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*साईबर फ्रॉड से बचने जनजागरूकता के लिए आईपीएस शशिमोहन सिंह द्वारा बनाई गई शॉर्ट फिल्म 'खौफ' का ट्रेलर जारी,4 अप्रैल को IPS शशि मोहन सिंह की मौजूदगी में जशपुर में रिलीज होगी शॉर्ट फिल्म*

3 hrs ago
user_क्राइम कण्ट्रोल न्यूज़ सी.सी.एफ
क्राइम कण्ट्रोल न्यूज़ सी.सी.एफ
Media company Sanna, Jashpur•
3 hrs ago

*साईबर फ्रॉड से बचने जनजागरूकता के लिए आईपीएस शशिमोहन सिंह द्वारा बनाई गई शॉर्ट फिल्म 'खौफ' का ट्रेलर जारी,4 अप्रैल को IPS शशि मोहन सिंह की मौजूदगी में जशपुर में रिलीज होगी शॉर्ट फिल्म*

More news from झारखंड and nearby areas
  • चैनपुर:- प्रकृति पर्व सरहुल को लेकर चैनपुर क्षेत्र में इस वर्ष खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। आगामी 6 अप्रैल को सरहुल पूजा भव्य और पारंपरिक तरीके से मनाई जाएगी। इस आयोजन को लेकर सरहुल पूजा समिति द्वारा व्यापक तैयारी की जा रही है।
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    चैनपुर:- प्रकृति पर्व सरहुल को लेकर चैनपुर क्षेत्र में इस वर्ष खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। आगामी 6 अप्रैल को सरहुल पूजा भव्य और पारंपरिक तरीके से मनाई जाएगी। इस आयोजन को लेकर सरहुल पूजा समिति द्वारा व्यापक तैयारी की जा रही है।
    user_Sachin public news
    Sachin public news
    Local News Reporter चैनपुर, गुमला, झारखंड•
    18 hrs ago
  • रामप्रवेश गुप्ता पूर्णाहुति के साथ उमड़ी श्रद्धा की धारा महुआडांड़ प्रखंड अंतर्गत ग्राम चटकपुर में माता चंद्रघंटा मंदिर स्थापना की 11वीं वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित तीन दिवसीय धार्मिक अनुष्ठान शुक्रवार 3 अप्रैल को पूर्णाहुति के साथ संपन्न हो गया। 1, 2 और 3 अप्रैल तक चले इस यज्ञ में पूरे गांव सहित आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। यज्ञ का शुभारंभ छठ नदी के पवित्र जल से कलश भरकर किया गया। स्थानीय ग्रामीण महिलाएं, पुरुष और बच्चियां गाजे-बाजे व भक्ति गीतों के साथ कलश यात्रा निकालते हुए पूरे चटकपुर गांव का नगर भ्रमण कर यज्ञशाला पहुंचीं, जहां विधिवत कलश स्थापना की गई। पूरे आयोजन के दौरान श्रद्धा, भक्ति और उत्साह का अद्भुत संगम देखने को मिला। यज्ञ में श्रीकोट स्थित गहीरा गुरु आश्रम से आए मुख्य अतिथि ब्राह्मण रिशेश्वर महाराज के मार्गदर्शन में अनुष्ठान संपन्न कराया गया। मुख्य पुजारी के रूप में विद्याकांत जी, सहायक पुजारी मंगल शुक्ला तथा स्थानीय पुजारी ओंकार नाथ पाठक, मुरारी पाठक एवं धीरज पाठक ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ यज्ञ, हवन और पूजा-पाठ कराया। इस धार्मिक आयोजन में मुख्य यजमान की भूमिका उदय प्रसाद ने अपनी धर्मपत्नी के साथ निभाई। यज्ञ के प्रथम दिन जल यात्रा, पूजा-पाठ, यज्ञ, हवन और आरती हुई। दूसरे दिन सुबह पुनः पूजा-पाठ, हवन, यज्ञ और आरती के साथ भजन-कीर्तन का आयोजन किया गया तथा रात्रि में विशाल भंडारा आयोजित हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। तीसरे और अंतिम दिन शुक्रवार को सुबह पूजा-पाठ, हवन, यज्ञ, आरती और भजन-कीर्तन के बाद कुंवारी नव कन्याओं का पूजन किया गया। इसके बाद पूर्णाहुति के साथ तीन दिवसीय आयोजन का समापन हुआ। पूरे आयोजन को सफल बनाने में पश्चिमी हिंदू महासभा के अध्यक्ष रामदत प्रसाद सहित मदन प्रसाद, महेंद्र प्रसाद, कपिल देव प्रसाद, नंदकिशोर प्रसाद, बद्रीनाथ प्रसाद, ज्ञानचंद प्रसाद, विजय प्रसाद, चंद्रशेखर प्रसाद गुरुजी, संजय प्रसाद डॉक्टर, विष्णु प्रसाद महूराम, हरिलाल गुप्ता, उमाकांत गुप्ता, राहुल प्रसाद, विष्णु प्रसाद, रमेश प्रसाद, सूरज कुमार, अयोध्या राम, उमेश कुमार गुप्ता गुरुजी समेत अनेक लोगों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। विशेष बात यह रही कि पूरे यज्ञ और आयोजन में गांव की मातृ शक्ति ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और धार्मिक कार्यक्रम को सफल बनाने में अहम भूमिका निभाई।
