राजस्थान के डूंगरपुर जिले के सीमलवाड़ा ब्लॉक क्षेत्र की बांसिया ग्राम पंचायत में बुधवार को ग्रामीण सेवा शिविर का आयोजन किया गया, जिसका उद्देश्य राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को आमजन तक पहुँचाना और ग्रामीणों की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करना था। इस शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लेकर विभिन्न विभागों की योजनाओं का लाभ उठाया और अपनी समस्याओं एवं मांगों से संबंधित प्रार्थना पत्र व ज्ञापन प्रस्तुत किए। शिविर में पात्र हितग्राहियों को मौके पर ही राहत प्रदान की गई; समाज कल्याण विभाग ने खुशबू पुत्री दिनेश अहारी को श्रवण यंत्र उपलब्ध कराया और पेंशन स्वीकृति पत्र वितरित किए। वहीं, पंचायतीराज विभाग की ओर से माधोर पुत्र भावसिंह बंजारा तथा गोपाल कृष्ण पुत्र शंकरलाल यादव को कृषि भूमि के विशेष पट्टे प्रदान किए गए। लाभार्थियों ने मौके पर मिली इस सहायता के लिए राज्य सरकार और प्रशासन का आभार व्यक्त किया। शिविर के दौरान, रोत फला निवासी नारायण लाल रोत ने सड़क मार्ग पर अतिक्रमण और झाड़ियों के कारण आवागमन में हो रही परेशानी को लेकर शिकायत की। मामले की गंभीरता को देखते हुए नायब तहसीलदार राजेश मीणा और विकास अधिकारी ललित कुमार पंड्या ने तत्काल मौके पर पहुँचकर निरीक्षण किया, जहाँ अतिक्रमण की पुष्टि होने पर ग्राम विकास अधिकारी भंवरलाल बंजारा को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए। प्रशासन की इस त्वरित प्रतिक्रिया से ग्रामीणों में संतोष देखने को मिला। इसके अतिरिक्त, पंचायतीराज विभाग ने शिविर में 28 आवासीय पट्टे, 9 व्यक्तिगत शौचालय, 7 जन्म-मृत्यु-विवाह पंजीकरण प्रमाण पत्र, 2 पेंशन स्वीकृतियाँ और 3 आबादी विस्तार के प्रस्तावों सहित अपनी प्रगति रिपोर्ट साझा की। ग्रामीणों ने विद्युत विभाग से कम वोल्टेज की समस्या के समाधान, आबादी भूमि पर अवैध दुकानों के अतिक्रमण हटाने, कृषि भूमि के गलत आवंटन की जाँच कराने, पंचायत भूमि पर अवैध निर्माण हटाने, सीसी सड़क निर्माण, नए हैंडपंप खुदवाने, बंद पड़े सोलर पनघटों को फिर से शुरू कराने, बालिका छात्रावास से चौवड़ियां तालाब तक सड़क मार्ग को राजस्व अभिलेखों में दर्ज कराने, राजस्व नामावली में शुद्धिकरण तथा डोडियार फला से मुख्य गाँव की सड़क पर अत्यधिक झाड़ियाँ हटाने सहित कई अन्य मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपे। संबंधित विभागीय अधिकारियों ने इन प्रकरणों का परीक्षण कर नियमानुसार कार्रवाई का भरोसा दिलाया। इस अवसर पर, भाजपा जिला महामंत्री ईश्वरलाल लबाना ने कहा कि राज्य सरकार ग्रामीण क्षेत्रों तक योजनाओं का लाभ पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है और ग्रामीण सेवा शिविरों से लोगों को कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ते। भाजपा मंडल अध्यक्ष परेश पाटीदार ने इन शिविरों को सुशासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताया, जिससे आमजन की समस्याओं का मौके पर समाधान हो रहा है। शिविर का निरीक्षण करने पहुँचे अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी (एसीईओ) अनिल पहाड़िया ने विभिन्न विभागों के स्टॉलों का अवलोकन किया और प्राप्त प्रकरणों की समीक्षा की। उन्होंने कुछ विभागों की कार्यप्रणाली