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जालौन के कुठौंद थाना क्षेत्र में यमुना (शेरगढ़) पुल पर मंगलवार शाम एक चलती बाइक में अचानक आग लगने से हड़कंप मच गया। घटना को लेकर पुलिस और प्रत्यक्षदर्शियों के अलग-अलग दावों ने मामले को संदिग्ध बना दिया है। जानकारी के अनुसार, हदरुख गांव निवासी सत्यम सेंगर (25) अपनी पल्सर बाइक से औरैया की ओर से अपने गांव लौट रहे थे। इसी दौरान शेरगढ़ पुल के पास उनकी बाइक अनियंत्रित होकर गिर गई। पुलिस के मुताबिक, सड़क पर रगड़ लगने से उत्पन्न घर्षण के कारण बाइक में आग लग गई। सूचना मिलते ही शंकरपुर चौकी प्रभारी मौके पर पहुंचे और पास के पेट्रोल पंप से फायर सिलेंडर मंगाकर आग पर काबू पाया।
Bheem rajawat 9628800458
जालौन के कुठौंद थाना क्षेत्र में यमुना (शेरगढ़) पुल पर मंगलवार शाम एक चलती बाइक में अचानक आग लगने से हड़कंप मच गया। घटना को लेकर पुलिस और प्रत्यक्षदर्शियों के अलग-अलग दावों ने मामले को संदिग्ध बना दिया है। जानकारी के अनुसार, हदरुख गांव निवासी सत्यम सेंगर (25) अपनी पल्सर बाइक से औरैया की ओर से अपने गांव लौट रहे थे। इसी दौरान शेरगढ़ पुल के पास उनकी बाइक अनियंत्रित होकर गिर गई। पुलिस के मुताबिक, सड़क पर रगड़ लगने से उत्पन्न घर्षण के कारण बाइक में आग लग गई। सूचना मिलते ही शंकरपुर चौकी प्रभारी मौके पर पहुंचे और पास के पेट्रोल पंप से फायर सिलेंडर मंगाकर आग पर काबू पाया।
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- Post by Bheem rajawat 96288004581
- एंकर -जालौन इस समय जिले में गेहूं की कटाई का कार्य जोरों पर चल रहा है, जबकि कई किसान मूंग की बुवाई में भी जुटे हुए हैं। बारिश के कारण खेतों में रखी कट चुकी गेहूं की फसल भीग गई, जिससे किसानों को नुकसान की चिंता सताने लगी है। बताया जा रहा है कि कई किसानों ने गेहूं की कटाई कर फसल को खेतों में ही सुखाने के लिए छोड़ रखा था। अचानक बारिश होने से कटे हुए गेहूं के पूले भीग गए और कई जगह खेतों में पानी भर गया, जिससे दानों के खराब होने का खतरा बढ़ गया है। वहीं दूसरी ओर, मूंग की बुवाई कर रहे किसानों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। खेतों में नमी और पानी भर जाने से बीज खराब होने या बह जाने की आशंका जताई जा रही है।3
- नमस्कार दोस्तों आज़ हम आपको जालौन जिले के मौसम के बदलते स्वरूप के बारे में बताने जा रहे हैं दरअसल इन दिनों मौसम तो जैसे मानों अठखेलियां कर रहा है कभी तेज़ धूप और कभी सर्द हवाओं के साथ तेज़ बारिश और ओलावृष्टि भी हो रही है1
- जालौन में देखने को मिला आवारा कुत्तों का आतंक, आवारा कुत्तों के झुंड ने राष्ट्रीय पक्षी मोर पर किया हमला, आवारा कुत्तों ने मोर को बुरी तरह नोंच-नोंचकर मार डाला, कुत्तों के हमले से राष्ट्रीय पक्षी मोर की मौके पर हुई मौत, संवेदनशील घटना और आवारा कुत्तों की आतंक से ग्रामीणों में देखने को मिला आक्रोश, ग्रामीणों की सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस और वन विभाग की टीम, वन विभाग की टीम ने मृतक मोर के शव को कब्जे में लेकर शुरू की कार्रवाई, जालौन के कोंच तहसील क्षेत्र के भेंपता गांव का मामला।1
