“टंकी तैयार, पाइप तैयार… बस नल तक पानी पहुंचना ‘सरकारी मूड’ पर निर्भर!” उदयपुर जिले की ग्राम पंचायत तितरड़ी में हालात कुछ ऐसे हैं कि विकास कागज़ों और ढांचों तक ही सीमित रह गया है। जल जीवन मिशन के तहत दो साल पहले पानी का स्टोरेज, बोरिंग और पाइपलाइन—सब कुछ तैयार कर दिया गया। यानी सिस्टम पूरी तरह ‘रेडी टू यूज़’ है… बस इस्तेमाल छोड़कर! निवर्तमान उपसरपंच मनोहरसिंह सिसोदिया के अनुसार, बोरिंग से टंकी तक पाइप जुड़ी हुई है, टंकी से गांव तक भी लाइन बिछ चुकी है—लेकिन असली कनेक्शन शायद फाइलों में अटका पड़ा है। जनता पूछ रही है कि जब सब कुछ बन गया, तो पानी आखिर “रास्ता क्यों भूल गया?” भीषण गर्मी में जहां एक-एक बूंद की कीमत समझ आती है, वहीं तितरड़ी में पानी नहीं, बल्कि ‘प्रशासन की सक्रियता’ सूखी पड़ी है। बार-बार आग्रह के बावजूद जिम्मेदार विभाग मानो इस मुद्दे को ‘गर्मी की छुट्टियों’ पर डाल चुका है। सबसे बड़ा सवाल यही— जब पाइप जुड़ने भर से पानी घर-घर पहुंच सकता है, तो आखिर ये जोड़ने का काम कब होगा? या फिर जनता को अगली बारिश तक ‘उम्मीद’ ही पीनी पड़ेगी?
“टंकी तैयार, पाइप तैयार… बस नल तक पानी पहुंचना ‘सरकारी मूड’ पर निर्भर!” उदयपुर जिले की ग्राम पंचायत तितरड़ी में हालात कुछ ऐसे हैं कि विकास कागज़ों और ढांचों तक ही सीमित रह गया है। जल जीवन मिशन के तहत दो साल पहले पानी का स्टोरेज, बोरिंग और पाइपलाइन—सब कुछ तैयार कर दिया गया। यानी सिस्टम पूरी तरह ‘रेडी टू यूज़’ है… बस इस्तेमाल छोड़कर! निवर्तमान उपसरपंच मनोहरसिंह सिसोदिया के अनुसार, बोरिंग से टंकी तक पाइप जुड़ी हुई है, टंकी से गांव तक भी लाइन बिछ चुकी है—लेकिन असली कनेक्शन शायद फाइलों में अटका पड़ा है। जनता पूछ रही है कि जब सब कुछ बन गया, तो पानी आखिर “रास्ता क्यों भूल गया?” भीषण गर्मी में जहां एक-एक बूंद की कीमत समझ आती है, वहीं तितरड़ी में पानी नहीं, बल्कि ‘प्रशासन की सक्रियता’ सूखी पड़ी है। बार-बार आग्रह के बावजूद जिम्मेदार विभाग मानो इस मुद्दे को ‘गर्मी की छुट्टियों’ पर डाल चुका है। सबसे बड़ा सवाल यही— जब पाइप जुड़ने भर से पानी घर-घर पहुंच सकता है, तो आखिर ये जोड़ने का काम कब होगा? या फिर जनता को अगली बारिश तक ‘उम्मीद’ ही पीनी पड़ेगी?
- उदयपुर जिले की ग्राम पंचायत तितरड़ी में हालात कुछ ऐसे हैं कि विकास कागज़ों और ढांचों तक ही सीमित रह गया है। जल जीवन मिशन के तहत दो साल पहले पानी का स्टोरेज, बोरिंग और पाइपलाइन—सब कुछ तैयार कर दिया गया। यानी सिस्टम पूरी तरह ‘रेडी टू यूज़’ है… बस इस्तेमाल छोड़कर! निवर्तमान उपसरपंच मनोहरसिंह सिसोदिया के अनुसार, बोरिंग से टंकी तक पाइप जुड़ी हुई है, टंकी से गांव तक भी लाइन बिछ चुकी है—लेकिन असली कनेक्शन शायद फाइलों में अटका पड़ा है। जनता पूछ रही है कि जब सब कुछ बन गया, तो पानी आखिर “रास्ता क्यों भूल गया?” भीषण गर्मी में जहां एक-एक बूंद की कीमत समझ आती है, वहीं तितरड़ी में पानी नहीं, बल्कि ‘प्रशासन की सक्रियता’ सूखी पड़ी है। बार-बार आग्रह के बावजूद जिम्मेदार विभाग मानो इस मुद्दे को ‘गर्मी की छुट्टियों’ पर डाल चुका है। सबसे बड़ा सवाल यही— जब पाइप जुड़ने भर से पानी घर-घर पहुंच सकता है, तो आखिर ये जोड़ने का काम कब होगा? या फिर जनता को अगली बारिश तक ‘उम्मीद’ ही पीनी पड़ेगी?1
- मातेश्वरी टूरिस्ट एंड ट्रेवल्स जालमपुरा4
- उदयपुर जिले के आनंद विद्या भारती पब्लिक सीनियर सेकेंडरी स्कूल डबोक में शुक्रवार धार्मिक व सामाजिक कार्यक्रम का आयोजन हुआ। सामाजिक सेवा व समर्पण की भावना को लेकर विद्यालय के निदेशक महेश चंद्र पालीवाल के नेतृत्व में एक विशाल रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विद्यालय के समस्त स्टाफ, अभिभावकों एवं ग्रामवासियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। ग्रामवासियों ने समाज सेवा का परिचय देते हुए उत्साह के साथ रक्तदान किया।1
- Post by फोटोग्राफर नंदलाल पुरबिया नांदोली राजसमंद राजस्थान4