और मामलों के निस्तारण में दिखाई दे रही उदासीनता पर गहरी नाराजगी व्यक्त की। एसीईओ ने अधिकारियों और कर्मचारियों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि ग्रामीण सेवा शिविर केवल औपचारिकता मात्र नहीं हैं, बल्कि आमजन की समस्याओं के समाधान का प्रभावी माध्यम हैं, और किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनावश्यक विलंब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को लंबित प्रकरणों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने, प्रत्येक आवेदन की नियमित निगरानी करने और पात्र लोगों को योजनाओं का लाभ प्राथमिकता से उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। एसीईओ ने जोर देकर कहा कि शिविरों की सफलता तभी मानी जाएगी जब ग्रामीणों को वास्तविक राहत मिले और उनकी समस्याओं का समाधान धरातल पर दिखाई दे। उन्होंने सभी विभागों को समन्वय स्थापित कर कार्य करने और जनहित के मामलों में त्वरित कार्रवाई करने के लिए निर्देशित किया। शिविर के दौरान वन विभाग ने पंचायत कार्यालय परिसर में वृक्षारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया, वहीं कृषि विभाग द्वारा किसानों को उन्नत किस्म के मक्का बीज वितरित किए गए और आधुनिक कृषि तकनीकों की जानकारी प्रदान की गई। इस आयोजन में भाजपा जिला मीडिया प्रभारी गुणवंत कलाल, मंडल उपाध्यक्ष लोकेंद्र सिंह चौहान, सरपंच सूरज देवी डोडियार, विमल प्रकाश डोडियार, एसीबीईओ हमराज सिंह चौहान, पीईईओ धनपाल भोई सहित जनप्रतिनिधि, विभागीय अधिकारी, कर्मचारी और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे, जिन्होंने शिविर को जनसमस्याओं के समाधान और सरकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त करने का प्रभावी माध्यम बताते हुए ऐसे आयोजनों को निरंतर जारी रखने की माँग की।
राजस्थान के डूंगरपुर जिले के सीमलवाड़ा ब्लॉक क्षेत्र की बांसिया ग्राम पंचायत में बुधवार को ग्रामीण सेवा शिविर का आयोजन किया गया, जिसका उद्देश्य राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को आमजन तक पहुँचाना और ग्रामीणों की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करना था। इस शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लेकर विभिन्न विभागों की योजनाओं का लाभ उठाया और अपनी समस्याओं एवं मांगों से संबंधित प्रार्थना पत्र व ज्ञापन प्रस्तुत किए। शिविर में पात्र हितग्राहियों को मौके पर ही राहत प्रदान की गई; समाज कल्याण विभाग ने खुशबू पुत्री दिनेश अहारी को श्रवण यंत्र उपलब्ध कराया और पेंशन स्वीकृति पत्र वितरित किए। वहीं, पंचायतीराज विभाग की ओर से माधोर पुत्र भावसिंह बंजारा तथा गोपाल कृष्ण पुत्र शंकरलाल यादव को कृषि भूमि के विशेष पट्टे प्रदान किए गए। लाभार्थियों ने मौके पर मिली इस सहायता के लिए राज्य सरकार और प्रशासन का आभार व्यक्त किया। शिविर के दौरान, रोत फला निवासी नारायण लाल रोत ने सड़क मार्ग पर अतिक्रमण और झाड़ियों के कारण आवागमन में हो रही परेशानी को लेकर शिकायत की। मामले की गंभीरता को देखते हुए नायब तहसीलदार राजेश मीणा और विकास अधिकारी ललित कुमार पंड्या ने तत्काल मौके पर पहुँचकर निरीक्षण किया, जहाँ अतिक्रमण की पुष्टि होने पर ग्राम विकास अधिकारी भंवरलाल बंजारा