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    रामप्रवेश गुप्ता 
पूर्णाहुति के साथ उमड़ी श्रद्धा की धारा
महुआडांड़ प्रखंड अंतर्गत ग्राम चटकपुर में माता चंद्रघंटा मंदिर स्थापना की 11वीं वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित तीन दिवसीय धार्मिक अनुष्ठान शुक्रवार 3 अप्रैल को पूर्णाहुति के साथ संपन्न हो गया। 1, 2 और 3 अप्रैल तक चले इस यज्ञ में पूरे गांव सहित आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।
यज्ञ का शुभारंभ छठ नदी के पवित्र जल से कलश भरकर किया गया। स्थानीय ग्रामीण महिलाएं, पुरुष और बच्चियां गाजे-बाजे व भक्ति गीतों के साथ कलश यात्रा निकालते हुए पूरे चटकपुर गांव का नगर भ्रमण कर यज्ञशाला पहुंचीं, जहां विधिवत कलश स्थापना की गई। पूरे आयोजन के दौरान श्रद्धा, भक्ति और उत्साह का अद्भुत संगम देखने को मिला।
यज्ञ में श्रीकोट स्थित गहीरा गुरु आश्रम से आए मुख्य अतिथि ब्राह्मण रिशेश्वर महाराज के मार्गदर्शन में अनुष्ठान संपन्न कराया गया। मुख्य पुजारी के रूप में विद्याकांत जी, सहायक पुजारी मंगल शुक्ला तथा स्थानीय पुजारी ओंकार नाथ पाठक, मुरारी पाठक एवं धीरज पाठक ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ यज्ञ, हवन और पूजा-पाठ कराया।
इस धार्मिक आयोजन में मुख्य यजमान की भूमिका उदय प्रसाद ने अपनी धर्मपत्नी के साथ निभाई। यज्ञ के प्रथम दिन जल यात्रा, पूजा-पाठ, यज्ञ, हवन और आरती हुई। दूसरे दिन सुबह पुनः पूजा-पाठ, हवन, यज्ञ और आरती के साथ भजन-कीर्तन का आयोजन किया गया तथा रात्रि में विशाल भंडारा आयोजित हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।
तीसरे और अंतिम दिन शुक्रवार को सुबह पूजा-पाठ, हवन, यज्ञ, आरती और भजन-कीर्तन के बाद कुंवारी नव कन्याओं का पूजन किया गया। इसके बाद पूर्णाहुति के साथ तीन दिवसीय आयोजन का समापन हुआ।
पूरे आयोजन को सफल बनाने में पश्चिमी हिंदू महासभा के अध्यक्ष रामदत प्रसाद सहित मदन प्रसाद, महेंद्र प्रसाद, कपिल देव प्रसाद, नंदकिशोर प्रसाद, बद्रीनाथ प्रसाद, ज्ञानचंद प्रसाद, विजय प्रसाद, चंद्रशेखर प्रसाद गुरुजी, संजय प्रसाद डॉक्टर, विष्णु प्रसाद महूराम, हरिलाल गुप्ता, उमाकांत गुप्ता, राहुल प्रसाद, विष्णु प्रसाद, रमेश प्रसाद, सूरज कुमार, अयोध्या राम, उमेश कुमार गुप्ता गुरुजी समेत अनेक लोगों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
विशेष बात यह रही कि पूरे यज्ञ और आयोजन में गांव की मातृ शक्ति ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और धार्मिक कार्यक्रम को सफल बनाने में अहम भूमिका निभाई।
    user_आदर्श मोबाइल एण्ड रेलवे टिकट
    आदर्श मोबाइल एण्ड रेलवे टिकट
    Mobile Store महुआडांड़, लातेहार, झारखंड•
    21 hrs ago
  • बलरामपुर//(शोएब सिद्दिकी)//बलरामपुर जिले के वाड्रफनगर विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत कुंदी में वन भूमि पर कथित अवैध कटाई और खुदाई का मामला अब गंभीर सवालों के घेरे में आ गया है। पूरे प्रकरण में वन परिक्षेत्राधिकारी वाड्रफनगर की भूमिका पर सीधे-सीधे उंगलियां उठ रही हैं, जिन्हें इस घटना के लिए जिम्मेदार माना जा रहा है। ग्रामीणों के मुताबिक, करीब 2 से 3 एकड़ वन भूमि पर दिन-रात जेसीबी मशीनों से खुदाई की गई और बड़ी संख्या में पेड़ों को गिराया गया। हैरानी की बात यह है कि इतनी बड़ी गतिविधि के बावजूद वन