- “यह सिर्फ नाला नहीं, गरीब की छाती पर चलती व्यवस्था है” जालौन, उत्तर प्रदेश। जनपद जालौन के ग्राम मल्लाहनपुरा, थाना रामपुरा से एक बेहद संवेदनशील और चिंताजनक मामला सामने आया है, जहां एक गरीब किसान ने अपनी खेती और जमीन बचाने के लिए प्रशासन से गुहार लगाई है। आरोप है कि शिकायतों के बावजूद उसकी कृषि भूमि पर जबरन चौड़े नाले का निर्माण कार्य जारी है। पीड़ित किसान भगवानदीन निषाद ने गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि उनकी गाटा संख्या 1383, रकबा 0.5600 हेक्टेयर कृषि भूमि, जो रामपुरा जागीर–निनावली रोड पर स्थित है, पर कथित रूप से दबंगई और प्रशासनिक चुप्पी के बीच जबरन नाला निर्माण कराया जा रहा है। “यही खेत रोटी है, यही बच्चों का भविष्य है” भगवानदीन निषाद के अनुसार, यह जमीन सिर्फ मिट्टी का एक टुकड़ा नहीं, बल्कि उनके पूरे परिवार की जीवनरेखा है। इसी खेत से उनके घर का चूल्हा जलता है, परिवार की आजीविका चलती है और बच्चों के भविष्य की उम्मीद जुड़ी हुई है। लेकिन आज वही खेत कथित रूप से अवैध निर्माण, दबाव और अन्याय की चपेट में है। “जब खेत पर हमला होता है, तो सिर्फ मिट्टी नहीं कटती — एक गरीब परिवार की सांसें कटती हैं।” शिकायतें हुईं, लेकिन कार्रवाई कहाँ? पीड़ित किसान का कहना है कि उन्होंने इस मामले की शिकायत जिलाधिकारी जालौन, स्थानीय पुलिस और संबंधित अधिकारियों से की है। इसके बावजूद यदि निर्माण कार्य नहीं रुक रहा, तो यह कई गंभीर सवाल खड़े करता है। सबसे बड़े सवाल क्या गरीब किसान की शिकायत अब सिर्फ कागज़ का टुकड़ा बनकर रह गई है? क्या प्रशासन केवल ताकतवरों के लिए ही जागता है? क्या कमजोर की जमीन पर कब्जे की कोशिश को सिस्टम की चुप्पी का संरक्षण मिल रहा है? “जिस सिस्टम को गरीब की रक्षा करनी थी, उसी की चुप्पी आज सबसे बड़ा सवाल बन गई है।” यह सिर्फ जमीन का मामला नहीं, टूटती उम्मीदों की कहानी है यह मामला केवल जमीन की नाप-जोख या निर्माण कार्य के विवाद तक सीमित नहीं है। यह उस गरीब निषाद परिवार की टूटती उम्मीदों की कहानी है, जो अपनी खेती और हक बचाने के लिए दर-दर गुहार लगा रहा है। एक तरफ कथित दबंगई और प्रशासनिक चुप्पी, दूसरी तरफ एक कमजोर परिवार की बेबसी — यह तस्वीर किसी भी संवेदनशील समाज को झकझोरने के लिए काफी है। “कमजोर की जमीन पर कब्जे की कोशिश और प्रशासन मौन — यह लोकतंत्र के लिए शर्मनाक संकेत है।” मानसिक तनाव में परिवार, भय का माहौल पीड़ित भगवानदीन निषाद ने कहा है कि इस पूरे घटनाक्रम के चलते वह और उनका परिवार गंभीर मानसिक तनाव में है। परिवार में भय, असुरक्षा और अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है। यदि समय रहते प्रशासन ने इस मामले का संज्ञान नहीं लिया, तो स्थिति और अधिक गंभीर हो सकती है। शाक्यसंदेश भारत दर्शन न्यूज़ की मांग शाक्यसंदेश भारत दर्शन न्यूज़ प्रशासन से मांग करता है कि— मामले की तत्काल निष्पक्ष जांच कराई जाए पीड़ित किसान की भूमि पर हो रहे निर्माण कार्य की वास्तविक स्थिति स्पष्ट की जाए यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो निर्माण कार्य पर तुरंत रोक लगाई जाए पीड़ित परिवार को सुरक्षा और न्याय उपलब्ध कराया जाए गरीब की जमीन, उसकी खेती और उसके परिवार के भविष्य की रक्षा करना केवल प्रशासनिक दायित्व नहीं, बल्कि संवैधानिक और मानवीय जिम्मेदारी भी है।2