- तरुण जोशी राजसमंद 9414239644 जनगणना शुरू, विधायक श्रीमती दीप्ति माहेश्वरी ने स्वगणना कर जनभागीदारी का दिया संदेश 15 मई तक चलेगा स्वगणना अभियान, आमजन से बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील देशव्यापी जनगणना प्रक्रिया को अधिक सुलभ, पारदर्शी और समयबद्ध बनाने के उद्देश्य से चल रहे स्वगणना अभियान के अंतर्गत राजसमंद विधायक श्रीमती दीप्ति माहेश्वरी ने स्वयं आगे बढ़कर अपनी एवं अपने परिवार की स्वगणना पूर्ण की। इस अवसर पर उन्होंने आमजन से भी अपील की कि वे निर्धारित पोर्टल के माध्यम से अपनी स्वगणना कर इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य में सक्रिय सहभागिता निभाएं।विधायक श्रीमती माहेश्वरी ने कहा कि स्वगणना की यह पहल नागरिकों को अपने परिवार की जानकारी स्वयं दर्ज करने का एक सरल और सुविधाजनक अवसर प्रदान करती है। उन्होंने बताया कि नागरिक घर बैठे ऑनलाइन माध्यम से अपने परिवार के सभी सदस्यों की आवश्यक जानकारी दर्ज कर सकते हैं, जिससे न केवल प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ेगी बल्कि समय की भी बचत होगी। उन्होंने सभी नागरिकों से आग्रह किया कि वे समय रहते इस सुविधा का लाभ उठाएं और 15 मई 2026 तक अपनी स्वगणना अवश्य करें। स्वगणना से प्रक्रिया होगी सरल और तेज विधायक श्रीमती माहेश्वरी ने कहा कि स्वगणना के माध्यम से जनगणना कार्य को अधिक प्रभावी और त्वरित बनाया जा सकता है। जब नागरिक स्वयं अपनी जानकारी दर्ज करेंगे, तो बाद में प्रगणकों द्वारा घर-घर जाकर जानकारी एकत्र करने में समय कम जाया होगा और आंकड़ों की शुद्धता भी सुनिश्चित होगी। उन्होंने कहा कि यह पहल डिजिटल भारत की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिसमें आमजन की भागीदारी अत्यंत आवश्यक है।उन्होंने आगे बताया कि 15 मई तक स्वगणना का चरण जारी रहेगा, जिसके पश्चात प्रगणक घर-घर जाकर दर्ज की गई जानकारी का सत्यापन करेंगे। इस दौरान नागरिकों को अपनी पहचान संबंधी दस्तावेज प्रगणक को दिखाने होंगे, जिससे दर्ज की गई जानकारी का मिलान किया जा सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि नागरिक पहले से ही अपनी जानकारी ऑनलाइन दर्ज कर देंगे, तो सत्यापन प्रक्रिया बहुत ही सरल और शीघ्र हो जाएगी। जनगणना में सहयोग से बनेगी सटीक योजना विधायक माहेश्वरी ने कहा कि जनगणना केवल एक सरकारी प्रक्रिया नहीं, बल्कि देश के विकास की आधारशिला है। इससे प्राप्त आंकड़ों के आधार पर ही सरकार विभिन्न योजनाओं का निर्माण और क्रियान्वयन करती है। इसलिए प्रत्येक नागरिक का यह कर्तव्य है कि वह सही और पूर्ण जानकारी उपलब्ध कराकर इस कार्य में सहयोग करे। अंत में उन्होंने सभी नागरिकों से पुनः अपील की कि वे स्वगणना पोर्टल पर जाकर अपने परिवार की जानकारी दर्ज करें और इस राष्ट्रीय अभियान को सफल बनाने में अपना योगदान दें। उन्होंने विश्वास जताया कि राजसमंद जिले के नागरिक इस कार्य में बढ़-चढ़कर भाग लेंगे और एक जिम्मेदार नागरिक होने का परिचय देंगे। बाईट - दीप्ती माहेश्वरी ( विधायक राजसमंद )3
- सरूपगंज के मुख्य बाजार में गरबा चौक पर अम्बे माता के नव निर्मित मंदिर व मूर्तियों की वैदिक मंत्रोच्चार के साथ प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम हुआ। प्राण प्रतिष्ठा होते ही पांडाल जयकारों से गूंज उठा। तोप से धड़ाके किए गए। हेलीकॉप्टर से मंदिर पर पुष्प वर्षा की गई। महाआरती की गई। विभिन्न देवी देवताओं की प्रतिष्ठा की गई। फले चुंदड़ी को पूरे गांव में घुमाया गया। श्रद्धालुओं ने हवन में आहुतियां दी। दोपहर को फले चुंदड़ी का आयोजन हुआ। इस दौरान काफी संख्या में उपस्थित लोग जयकारे लगाते हुए नाचते गाते रहे। नगर का पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया।2
- hello 👋 dear2
- date मई 20265 6 7 8 ko shree charbhuja ji Mandir ki Paran partistha hai Jo AAP sabhi bhakto se नम्र निवेदन हैं की आप ज्यादा से ज्यादा संख्या में पधारे1