बड़वानी जिले में सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने, कानून-व्यवस्था बनाए रखने और संदिग्ध गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने के उद्देश्य से पुलिस प्रशासन ने एक विशेष मुहिम शुरू की है। पुलिस अधीक्षक श्री पद्मविलोचन शुक्ल के निर्देशन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री धीरज बब्बर के मार्गदर्शन में, जिले के बड़वानी शहर और सेंधवा शहर दोनों थानों में होटल, लॉज और धर्मशाला संचालकों के साथ महत्वपूर्ण बैठकें आयोजित की गईं। सेंधवा में, एसडीओपी श्री अजय वाघमारे और थाना प्रभारी श्री दिनेश सिंह कुशवाह के नेतृत्व में हुई बैठक में, अधिकारियों ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सुरक्षा संबंधी दिशा-निर्देशों का पालन न करने या लापरवाही बरतने वाले संचालकों के खिलाफ नियमानुसार दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। वहीं, बड़वानी शहर में आयोजित बैठक में आगामी NEET परीक्षा के मद्देनजर शासन एवं प्रशासन द्वारा जारी विशेष दिशा-निर्देशों से संचालकों को अवगत कराया गया और सुरक्षा व्यवस्था में किसी भी प्रकार का समझौता न करने की हिदायत दी गई। बैठकों में संचालकों को कई मुख्य दिशा-निर्देश दिए गए। इसमें प्रत्येक मुसाफिर का वैध मूल पहचान पत्र (जैसे वोटर आईडी, ड्राइविंग लाइसेंस, आधार कार्ड) प्राप्त करने के बाद ही कमरा उपलब्ध कराने, बिना पहचान पत्र के कमरा न देने, और रजिस्टर में नाम, पता, मोबाइल नंबर तथा आने-जाने का समय स्पष्ट रूप से दर्ज करने का निर्देश शामिल है। इसके अलावा, प्रतिदिन की मुसाफिर जानकारी निर्धारित फॉर्म के माध्यम से स्थानीय थाने में जमा कराने, सभी प्रतिष्ठानों में सीसीटीवी कैमरे अनिवार्य रूप से लगाने और उन्हें नियमित चालू रखने, तथा किसी भी संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को देने के निर्देश दिए गए। बैठक के अंत में सभी प्रमुख होटल, लॉज एवं धर्मशाला संचालकों ने पुलिस प्रशासन को सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने में पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया।
बड़वानी जिले में सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने, कानून-व्यवस्था बनाए रखने और संदिग्ध गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने के उद्देश्य से पुलिस प्रशासन ने एक विशेष मुहिम शुरू की है। पुलिस अधीक्षक श्री पद्मविलोचन शुक्ल के निर्देशन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री धीरज बब्बर के मार्गदर्शन में, जिले के बड़वानी शहर और सेंधवा शहर दोनों थानों में होटल, लॉज और धर्मशाला संचालकों के साथ महत्वपूर्ण बैठकें आयोजित की गईं। सेंधवा में, एसडीओपी श्री अजय वाघमारे और थाना प्रभारी श्री दिनेश सिंह कुशवाह के नेतृत्व में हुई बैठक में, अधिकारियों ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सुरक्षा
संबंधी दिशा-निर्देशों का पालन न करने या लापरवाही बरतने वाले संचालकों के खिलाफ नियमानुसार दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। वहीं, बड़वानी शहर में आयोजित बैठक में आगामी NEET परीक्षा के मद्देनजर शासन एवं प्रशासन द्वारा जारी विशेष दिशा-निर्देशों से संचालकों को अवगत कराया गया और सुरक्षा व्यवस्था में किसी भी प्रकार का समझौता न करने की हिदायत दी गई। बैठकों में संचालकों को कई मुख्य दिशा-निर्देश दिए गए। इसमें प्रत्येक मुसाफिर का वैध मूल पहचान पत्र (जैसे वोटर आईडी, ड्राइविंग लाइसेंस, आधार कार्ड) प्राप्त करने के बाद ही कमरा उपलब्ध कराने, बिना पहचान पत्र के कमरा न