को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए। प्रशासन की इस त्वरित प्रतिक्रिया से ग्रामीणों में संतोष देखने को मिला। इसके अतिरिक्त, पंचायतीराज विभाग ने शिविर में 28 आवासीय पट्टे, 9 व्यक्तिगत शौचालय, 7 जन्म-मृत्यु-विवाह पंजीकरण प्रमाण पत्र, 2 पेंशन स्वीकृतियाँ और 3 आबादी विस्तार के प्रस्तावों सहित अपनी प्रगति रिपोर्ट साझा की। ग्रामीणों ने विद्युत विभाग से कम वोल्टेज की समस्या के समाधान, आबादी भूमि पर अवैध दुकानों के अतिक्रमण हटाने, कृषि भूमि के गलत आवंटन की जाँच कराने, पंचायत भूमि पर अवैध निर्माण हटाने, सीसी सड़क निर्माण, नए हैंडपंप खुदवाने, बंद पड़े सोलर पनघटों को फिर से शुरू कराने, बालिका छात्रावास से चौवड़ियां तालाब तक सड़क मार्ग को राजस्व अभिलेखों में दर्ज कराने, राजस्व नामावली में शुद्धिकरण तथा डोडियार फला से मुख्य गाँव की सड़क पर अत्यधिक झाड़ियाँ हटाने सहित कई अन्य मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपे। संबंधित विभागीय अधिकारियों ने इन प्रकरणों का परीक्षण कर नियमानुसार कार्रवाई का भरोसा दिलाया। इस अवसर पर, भाजपा जिला महामंत्री ईश्वरलाल लबाना ने कहा कि राज्य सरकार ग्रामीण क्षेत्रों तक योजनाओं का लाभ पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है और ग्रामीण सेवा शिविरों से लोगों को कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ते। भाजपा मंडल अध्यक्ष परेश पाटीदार ने इन शिविरों को सुशासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताया, जिससे आमजन की समस्याओं का मौके पर समाधान हो रहा है। शिविर का निरीक्षण करने पहुँचे अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी (एसीईओ) अनिल पहाड़िया ने विभिन्न विभागों के स्टॉलों का अवलोकन किया और प्राप्त प्रकरणों की समीक्षा की। उन्होंने कुछ विभागों की कार्यप्रणाली और मामलों के निस्तारण में दिखाई दे रही उदासीनता पर गहरी नाराजगी व्यक्त की। एसीईओ ने अधिकारियों और कर्मचारियों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि ग्रामीण सेवा शिविर केवल औपचारिकता मात्र नहीं हैं, बल्कि आमजन की समस्याओं के समाधान का प्रभावी माध्यम हैं, और किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनावश्यक विलंब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को लंबित प्रकरणों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने, प्रत्येक आवेदन की नियमित निगरानी करने और पात्र लोगों को योजनाओं का लाभ प्राथमिकता से उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। एसीईओ ने जोर देकर कहा कि शिविरों की सफलता तभी मानी जाएगी जब ग्रामीणों को वास्तविक राहत मिले और उनकी समस्याओं का समाधान धरातल पर दिखाई दे। उन्होंने सभी विभागों को समन्वय स्थापित कर कार्य करने और जनहित के मामलों में त्वरित कार्रवाई करने के लिए निर्देशित किया। शिविर के दौरान वन विभाग ने पंचायत कार्यालय परिसर में वृक्षारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया, वहीं कृषि विभाग द्वारा किसानों को उन्नत किस्म के मक्का बीज वितरित किए गए और आधुनिक कृषि तकनीकों की जानकारी प्रदान की गई। इस आयोजन में भाजपा जिला मीडिया प्रभारी गुणवंत कलाल, मंडल उपाध्यक्ष लोकेंद्र सिंह चौहान, सरपंच सूरज देवी डोडियार, विमल प्रकाश डोडियार, एसीबीईओ हमराज सिंह चौहान, पीईईओ धनपाल भोई सहित जनप्रतिनिधि, विभागीय अधिकारी, कर्मचारी और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे, जिन्होंने शिविर को जनसमस्याओं के समाधान और सरकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त करने का प्रभावी माध्यम बताते हुए ऐसे आयोजनों को निरंतर जारी रखने की माँग की।
