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राजस्थान के बांसवाड़ा में बाल श्रम से जुड़ा एक बड़ा खुलासा हुआ है। इस घटना में एक ईंट भट्टे से एक नाबालिग बालक को मुक्त कराया गया। यह मामला मनोहर सिंह राजपूत केस से संबंधित है।
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राजस्थान के बांसवाड़ा में बाल श्रम से जुड़ा एक बड़ा खुलासा हुआ है। इस घटना में एक ईंट भट्टे से एक नाबालिग बालक को मुक्त कराया गया। यह मामला मनोहर सिंह राजपूत केस से संबंधित है।
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- बांसवाड़ा में PM Gold Jewellers के संचालक पर ₹5 लाख रुपये की कथित धोखाधड़ी का आरोप लगा है। इस मामले में कोर्ट के आदेश के बाद प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली गई है, और पुलिस अब इसकी जांच कर रही है।1
- धरियावद के मूंगाणा-जूना बारिया ग्राम पंचायत के वैली फल क्षेत्र में वन विभाग की कथित कार्रवाई को लेकर एक गंभीर विवाद सामने आया है। एक गरीब परिवार ने आरोप लगाया है कि वन विभाग के दल ने उनका निर्माणाधीन मकान ध्वस्त कर दिया, महिलाओं के साथ मारपीट की और सामान को भी नुकसान पहुंचाया। पीड़ित पवन नाथ (45) ने बताया कि उनका मकान सरकारी योजना के तहत जियो टैगिंग के बाद स्वीकृत हुआ था और इंदिरा आवास योजना के तहत उन्हें ₹15 हजार की किस्त भी मिली थी। उन्होंने दो वर्षों तक अहमदाबाद में मजदूरी करके मकान के लिए सामग्री जुटाई थी, और छत डलनी ही बाकी थी। आरोप है कि वन विभाग के कर्मचारियों के साथ मूंगाणा और पारसोला क्षेत्र से आए एक दल ने जेसीबी, ट्रैक्टर, मोटरसाइकिल और जीपों सहित मौके पर पहुंचकर इस निर्माणाधीन मकान को तोड़ा। परिवार का कहना है कि इस दौरान पवन नाथ की पत्नी पूंजी देवी और बहू सुमित्रा के साथ धक्का-मुक्की और मारपीट की गई; पूंजी देवी ने तो एक महिला कांस्टेबल पर कपड़े फाड़ने और मारपीट का आरोप लगाया है। परिवार ने बताया कि सुमित्रा की डिलीवरी को केवल 25 दिन हुए हैं और उनका बच्चा आईसीयू में भर्ती है। परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि कार्रवाई के दौरान उनके दो बकरे और एक बकरी लापता हो गए। ग्रामीणों ने शिकायत की कि यह कार्रवाई केवल एक मकान तक सीमित नहीं रही, बल्कि आसपास कुमारी क्षेत्र में हर्निया, कैलाश और गणेश के परिवारों की तीन झोपड़ियां भी तोड़ी गईं, और उन्हें जबरन वाहनों में बैठाकर ले जाया गया। इसके अतिरिक्त, गीता नाथ के बिजली के पोल तोड़ दिए गए और तारबंदी भी क्षतिग्रस्त कर दी गई। पीड़ित परिवार ने वनरक्षक कैलाश चौधरी पर कार्रवाई से पहले ₹20 हजार से ₹50 हजार मांगने और राशि न देने पर मारपीट करने का आरोप लगाया है। ग्रामीणों का दावा है कि संबंधित भूमि लगभग चार बीघा क्षेत्र में थी और उस पर वन विभाग का अधिकार नहीं बनता। घटना की सूचना पर क्षेत्रीय विधायक थावरचंद डामोर मौके पर पहुंचे, जिन्होंने रेंजर रामलाल भील और पटवारी को बुलाकर स्थिति की जानकारी ली। पटवारी बाबूलाल मीणा ने स्पष्ट किया कि जुना बोरिया आराजी नंबर 1/3 ऑनलाइन जमाबंदी के अनुसार ग्राम पंचायत गोठड़ा सुरक्षित चारागाह दर्ज है, और इस स्थान