प्रतापगढ़ जिले के सोहनपुर गांव में भूमि और रास्ते से जुड़े एक विवाद के बीच ग्रामीणों ने कथित तौर पर रास्ते पर पत्थर डालने के प्रयासों का कड़ा विरोध किया है। ग्रामीणों का कहना है कि सार्वजनिक आवागमन के लिए उपयोग किए जाने वाले इस रास्ते पर किसी भी तरह का अवरोध या पत्थर डालना बिल्कुल अनुचित है, जिससे आम लोगों और किसानों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ेगा। महावीर जी, अक्षयनाथ जी, नाथूलाल जी, पन्नालाल जी, कंकूबाई, राधा देवी, ईश्वरलाल जी और भेरूलाल जी सहित अन्य ग्रामीणों ने प्रशासन के समक्ष अपनी आपत्ति दर्ज कराते हुए रास्ते पर पत्थर न डालने की मांग की है। उन्होंने राजस्व विभाग और प्रशासन से मौके पर निष्पक्ष जांच कर वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने की अपील की है, साथ ही यह भी मांग की है कि जांच पूरी होने तक कोई भी पक्ष रास्ते या भूमि की स्थिति में कोई बदलाव न करे। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी आपत्तियों को नजरअंदाज कर रास्ते पर पत्थर डाले गए, तो क्षेत्र में विवाद की गंभीर स्थिति उत्पन्न हो सकती है।
प्रतापगढ़ जिले के सोहनपुर गांव में भूमि और रास्ते से जुड़े एक विवाद के बीच ग्रामीणों ने कथित तौर पर रास्ते पर पत्थर डालने के प्रयासों का कड़ा विरोध किया है। ग्रामीणों का कहना है कि सार्वजनिक आवागमन के लिए उपयोग किए जाने वाले इस रास्ते पर किसी भी तरह का अवरोध या पत्थर डालना बिल्कुल अनुचित है, जिससे आम लोगों और किसानों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ेगा। महावीर जी, अक्षयनाथ जी, नाथूलाल जी, पन्नालाल जी, कंकूबाई, राधा देवी, ईश्वरलाल जी और भेरूलाल जी सहित अन्य ग्रामीणों ने प्रशासन के समक्ष अपनी आपत्ति दर्ज कराते हुए रास्ते पर पत्थर न डालने की मांग की है। उन्होंने राजस्व विभाग और प्रशासन से मौके पर निष्पक्ष जांच कर वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने की अपील की है, साथ ही यह भी मांग की है कि जांच पूरी होने तक कोई भी पक्ष रास्ते या भूमि की स्थिति में कोई बदलाव न करे। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी आपत्तियों को नजरअंदाज कर रास्ते पर पत्थर डाले गए, तो क्षेत्र में विवाद की गंभीर स्थिति उत्पन्न हो सकती है।
- प्रतापगढ़ जिले के सोहनपुर गांव में भूमि और रास्ते से जुड़े एक विवाद के बीच ग्रामीणों ने कथित तौर पर रास्ते पर पत्थर डालने के प्रयासों का कड़ा विरोध किया है। ग्रामीणों का कहना है कि सार्वजनिक आवागमन के लिए उपयोग किए जाने वाले इस रास्ते पर किसी भी तरह का अवरोध या पत्थर डालना बिल्कुल अनुचित है, जिससे आम लोगों और किसानों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ेगा। महावीर जी, अक्षयनाथ जी, नाथूलाल जी, पन्नालाल जी, कंकूबाई, राधा देवी, ईश्वरलाल जी और भेरूलाल जी सहित अन्य ग्रामीणों ने प्रशासन के समक्ष अपनी आपत्ति दर्ज कराते हुए रास्ते पर पत्थर न डालने की मांग की है। उन्होंने राजस्व विभाग और प्रशासन से मौके पर निष्पक्ष जांच कर वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने की अपील की है, साथ ही यह भी मांग की है कि जांच पूरी होने तक कोई भी पक्ष रास्ते या भूमि की स्थिति में कोई बदलाव न करे। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी आपत्तियों को नजरअंदाज कर रास्ते पर पत्थर डाले गए, तो क्षेत्र में विवाद की गंभीर स्थिति उत्पन्न हो सकती है।1