- राजस्थान के बांसवाड़ा में अड़ाईश्वर महादेव मंदिर के पास एक शेर देखा गया है। इस घटना से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने वन्यजीवों से जुड़ी खबरों में रुचि जगाई है।1
- आज, 24 जून 2026 को उदयपुर जिले के झाड़ोल स्थित ओगणा मंडल की ग्राम पंचायत काड़ा और चोखला बारा में एक ग्रामीण सेवा शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में राजस्थान सरकार के जनजाति क्षेत्रीय विकास मंत्री बाबूलाल खराड़ी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे, जहाँ ग्रामीणों की समस्याओं का मौके पर ही समाधान किया गया। काड़ा शिविर का प्रभार तहसीलदार सीताराम खटीक ने संभाला, जबकि चोखला बारा शिविर के प्रभारी झाड़ोल के विकास अधिकारी जितेंद्र सिंह राजावत रहे। कार्यक्रम में मंडल अध्यक्ष तखत सिंह सोलंकी, मंडल प्रतिनिधि मदनलाल शर्मा, मंडल महामंत्री दिनेश गरासिया, सोशल मीडिया मंडल संयोजक एवं पूर्व महामंत्री मांगीलाल पटेल, मंडल उपाध्यक्ष तोलाराम मेघवाल, भोपाल सिंह सुआवत, युवा मोर्चा मंडल अध्यक्ष एवं शिविर प्रभारी शेर सिंह सोलंकी, ओबीसी मोर्चा मंडल अध्यक्ष महावीर पुरबिया, युवा मोर्चा महामंत्री हरिसिंह, एसटी मोर्चा महामंत्री पिंटूलाल वडेरा, एससी मोर्चा कार्यकर्ता गणेश मेघवाल, काड़ा बूथ अध्यक्ष अर्जुन भाई कपाया, रामलाल वडेरा, सरपंच, सरपंच पति चतराराम वडेरा, पूर्व सरपंच पति विरमाराम डूंगरी सहित अनेक जनप्रतिनिधि और कार्यकर्ता उपस्थित रहे। शिविर में विभिन्न विभागों से संबंधित मामलों का त्वरित निस्तारण किया गया। जानकारी के अनुसार, इस दौरान 5 नामांतरण, 7 शुद्धिकरण, 3 विभाजन, 23 मूल जाति प्रमाण पत्र, 3 जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र और 1 पेंशन प्रकरण का समाधान किया गया। साथ ही, परिवहन विभाग से संबंधित 21 पास भी जारी किए गए। ग्रामीणों की समस्याओं को सुनकर उनका तत्काल निवारण सुनिश्चित किया गया और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी भी प्रदान की गई।1
- धरियावद नगर के ब्रह्मपुरी मोहल्ले के एक साधारण राजपूत परिवार से आने वाले तनवीर राजपूत के अग्निवीर सेवा प्रशिक्षण प्राप्त कर अपने पैतृक गांव धरियावद लौटने पर पूरे राजपूत समाज और क्षेत्र में खुशी का माहौल छा गया। उनका अग्निवीर सेवा में चयन हुआ था और प्रशिक्षण पूरा करने के बाद जब वे घर पहुंचे, तो नगरवासियों सहित राजपूत समाज और उनके घर परिवार वालों ने पुष्प मालाओं से उनका भव्य स्वागत किया। इस दौरान, नया बस स्टैंड से उनका स्वागत कर एक जुलूस निकाला गया, जो नगर के प्रमुख मार्गों से होते हुए उनके घर तक पहुंचा। उनके मोहल्ले के निवासियों ने भी तनवीर का स्वागत किया, उन्हें शुभकामनाओं के साथ बधाइयां दीं तथा स्वाभिमान के साथ मिठाइयां बांटीं। इस पूरे पल को देखकर आज धरियावद क्षेत्र में खूब चर्चा रही और क्षेत्रवासियों सहित घर परिवार वालों व राजपूत समाज ने बड़ा ही गर्व महसूस किया।2