देने, और रजिस्टर में नाम, पता, मोबाइल नंबर तथा आने-जाने का समय स्पष्ट रूप से दर्ज करने का निर्देश शामिल है। इसके अलावा, प्रतिदिन की मुसाफिर जानकारी निर्धारित फॉर्म के माध्यम से स्थानीय थाने में जमा कराने, सभी प्रतिष्ठानों में सीसीटीवी कैमरे अनिवार्य रूप से लगाने और उन्हें नियमित चालू रखने, तथा किसी भी संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को देने के निर्देश दिए गए। बैठक के अंत में सभी प्रमुख होटल, लॉज एवं धर्मशाला संचालकों ने पुलिस प्रशासन को सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने में पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया।
- बड़वानी जिले में सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने, कानून-व्यवस्था बनाए रखने और संदिग्ध गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने के उद्देश्य से पुलिस प्रशासन ने एक विशेष मुहिम शुरू की है। पुलिस अधीक्षक श्री पद्मविलोचन शुक्ल के निर्देशन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री धीरज बब्बर के मार्गदर्शन में, जिले के बड़वानी शहर और सेंधवा शहर दोनों थानों में होटल, लॉज और धर्मशाला संचालकों के साथ महत्वपूर्ण बैठकें आयोजित की गईं। सेंधवा में, एसडीओपी श्री अजय वाघमारे और थाना प्रभारी श्री दिनेश सिंह कुशवाह के नेतृत्व में हुई बैठक में, अधिकारियों ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सुरक्षा संबंधी दिशा-निर्देशों का पालन न करने या लापरवाही बरतने वाले संचालकों के खिलाफ नियमानुसार दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। वहीं, बड़वानी शहर में आयोजित बैठक में आगामी NEET परीक्षा के मद्देनजर शासन एवं प्रशासन द्वारा जारी विशेष दिशा-निर्देशों से संचालकों को अवगत कराया गया और सुरक्षा व्यवस्था में किसी भी प्रकार का समझौता न करने की हिदायत दी गई। बैठकों में संचालकों को कई मुख्य दिशा-निर्देश दिए गए। इसमें प्रत्येक मुसाफिर का वैध मूल पहचान पत्र (जैसे वोटर आईडी, ड्राइविंग लाइसेंस, आधार कार्ड) प्राप्त करने के बाद ही कमरा उपलब्ध कराने, बिना पहचान पत्र के कमरा न देने, और रजिस्टर में नाम, पता, मोबाइल नंबर तथा आने-जाने का समय स्पष्ट रूप से दर्ज करने का निर्देश शामिल है। इसके अलावा, प्रतिदिन की मुसाफिर जानकारी निर्धारित फॉर्म के माध्यम से स्थानीय थाने में जमा कराने, सभी प्रतिष्ठानों में सीसीटीवी कैमरे अनिवार्य रूप से लगाने और उन्हें नियमित चालू रखने, तथा किसी भी संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को देने के निर्देश दिए गए। बैठक के अंत में सभी प्रमुख होटल, लॉज एवं धर्मशाला संचालकों ने पुलिस प्रशासन को सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने में पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया।3
- बड़वानी जिले में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने, कानून-व्यवस्था बनाए रखने और संदिग्ध गतिविधियों को प्रभावी ढंग से नियंत्रित करने के उद्देश्य से पुलिस प्रशासन ने एक बड़ी मुहिम शुरू की है। पुलिस अधीक्षक श्री पद्मविलोचन शुक्ल के निर्देशन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री धीरज बब्बर के मार्गदर्शन में जिले के बड़वानी शहर और सेंधवा शहर के थानों में होटल, लॉज और धर्मशाला संचालकों की महत्वपूर्ण बैठकें आयोजित की गईं। सेंधवा शहर थाना परिसर में एसडीओपी सेंधवा श्री अजय वाघमारे और थाना प्रभारी श्री दिनेश सिंह कुशवाह के नेतृत्व में हुई बैठक में नगर के सभी प्रमुख संचालक मौजूद रहे। अधिकारियों ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सुरक्षा संबंधी दिशा-निर्देशों का पालन न करने या लापरवाही बरतने वाले संचालकों के खिलाफ नियमानुसार दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। बड़वानी शहर थाना में आयोजित बैठक में आगामी NEET परीक्षा के मद्देनजर शासन और प्रशासन द्वारा जारी विशेष दिशा-निर्देशों से सभी होटल एवं लॉज संचालकों को अवगत कराया गया। उन्हें