- उरई (जालौन)। ग्राम गढ़र स्थित सामाजिक चेतना स्थल पर मंगलवार को भावुक और प्रेरणादायी माहौल देखने को मिला। टीम बदलाव परिवार के सदस्यों ने स्मृतिशेष सरला निरंजन के तृतीय स्मृति दिवस पर पहले उनकी प्रतिमा पर पुष्प अर्पित किये। इसके बाद शिक्षा और संस्कार का संदेश देते हुए बच्चों को शिक्षण सामग्री वितरित की। कार्यक्रम में मौजूद लोगों की आंखों में संवेदना और चेहरों पर संतोष की झलक साफ दिखाई दे रही थी। टीम बदलाव के सहयोग से नेशनल जनमत के संपादक नीरज भाई पटेल ने इस अवसर पर करीब 100 बच्चों को पेंसिल, रबर, कटर, रजिस्टर और किताबें वितरित कीं। जैसे ही बच्चों के हाथों में पढ़ाई का सामान पहुंचा, उनके चेहरों पर खुशी खिल उठी, जो उपस्थित लोगों के लिए भावुक कर देने वाला दृश्य था। कार्यक्रम के दौरान बच्चों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करते हुए कविताएं सुनाईं, जिससे पूरा परिसर तालियों की गूंज से भर गया। मासूम आवाजों में प्रस्तुत कविताओं ने न केवल माहौल को जीवंत बनाया, बल्कि शिक्षा के प्रति जागरूकता का संदेश भी दिया। इसके बाद बच्चों को फल वितरित किए गए, जिससे उनका उत्साह और बढ़ गया। कार्यक्रम का उद्देश्य केवल सामग्री वितरण नहीं, बल्कि बच्चों में शिक्षा के प्रति लगाव और आत्मविश्वास को मजबूत करना रहा। अंत में टीम बदलाव ने यह संदेश दिया कि स्मृतियां तभी सार्थक होती हैं, जब वे समाज को नई दिशा देने और आने वाली पीढ़ी के बेहतर भविष्य का माध्यम बनें। सभी उपस्थित लोगों ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे प्रेरणादायी बताया। इस अवसर पर अतुल अहिरवार, प्रवेश निरंजन, श्रवण निरंजन, प्रताप यादव, महेंद्र भाटिया, अजय श्रीवास, रविंद्र गौतम,संतोष राजपूत,पंकज पटेल, रविंद्र चौधरी, राहुल गौतम और प्रदीप महतवानी सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।1
- औरैया। समिति के संस्थापक आनन्द नाथ गुप्ता एडवोकेट ने अचानक हादसे में दिवंगत लोगों को उचित मुआवजा व पीड़ितों को संतोषजनक इलाज कराने हेतु बिहार सरकार से मांग की है। आयोजन के समापन पर हृदय से दुःख व्यक्त करते हुए दो मिनट का मौनधारण कर शोक संवेदना व्यक्त की गई। श्रद्धांजलि कार्यक्रम में प्रमुख रूप से श्री गोपाल सेवा संस्थान के प्रांतीय अध्यक्ष समाजसेवी रमन पोरवाल, कपिल गुप्ता, राकेश गुप्ता बैंक वाले, सखी ग्रुप की अध्यक्ष लक्ष्मी बिश्नोई, पूनम पुरवार, कमला देवी, सिया दुलारी, चंदन गोयल, शारदा दुबे, करुणा गुप्ता, ममता पांडे समिति के अध्यक्ष राजीव पोरवाल (रानू), गंगा समग्र के जिलाध्यक्ष मनोज कुमार गुप्ता एडवोकेट, हिमांशु दुबे, संस्थापक आनन्द नाथ गुप्ता एडवोकेट सतीश कुमार आदि लोग मौजूद रहे।1
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