पर वन विभाग का कोई आधिपत्य नहीं है। इसके बाद, रेंजर रामलाल भील ने पीड़ित परिवार को तत्काल राशन और छत के लिए अस्थायी सहायता राशि उपलब्ध कराई। विधायक थावरचंद डामोर ने अधिकारियों को 29 जून तक पीड़ित परिवार का मकान पुनः निर्माण कर तैयार करके देने का अल्टीमेटम दिया है, साथ ही संबंधित अधिकारी को निलंबित करने की भी मांग की है। इस घटना के बाद से ग्रामीणों में भारी नाराजगी है और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग जोर पकड़ने लगी है।4
- प्रतापगढ़ जिले के सोहनपुर गांव में भूमि और रास्ते से जुड़े एक विवाद के बीच ग्रामीणों ने कथित तौर पर रास्ते पर पत्थर डालने के प्रयासों का कड़ा विरोध किया है। ग्रामीणों का कहना है कि सार्वजनिक आवागमन के लिए उपयोग किए जाने वाले इस रास्ते पर किसी भी तरह का अवरोध या पत्थर डालना बिल्कुल अनुचित है, जिससे आम लोगों और किसानों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ेगा। महावीर जी, अक्षयनाथ जी, नाथूलाल जी, पन्नालाल जी, कंकूबाई, राधा देवी, ईश्वरलाल जी और भेरूलाल जी सहित अन्य ग्रामीणों ने प्रशासन के समक्ष अपनी आपत्ति दर्ज कराते हुए रास्ते पर पत्थर न डालने की मांग की है। उन्होंने राजस्व विभाग और प्रशासन से मौके पर निष्पक्ष जांच कर वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने की अपील की है, साथ ही यह भी मांग की है कि जांच पूरी होने तक कोई भी पक्ष रास्ते या भूमि की स्थिति में कोई बदलाव न करे। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी आपत्तियों को नजरअंदाज कर रास्ते पर पत्थर डाले गए, तो क्षेत्र में विवाद की गंभीर स्थिति उत्पन्न हो सकती है।1
- राजस्थान के डूंगरपुर जिले के सीमलवाड़ा ब्लॉक क्षेत्र की बांसिया ग्राम पंचायत में बुधवार को ग्रामीण सेवा शिविर का आयोजन किया गया, जिसका उद्देश्य राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को आमजन तक पहुँचाना और ग्रामीणों की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करना था। इस शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लेकर विभिन्न विभागों की योजनाओं का लाभ उठाया और अपनी समस्याओं एवं मांगों से संबंधित प्रार्थना पत्र व ज्ञापन प्रस्तुत किए। शिविर में पात्र हितग्राहियों को मौके पर ही राहत प्रदान की गई; समाज कल्याण विभाग ने खुशबू पुत्री दिनेश अहारी को श्रवण यंत्र उपलब्ध कराया और पेंशन स्वीकृति पत्र वितरित किए। वहीं, पंचायतीराज विभाग की ओर से माधोर पुत्र भावसिंह बंजारा तथा गोपाल कृष्ण पुत्र शंकरलाल यादव को कृषि भूमि के विशेष पट्टे प्रदान किए गए। लाभार्थियों ने मौके पर मिली इस सहायता के लिए राज्य सरकार और प्रशासन का आभार व्यक्त किया। शिविर के दौरान, रोत फला निवासी नारायण लाल रोत ने सड़क मार्ग पर अतिक्रमण और झाड़ियों के कारण आवागमन में हो रही परेशानी को लेकर शिकायत की। मामले की गंभीरता को देखते हुए नायब तहसीलदार राजेश मीणा और विकास अधिकारी ललित कुमार पंड्या ने तत्काल मौके पर पहुँचकर निरीक्षण किया, जहाँ अतिक्रमण की पुष्टि होने पर ग्राम विकास अधिकारी भंवरलाल बंजारा को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए। प्रशासन