बाराबंकी जिला अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाओं पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं, विशेषकर सीटी स्कैन रिपोर्ट की अनुपलब्धता को लेकर। थाना सुबेहा क्षेत्र के निवासी इस्तखार अहमद को मारपीट के एक मामले में मेडिकल परीक्षण के लिए जिला अस्पताल भेजा गया था, लेकिन आवश्यक सीटी स्कैन रिपोर्ट न मिलने के कारण उन्हें लगभग 15 दिनों से बाराबंकी और लखनऊ के अस्पतालों के बीच लगातार चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। पीड़ित का आरोप है कि वह इस दौरान दो बार ट्रॉमा सेंटर और एक बार लोहिया अस्पताल जा चुके हैं, फिर भी अब तक उनका सीटी स्कैन नहीं हो पाया और उन्हें हर जगह से वापस रेफर कर दिया गया। दरअसल, जिला अस्पताल में सीटी स्कैन मशीन तो मौजूद है, लेकिन रिपोर्ट तैयार करने के लिए विशेषज्ञ चिकित्सक उपलब्ध नहीं हैं। इस कारण मरीजों को अक्सर लखनऊ के लोहिया अस्पताल और ट्रॉमा सेंटर भेजा जा रहा है। समय पर मेडिकल रिपोर्ट न मिलने से जहां एक ओर मरीजों को अत्यधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, वहीं दूसरी ओर न्यायिक प्रक्रिया भी इससे बुरी तरह प्रभावित हो रही है। इस गंभीर समस्या पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रंजन गौतम ने बताया है कि मामला उनके संज्ञान में आ गया है और इस पर संबंधित अधिकारियों से बात करके जल्द ही समाधान निकाला जाएगा। अब यह देखना होगा कि मरीजों को हो रही इस गंभीर समस्या का स्थायी समाधान प्रशासन द्वारा कब तक सुनिश्चित किया जा पाता है।
बाराबंकी जिला अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाओं पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं, विशेषकर सीटी स्कैन रिपोर्ट की अनुपलब्धता को लेकर। थाना सुबेहा क्षेत्र के निवासी इस्तखार अहमद को मारपीट के एक मामले में मेडिकल परीक्षण के लिए जिला अस्पताल भेजा गया था, लेकिन आवश्यक सीटी स्कैन रिपोर्ट न मिलने के कारण उन्हें लगभग 15 दिनों से बाराबंकी और लखनऊ के अस्पतालों के बीच लगातार चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। पीड़ित का आरोप है कि वह इस दौरान दो बार ट्रॉमा सेंटर और एक बार लोहिया अस्पताल जा चुके हैं, फिर भी अब तक उनका सीटी स्कैन नहीं हो पाया और उन्हें हर जगह से वापस रेफर कर दिया गया। दरअसल, जिला अस्पताल में सीटी स्कैन मशीन तो मौजूद है, लेकिन रिपोर्ट तैयार करने के लिए विशेषज्ञ चिकित्सक उपलब्ध नहीं हैं। इस कारण मरीजों को अक्सर लखनऊ के लोहिया अस्पताल और ट्रॉमा सेंटर भेजा जा रहा है। समय पर मेडिकल रिपोर्ट न मिलने से जहां एक ओर मरीजों को अत्यधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, वहीं दूसरी ओर न्यायिक प्रक्रिया भी इससे बुरी तरह प्रभावित हो रही है। इस गंभीर समस्या पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रंजन गौतम ने बताया है कि मामला उनके संज्ञान में आ गया है और इस पर संबंधित अधिकारियों से बात करके जल्द ही समाधान निकाला जाएगा। अब यह देखना होगा कि मरीजों को हो रही इस गंभीर समस्या का स्थायी समाधान प्रशासन द्वारा कब तक सुनिश्चित किया जा पाता है।