- राज्य सरकार द्वारा ग्रामीणों की समस्याओं के त्वरित समाधान के उद्देश्य से चिकारड़ा में आयोजित ग्रामीण सेवा शिविर अपने अपेक्षित परिणाम देने में विफल रहा। शिविर में विभिन्न विभागों की उपस्थिति और समस्याओं के निराकरण के दावों के बावजूद, ग्रामीणों द्वारा उठाए गए कई महत्वपूर्ण मुद्दे अनसुलझे ही रह गए। प्रमुख समस्याओं में वर्षों से लंबित नालियों की सफाई, सड़क निर्माण, गंदगी और चारागाह व सार्वजनिक भूमि पर अतिक्रमण शामिल थे। ग्रामीणों का आरोप है कि ग्राम पंचायत द्वारा नालियों से अतिक्रमण हटाने और सफाई के दावे सहायक विकास अधिकारी नरेश ढाबरिया और ग्राम विकास अधिकारी मनोज मेघवाल के मौके पर निरीक्षण करने पर झूठे पाए गए, जिससे अधिकारियों ने वास्तविक स्थिति से भिन्न जानकारी देने को गंभीरता से लिया। शिविर में लगभग 35 से 40 आवेदन और प्रकरण पंजीकृत हुए, जिनमें से अधिकांश में केवल औपचारिक कार्रवाई ही हुई, जबकि कई मामले लंबित छोड़ दिए गए। पट्टों से संबंधित अधिकांश आवेदन भी लंबित रहे। सबसे बड़ी विडंबना यह रही कि शिविर में कोई भी ऐसा वरिष्ठ अधिकारी मौजूद नहीं था जो मौके पर ठोस निर्णय लेकर समस्याओं का समाधान कर सके; उपखंड अधिकारी, तहसीलदार और विकास अधिकारी स्तर के अधिकारियों की अनुपस्थिति में नायब तहसीलदार भूपेंद्र वसी और सहायक विकास अधिकारी नरेश ढाबरिया ने व्यवस्थाओं और कार्यवाही की जिम्मेदारी संभाली। सड़क जैसी मूलभूत समस्या से जुड़े मामलों के लिए लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) का कोई अधिकारी या प्रतिनिधि शिविर में उपस्थित नहीं था, जो ग्रामीणों के बीच चर्चा का विषय बना रहा, खासकर चिकारड़ा जैसे बड़े क्षेत्र में जहाँ सड़क, बिजली और पेयजल प्रमुख समस्याएँ हैं। ग्रामीणों ने यह भी सवाल उठाया कि जब ग्राम पंचायत आबादी क्षेत्र और चारागाह भूमि पर अतिक्रमण हटाने में प्रभावी कार्रवाई नहीं कर पाती, तो यह व्यवस्था पर प्रश्नचिह्न खड़ा करता है। उनका कहना था कि जिन शिविरों में जिला कलक्टर स्वयं उपस्थित होती हैं, वहाँ अधिकांश वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहते हैं और समस्याओं का समाधान मौके पर ही होता है, जबकि अन्य शिविरों में कई विभागों के अधिकारी अपेक्षित गंभीरता और मुस्तैदी नहीं दिखाते, जिससे अनेक समस्याएँ लंबित रह जाती हैं। शिविर स्थल पर भीषण गर्मी के बावजूद पेयजल, कूलर और बैठने की पर्याप्त व्यवस्था न होने से ग्रामीण बेहाल रहे; प्रचार-प्रसार की कमी के कारण भी बड़ी संख्या में ग्रामीणों को जानकारी नहीं मिल पाई। इसके अतिरिक्त, बस स्टैंड का सार्वजनिक शौचालय और मूत्रालय वर्षों से बंद पड़े होने का मुद्दा भी उठाया गया, जबकि आयुर्वेद और एलोपैथिक विभाग के कार्मिकों ने स्वास्थ्य सेवाओं में सक्रियता दिखाते हुए अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन किया।3
