धरियावद नगर के ब्रह्मपुरी मोहल्ले के एक साधारण राजपूत परिवार से आने वाले तनवीर राजपूत के अग्निवीर सेवा प्रशिक्षण प्राप्त कर अपने पैतृक गांव धरियावद लौटने पर पूरे राजपूत समाज और क्षेत्र में खुशी का माहौल छा गया। उनका अग्निवीर सेवा में चयन हुआ था और प्रशिक्षण पूरा करने के बाद जब वे घर पहुंचे, तो नगरवासियों सहित राजपूत समाज और उनके घर परिवार वालों ने पुष्प मालाओं से उनका भव्य स्वागत किया। इस दौरान, नया बस स्टैंड से उनका स्वागत कर एक जुलूस निकाला गया, जो नगर के प्रमुख मार्गों से होते हुए उनके घर तक पहुंचा। उनके मोहल्ले के निवासियों ने भी तनवीर का स्वागत किया, उन्हें शुभकामनाओं के साथ बधाइयां दीं तथा स्वाभिमान के साथ मिठाइयां बांटीं। इस पूरे पल को देखकर आज धरियावद क्षेत्र में खूब चर्चा रही और क्षेत्रवासियों सहित घर परिवार वालों व राजपूत समाज ने बड़ा ही गर्व महसूस किया।
धरियावद नगर के ब्रह्मपुरी मोहल्ले के एक साधारण राजपूत परिवार से आने वाले तनवीर राजपूत के अग्निवीर सेवा प्रशिक्षण प्राप्त कर अपने पैतृक गांव धरियावद लौटने पर पूरे राजपूत समाज और क्षेत्र में खुशी का माहौल छा गया। उनका अग्निवीर सेवा में चयन हुआ था और प्रशिक्षण पूरा करने के बाद जब वे घर पहुंचे, तो नगरवासियों सहित राजपूत समाज और उनके घर परिवार वालों ने पुष्प मालाओं से उनका भव्य स्वागत किया। इस दौरान, नया बस स्टैंड से उनका स्वागत कर एक जुलूस निकाला गया, जो नगर के प्रमुख मार्गों से होते हुए उनके घर तक पहुंचा। उनके मोहल्ले के निवासियों ने भी तनवीर का स्वागत किया, उन्हें शुभकामनाओं के साथ बधाइयां दीं तथा स्वाभिमान के साथ मिठाइयां बांटीं। इस पूरे पल को देखकर आज धरियावद क्षेत्र में खूब चर्चा रही और क्षेत्रवासियों सहित घर परिवार वालों व राजपूत समाज ने बड़ा ही गर्व महसूस किया।
- भारत में होने वाले 'करिश्मों' की एक और बानगी सामने आई है, जहाँ उत्तर प्रदेश के एक थाने के मालखाने से एक करोड़ रुपये का सोना (जी हाँ, पापड़ नहीं) बंदर लेकर फरार हो गए। यह घटना योगीजी के उत्तर प्रदेश से जुड़ी है, जहाँ मालखाने की छत पर सोना सुखाया जा रहा था। इस तरह की घटना को 'योगी राज' से जोड़ते हुए सवाल उठाया जा रहा है कि अगर बंदरों ने थाने से ही एक करोड़ का सोना उड़ा लिया, तो इसमें हैरानी की क्या बात है।1
- उदयपुर संभाग के दूसरे सबसे बड़े सोम कमला आंबा बांध के निर्माण को करीब 40 साल बीत चुके हैं, लेकिन इसके डूब क्षेत्र से विस्थापित हुए परिवारों को आज भी आवासीय पट्टे नहीं मिल पाए हैं। अमृतिया पंचायत क्षेत्र से उजाड़े गए करीब 50 से 60 परिवार पिछले पांच दशकों से अपने आवासीय पट्टों के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर काट रहे हैं, जिसके कारण वे सरकार की तमाम जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभ से भी पूरी तरह वंचित हैं। ग्रामीणों ने अब अमृतिया पंचायत में लगे ग्राम सेवा शिविर में न्याय की गुहार लगाई है। सोम कमला आंबा बांध का निर्माण कार्य वर्ष 1980 के दशक में हुआ था। उस दौरान डूब क्षेत्र में आने वाले कई बड़े गांवों के लोगों को मुआवजा देकर अन्यत्र विस्थापित किया गया था। तब सरकार और प्रशासन ने इन प्रभावित परिवारों को आवासीय पट्टे देकर पुनर्स्थापित करने का पक्का वादा किया था, लेकिन आधी सदी बीत जाने के बाद भी इन परिवारों को जमीन का मालिकाना हक (पट्टा) नसीब नहीं हो सका है। पीड़ित ग्रामीणों का कहना है कि वे अपनी इस मांग को लेकर ग्राम पंचायत से लेकर तहसील कार्यालय, एसडीएम कार्यालय और सरकार द्वारा समय-समय पर आयोजित होने वाले महंगाई राहत या प्रशासन गांवों के संग जैसे शिविरों में दर्जनों बार गुहार लगा चुके हैं। कई बार ज्ञापन सौंपने के बावजूद प्रशासनिक अधिकारियों की कथित हठधर्मिता और ढुलमुल रवैये के कारण फाइलें आगे नहीं बढ़ पाईं। ग्रामीणों ने बताया कि आवासीय पट्टा जैसे वैध दस्तावेज नहीं होने के कारण उन्हें किसी भी सरकारी योजना का सीधा लाभ नहीं मिल पा रहा है, चाहे वह आवास योजना हो या अन्य मूलभूत सुविधाएं। पट्टे के अभाव में