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बागपत मे 24 साल तक परिवार ओर हिस्सा रही गोरी गाय, ढ़ोल नगाड़ो के साथ दी अंतिम विदाई BAGHPAT DESK :- बागपत के मुकुंदपुर गांव में 24 साल तक परिवार का हिस्सा रही गाय ‘गोरी’ को पूरे सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। ढोल-नगाड़ों के बीच सजी अर्थी के साथ शोभायात्रा निकली, जिसमें पूरे गांव के लोग शामिल हुए। परिवार ने उसे मां समान बताया, जिसके दूध से तीन पीढ़ियां पली-बढ़ीं। नम आंखों के बीच पुष्प वर्षा कर श्रद्धांजलि दी गई, वहीं तेरहवीं भी विधि-विधान से करने की तैयारी।
Instant News 24Hr
बागपत मे 24 साल तक परिवार ओर हिस्सा रही गोरी गाय, ढ़ोल नगाड़ो के साथ दी अंतिम विदाई BAGHPAT DESK :- बागपत के मुकुंदपुर गांव में 24 साल तक परिवार का हिस्सा रही गाय ‘गोरी’ को पूरे सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। ढोल-नगाड़ों के बीच सजी अर्थी के साथ शोभायात्रा निकली, जिसमें पूरे गांव के लोग शामिल हुए। परिवार ने उसे मां समान बताया, जिसके दूध से तीन पीढ़ियां पली-बढ़ीं। नम आंखों के बीच पुष्प वर्षा कर श्रद्धांजलि दी गई, वहीं तेरहवीं भी विधि-विधान से करने की तैयारी।
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- Post by ABU NEWS CHANNEL ಸಂಪಾದಕರು1
- सहायक पुलिस आयुक्त गन्नौर ऋषिकांत के नेतृत्व में गन्नौर शहर के प्रमुख बाजारों एवं भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में व्यापक पैदल मार्च किया गया। इस दौरान पुलिस टीम ने क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया तथा आमजन के साथ संवाद स्थापित कर उनकी समस्याओं को भी सुना। पैदल मार्च के दौरान सड़कों पर अवैध रूप से वाहन खड़े करने वाले चालकों को समझाइश देकर वाहन हटवाए गए। साथ ही सड़क पर अतिक्रमण करने वाले व्यक्तियों को भविष्य में अतिक्रमण न करने की सख्त हिदायत दी गई। पुलिस अधिकारियों ने नागरिकों से यातायात नियमों का पालन करने, सार्वजनिक स्थलों पर अनुशासन बनाए रखने एवं कानून-व्यवस्था कायम रखने में पुलिस का सहयोग करने की अपील की।1
- ब्रेकिंग न्यूज़ इस वक्त की बड़ी खबर उत्तर प्रदेश के मथुरा से सामने आ रही है। जहां गौ सम्मान यात्रा में भारी जनसमर्थन देखने को मिला है। गौ संरक्षण और सम्मान के उद्देश्य से निकाली गई इस यात्रा ने इस बार एक जनआंदोलन का रूप ले लिया। धार्मिक विधि-विधान के साथ शुरू हुई यह यात्रा शहर और ग्रामीण क्षेत्रों के प्रमुख मार्गों से। होकर गुजरी जहां जगह-जगह लोगों ने पुष्प वर्षा कर इसका भव्य स्वागत किया। इस यात्रा में सनी भारत मंडल प्रभारी मथुरा जिला प्रभारी जिला सचिव सुनीता बघेल। ब्लॉक प्रमुख सहित कई स्थानीय जनप्रतिनिधियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। साथ ही बड़ी संख्या में युवाओं महिलाओं और बुजुर्गों की उपस्थिति ने इस आयोजन को और भी खास बना दिया। यात्रा के दौरान वक्ताओं ने गौ माता को राष्ट्र माता का दर्जा देने की जोरदार मांग उठाई। उनका कहना था कि भारतीय संस्कृति में गौ माता का विशेष स्थान है। और उनके संरक्षण के लिए समाज के हर वर्ग को एकजुट होना जरूरी है। वक्ताओं ने यह भी कहा कि गौ सेवा केवल धार्मिक आस्था का विषय नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी भी है। वहीं महिलाओं की बढ़ती भागीदारी को इस अभियान की बड़ी ताकत बताया गया। कार्यक्रम के दौरान प्रशासन की ओर से सुरक्षा के भी पुख्ता इंतजाम किए गए थे जिससे यात्रा शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो सकी। अंत में सभी लोगों ने गौ संरक्षण और गौ माता को राष्ट्र माता का दर्जा दिलाने के लिए सामूहिक संकल्प लिया। आयोजकों ने भविष्य में भी ऐसे जनजागरण अभियान जारी रखने की बात कही है।1
