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भ्रष्टाचार मुक्त भारत के निर्माण के लिए बैंक कर्मियों ने किया जागरूक, ली गई शपथ मप्र ग्रामीण बैंक ने निकाली वाहन रैली, सत्यनिष्ठा से समृद्धि का दिया संदेश भ्रष्टाचार मुक्त भारत के निर्माण के लिए बैंक कर्मियों ने किया जागरूक, ली गई शपथ सतर्कता जागरूकता सप्ताह 2026
Prahlad Kachhwaha
भ्रष्टाचार मुक्त भारत के निर्माण के लिए बैंक कर्मियों ने किया जागरूक, ली गई शपथ मप्र ग्रामीण बैंक ने निकाली वाहन रैली, सत्यनिष्ठा से समृद्धि का दिया संदेश भ्रष्टाचार मुक्त भारत के निर्माण के लिए बैंक कर्मियों ने किया जागरूक, ली गई शपथ सतर्कता जागरूकता सप्ताह 2026
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- *डिंडौरी में ‘जननायक’ सांस्कृतिक आयोजन में राजा हीराखान सिंह छत्री के शौर्य की गाथा नृत्य-नाट्य के माध्यम से प्रस्तुत *गोंड सभ्यता के महानायकों के जीवन, संघर्ष और सांस्कृतिक विरासत को मंच पर किया जा रहा जीवंत* *डिंडौरी मध्यप्रदेश शासन के संस्कृति विभाग द्वारा गोंड सभ्यता के महानायकों के शौर्य, पराक्रम, परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत पर आधारित सांस्कृतिक प्रस्तुतियों की श्रृंखला ‘जननायक’ का आयोजन 25 से 27 अक्टूबर 2026 तक डिंडौरी में किया जा रहा है। शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय के खेल मैदान में आयोजित इस कार्यक्रम में गोंड सभ्यता के गौरवशाली इतिहास और महानायकों के जीवन प्रसंगों को नृत्य-नाट्य के माध्यम से जीवंत रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है। आयोजन के तीसरे और अंतिम दिवस दिन 27 अक्टूबर 2026 को राजा हीराखान सिंह छत्री के जीवन, शौर्य और संघर्ष पर आधारित नृत्य-नाट्य की प्रभावशाली प्रस्तुति दी गई। नृत्य-नाट्य का निर्देशन एवं पुनर्संयोजन श्री सतीश व्याम द्वारा किया गया, जबकि संगीत निर्देशन श्री कुलदीप सार्वा ने किया। कलाकारों ने अपने अभिनय, नृत्य और संगीत के माध्यम से गोंड समाज के इतिहास, वीरता, लोकपरंपराओं और सांस्कृतिक विरासत को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। प्रस्तुति के दौरान राजा हीराखान सिंह छत्री के जीवन से जुड़े प्रसंगों, उनके संघर्ष, साहस और समाज के प्रति योगदान को मंच पर सजीव रूप में दर्शाया गया। कलाकारों की प्रभावशाली प्रस्तुति ने दर्शकों को गोंड सभ्यता के गौरवशाली इतिहास से परिचित कराया और कार्यक्रम स्थल पर उपस्थित दर्शकों ने प्रस्तुतियों की सराहना की। तीन दिवसीय ‘जननायक’ सांस्कृतिक आयोजन के माध्यम से गोंड समाज की समृद्ध संस्कृति, पारंपरिक कलाओं, लोकगाथाओं और ऐतिहासिक महानायकों की वीरगाथाओं को जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। आयोजन का उद्देश्य नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक जड़ों, इतिहास और गौरवशाली परंपराओं से जोड़ना तथा लुप्त होती लोककलाओं एवं सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के प्रति जागरूक करना है। कार्यक्रम में जिला न्यायाधीश श्री डी. एस. मण्डलोई, जिला न्यायाधीश श्री शिवकुमार