सब अटक जाता है, और ऐसे में सरकार की जनकल्याणकारी योजनाएं इन परिवारों के लिए महज एक दिखावा साबित हो रही हैं। अमृतिया पंचायत में लगे ग्राम सेवा शिविर में पहुंचे ग्रामीणों ने शासन व प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई। इस गंभीर मामले को लेकर जब प्रशासनिक अधिकारियों से बात की गई तो कुछ सकारात्मक संकेत मिले हैं। आसपुर एसडीएम ने बताया कि प्रभावित ग्रामीणों के आवासीय पट्टों की फाइल तहसीलदार द्वारा उनके पास भेजी गई है, जिसमें कुछ खामियां हैं, जिन्हें दूर करवाते हुए जल्द ही ग्रामीणों को राहत दी जाएगी। वहीं, गांव में आयोजित हुए 'ग्राम सेवा शिविर' में पहुंचे जिला कलेक्टर के सामने भी ग्रामीणों ने अपनी यह व्यथा रखी, जिस पर कलेक्टर ने मामले की गंभीरता को देखते हुए कहा कि पूरे प्रकरण को दिखवाया जा रहा है और नियमानुसार जल्द से जल्द ग्रामीणों को राहत प्रदान की जाएगी। अमृतिया पंचायत के इस 'ग्राम सेवा शिविर' में जिला कलेक्टर के आश्वासन और तहसीलदार द्वारा फाइल आगे बढ़ाने से न्याय की एक उम्मीद तो जगी है, लेकिन यह देखना होगा कि क्या यह आश्वासन वाकई हकीकत में बदलता है या फिर इन विस्थापित ग्रामीणों का इंतजार और बढ़ेगा।3
- चंदवासा में गौ सेवा के लिए एक अनूठा संकल्प लिया गया है, जिसके तहत कैंसर से पीड़ित एक गौ माता का सफलतापूर्वक ऑपरेशन किया गया है। इतना ही नहीं, अब दूसरी गौ माता के ऑपरेशन की भी तैयारी की जा रही है।1
- राजस्थान के बांसवाड़ा में बाल श्रम से जुड़ा एक बड़ा खुलासा हुआ है। इस घटना में एक ईंट भट्टे से एक नाबालिग बालक को मुक्त कराया गया। यह मामला मनोहर सिंह राजपूत केस से संबंधित है।1
- मंदसौर जिले के गुराडिया देदा स्थित श्री मुक्तेश्वर बालाजी मंदिर में एक भव्य धार्मिक आयोजन संपन्न हुआ। इस विशेष अवसर पर मंदिर में स्वर्ण कलश की स्थापना की गई, ध्वजा रोहन का कार्यक्रम हुआ, और पंच कुंडीय हनुमत महायज्ञ का भी भव्य आयोजन किया गया।4
- Post by Bapulal Ahari1
- राजस्थान के बांसवाड़ा जिले के आनंदपुरी ब्लॉक में हैंडपंप मिस्त्रियों की एक नई कार्यकारिणी का गठन किया गया है। इस नवगठित कार्यकारिणी में हीरालाल निनामा को अध्यक्ष पद पर नियुक्त किया गया है।1
- डूंगरपुर पुलिस ने 'ऑपरेशन स्वच्छता' के तहत एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए गुजरात सीमा पर स्थित रतनपुर बॉर्डर से करीब 30 लाख रुपये मूल्य की अवैध अंग्रेजी शराब जब्त की है। इस दौरान पुलिस ने बाड़मेर के रहने वाले दो शातिर तस्करों को भी मौके से गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई डूंगरपुर जिला पुलिस अधीक्षक मनीष कुमार के निर्देश पर बिछीवाड़ा थाना पुलिस और रतनपुर पुलिस चौकी ने संयुक्त रूप से की। पुलिस को मुखबिर से पुख्ता सूचना मिली थी कि उदयपुर से अहमदाबाद की ओर जाने वाले नेशनल हाईवे-48 (NH-48) के रास्ते गुजरात में अवैध शराब ले जाई जा रही है। सूचना के आधार पर रतनपुर चौकी प्रभारी अब्दुल मुनाफ और उनकी टीम ने नाकाबंदी की। तलाशी के दौरान संदिग्ध कंटेनर (नंबर NL 01 AF 7183) को रोका गया, जिसमें ऊपर से प्लास्टिक की बाल्टियां और टेबल भरे हुए दिखाई दिए। हालांकि, गहन जांच पर पुलिस को उसके पीछे छिपा एक गुप्त केबिन मिला, जिसमें अवैध शराब का बड़ा जखीरा छुपाया गया था। इस गुप्त केबिन से हरियाणा और चंडीगढ़ निर्मित अंग्रेजी शराब के कुल 252 कार्टन जब्त किए गए। जब्त शराब में 'फॉर सेल ओनली इन हरियाणा' और 'फॉर सेल ओनली इन चंडीगढ़' मार्क वाली महंगी ब्रांड की शराब और वोडका शामिल है। इस सफल कार्रवाई को अंजाम देने में बिछीवाड़ा थानाधिकारी कैलाशचन्द्र सोनी के नेतृत्व में उपनिरीक्षक अब्दुल मुनाफ, कांस्टेबल जोगेन्द्रसिंह (नंबर 720), कुन्दनसिंह (नंबर 426), युवराजसिंह (नंबर 748), कपिल (नंबर 490) और गौरव (नंबर 951) की मुख्य भूमिका रही।1
- मध्य प्रदेश हेड ब्यूरो मंगल देव राठौर की एक खास रिपोर्ट के अनुसार, सिख संगठन के प्रदेश अध्यक्ष सलविंदर सिंह कलसी ने नगरासू गुरुद्वारे पर कब्जे से जुड़ी असल सच्चाई का खुलासा किया है।1