- बाराबंकी में एक विवाहिता ने अपने ससुराल पक्ष पर दहेज उत्पीड़न, मारपीट और छेड़छाड़ के गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़िता का आरोप है कि दहेज की मांग पूरी न होने पर उसे प्रताड़ित किया गया, मारपीट की गई तथा बंधक बनाकर रखा गया। वहीं, पीड़िता ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाते हुए निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की है। काशीराम कॉलोनी, देवा रोड निवासी सलमा की पुत्री निदा बानो का निकाह लगभग दो माह पूर्व ग्राम खुलवई निवासी वसीम से मुस्लिम रीति-रिवाज के अनुसार हुआ था। निदा बानो का आरोप है कि विवाह के कुछ समय बाद ही ससुराल पक्ष द्वारा एसी, मोटरसाइकिल और प्लॉट की मांग को लेकर उस पर दबाव बनाया जाने लगा। मांग पूरी न होने पर उसे मानसिक और शारीरिक उत्पीड़न का सामना करना पड़ा। पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया है कि उसके जेठ द्वारा उस पर गलत नजर रखी जाती थी तथा कई बार अभद्र व्यवहार और छेड़छाड़ का प्रयास किया गया। विरोध करने पर उसकी शिकायत को गंभीरता से नहीं लिया गया। पीड़िता के अनुसार, पूर्व में भी इसी बात को लेकर विवाद और मारपीट हुई थी, जिसे दोनों पक्षों के बीच समझौते के बाद शांत करा दिया गया था। लेकिन हाल ही में जब उसने दोबारा विरोध किया तो उसके साथ फिर मारपीट की गई। निदा का आरोप है कि 22 जून से 23 जून की सुबह तक उसे घर में बंधक बनाकर रखा गया और परिवार के कई लोगों ने मिलकर उसके साथ मारपीट की, जिससे उसे गंभीर चोटें आईं। इस घटना के बाद उसका चिकित्सीय परीक्षण भी कराया गया है। पीड़िता का आरोप है कि उसने जो तहरीर पुलिस को दी थी, उसी के आधार पर कार्रवाई करने के बजाय दूसरी तहरीर लिखवाने का दबाव बनाया जा रहा है। उसका कहना है कि मेडिकल परीक्षण होने के बावजूद अब तक आरोपितों के खिलाफ मुकदमा दर्ज नहीं किया गया है। पीड़िता और उसके परिजनों ने आरोप लगाया है कि नगर कोतवाली पुलिस ससुराल पक्ष को बचाने का प्रयास कर रही है। वहीं, पीड़िता की माता सलमा ने प्रशासन से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए तथा उनकी पुत्री को न्याय दिलाया जाए। इस संबंध में नगर कोतवाली पुलिस का कहना है कि प्राप्त तहरीर के आधार पर मामले की जांच की जा रही है। पुलिस के अनुसार, जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर विधिक कार्रवाई की जाएगी।4
- लखनऊ से एक खबर सामने आई है, जहाँ एक फायर सर्विस अधिकारी का बयान सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है। इस अधिकारी ने मुख्यमंत्री के नाम एक पत्र भी लिखा है। बताया जा रहा है कि इस वायरल बयान में पूरी बात बताई गई है।1
- बाराबंकी जिला अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाओं पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं, विशेषकर सीटी स्कैन रिपोर्ट की अनुपलब्धता को लेकर। थाना सुबेहा क्षेत्र के निवासी इस्तखार अहमद को मारपीट के एक मामले में मेडिकल परीक्षण के लिए जिला अस्पताल भेजा गया था, लेकिन आवश्यक सीटी स्कैन रिपोर्ट न मिलने के कारण उन्हें लगभग 15 दिनों से बाराबंकी और लखनऊ के अस्पतालों के बीच लगातार चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। पीड़ित का आरोप है कि वह इस दौरान दो बार ट्रॉमा सेंटर और एक बार लोहिया अस्पताल जा चुके हैं, फिर भी अब तक उनका सीटी स्कैन नहीं हो पाया और उन्हें हर जगह से वापस रेफर कर दिया गया। दरअसल, जिला अस्पताल में सीटी स्कैन मशीन तो मौजूद है, लेकिन रिपोर्ट तैयार करने के लिए विशेषज्ञ चिकित्सक उपलब्ध नहीं हैं। इस कारण मरीजों को अक्सर लखनऊ के लोहिया अस्पताल और ट्रॉमा सेंटर भेजा जा रहा है। समय पर मेडिकल रिपोर्ट न मिलने से जहां एक ओर मरीजों को अत्यधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, वहीं दूसरी ओर न्यायिक प्रक्रिया भी इससे बुरी तरह प्रभावित हो रही है। इस गंभीर समस्या पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रंजन गौतम ने बताया है कि मामला उनके संज्ञान में आ गया है और इस पर संबंधित अधिकारियों से बात करके जल्द ही समाधान निकाला जाएगा। अब यह देखना होगा कि मरीजों को हो रही इस गंभीर समस्या का स्थायी समाधान प्रशासन द्वारा कब तक सुनिश्चित किया जा पाता है।1
