रविवार को राजाखेड़ा कस्बे में भगवान परशुराम का जन्मोत्सव अत्यंत धूमधाम और आध्यात्मिक उल्लास के साथ मनाया गया। लक्ष्मी नारायण मंदिर से प्रारंभ हुई भव्य शोभायात्रा ने पूरे कस्बे को भक्ति की दिव्य ज्योति से आलोकित कर दिया, जिससे वातावरण पावन हो उठा। विधि-विधान से शुरू हुई यह शोभायात्रा बाईपास मार्ग से होते हुए पुलिस चौकी टाउन पहुंची और फिर मुख्य बाजार से गुजरी। इस दौरान भक्ति गीतों की मधुर ध्वनि गूंजती रही और भक्तों की अपार श्रद्धा देखकर जगह-जगह पुष्प वर्षा की गई। शोभायात्रा में लगभग दो दर्जन दिव्य झांकियां शामिल थीं, जिनमें स्थानीय और बाहरी कलाकारों ने भगवान परशुराम के जीवन चरित्र को जीवंत रूप से प्रस्तुत किया। इस पावन अवसर पर शस्त्र और शास्त्र का अद्भुत संगम देखने को मिला, जो भगवान परशुराम के अवतार की महिमा को लगातार स्मरण कराता रहा। चिलचिलाती धूप के बावजूद, सड़कों और छतों पर बड़ी संख्या में भक्त भगवान के दर्शन के लिए उत्सुक खड़े नजर आए। भक्तों की सुविधा का ध्यान रखते हुए कई स्थानों पर शरबत और ठंडे पेय की व्यवस्था भी की गई थी। शोभायात्रा के समापन पर, डोले पर प्रसादी चढ़ाकर भक्तों ने भगवान से अपने परिवार, समाज और राष्ट्र के कल्याण के लिए प्रार्थना की। पुलिस प्रशासन की उत्कृष्ट व्यवस्थाओं के कारण यह पूरा दिव्य आयोजन बिना किसी बाधा के सफलतापूर्वक संपन्न हुआ, जिसने राजाखेड़ा कस्बे में भगवान परशुराम की कृपा और भक्ति भाव को एक बार फिर मजबूती से स्थापित किया।
रविवार को राजाखेड़ा कस्बे में भगवान परशुराम का जन्मोत्सव अत्यंत धूमधाम और आध्यात्मिक उल्लास के साथ मनाया गया। लक्ष्मी नारायण मंदिर से प्रारंभ हुई भव्य शोभायात्रा ने पूरे कस्बे को भक्ति की दिव्य ज्योति से आलोकित कर दिया, जिससे वातावरण पावन हो उठा। विधि-विधान से शुरू हुई यह शोभायात्रा बाईपास मार्ग से होते हुए पुलिस चौकी टाउन पहुंची और फिर मुख्य बाजार से गुजरी। इस दौरान भक्ति गीतों की मधुर ध्वनि गूंजती रही और भक्तों की अपार श्रद्धा देखकर जगह-जगह पुष्प वर्षा की गई। शोभायात्रा में लगभग दो दर्जन दिव्य झांकियां शामिल थीं, जिनमें स्थानीय और बाहरी कलाकारों ने भगवान परशुराम के जीवन चरित्र को जीवंत रूप से प्रस्तुत किया। इस पावन अवसर पर शस्त्र और शास्त्र का अद्भुत संगम देखने को मिला, जो भगवान परशुराम के अवतार की महिमा को लगातार स्मरण कराता रहा। चिलचिलाती धूप के बावजूद, सड़कों और छतों पर बड़ी संख्या में भक्त भगवान के दर्शन के लिए उत्सुक खड़े नजर आए। भक्तों की सुविधा का ध्यान रखते हुए कई स्थानों पर शरबत और ठंडे पेय की व्यवस्था भी की गई थी। शोभायात्रा के समापन पर, डोले पर प्रसादी चढ़ाकर भक्तों ने भगवान से अपने परिवार, समाज और राष्ट्र के कल्याण के लिए प्रार्थना की। पुलिस प्रशासन की उत्कृष्ट व्यवस्थाओं के कारण यह पूरा दिव्य आयोजन बिना किसी बाधा के सफलतापूर्वक संपन्न हुआ, जिसने राजाखेड़ा कस्बे में भगवान परशुराम की कृपा और भक्ति भाव को एक बार फिर मजबूती से स्थापित किया।
- रविवार को राजाखेड़ा कस्बे में भगवान परशुराम का जन्मोत्सव अत्यंत धूमधाम और आध्यात्मिक उल्लास के साथ मनाया गया। लक्ष्मी नारायण मंदिर से प्रारंभ हुई भव्य शोभायात्रा ने पूरे कस्बे को भक्ति की दिव्य ज्योति से आलोकित कर दिया, जिससे वातावरण पावन हो उठा। विधि-विधान से शुरू हुई यह शोभायात्रा बाईपास मार्ग से होते हुए पुलिस चौकी टाउन पहुंची और फिर मुख्य बाजार से गुजरी। इस दौरान भक्ति गीतों की मधुर ध्वनि गूंजती रही और भक्तों की अपार श्रद्धा देखकर जगह-जगह पुष्प वर्षा की गई। शोभायात्रा में लगभग दो दर्जन दिव्य झांकियां शामिल थीं, जिनमें स्थानीय और बाहरी कलाकारों ने भगवान परशुराम के जीवन चरित्र को जीवंत रूप से प्रस्तुत किया। इस पावन अवसर पर शस्त्र और शास्त्र का अद्भुत संगम देखने को मिला, जो भगवान परशुराम के अवतार की महिमा को लगातार स्मरण कराता रहा। चिलचिलाती धूप के बावजूद, सड़कों और छतों पर बड़ी संख्या में भक्त भगवान के दर्शन के लिए उत्सुक खड़े नजर आए। भक्तों की सुविधा का ध्यान रखते हुए कई स्थानों पर शरबत और ठंडे पेय की व्यवस्था भी की गई थी। शोभायात्रा के समापन पर, डोले पर प्रसादी चढ़ाकर भक्तों ने भगवान से अपने परिवार, समाज और राष्ट्र के कल्याण के लिए प्रार्थना की। पुलिस प्रशासन की उत्कृष्ट व्यवस्थाओं के कारण यह पूरा दिव्य आयोजन बिना किसी बाधा के सफलतापूर्वक संपन्न हुआ, जिसने राजाखेड़ा कस्बे में भगवान परशुराम की कृपा और भक्ति भाव को एक बार फिर मजबूती से स्थापित किया।1