- प्रतापगढ़ में 24 जून को मोहर्रम की 7वीं तारीख पर बारी दरवाजे से छड़ी का आलम निकाला गया। इस आयोजन में मुस्लिम समाज के कई लोगों ने भाग लिया और हर साल की तरह इस बार भी शांति और भाईचारे के साथ जुलूस निकाला गया। यह आलम बारी दरवाजा से शुरू होकर सालमपुरा, भटपुरा कुमारवाडा से गुजरते हुए बावड़ी मोहल्ले पहुंचा, जहाँ जलसा आयोजित किया गया। इस दौरान रतलाम से आए अल अब्बास अखाड़े के पहलवानों ने अपने-अपने करतबों का प्रदर्शन किया। पहलवानों ने आग से मोटरसाइकिल निकालने, मुंह से ट्यूबलाइट चबाने और आग में जलती हुई ट्यूबलाइटों के जंगलों के बीच से खुद को निकालने जैसे कई हैरतअंगेज कारनामे दिखाए। इन कला और संस्कृति के प्रदर्शनों को देखकर लोगों ने बड़ी धूमधाम से इमाम हुसैन के नारे लगाए और प्रतापगढ़ के लोगों ने पहलवानों की बहुत तारीफ की।1
- मंदसौर जिले में 'ड्रग फ्री मध्यप्रदेश' अभियान के तहत नई आबादी पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए ग्राम बाजखेड़ी स्थित एक खेत में संचालित अवैध एमडी (सिंथेटिक) ड्रग निर्माण फैक्ट्री का पर्दाफाश किया है। पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार मीना ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि पुलिस ने मौके से 13 किलो 850 ग्राम एमडी ड्रग और 9 किलो 109 ग्राम रासायनिक पदार्थ (केमिकल) जब्त किए हैं। इस कार्रवाई के दौरान सदाकत खान (41) और आरिफ अजमेरी (33) को गिरफ्तार किया गया, जबकि ताहिर अजमेरी अभी भी फरार है जिसकी तलाश जारी है। मुखबिर की सूचना पर की गई इस कार्रवाई में पुलिस ने ड्रग निर्माण में उपयोग होने वाले सेंट्रीफ्यूगल मशीन, इलेक्ट्रॉनिक तौल कांटा, इंडक्शन, ड्रम, बाल्टियां और अन्य उपकरण भी बरामद किए हैं। इस मामले में थाना नई आबादी में एनडीपीएस एक्ट की धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर ड्रग्स निर्माण, उसके परिवहन और तस्करी से जुड़े पूरे नेटवर्क का पता लगाने में जुटी है। मंदसौर पुलिस ने जिले को नशामुक्त बनाने के लिए भविष्य में भी ऐसी कार्रवाई लगातार जारी रखने की बात कही है।1
- मध्य प्रदेश हेड ब्यूरो मंगल देव राठौर की एक खास रिपोर्ट में नॉर्थ अमेरिकन माउंटेन बकरी (ओरेमनोस अमेरिकनस) की अद्भुत क्षमताओं पर प्रकाश डाला गया है, जिन्हें देखकर वाकई होश उड़ जाते हैं। इन जीवों को 'चोटियों के फ़रिश्ते' और 'प्रकृति के सबसे ज़्यादा एड्रेनालाईन के दीवाने' के रूप में वर्णित किया गया है, जो खड़ी चट्टानों पर भी ऐसे विचरण करते हैं जैसे वे किसी पार्क में आराम से टहलने का मज़ा ले रहे हों। रिपोर्ट में बताया गया है कि इन माउंटेन बकरी के 'प्यारे बच्चे' भी जन्म के कुछ ही घंटों या दिनों के भीतर उतनी ही निडरता से खड़ी चट्टानों पर चढ़ना शुरू कर देते हैं। यह नज़ारा कुदरत के अजब खेल और उसकी अद्भुत रचनाओं का एक शानदार उदाहरण प्रस्तुत करता है।1
- धरियावद के मूंगाणा-जूना बारिया ग्राम पंचायत के वैली फल क्षेत्र में वन विभाग की कथित कार्रवाई को लेकर एक गंभीर विवाद सामने आया है। एक गरीब परिवार ने आरोप लगाया है कि वन विभाग के दल ने उनका निर्माणाधीन मकान ध्वस्त कर दिया, महिलाओं के साथ मारपीट की और सामान को भी नुकसान पहुंचाया। पीड़ित पवन नाथ (45) ने बताया कि उनका मकान सरकारी योजना के तहत जियो टैगिंग के बाद स्वीकृत हुआ था और इंदिरा आवास योजना के तहत उन्हें ₹15 हजार की किस्त भी मिली थी। उन्होंने दो वर्षों तक अहमदाबाद में मजदूरी करके मकान के लिए सामग्री जुटाई थी, और छत डलनी ही बाकी थी। आरोप है कि वन विभाग के कर्मचारियों के साथ मूंगाणा और पारसोला क्षेत्र से आए एक दल ने जेसीबी, ट्रैक्टर, मोटरसाइकिल और जीपों सहित मौके पर पहुंचकर