की इस त्वरित प्रतिक्रिया से ग्रामीणों में संतोष देखने को मिला। इसके अतिरिक्त, पंचायतीराज विभाग ने शिविर में 28 आवासीय पट्टे, 9 व्यक्तिगत शौचालय, 7 जन्म-मृत्यु-विवाह पंजीकरण प्रमाण पत्र, 2 पेंशन स्वीकृतियाँ और 3 आबादी विस्तार के प्रस्तावों सहित अपनी प्रगति रिपोर्ट साझा की। ग्रामीणों ने विद्युत विभाग से कम वोल्टेज की समस्या के समाधान, आबादी भूमि पर अवैध दुकानों के अतिक्रमण हटाने, कृषि भूमि के गलत आवंटन की जाँच कराने, पंचायत भूमि पर अवैध निर्माण हटाने, सीसी सड़क निर्माण, नए हैंडपंप खुदवाने, बंद पड़े सोलर पनघटों को फिर से शुरू कराने, बालिका छात्रावास से चौवड़ियां तालाब तक सड़क मार्ग को राजस्व अभिलेखों में दर्ज कराने, राजस्व नामावली में शुद्धिकरण तथा डोडियार फला से मुख्य गाँव की सड़क पर अत्यधिक झाड़ियाँ हटाने सहित कई अन्य मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपे। संबंधित विभागीय अधिकारियों ने इन प्रकरणों का परीक्षण कर नियमानुसार कार्रवाई का भरोसा दिलाया। इस अवसर पर, भाजपा जिला महामंत्री ईश्वरलाल लबाना ने कहा कि राज्य सरकार ग्रामीण क्षेत्रों तक योजनाओं का लाभ पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है और ग्रामीण सेवा शिविरों से लोगों को कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ते। भाजपा मंडल अध्यक्ष परेश पाटीदार ने इन शिविरों को सुशासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताया, जिससे आमजन की समस्याओं का मौके पर समाधान हो रहा है। शिविर का निरीक्षण करने पहुँचे अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी (एसीईओ) अनिल पहाड़िया ने विभिन्न विभागों के स्टॉलों का अवलोकन किया और प्राप्त प्रकरणों की समीक्षा की। उन्होंने कुछ विभागों की कार्यप्रणाली और मामलों के निस्तारण में दिखाई दे रही उदासीनता पर गहरी नाराजगी व्यक्त की। एसीईओ ने अधिकारियों और कर्मचारियों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि ग्रामीण सेवा शिविर केवल औपचारिकता मात्र नहीं हैं, बल्कि आमजन की समस्याओं के समाधान का प्रभावी माध्यम हैं, और किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनावश्यक विलंब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को लंबित प्रकरणों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने, प्रत्येक आवेदन की नियमित निगरानी करने और पात्र लोगों को योजनाओं का लाभ प्राथमिकता से उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। एसीईओ ने जोर देकर कहा कि शिविरों की सफलता तभी मानी जाएगी जब ग्रामीणों को वास्तविक राहत मिले और उनकी समस्याओं का समाधान धरातल पर दिखाई दे। उन्होंने सभी विभागों को समन्वय स्थापित कर कार्य करने और जनहित के मामलों में त्वरित कार्रवाई करने के लिए निर्देशित किया। शिविर के दौरान वन विभाग ने पंचायत कार्यालय परिसर में वृक्षारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया, वहीं कृषि विभाग द्वारा किसानों को उन्नत किस्म के मक्का बीज वितरित किए गए और आधुनिक कृषि तकनीकों की जानकारी प्रदान की गई। इस आयोजन में