बताया गया कि परीक्षा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था में कोई समझौता नहीं किया जाएगा। बैठकों में संचालकों को कई मुख्य दिशा-निर्देश दिए गए। इसमें प्रत्येक मुसाफिर का वैध मूल पहचान पत्र प्राप्त करने के बाद ही कमरा उपलब्ध कराना, बिना पहचान पत्र के किसी को भी कमरा न देना शामिल है। इसके अतिरिक्त, होटल और लॉज में ठहरने वाले प्रत्येक व्यक्ति का नाम, पता, मोबाइल नंबर तथा आने-जाने का समय रजिस्टर में स्पष्ट रूप से दर्ज करने को कहा गया। साथ ही, प्रतिदिन की मुसाफिर जानकारी निर्धारित फॉर्म के माध्यम से अनिवार्य रूप से स्थानीय थाने में जमा करानी होगी। सभी प्रतिष्ठानों में सीसीटीवी कैमरे लगाना और उन्हें नियमित रूप से चालू रखना भी अनिवार्य किया गया है। यदि कोई व्यक्ति संदिग्ध प्रतीत होता है, तो उसकी सूचना तत्काल पुलिस को देने के निर्देश दिए गए। बैठक के अंत में, शहर के सभी प्रमुख होटल, लॉज एवं धर्मशाला संचालकों ने पुलिस प्रशासन को सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने में पूर्ण सहयोग देने का आश्वासन दिया।3
- किसान कांग्रेस ने Sendhwa में किसानों की डीजल और खाद से जुड़ी समस्याओं को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन के दौरान, संगठन के सदस्यों ने एसडीएम कार्यालय में एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें इन समस्याओं के समाधान की मांग की गई।1
- बड़वानी शहर के पानवाड़ी मोहल्ले में तीन सांडों ने खूब उत्पात मचाया, जिससे वहाँ अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सांडों की इस लड़ाई का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है। सांडों की लड़ाई इतनी उग्र थी कि उन्हें रोकने गए लोगों को भी वहाँ से भागना पड़ा। इस उत्पात के दौरान, लड़ाई के बीच एक सांड टैंक में गिर गया।1
- एक आदिवासी व्यक्ति सरकारी नौकरी की तलाश में अपनी पढ़ाई बीच में ही छोड़कर आ गया है। उसे यह जानकारी नहीं थी कि सरकारी नौकरी के लिए पढ़ाई की आवश्यकता होती है।1
- धार शहर में गुरुवार को गंदे पानी और अनियमित जल सप्लाई के मुद्दे पर कांग्रेस ने 'कामचोर' नगर पालिका के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। जिला युवा कांग्रेस अध्यक्ष रोहित कामदार के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ताओं और स्थानीय रहवासियों ने घोड़ा चौपाटी स्थित लालबाग परिसर से नगर पालिका कार्यालय तक रैली निकाली, जहाँ नागरिकों ने लंबे समय से चली आ रही समस्याओं को लेकर अपना आक्रोश व्यक्त किया। नगर पालिका पहुंचते ही प्रदर्शन ने उग्र रूप ले लिया, जहाँ कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने परिसर का घेराव कर जमकर नारेबाजी की और कुछ प्रदर्शनकारी बैरीकेट लांघकर भीतर घुस गए। महिलाओं ने नगर पालिका कार्यालय के सामने मिट्टी के घड़े फोड़कर अपनी नाराजगी जताई, जिसमें नौगांव थाना प्रभारी हीरूसिंह रावत के सिर पर एक घड़ा फूट गया। प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि नगर पालिका शहरवासियों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने में विफल रही है। इसके बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सीएमओ कार्यालय का घेराव किया और कुछ महिलाओं ने सीएमओ को चूड़ियां पहनाने का प्रयास किया, हालांकि सीएमओ अपने कार्यालय से बाहर नहीं निकले। प्रदर्शनकारियों ने 'सीएमओ विश्वनाथ सिंह मुर्दाबाद' और 'रीलबाज सीएमओ' के नारे लगाए। स्थिति को देखते हुए भारी पुलिस बल तैनात किया गया और नगर पालिका की ओर से वाटर कैनन का भी इस्तेमाल किया गया। प्रदर्शन के बाद रोहित कामदार के नेतृत्व में कलेक्टर को एक ज्ञापन सौंपा गया, जिसमें धार शहर के नागरिकों के पेयजल की गंभीर समस्या पर प्रकाश डाला गया। ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि नगर पालिका द्वारा की जा रही जल सप्लाई न केवल अनियमित है, बल्कि नलों से बदबूदार, पीले और कीचड़ मिश्रित पानी आ रहा है, जिससे लोग उल्टी-दस्त, टाइफाइड जैसी जलजनित बीमारियों का शिकार हो रहे हैं। यह भी आरोप लगाया गया कि शहर में पांच से छह दिन के अंतराल पर मात्र 15 से 20 मिनट के लिए पानी की सप्लाई की जा रही है, जबकि नगर पालिका नियमित रूप से पानी टैक्स वसूल रही है, जिसे उपभोक्ता अधिकारों का उल्लंघन और जनस्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ बताया गया। युवा कांग्रेस ने ज्ञापन के माध्यम से शहर में स्वच्छ और पीने योग्य पानी की नियमित सप्लाई सुनिश्चित करने तथा पुरानी व जर्जर पाइपलाइन व फिल्टर प्लांट की उच्च स्तरीय मरम्मत कराने की मांग की। उन्होंने प्रशासन को सात दिनों का अल्टीमेटम भी दिया, चेतावनी देते हुए कहा कि यदि निर्धारित समय सीमा में कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई, तो युवा कांग्रेस और शहरवासी नगर पालिका में ताला लगाओ आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे, जिसकी समस्त जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।4
- बड़वानी जिले में 'सेगवाल-1 ग्रामीण समूह जल प्रदाय योजना' की प्रगति और व्यवस्थाओं का जायजा लेने के लिए भारत सरकार की नेशनल वॉश एक्सपर्ट (NWE) की एक उच्च स्तरीय टीम बड़वानी पहुँची। केंद्रीय दल में जल प्रदाय विशेषज्ञ श्री मो. अरशद रहमान, श्री गोकुल सेतुराज और सुश्री सुभाना कुमारी शामिल थे। टीम ने सबसे पहले पीआईयू (PIU) कार्यालय में परियोजना से संबंधित विस्तृत जानकारी लेते हुए समीक्षा बैठक की। इसके बाद टीम ने सेगवाल-1 योजना के इंटेक वेल और वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट (WTP) की कार्यप्रणाली का बारीकी से अवलोकन किया। इस दौरान टीम के सदस्यों ने पर्यावरण संरक्षण के उद्देश्य से पौधरोपण भी किया और काम में गुणवत्ता बनाए रखने के निर्देश दिए। वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट के निरीक्षण के बाद, केंद्रीय टीम ठीकरी विकासखंड के ग्राम पंचायत चिचली पहुँची। यहाँ पंचायत सभाकक्ष में ग्रामीणों के साथ एक विशेष बैठक आयोजित की गई, जिसमें पेयजल की नियमित उपलब्धता, शुद्धता और जल प्रबंधन को लेकर सीधा संवाद किया गया। टीम ने ग्रामीणों से फीडबैक लिया कि उन्हें योजना का लाभ सुचारू रूप से मिल रहा है या नहीं, जिस पर ग्रामीणों ने अपनी बात रखी। विशेषज्ञों ने ग्रामीणों को पानी की बचत और जल स्रोतों के सही रख-रखाव के प्रति जागरूक भी किया। इस पूरे निरीक्षण और संवाद बैठक के दौरान पीआईयू के महाप्रबंधक, प्रबंधक (तकनीकी), उप प्रबंधक (तकनीकी) और प्रबंधक (जनसहभागिता) सहित टीएल (SQC), टीपीआई (TPI), एएमसीपी (AMCP), डीटीएल (DTL), आरई (RE), फील्ड इंजीनियर और निर्माण एजेंसी के तमाम वरिष्ठ अधिकारी व कर्मचारी भी फील्ड में मौजूद रहे, जिन्होंने केंद्रीय विशेषज्ञों को परियोजना के तकनीकी पहलुओं की विस्तार से जानकारी दी।4
- अलीराजपुर जिले के सियाली के पास एक अज्ञात वाहन की टक्कर से बाउरी वधू नामक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया। अखाड़ा फलिया निवासी बाउरी वधू, जो हो सिंह भोर सिंह के पुत्र हैं, सियाली जा रहे थे तभी अज्ञात वाहन से उनकी टक्कर हो गई। घटनास्थल पर व्यक्ति को गंभीर हालत में देखकर अनु विभागीय अधिकारी वीरेंद्र सिंह बघेल ने तुरंत कार्रवाई की। एस.डी.एम. साहब ने अपनी शासकीय गाड़ी में डालकर घायल को बोरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। वहां डॉक्टर अमित दलाल ने उनका इलाज किया। बताया गया है कि सिर में गंभीर चोट लगने के कारण उन्हें आगे के इलाज के लिए रेफर किया गया है। यह घटना श्रेया टीवी अलीराजपुर से क्राइम ब्यूरो चीफ फारूक कुरैशी द्वारा रिपोर्ट की गई है।2