछ चुनिंदा कैमरों को ही पहुँच मिलती है और अन्य पत्रकारों पर पाबंदी लगाई जाती है, तो यह पारदर्शिता नहीं बल्कि सूचना को नियंत्रित करने का एक स्पष्ट प्रयास प्रतीत होता है। भाजपा सरकार को यह समझना चाहिए कि सवाल पूछने वाले पत्रकार लोकतंत्र के दुश्मन नहीं, बल्कि उसकी सबसे मजबूत नींव हैं। मीडिया पर इस तरह के प्रतिबंध लगाने से सवाल खत्म नहीं होंगे, बल्कि जनता में संदेह और गहरा होगा। राम मंदिर करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है, और इसलिए वहाँ होने वाली हर व्यवस्था, प्रत्येक निर्णय और हर गतिविधि जनता के प्रति जवाबदेह होनी चाहिए। लोकतंत्र में जवाब सवालों के माध्यम से दिए जाते हैं, पाबंदियों से नहीं।1
- पूरे देश में 19 मार्च को एक साथ शुरू हुआ जल गंगा संवर्धन अभियान, जिसे मध्य प्रदेश में सीमित अवधि के बजाय 30 जून तक बढ़ाया गया था, आज संपन्न हो गया। इस अभियान का जिला स्तरीय समापन कार्यक्रम विदिशा जिला मुख्यालय के अटल उद्यान में आयोजित किया गया। इस अवसर पर प्रदेश के परिवहन एवं स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उनके साथ स्थानीय जनप्रतिनिधि और अधिकारी भी कार्यक्रम में मौजूद थे। समापन समारोह के दौरान, जल गंगा संवर्धन के कार्यों में सहयोग देने वाले विभिन्न संस्थानों, अधिकारियों, कर्मचारियों और व्यक्तियों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के बाद, अटल उद्यान में सभी उपस्थित लोगों ने सामूहिक रूप से वृक्षारोपण किया और लगाए गए पौधों के संरक्षण का संकल्प लिया।4
- विदिशा जिले की सिरोंज यातायात पुलिस ने पुलिस अधीक्षक श्री रोहित काशवानी के निर्देशानुसार 'मिशन सुरक्षित बचपन, सुरक्षित सड़क' के तहत अवैध स्कूल वाहनों के खिलाफ एक विशेष सुरक्षा जांच और जागरूकता अभियान चलाया। इस अभियान का उद्देश्य स्कूली बच्चों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करना था। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. प्रशांत चौबे और एसडीओपी सिरोंज श्रीमती सोनू डाबर के मार्गदर्शन में तथा यातायात प्रभारी सूबेदार रितेश वाघेला के नेतृत्व में यह अभियान ईशान इंटरनेशनल स्कूल और संस्कार ग्रीन वैली स्कूल में आयोजित किया गया। अभियान के दौरान स्कूल बस, वैन, ऑटो और अन्य स्कूली वाहनों की गहन जांच की गई, जिसमें फिटनेस, परमिट, बीमा, ड्राइविंग लाइसेंस और निर्धारित सुरक्षा मानकों के साथ-साथ सीसीटीवी कैमरा, फर्स्ट एड किट और अग्निशमन यंत्र जैसे सुरक्षा उपकरणों का निरीक्षण भी शामिल था। जांच में यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले 08 वाहनों के खिलाफ मोटरयान अधिनियम के तहत चालानी कार्रवाई की गई और उनसे कुल ₹9,000 का शमन शुल्क वसूल किया गया। संबंधित वाहन चालकों को भविष्य में नियमों का कड़ाई से पालन करने की सख्त हिदायत दी गई। विद्यार्थियों को भी सड़क सुरक्षा नियमों, हेलमेट और सीट बेल्ट के महत्व, यातायात संकेतों के पालन तथा सुरक्षित तरीके से सड़क पार करने के संबंध में जागरूक किया गया, उन्हें यह संदेश अपने परिवार और समाज में फैलाने के लिए भी प्रेरित किया गया। यातायात प्रभारी सूबेदार रितेश वाघेला ने अभिभावकों से भावुक अपील करते हुए कहा कि कुछ रुपये बचाने के लिए बच्चों की सुरक्षा से समझौता न करें और उन्हें ऐसे वाहनों में स्कूल भेजने से बचें जिनमें क्षमता से अधिक बच्चे बैठाए जाते हों या जिनके आवश्यक दस्तावेज अधूरे