- प्रतापगढ़ में 24 जून को मोहर्रम की 7वीं तारीख पर बारी दरवाजे से छड़ी का आलम निकाला गया। इस आयोजन में मुस्लिम समाज के कई लोगों ने भाग लिया और हर साल की तरह इस बार भी शांति और भाईचारे के साथ जुलूस निकाला गया। यह आलम बारी दरवाजा से शुरू होकर सालमपुरा, भटपुरा कुमारवाडा से गुजरते हुए बावड़ी मोहल्ले पहुंचा, जहाँ जलसा आयोजित किया गया। इस दौरान रतलाम से आए अल अब्बास अखाड़े के पहलवानों ने अपने-अपने करतबों का प्रदर्शन किया। पहलवानों ने आग से मोटरसाइकिल निकालने, मुंह से ट्यूबलाइट चबाने और आग में जलती हुई ट्यूबलाइटों के जंगलों के बीच से खुद को निकालने जैसे कई हैरतअंगेज कारनामे दिखाए। इन कला और संस्कृति के प्रदर्शनों को देखकर लोगों ने बड़ी धूमधाम से इमाम हुसैन के नारे लगाए और प्रतापगढ़ के लोगों ने पहलवानों की बहुत तारीफ की।1
- कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और प्रदेश महासचिव गौतम लाल जी पांड्या, जो पूर्व सेवादल जिला अध्यक्ष भी रह चुके हैं, और समाजसेवी दिनेश आहारी के बीच क्षेत्र एवं समाज के हित में विस्तृत और गहन चर्चा हुई।1
- बांसवाड़ा में PM Gold Jewellers के संचालक पर कथित तौर पर 5 लाख रुपये की धोखाधड़ी का आरोप लगाया गया है। इस मामले में संचालक के खिलाफ शिकायत दर्ज की गई है।1
- राष्ट्रीय अफीम किसान संघ के नेतृत्व में निकाली जा रही अफीम किसान जागरण रैली को उदयपुर जिले में किसानों का व्यापक समर्थन मिल रहा है। यह रैली अफीम किसानों के अधिकारों, लंबित मांगों और समस्याओं के समाधान के लिए शुरू की गई है। 23 जून को डूंगला से शुरू हुई यह रैली बड़ीसादड़ी, कानोड़, भींडर और वल्लभनगर पहुंची, जहां किसानों ने जगह-जगह रैली का स्वागत किया और अफीम किसानों की मांगों के समर्थन में नारेबाजी करते हुए संबंधित उपखंड अधिकारियों को ज्ञापन सौंपे। इस दौरान हजारों किसान तपती गर्मी के बावजूद अपने हक और अधिकारों की आवाज बुलंद करने के लिए एकत्र हुए। बड़ीसादड़ी में शंभूलाल मेनारिया, राजा चौधरी, रवि मेनारिया सहित सैकड़ों किसानों ने भाग लिया। वहीं, कानोड़ में तहसील कार्यकारिणी का गठन किया गया और रामेश्वरलाल जाट को तहसील अध्यक्ष नियुक्त किया गया। रैली में जिला अध्यक्ष विजयलाल मेनारिया, तहसील अध्यक्ष भगतलाल व्यास, संरक्षक गणपत सिंह चुंडावत, रामेश्वर कुमावत, उदयलाल जाट, दुर्गाशंकर मेनारिया और जगदीश जटली सहित बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे। 24 जून को यह रैली मावली पहुंची, जहां क्षेत्रीय विधायक पुष्कर डांगी किसानों के समर्थन में उपखंड कार्यालय तक पहुंचे और रैली में शामिल हुए। इस अवसर पर राष्ट्रीय अफीम किसान संघ के अध्यक्ष दुर्गेश जोशी एवं जिला अध्यक्ष विजयलाल मेनारिया का किसानों द्वारा स्वागत किया गया। इसके बाद बाबूलाल गाडरी (सनवाड़), ओंकार जणवा, नारायण, गंगाराम, शंकर, जगदीश, देवलाल, मंगनीराम, भरत मेनारिया (सरपंच), सुरेश दाधीच, रामेश्वर खटीक, मधुलाल जाट, मांगीलाल गुर्जर, अंबालाल (सरपंच, पालना), मंगूसिंह (महुड़ा), शिवाजी डिंगराकिया, गोपाल डबोक सहित सैकड़ों किसानों ने मावली उपखंड कार्यालय पहुंचकर उपखंड अधिकारी को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने सरकार के समक्ष अफीम किसानों की समस्याओं के समाधान और मांगों के निराकरण के लिए अपने सुझाव भी प्रस्तुत किए। संघ के अध्यक्ष दुर्गेश जोशी ने बताया कि आगामी दिनों में भी यह जागरण रैली विभिन्न तहसीलों और उपखंड मुख्यालयों पर पहुंचेगी, ताकि प्रशासन के माध्यम से अफीम किसानों की आवाज सरकार तक पहुंचाई जा सके और उनकी वर्षों पुरानी समस्याओं का शीघ्र समाधान हो सके।3
- आरजे27 उदयपुर के पास देबारी रोड पर एक बड़ा सड़क हादसा हुआ है।1