कौशल, सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्री पवन पटेल, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट श्री गिरिजेश सनोडिया, न्यायिक मजिस्ट्रेट श्री आर. पी. सिंह, न्यायिक मजिस्ट्रेट श्री अतुल हरदहा, शहपुरा विधायक श्री ओमप्रकाश धुर्वे, कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया, सीईओ जिला पंचायत श्री दिव्यांशु चौधरी, नगर परिषद् अध्यक्ष श्रीमती सुनीता सारस, उपाध्यक्ष श्रीमती सारिका नायक, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती हीरा रुद्रेश परस्ते सहित संबंधित विभागों के अधिकारी-कर्मचारी, जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित रहे।4
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- 4 महीने बाद संगमरमरी वादियों में आवाजें, भेड़ाघाट में नौका विहार शुरू 4 महीने बाद संगमरमरी वादियों में आवाजें, भेड़ाघाट में नौका विहार शुरू जबलपुर समाचार पर्यटन नगरी भेड़ाघाट में आखिरकार चार महीने के लंबे इंतजार के बाद संगमरमरी वादियों के बीच नौका विहार फिर से शुरू हो गया है। 15 अक्टूबर से नर्मदा की लहरों पर नौकाएं दौड़ने लगी हैं, जिससे पर्यटकों के चेहरे खिल उठे हैं। हर साल बारिश के मौसम में नर्मदा नदी का जलस्तर बढ़ने और तेज बहाव के कारण सुरक्षा की दृष्टि से भेड़ाघाट में नौका विहार बंद कर दिया जाता है। इस बार भी चार महीने तक नौका विहार बंद रहा। अब पानी का स्तर सामान्य होने पर प्रशासन ने इसे फिर से शुरू करने की अनुमति दे दी है। नौका विहार शुरू होने के साथ ही सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। नगर परिषद के सदस्यों ने जानकारी देते हुए बताया कि सभी नावों में निर्धारित संख्या में ही पर्यटकों को बैठाया जा रहा है, लाइफ जैकेट अनिवार्य कर दी गई है और प्रत्येक घाट पर सुरक्षा कर्मी तैनात किए गए हैं। दीपावली, क्रिसमस और नए साल के जश्न को देखते हुए नगर परिषद ने तैयारियां तेज कर दी हैं। धुआंधार जलप्रपात और चौंसठ योगिनी मंदिर के साथ-साथ नौका विहार का लुत्फ लेने बड़ी संख्या में पर्यटकों के आने की उम्मीद है, जिससे स्थानीय रोजगार को भी बढ़ावा मिलेगा।4
- कान्हा में बाघों की मौत पर जबलपुर हाईकोर्ट सख्त, सरकार से मांगी रिपोर्ट कैनाइन डिस्टेंपर वायरस से मौत की आशंका पर उठे सवाल, सितंबर-अक्टूबर में मरे दो बाघों का कारण बताने के निर्देश; 16 नवंबर को अगली सुनवाई जबलपुर। मध्य प्रदेश के कान्हा टाइगर रिजर्व में बाघों की मौत के मामले में मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को सितंबर और अक्टूबर में हुई दो बाघों की मौत का कारण बताने के निर्देश दिए हैं। अदालत ने इस संबंध में सरकार से रिपोर्ट मांगी है। मामले की अगली सुनवाई 16 नवंबर को निर्धारित की गई है। यह मामला कान्हा टाइगर रिजर्व में बाघों की मौत और उनमें कैनाइन डिस्टेंपर वायरस (CDV) के संक्रमण की आशंका से जुड़ा है। मुंबई निवासी सुब्रत चक्रवर्ती ने इस संबंध में जनहित याचिका दायर की है। सालभर में 20 से अधिक बाघों की मौत का दावा याचिकाकर्ता की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता अंशुमान सिंह ने अदालत को बताया कि इस साल कान्हा टाइगर रिजर्व में 20 से अधिक बाघों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो चुकी है। याचिका में यह भी कहा गया कि पांच बाघों की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में कैनाइन डिस्टेंपर वायरस से मौत होने की बात सामने आई है। इन मौतों के कारणों और वायरस के प्रसार को लेकर चिंता जताई गई है। हालांकि, सभी मौतों के कारणों की पुष्टि जांच और संबंधित रिपोर्टों के आधार पर ही हो सकेगी। मुक्की वन्यजीव उपचार केंद्र में रखे गए थे दो बाघ याचिका में बताया गया कि कान्हा टाइगर रिजर्व के दो बाघों को मुक्की स्थित वन्यजीव उपचार केंद्र में रखा गया था। याचिकाकर्ता ने वायरस के प्रसार में संक्रमित कुत्तों और सामूहिक जलस्रोतों की संभावित भूमिका को लेकर भी सवाल उठाए। याचिका के अनुसार, कैनाइन डिस्टेंपर वायरस से संक्रमित होने पर बाघों के स्वाभाविक व्यवहार पर असर पड़ सकता है। इससे उनकी शिकार करने की क्षमता और व्यवहार प्रभावित होने की आशंका रहती है। दो हजार से अधिक कुत्तों का कराया गया टीकाकरण सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से अदालत को बताया गया कि कैनाइन डिस्टेंपर वायरस के प्रसार को रोकने के लिए कान्हा टाइगर रिजर्व और आसपास के क्षेत्रों में दो हजार से अधिक कुत्तों का टीकाकरण कराया गया है। यह कदम वन्यजीवों में संक्रमण के खतरे को कम करने के उद्देश्य से उठाया गया है। हाईकोर्ट ने सरकार से मांगा जवाब मुख्य न्यायाधीश अल्पेश यशवंत कोगजे और न्यायमूर्ति विवेक जैन की खंडपीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए सितंबर और अक्टूबर में हुई दो बाघों की मौत का कारण बताने के निर्देश दिए हैं। अदालत ने राज्य सरकार से इस संबंध में रिपोर्ट मांगी है। अब मामले की अगली सुनवाई 16 नवंबर को होगी। उस दिन सरकार की ओर से प्रस्तुत जानकारी के आधार पर आगे की सुनवाई हो सकती है। सच तक पत्रिका न्यूज़ ✍️ रिपोर्ट: दीपक विश्वकर्मा, जबलपुर नोट: खबर में बाघों की मौत और वायरस से संबंधित विवरण याचिका में प्रस्तुत दावों तथा सुनवाई के दौरान बताई गई जानकारी पर आधारित हैं। सभी मौतों के कारणों की पुष्टि संबंधित जांच रिपोर्टों से ही होगी।1
- मंडला के उपनगरीय क्षेत्र महाराजपुर में मंगलवार सुबह आयकर विभाग (IT) की टीम ने दो प्रमुख टिंबर मर्चेंट प्रतिष्ठानों पर अचानक छापामार कार्रवाई बड़ी खबर: मंडला में दो टिंबर मर्चेंट पर आयकर विभाग का छापा मंडला के उपनगरीय क्षेत्र महाराजपुर में मंगलवार सुबह आयकर विभाग (IT) की टीम ने दो प्रमुख टिंबर मर्चेंट प्रतिष्ठानों पर अचानक छापामार कार्रवाई की। किन पर हुई कार्रवाई: निरंजन लाल अग्रवाल टिंबर मर्चेंट एवं विकास गोहिल टिंबर मर्चेंट। जांच: जबलपुर से आई टीम द्वारा सुबह से देर शाम तक दोनों प्रतिष्ठानों के वित्तीय रिकॉर्ड्स और दस्तावेजों की सघन जांच जारी रही। अधिकारी मौन: कार्रवाई को लेकर विभागीय अधिकारियों ने फिलहाल चुप्पी साध रखी है और जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट होने की बात कही जा रही है।1