हों, क्योंकि सुरक्षित वाहन का चयन प्रत्येक अभिभावक की जिम्मेदारी है। वाहन चालकों को विशेष निर्देश दिए गए, जिनमें वर्षा ऋतु के लिए वाहनों में मजबूती जाली और वर्षा से बचाव की पुख्ता व्यवस्था करने को कहा गया। साथ ही, उन्हें स्पष्ट चेतावनी दी गई कि वाहन चलाते समय या बच्चों के सामने किसी भी प्रकार के नशीले पदार्थों (गुटखा, तंबाकू, बीड़ी, सिगरेट, शराब आदि) का सेवन पूर्णतः वर्जित है। उनसे यातायात नियमों का पालन करते हुए निर्धारित गति सीमा में ही वाहन चलाने और बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का आग्रह किया गया। यातायात प्रभारी ने शासन द्वारा संचालित सड़क सुरक्षा योजनाओं जैसे राह-वीर योजना (दुर्घटना घायलों की सहायता करने वाले नागरिकों को कानूनी संरक्षण व सम्मान), कैशलेस उपचार योजना (दुर्घटना के बाद 'गोल्डन ऑवर' में पात्र घायलों को तत्काल उपचार), और हिट एंड रन प्रतिकर योजना (अज्ञात वाहन से दुर्घटना पर पात्र पीड़ितों को आर्थिक सहायता) की भी जानकारी दी। उन्होंने जोर देकर कहा कि पुलिस का उद्देश्य केवल चालानी कार्रवाई करना नहीं है, बल्कि प्रत्येक बच्चे को सुरक्षित विद्यालय पहुंचाना और सुरक्षित घर वापस लाना है, और बच्चों की सुरक्षा के साथ किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।2
- एक व्यक्ति ने अपनी गहरी भावनाओं को व्यक्त करते हुए बताया है कि उसने किसी से 'अपना' समझकर प्यार किया था। हालांकि, दुख की बात है कि उस दूसरे व्यक्ति ने उसे 'सपना' समझकर भुला दिया।1
- विदिशा पुलिस अधीक्षक श्री रोहित काशवानी के निर्देशानुसार, स्कूली बच्चों की सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से सिरोंज यातायात पुलिस ने "मिशन सुरक्षित बचपन, सुरक्षित सड़क" के तहत एक विशेष स्कूल वाहन सुरक्षा जांच और यातायात जागरूकता अभियान चलाया। यह अभियान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. प्रशांत चौबे और एसडीओपी सिरोंज श्रीमती सोनू डाबर के मार्गदर्शन में तथा यातायात प्रभारी सूबेदार रितेश वाघेला के नेतृत्व में ईशान इंटरनेशनल स्कूल और संस्कार ग्रीन वैली स्कूल में आयोजित किया गया। इस अभियान के दौरान, स्कूल बसों, वैनों, ऑटो और अन्य स्कूली वाहनों की फिटनेस, परमिट, बीमा, ड्राइविंग लाइसेंस और निर्धारित सुरक्षा मानकों की गहन जांच की गई। इसके अतिरिक्त, वाहनों में सीसीटीवी कैमरा, फर्स्ट एड किट, अग्निशमन यंत्र और अन्य सुरक्षा उपकरणों का भी निरीक्षण किया गया। जांच के फलस्वरूप, यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले 08 वाहनों के खिलाफ मोटरयान अधिनियम के तहत चालानी कार्रवाई की गई, जिससे कुल ₹9,000 का शमन शुल्क वसूला गया। संबंधित वाहन चालकों को भविष्य में नियमों का कड़ाई से पालन करने की सख्त हिदायत भी दी गई।1
- विदिशा जिले में एसबीआई गोल्ड लोन फर्जीवाड़े की जांच के दायरे में आए बैंक कर्मचारी मनोज सोनी (40 वर्ष) ने आज अपने ग्राम खामखेड़ा स्थित फार्म हाउस पर खुद को बंदूक से गोली मारकर घायल कर लिया। गोली लगने के बाद लोगों की मदद से उन्हें अस्पताल भेजा गया, जहां उनका इलाज जारी है और उनकी हालत गंभीर बताई जा रही है। बताया जाता है कि मनोज सोनी एसबीआई नकली गोल्ड लोन मामले में आरोपी था। इस घटना से पहले, बीते दिनों केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने मनोज सोनी और उसके परिजनों की दुकान पर भी छापा मारा था।1