- धौलपुर जिला फुटबॉल संघ द्वारा ग्रीष्मकालीन अवकाश के दौरान 21 जून से समर फुटबॉल लीग का आयोजन किया जाएगा, जिसका मुख्य उद्देश्य फुटबॉल खिलाड़ियों की प्रतिभा को निखारना और खेल गतिविधियों को बढ़ावा देना है। इस प्रतियोगिता को लेकर खिलाड़ियों में काफी उत्साह है, और चयन प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। जिला फुटबॉल संघ के अध्यक्ष गुरमीत मान ने बताया कि यह लीग जिले में फुटबॉल खेल को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने और ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों की उभरती प्रतिभाओं को उचित मंच प्रदान करने के लिए आयोजित की जा रही है। उन्होंने जोर दिया कि नियमित प्रतियोगिताओं के अभाव में कई प्रतिभाशाली खिलाड़ी अपनी क्षमता का प्रदर्शन नहीं कर पाते हैं, ऐसे में यह लीग उनके लिए एक बेहतर अवसर साबित होगी। कोच असलम खान ने जानकारी दी कि प्रतियोगिता में जूनियर वर्ग की आठ और सीनियर वर्ग की चार टीमें भाग लेंगी। सभी टीमों को संतुलित बनाने के लिए खिलाड़ियों का चयन ऑक्शन प्रक्रिया के माध्यम से किया गया है। उन्होंने यह भी बताया कि प्रत्येक टीम में बेटियों को भी शामिल किया गया है, जिससे महिला खिलाड़ियों को भी अपनी खेल क्षमता प्रदर्शित करने का मौका मिलेगा। जिला फुटबॉल संघ सचिव संदीप राणा ने बताया कि चयन प्रक्रिया में 180 से अधिक खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया, जिनका चयन उनके प्रदर्शन, फिटनेस और खेल कौशल के आधार पर हुआ। लीग के सफल आयोजन के लिए सभी आवश्यक तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। उन्होंने आगे बताया कि प्रतियोगिता के दौरान उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को सम्मानित किया जाएगा और भविष्य में राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं के लिए भी प्रतिभाओं की पहचान की जाएगी। आयोजकों का मानना है कि यह लीग धौलपुर में फुटबॉल के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी, जो युवा खिलाड़ियों को अपने सपनों को साकार करने के लिए नया मंच प्रदान करेगी और उनमें अनुशासन, टीम भावना व खेल के प्रति समर्पण की भावना विकसित करेगी। संघ पदाधिकारियों ने जिले के खेल प्रेमियों से प्रतियोगिता में पहुंचकर खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करने की अपील की है।2
- धौलपुर जिला फुटबॉल संघ के तत्वावधान में 21 जून से ग्रीष्मकालीन समर फुटबॉल लीग का आयोजन किया जाएगा। इसका मुख्य उद्देश्य खिलाड़ियों की प्रतिभा को निखारना और जिले में फुटबॉल खेल को बढ़ावा देना है। प्रतियोगिता के लिए खिलाड़ियों में काफी उत्साह है और टीम चयन की प्रक्रिया भी पूरी कर ली गई है। जिला फुटबॉल संघ के अध्यक्ष गुरमीत मान ने बताया कि इस लीग का आयोजन जिले में फुटबॉल को नई ऊंचाइयों तक ले जाने और ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों की उभरती प्रतिभाओं को एक मंच प्रदान करने के लिए किया जा रहा है। उन्होंने ज़ोर दिया कि नियमित प्रतियोगिताओं के अभाव में कई प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को अपनी क्षमता दिखाने का मौका नहीं मिल पाता, ऐसे में यह लीग उनके लिए एक महत्वपूर्ण मंच साबित होगी। कोच असलम खान के अनुसार, इस प्रतियोगिता में जूनियर वर्ग की आठ टीमें और सीनियर वर्ग की चार टीमें हिस्सा लेंगी। टीमों को संतुलित बनाने के लिए खिलाड़ियों का चयन ऑक्शन प्रक्रिया के ज़रिए किया गया है। लीग में रोमांचक