इस निर्माणाधीन मकान को तोड़ा। परिवार का कहना है कि इस दौरान पवन नाथ की पत्नी पूंजी देवी और बहू सुमित्रा के साथ धक्का-मुक्की और मारपीट की गई; पूंजी देवी ने तो एक महिला कांस्टेबल पर कपड़े फाड़ने और मारपीट का आरोप लगाया है। परिवार ने बताया कि सुमित्रा की डिलीवरी को केवल 25 दिन हुए हैं और उनका बच्चा आईसीयू में भर्ती है। परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि कार्रवाई के दौरान उनके दो बकरे और एक बकरी लापता हो गए। ग्रामीणों ने शिकायत की कि यह कार्रवाई केवल एक मकान तक सीमित नहीं रही, बल्कि आसपास कुमारी क्षेत्र में हर्निया, कैलाश और गणेश के परिवारों की तीन झोपड़ियां भी तोड़ी गईं, और उन्हें जबरन वाहनों में बैठाकर ले जाया गया। इसके अतिरिक्त, गीता नाथ के बिजली के पोल तोड़ दिए गए और तारबंदी भी क्षतिग्रस्त कर दी गई। पीड़ित परिवार ने वनरक्षक कैलाश चौधरी पर कार्रवाई से पहले ₹20 हजार से ₹50 हजार मांगने और राशि न देने पर मारपीट करने का आरोप लगाया है। ग्रामीणों का दावा है कि संबंधित भूमि लगभग चार बीघा क्षेत्र में थी और उस पर वन विभाग का अधिकार नहीं बनता। घटना की सूचना पर क्षेत्रीय विधायक थावरचंद डामोर मौके पर पहुंचे, जिन्होंने रेंजर रामलाल भील और पटवारी को बुलाकर स्थिति की जानकारी ली। पटवारी बाबूलाल मीणा ने स्पष्ट किया कि जुना बोरिया आराजी नंबर 1/3 ऑनलाइन जमाबंदी के अनुसार ग्राम पंचायत गोठड़ा सुरक्षित चारागाह दर्ज है, और इस स्थान पर वन विभाग का कोई आधिपत्य नहीं है। इसके बाद, रेंजर रामलाल भील ने पीड़ित परिवार को तत्काल राशन और छत के लिए अस्थायी सहायता राशि उपलब्ध कराई। विधायक थावरचंद डामोर ने अधिकारियों को 29 जून तक पीड़ित परिवार का मकान पुनः निर्माण कर तैयार करके देने का अल्टीमेटम दिया है, साथ ही संबंधित अधिकारी को निलंबित करने की भी मांग की है। इस घटना के बाद से ग्रामीणों में भारी नाराजगी है और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग जोर पकड़ने लगी है।4
- मंसौर जिले की पिपलिया मंडी में नरेंद्र मोदी विचार मंच का 23वां स्थापना दिवस बड़े उत्साह और धूमधाम के साथ मनाया गया। इस अवसर पर कार्यक्रम में मौजूद सभी लोगों ने जोशपूर्ण तरीके से इस विशेष दिन को चिह्नित किया।1
- मध्य प्रदेश के मंदसौर जिले में पुलिस ने बाजखेड़ी गांव के पास एक खेत में संचालित अवैध एमडी ड्रग्स फैक्ट्री पर बड़ी कार्रवाई की है। इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने मौके से करीब 14 करोड़ रुपये मूल्य की 13 किलो 850 ग्राम एमडी ड्रग्स और 9 किलो केमिकल बरामद किया है। पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार भी किया है, जबकि एक आरोपी घटनास्थल से फरार होने में सफल रहा। प्रारंभिक जांच से यह सामने आया है कि खेत के बीच बने एक मकान में सिंथेटिक ड्रग्स का निर्माण किया जा रहा था, जिसे बाद में विभिन्न क्षेत्रों में भेजा जाता था। मंदसौर पुलिस अब इस पूरे अवैध नेटवर्क की गहनता से जांच करने में जुटी हुई है।1
- इंदौर में 21 जून को मोहर्रम की छठी तारीख के अवसर पर मुंबई बाजार से सुनहरी पार्टी का पारंपरिक अखाड़ा निकाला गया। यह अखाड़ा पिछले कई वर्षों से निकलता आ रहा है, जिसमें इंदौर शहर के विभिन्न क्षेत्रों जैसे ग्रीन पार्क, चंदन नगर, आजाद नगर, बाडवाली चौकी, रानीपुर और नयापुरा के युवा बढ़-चढ़कर भाग लेते हैं। इस अखाड़े का संचालन पार्षद अयाज बैग साहब करते हैं, और इसमें मुस्ताक बाबा वारसी, सलीम बाबा मंसूरी, इश्हाक मंसूरी तथा उस्ताद खलीफा जैसे प्रमुख व्यक्ति भी शामिल होते हैं।2