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प्रयागराज के शंकरगढ़ स्थित पीपीसीएल पावर प्लांट मैं मजदूर अपनी मांगू को लेकर धरने पर बैठे मजदूरों की मांग उनके मानदेय समेत कई अन्य मांगों को पूरा किया जाए प्रयागराज के शंकरगढ़ स्थित पीपीसीएल पावर प्लांट मैं मजदूर अपनी मांगू को लेकर धरने पर बैठे मजदूरों की मांग उनके मानदेय समेत कई अन्य मांगों को पूरा किया जाए
Journalist Abhishek Gupta Ji
प्रयागराज के शंकरगढ़ स्थित पीपीसीएल पावर प्लांट मैं मजदूर अपनी मांगू को लेकर धरने पर बैठे मजदूरों की मांग उनके मानदेय समेत कई अन्य मांगों को पूरा किया जाए प्रयागराज के शंकरगढ़ स्थित पीपीसीएल पावर प्लांट मैं मजदूर अपनी मांगू को लेकर धरने पर बैठे मजदूरों की मांग उनके मानदेय समेत कई अन्य मांगों को पूरा किया जाए
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- वेतन, ओवरटाइम और शोषण के आरोपों को लेकर प्रयागराज पावर जनरेशन कंपनी लिमिटेड के गेट का प्रयागराज के बारा क्षेत्र में स्थित प्रयागराज पावर जनरेशन कंपनी लिमिटेड (PPGCL) में मंगलवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब करीब 4000 मजदूरों ने कंपनी प्रशासन के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन शुरू कर दिया। मजदूरों ने 12 घंटे की ड्यूटी, कम वेतन और शोषण के आरोप लगाते हुए प्लांट के मुख्य गेट का घेराव कर दिया और धरने पर बैठ गए। प्रदर्शन के चलते प्लांट का कामकाज पूरी तरह प्रभावित हो गया और उत्पादन ठप हो गया। मजदूरों का कहना है कि उनसे लगातार 12-12 घंटे काम कराया जा रहा है, लेकिन उन्हें न तो ओवरटाइम का भुगतान किया जा रहा है और न ही न्यूनतम वेतन दिया जा रहा है। मजदूरों ने यह भी आरोप लगाया कि ठेकेदारी प्रथा के चलते उनका शोषण हो रहा है। उन्हें पर्याप्त सुरक्षा उपकरण और मूलभूत सुविधाएं भी उपलब्ध नहीं कराई जा रही हैं। मजदूरों की मांग है कि 8 घंटे की शिफ्ट लागू की जाए, ओवरटाइम का भुगतान सुनिश्चित किया जाए, और ठेकेदारी प्रथा समाप्त कर उन्हें स्थायी किया जाए। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। प्रशासन मजदूरों और कंपनी प्रबंधन के बीच वार्ता कराने की कोशिश कर रहा है, लेकिन खबर लिखे जाने तक कोई ठोस समाधान नहीं निकल सका था। मजदूरों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें जल्द पूरी नहीं की गईं, तो आंदोलन और उग्र किया जाएगा।1
- प्रयागराज के यमुनानगर के बारा क्षेत्र में स्थित प्रयागराज पावर जनरेशन कॉर्पोरेशन लिमिटेड (PPGCL) के अंदर आज हालात बेकाबू नजर आए। अपनी मेहनत के पसीने की सही कीमत और सम्मान की मांग को लेकर 4000 से अधिक मजदूरों ने कंपनी प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। काम ठप कर मजदूर धरने पर बैठ गए हैं, जिससे प्लांट परिसर में हड़कंप मच गया है। मजदूरों का कहना है कि उनसे जबरन 12-12 घंटे काम लिया जा रहा है। उनकी मांग है कि श्रम नियमों के अनुसार ड्यूटी को 8 घंटे किया जाए। इतनी बड़ी संख्या में मजदूरों के प्रदर्शन को देखते हुए कंपनी प्रबंधन के पसीने छूट रहे हैं। सुरक्षा के लिहाज से स्थानीय पुलिस बल भी मुस्तैद है। फिलहाल गतिरोध बरकरार है और कंपनी के उत्पादन पर भी इसका असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।1
- Post by Ghatnaein News1
- Post by Manish Susari संपादकस्थानीयsi न्यूज़1
- प्रयागराज: बारा तहसील क्षेत्र स्थित लोहागरा में एनटीपीसी परियोजना में कार्यरत मजदूरों ने मंगलवार को अपनी विभिन्न मांगों को लेकर जोरदार धरना प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में एकत्रित श्रमिकों ने कंपनी प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपनी समस्याएं उठाईं। मजदूरों का आरोप है कि,उन्हें लंबे समय से 12 घंटे तक काम करने के लिए मजबूर किया जा रहा है,जबकि श्रम कानून के अनुसार 8 घंटे की ड्यूटी निर्धारित है। श्रमिकों ने मांग की है कि,उनकी कार्य अवधि नियमानुसार की जाए और अन्य सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएं।1
- प्रयागराज के शंकरगढ़ स्थित पीपीसीएल पावर प्लांट मैं मजदूर अपनी मांगू को लेकर धरने पर बैठे मजदूरों की मांग उनके मानदेय समेत कई अन्य मांगों को पूरा किया जाए2
- Post by Mohd Sanif1
- प्रयागराज पावर प्लांट में 4000 मजदूरों का हंगामा, 12 घंटे ड्यूटी के खिलाफ धरना वेतन, ओवरटाइम और शोषण के आरोपों को लेकर प्रयागराज पावर जनरेशन कंपनी लिमिटेड के गेट का घेराव, कामकाज ठप प्रयागराज के बारा क्षेत्र में स्थित प्रयागराज पावर जनरेशन कंपनी लिमिटेड (PPGCL) में मंगलवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब करीब 4000 मजदूरों ने कंपनी प्रशासन के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन शुरू कर दिया। मजदूरों ने 12 घंटे की ड्यूटी, कम वेतन और शोषण के आरोप लगाते हुए प्लांट के मुख्य गेट का घेराव कर दिया और धरने पर बैठ गए। प्रदर्शन के चलते प्लांट का कामकाज पूरी तरह प्रभावित हो गया और उत्पादन ठप हो गया। मजदूरों का कहना है कि उनसे लगातार 12-12 घंटे काम कराया जा रहा है, लेकिन उन्हें न तो ओवरटाइम का भुगतान किया जा रहा है और न ही न्यूनतम वेतन दिया जा रहा है। मजदूरों ने यह भी आरोप लगाया कि ठेकेदारी प्रथा के चलते उनका शोषण हो रहा है। उन्हें पर्याप्त सुरक्षा उपकरण और मूलभूत सुविधाएं भी उपलब्ध नहीं कराई जा रही हैं। मजदूरों की मांग है कि 8 घंटे की शिफ्ट लागू की जाए, ओवरटाइम का भुगतान सुनिश्चित किया जाए, और ठेकेदारी प्रथा समाप्त कर उन्हें स्थायी किया जाए। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। प्रशासन मजदूरों और कंपनी प्रबंधन के बीच वार्ता कराने की कोशिश कर रहा है, लेकिन खबर लिखे जाने तक कोई ठोस समाधान नहीं निकल सका था। मजदूरों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें जल्द पूरी नहीं की गईं, तो आंदोलन और उग्र होजाएगा।1