- दिल्ली के रोहिणी इलाके में दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल और एक कुख्यात गैंग के शूटर के बीच मंगलवार देर रात को मुठभेड़ हो गई. यह मुठभेड़ बाहरी उत्तरी दिल्ली के शाहबाद डेरी थाना अंतर्गत रोहिणी सेक्टर-36 में हुआ, जहां पुलिस की स्पेशल सेल की टीम पहले से ही इनपुट के आधार पर आरोपी की तलाश में जुटी हुई थी. दरअसल स्पेशल सेल के डीसीपी नर्रा चैतन्या ने जानकारी देते हुए बताया कि स्पेशल सेल की टीम लगातार हार्डकोर क्रिमिनल और गैंग से जुड़े लोगों के खिलाफ धरपकड़ अभियान चला रही है. इसी फेहरिस्त में एसीपी पुरन पंत के सुपरविजन में इंस्पेक्टर संदीप डबास के नेतृत्व वाली टीम को एक सूचना मिली थी कि टिल्लू ताजपुरिया गैंग का एक सक्रिय शूटर रोहिणी सेक्टर 36 की ओर आने वाला है. सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने जाल बिछाया और संदिग्ध की पहचान होते ही उसे रुकने का इशारा किया, लेकिन आरोपी ने रुकने के बजाय पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी. जवाबी कार्यवाही में पुलिस ने भी फायरिंग शुरू कर दी, जिसमें आरोपी के पैर में गोली लगी और उसे दबोच लिया. बताया जा रहा है कि इस दौरान दोनों ओर से करीब आधा दर्जन राउंड गोलियां चलीं।. घायल शूटर की पहचान रॉबिन के रूप में हुई है. पुलिस के अनुसार, आरोपी रॉबिन पहले से हत्या के मामले में सजा काट रहा था, लेकिन वह पेरोल जंप कर फरार हो गया था. इसके बाद से ही पुलिस को लगातार इसकी तलाश थी. मुठभेड़ के बाद उसे तुरंत गिरफ्तार कर इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया. फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और आरोपी से पूछताछ के आधार पर गैंग से जुड़े अन्य सदस्यों की तलाश भी तेज कर दी गई है. इस कार्रवाई को दिल्ली पुलिस की बड़ी सफलता माना जा रहा है, जिससे इलाके में सक्रिय गैंग नेटवर्क पर बड़ा असर पड़ सकता है.1
- एन.आई.सी. कलेक्ट्रेट सभागार देवरिया मे मा0 उच्चतम न्यायालय, प्रकरण पिंकी बनाम उ0प्र0 राज्य में पारित आदेश के अनुपालन मे मानव तस्करी (विशेषकर बाल तस्करी) की रोकथाम विषय पर जिलाधिकारी की अध्यक्षता मे गठित ’’जिला स्तरीय रिब्यू कमेटी’’ की अर्न्तविभागीय समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। बैठक की अध्यक्षता मुख्य विकास अधिकारी महोदय, देवरिया के द्वारा किया गया। बैठक में अपर जिलाधिकारी (प्र0) सदस्य सचिव के द्वारा जनपद में बाल तस्करी को रोकने के लिये समस्त सम्बन्धित विभागो से आपसी समन्यवक बनाकर कार्य करने के सुझाव दिये गये तथा विशेषकर थाना ए.एच.टी.यू. पुलिस विभाग एवं श्रम विभाग को विशेष रूप से सजग रहने एवं निगरानी रखने के विचार व्यक्त किये गये। बैठक की अध्यक्षता कर रहे मुख्य विकास अधिकारी महोदय के द्वारा नियमित आपसी विभागीय बैठको में उक्त विषय पर चर्चा/प्रचार-प्रसार कराये जाने की निर्देश दिये गये। बैठक मे मुख्य रूप से प्रतिनिधि संयुक्त निदेशक अभियोजन, अपर पुलिस अधीक्षक (उ0) के प्रतिनिधि, क्षेत्राधिकारी नगर, मुख्य चिकित्साधिकारी, सहायक श्रमायुक्त, समाज कल्याण अधिकारी के प्रतिनिधि, जिला प्रोबेशन अधिकारी, श्री राम कृपाल मनोवैज्ञानिक राजकीय बाल गृह (बालक) देवरिया उपस्थित रहे। बैठक का संचालन अनिल कुमार सोनकर जिला परिवीक्षा अधिकारी/ जय प्रकाश तिवारी संरक्षण अधिकारी जिला बाल संरक्षण इकाई के द्वारा किया गया।1