मुकाबले देखने को मिलेंगे और खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का भरपूर अवसर मिलेगा। उन्होंने यह भी बताया कि प्रत्येक टीम में बेटियों को भी शामिल किया गया है, जिससे महिला खिलाड़ियों को भी अपनी खेल क्षमता दिखाने का मौका मिलेगा। जिला फुटबॉल संघ के सचिव संदीप राणा ने जानकारी दी कि चयन प्रक्रिया में 180 से अधिक खिलाड़ियों ने भाग लिया। इन खिलाड़ियों का चयन उनके प्रदर्शन, फिटनेस और खेल कौशल के आधार पर किया गया है। प्रतियोगिता के सफल आयोजन के लिए सभी आवश्यक तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। राणा ने बताया कि लीग में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को सम्मानित किया जाएगा, और भविष्य में राज्य व राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं के लिए प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की पहचान भी की जाएगी। इस लीग के माध्यम से खिलाड़ियों में अनुशासन, टीम भावना और खेल के प्रति समर्पण की भावना विकसित होगी। संघ पदाधिकारियों ने जिले के खेल प्रेमियों से प्रतियोगिता में पहुंचकर खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करने की अपील की है, उनका मानना है कि यह लीग धौलपुर में फुटबॉल के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी और युवा खिलाड़ियों को उनके सपनों को साकार करने के लिए एक नया मंच देगी।2
- धौलपुर की सुंदर कॉलोनी में अब गली की व्यवस्था पहले से काफी बेहतर हो गई है। यह सुधार मेम्बर साहब की मेहरबानी और उनके द्वारा की गई अच्छी व्यवस्था के कारण संभव हुआ है, क्योंकि इससे पहले कॉलोनी की गली की हालत उतनी अच्छी नहीं थी।1
- धौलपुर जिले में वर्ष 1978 में घड़ियालों के संरक्षण के उद्देश्य से चंबल नदी को अभयारण्य घोषित किया गया था।4
- नेनेरा सलेमपुर पंचायत बसेड़ी हर दिन कोई ना कोई हादसा हो रहा है इसको जल्द से जल्द करवाई नाली की सफाई कीचड़ खत्म करें ग्राम पंचायत नेनेरा सलेमपुर🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🫂🫂🫡🫡🫡🫡1
- उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का जन्मदिन 5 जून 1972 को उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल जिले के पंचूर गाँव में हुआ था, और इस वर्ष वे 54 वर्ष के हो गए हैं। अपने 21वें जन्मदिन के लगभग 33 साल पहले उन्होंने पंचूर स्थित अपना घर छोड़ दिया था। घर त्यागने के बाद, वे गोरखपुर के गोरखनाथ मठ पहुँचे, जहाँ उन्होंने वहाँ के महंत से दीक्षा लेकर संन्यासी का जीवन अपनाया। बाद में, अपनी निष्ठा और समर्पण के कारण, वे उसी मठ के पीठाधीश्वर बने। मठ के पीठाधीश्वर बनने के बाद, उन्होंने राजनीति में प्रवेश किया। उनकी राजनीतिक यात्रा ने एक महत्वपूर्ण मोड़ तब लिया जब वे 2017 में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री बने। इसके बाद, 2022 में उन्हें एक बार फिर से मुख्यमंत्री की कुर्सी मिली। इस विशेष अवसर पर, योगी आदित्यनाथ को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएँ।3
- करौली-धौलपुर लोकसभा क्षेत्र के सांसद भजनलाल जाटव द्वारा एक सार्वजनिक सभा में दिए गए कथित विवादास्पद बयान के बाद धौलपुर जिले में विरोध के स्वर तेज हो गए हैं। विभिन्न सामाजिक संगठनों और नागरिकों ने इस बयान पर गहरी आपत्ति जताते हुए अपनी नाराजगी व्यक्त की है। सांसद के इस बयान को लेकर जिले के अलग-अलग क्षेत्रों में गरमागरम चर्चा का माहौल बना हुआ है। कई लोगों ने इसे अनुचित बताते हुए सांसद से स्पष्टीकरण की मांग की है। वहीं, कुछ संगठनों ने इस बयान के विरोध में ज्ञापन सौंपने और लोकतांत्रिक तरीके से अपना विरोध दर्ज कराने की बात कही है। यह मुद्दा राजनीतिक गलियारों में भी चर्चा का विषय बना हुआ है, जहां इसे लेकर गहन विचार-विमर्श चल रहा है। सोशल मीडिया पर भी इस मामले पर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। हालांकि, इस विवाद पर सांसद भजनलाल जाटव की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।1