- चंदौली से मिली खबर के अनुसार, लखनऊ कोचिंग सेंटर में हुए अग्निकांड को लेकर समाजवादी पार्टी ने भाजपा सरकार पर कड़ा प्रहार किया है। सपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता मनोज सिंह काका ने इस हृदय विदारक घटना के लिए सीधे तौर पर सरकार को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने प्रदेश की स्थिति को 'अंधेर नगरी चौपट राजा' जैसा बताते हुए अपनी तीखी प्रतिक्रिया दी। मनोज सिंह काका ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री आवास से कुछ ही किलोमीटर की दूरी पर इतनी बड़ी दुर्घटना घटी, जो सरकार की घोर लापरवाही को दर्शाती है। उन्होंने लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि पैसे लेकर आवासीय क्षेत्रों को व्यावसायिक बनाया जा रहा है। इसके साथ ही, उन्होंने हजरतगंज फायर स्टेशन के पास होने के बावजूद राहत कार्यों में हुई देरी पर भी सवाल उठाए। सपा प्रवक्ता ने स्पष्ट किया कि इस पूरे अग्निकांड की संपूर्ण जिम्मेदारी सरकार की ही है।1
- लखनऊ में एक अग्निकांड की घटना सामने आई है, जिसकी भयावहता को बयान करते हुए कहा गया है कि 'बसने से पहले ही सारी दुनिया उजड़ गई'। यह घटना प्रभावित लोगों के लिए गहरी क्षति और उनके सपनों के ध्वस्त होने का एक दर्दनाक प्रतीक है।1
- लखनऊ के अलीगंज में हुए अग्निकांड के बाद एक फायरकर्मी के बयान ने विभागीय व्यवस्थाओं को लेकर नई बहस छेड़ दी है। सिपाही ने कथित तौर पर आरोप लगाए हैं कि विभाग में उपकरणों और वाहनों की खरीद प्रक्रिया में अनियमितताएं हैं, जिससे इन प्रक्रियाओं पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। इन आरोपों के सामने आने के बाद विभागीय हलकों में हलचल तेज हो गई है। कई लोग मांग कर रहे हैं कि यदि आरोप गंभीर हैं तो उनकी निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए ताकि वास्तविक स्थिति सामने आ सके। हालांकि, इन आरोपों की अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और विभाग की ओर से विस्तृत प्रतिक्रिया का भी इंतजार है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि मामले की जांच कराई जाती है या नहीं और संबंधित अधिकारियों द्वारा क्या स्पष्टीकरण दिया जाता है।1
- लखनऊ के बिजनौर थाना क्षेत्र में एक हृदय विदारक घटना सामने आई है, जहाँ प्रधानमंत्री आवास के पास एक नाले में बिजली का तार गिर जाने से पूरे इलाके में करंट फैल गया। इस भयानक करंट की चपेट में आने से तीन भैंसों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जिससे क्षेत्र के लोग सकते में आ गए। घटना की खबर मिलते ही मौके पर भारी संख्या में आसपास के लोग जमा हो गए। स्थानीय निवासियों ने अपनी नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि खुले और जर्जर बिजली के तार लगातार बड़े खतरे का कारण बने हुए हैं। इस हादसे के बाद लोगों में बिजली विभाग के प्रति गहरा आक्रोश भी देखने को मिला। सूचना पाकर संबंधित विभाग के कर्मचारी और प्रशासनिक अधिकारी तुरंत घटना स्थल पर पहुँचे। फिलहाल, इस पूरे मामले की गहनता से जाँच की जा रही है और भविष्य में ऐसे हादसों से बचने के लिए बिजली आपूर्ति को सुरक्षित बनाने हेतु आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।1
- लखनऊ में आग का कहर लगातार जारी है, जहाँ थाना नाका क्षेत्र में एक और घटना सामने आई है। नाका के विजय नगर इलाके में स्थित अम्बर होटल के पास एक बिजली के पोल में आग लग गई है।2