- 3 माह की मासूम से दरिंदगी करने वाले ताऊ को कोर्ट ने सुनाई उम्रकैद, 20 हजार का जुर्माना मुरैना में 3 माह की बच्ची से दुष्कर्म के आरोपी ताऊ को सख्त सजा। पोक्सो एक्ट कोर्ट ने सुनाई शेष जीवनकाल तक आजीवन कारावास। आरोपी पर 20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया। घटना 30 दिसंबर 2025 की, स्टेशन रोड थाना क्षेत्र का मामला। आरोपी बच्ची को बहाने से कमरे में ले गया था। बच्ची के रोने पर मां पहुंची तो हालत देख उड़ गए होश। मेडिकल और डीएनए जांच में आरोपी की पुष्टि हुई। पुलिस ने 15 दिन में जांच पूरी कर कोर्ट में पेश किया चालान। मात्र 3 माह में कोर्ट ने सुनाया दोषसिद्धि का फैसला। अभियोजन पक्ष की मजबूत पैरवी से आरोपी को मिली कड़ी सजा।1
- Post by ABU NEWS CHANNEL ಸಂಪಾದಕರು1
- मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर की रहने वाली दिव्यांका, फिलहाल गाजियाबाद में अपने माता-पिता और दादी के साथ रह रही थीं। उन्होंने चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय से बीसीए की पढ़ाई की थी। इसके बाद सिक्किम से एमबीए किया था। उनके परिवार में उनके भाई हिमांशु और बहनें दीपांशु और जसमीत हैं।1
- मीडिया के जमीर से जनता का सवाल: "हम किसके रक्षक और काहे के पत्रकार, जब अपनों की चोट पर ही हम लाचार?" कुरुक्षेत्र की चौपालों से गूंजा कड़वा सच— "जो पत्रकार अपनों के साथ नहीं खड़ा, वो जनता की लड़ाई क्या लड़ेगा?" कुरुक्षेत्र (India News 9 Live): आज कुरुक्षेत्र की जागरूक जनता ने लोकतंत्र के चौथे स्तंभ यानी मीडिया को वह आईना दिखाया है जिसमें चेहरा देखना शायद हर पत्रकार के लिए मुश्किल होगा। जनता ने किसी राजनेता से नहीं, बल्कि सीधा पत्रकारों की बिरादरी से पूछा है कि आप किसका प्रचार कर रहे हैं और किसकी ढाल बन रहे हैं? आईने के सामने खड़े मीडिया से जनता के सीधे सवाल: लाचार पत्रकार या सरकारी प्रचारक? जनता पूछ रही है कि जब सच दिखाने वाले एक पत्रकार के परिवार को निशाना बनाया जाता है, उसे डराया-धमकाया जाता है, तो बाकी पत्रकार चुप क्यों रहते हैं? क्या हम वाकई जनता की आवाज़ हैं या सिर्फ सत्ता के गुणगान का जरिया बन कर रह गए हैं? अपनों की बेरुखी और जनता का अविश्वास: ग्रामीणों का कहना है कि जब पत्रकार ही पत्रकार के अधिकार के लिए साथ खड़ा नहीं होता, तो आम आदमी किस पर भरोसा करे? " काहे की भ्रष्टाचार विरोधी सरकार और काहे के फिर पत्रकार, जब हम ही हैं लाचार"—यह जुमला आज हर उस शख्स की ज़ुबान पर है जो मीडिया को उम्मीद की नज़रों से देखता था। भ्रष्टाचार पर मौन क्यों? फैमिली आईडी की गड़बड़ी से डेढ़ साल तक तड़पते गरीब और कटे हुए राशन कार्डों पर मीडिया का एक बड़ा हिस्सा खामोश क्यों है? क्या अधिकारियों के गैर-जिम्मेदार रवैये को उजागर करना अब पत्रकारों के एजेंडे में नहीं रहा? रक्षक या भक्षक की मंशा? जो लोग चौथे स्तंभ को टारगेट कर रहे हैं, वे हमारे बच्चों के भविष्य को अंधकार में धकेल रहे हैं। जनता पूछ रही है कि क्या मीडिया इन 'क्रिमिनल माइंडसेट' वाले लोगों के खिलाफ खड़ा होने का साहस दिखाएगा? निष्कर्ष: जनता की खरी-खरी अब वक्त आ गया है कि मीडिया अपनी भूमिका को फिर से पहचाने। जनता का साफ संदेश है—वोट मांगने वाले चेहरे पुराने हो सकते हैं, लेकिन अगर उन्हें आइना दिखाने वाला पत्रकार ही डर गया या बिक गया, तो लोकतंत्र का भविष्य क्या होगा? मीडिया के आत्ममंथन की एक रिपोर्ट— विशाल शर्मा (Freelancer Journalist Researcher) जनता की आवाज1