भाजपा जिला मीडिया प्रभारी गुणवंत कलाल, मंडल उपाध्यक्ष लोकेंद्र सिंह चौहान, सरपंच सूरज देवी डोडियार, विमल प्रकाश डोडियार, एसीबीईओ हमराज सिंह चौहान, पीईईओ धनपाल भोई सहित जनप्रतिनिधि, विभागीय अधिकारी, कर्मचारी और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे, जिन्होंने शिविर को जनसमस्याओं के समाधान और सरकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त करने का प्रभावी माध्यम बताते हुए ऐसे आयोजनों को निरंतर जारी रखने की माँग की।1
- प्रतापगढ़ में 24 जून को मोहर्रम की 7वीं तारीख पर बारी दरवाजे से छड़ी का आलम निकाला गया। इस आयोजन में मुस्लिम समाज के कई लोगों ने भाग लिया और हर साल की तरह इस बार भी शांति और भाईचारे के साथ जुलूस निकाला गया। यह आलम बारी दरवाजा से शुरू होकर सालमपुरा, भटपुरा कुमारवाडा से गुजरते हुए बावड़ी मोहल्ले पहुंचा, जहाँ जलसा आयोजित किया गया। इस दौरान रतलाम से आए अल अब्बास अखाड़े के पहलवानों ने अपने-अपने करतबों का प्रदर्शन किया। पहलवानों ने आग से मोटरसाइकिल निकालने, मुंह से ट्यूबलाइट चबाने और आग में जलती हुई ट्यूबलाइटों के जंगलों के बीच से खुद को निकालने जैसे कई हैरतअंगेज कारनामे दिखाए। इन कला और संस्कृति के प्रदर्शनों को देखकर लोगों ने बड़ी धूमधाम से इमाम हुसैन के नारे लगाए और प्रतापगढ़ के लोगों ने पहलवानों की बहुत तारीफ की।1
- समाजसेवी दिनेश अहारी ने आज अपने क्षेत्र का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने कई स्थानों पर नोत्रा प्रथा का निर्वहन किया, जिसके बाद वे अपने निवास की ओर रवाना हुए। इस दौरे में उनके साथ युवा साथी प्रीतम ननोमा, समाजसेवी संजय रोत, जीतमल खाट, शिव सती बलराम समेत कई अन्य कार्यकर्ता भी मौजूद रहे।1
- डूंगरपुर जिले में दिनदहाड़े हुई लूट और चाकूबाजी की घटना ने कानून-व्यवस्था और समाज की संवेदनहीनता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। बुधवार दोपहर सदर थाना क्षेत्र के सतीरामपुर के पास तीन अज्ञात बदमाशों ने एक निजी टावर कंपनी के फील्ड सपोर्ट इंजीनियर पर चाकू से हमला कर उसका लैपटॉप से भरा बैग लूट लिया। चित्तौड़गढ़ जिले के भाटो का बमनिया निवासी रोशन पुत्र जगदीश भट्ट, जो डूंगरपुर में एक निजी टावर कंपनी में कार्यरत हैं, खेरवाड़ा क्षेत्र में टावर निरीक्षण का काम पूरा कर बाइक से डूंगरपुर लौट रहे थे। इसी दौरान सतीरामपुर के निकट पावर बाइक पर सवार तीन युवकों ने उनकी बाइक रोक दी और बैग छीनने का प्रयास किया। जब रोशन ने इसका विरोध किया, तो एक बदमाश ने धारदार चाकू निकालकर उनकी कलाई पर लगातार तीन वार कर दिए। हमले से रोशन के हाथ से कंपनी के लैपटॉप वाला बैग छूट गया, जिसे लेकर बदमाश मौके से फरार हो गए। चाकू के हमले में गंभीर रूप से घायल रोशन करीब आधे घंटे तक सड़क किनारे मदद की गुहार लगाते रहे। इस दौरान वहां भीड़ जमा हो गई, लेकिन दुःखद रूप से, कोई भी व्यक्ति उनकी सहायता के लिए आगे नहीं आया।1
- राजस्थान के बांसवाड़ा में अड़ाईश्वर महादेव मंदिर के पास एक शेर देखा गया है। इस घटना से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने वन्यजीवों से जुड़ी खबरों में रुचि जगाई है।1