परिक्षेत्राधिकारी और उनकी टीम मौके पर नहीं पहुंची, जिससे उनकी कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि यह पूरा खेल बिना विभागीय जानकारी के संभव नहीं है। ग्रामीणों ने साफ कहा— “यहां बिना सेटिंग के पत्ता भी नहीं हिलता, लेकिन इस बार तो पूरा जंगल ही साफ कर दिया गया।” इस बयान ने सीधे तौर पर वन परिक्षेत्राधिकारी की कार्यशैली और नीयत पर सवाल खड़े कर दिए हैं। मामले का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद भी वन परिक्षेत्राधिकारी की ओर से कोई त्वरित कार्रवाई नहीं की गई। न तो जेसीबी मशीनों को जब्त किया गया और न ही आरोपियों के खिलाफ कोई ठोस कदम उठाया गया। इससे यह संदेह और गहरा गया है कि कहीं न कहीं जिम्मेदार अधिकारी इस पूरे मामले में लापरवाही या मौन सहमति के दोषी हैं। ग्रामीणों में इस घटना को लेकर भारी आक्रोश है। उनका कहना है कि यदि वन परिक्षेत्राधिकारी समय रहते कार्रवाई करते, तो जंगल को इस तरह उजड़ने से बचाया जा सकता था। अब लोग वन परिक्षेत्राधिकारी वाड्रफनगर के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और उच्च स्तरीय जांच की मांग कर रहे हैं। पर्यावरण के लिहाज से भी यह मामला बेहद संवेदनशील है। जंगल की अंधाधुंध कटाई न केवल प्राकृतिक संतुलन को बिगाड़ती है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए भी खतरा पैदा करती है। ऐसे में जिम्मेदार पद पर बैठे अधिकारी की निष्क्रियता को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। फिलहाल, वन विभाग की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन वन परिक्षेत्राधिकारी की चुप्पी अब खुद एक बड़ा सवाल बन चुकी है— आखिर जंगल कटता रहा, मशीनें चलती रहीं और जिम्मेदार अधिकारी मौन क्यों रहे? वनमण्डलाधिकारी जंगलों के संरक्षण में सदैव तत्पर रहते हैं, अब देखने वाली बात यह होगी कि ऐसे निष्क्रिय वन परिक्षेत्राधिकारी पर वे किस प्रकार की कार्रवाई करते हैं और इस मामले में क्या ठोस कदम उठाए जाते हैं।
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    बलरामपुर//(शोएब सिद्दिकी)//बलरामपुर जिले के वाड्रफनगर विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत कुंदी में वन भूमि पर कथित अवैध कटाई और खुदाई का मामला अब गंभीर सवालों के घेरे में आ गया है। पूरे प्रकरण में वन परिक्षेत्राधिकारी वाड्रफनगर की भूमिका पर सीधे-सीधे उंगलियां उठ रही हैं, जिन्हें इस घटना के लिए जिम्मेदार माना जा रहा है।
ग्रामीणों के मुताबिक, करीब 2 से 3 एकड़ वन भूमि पर दिन-रात जेसीबी मशीनों से खुदाई की गई और बड़ी संख्या में पेड़ों को गिराया गया। हैरानी की बात यह है कि इतनी बड़ी गतिविधि के बावजूद वन परिक्षेत्राधिकारी और उनकी टीम मौके पर नहीं पहुंची, जिससे उनकी कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि यह पूरा खेल बिना विभागीय जानकारी के संभव नहीं है। ग्रामीणों ने साफ कहा— “यहां बिना सेटिंग के पत्ता भी नहीं हिलता, लेकिन इस बार तो पूरा जंगल ही साफ कर दिया गया।” इस बयान ने सीधे तौर पर वन परिक्षेत्राधिकारी की कार्यशैली और नीयत पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
मामले का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद भी वन परिक्षेत्राधिकारी की ओर से कोई त्वरित कार्रवाई नहीं की गई। न तो जेसीबी मशीनों को जब्त किया गया और न ही आरोपियों के खिलाफ कोई ठोस कदम उठाया गया। इससे यह संदेह और गहरा गया है कि कहीं न कहीं जिम्मेदार अधिकारी इस पूरे मामले में लापरवाही या मौन सहमति के दोषी हैं।
ग्रामीणों में इस घटना को लेकर भारी आक्रोश है। उनका कहना है कि यदि वन परिक्षेत्राधिकारी समय रहते कार्रवाई करते, तो जंगल को इस तरह उजड़ने से बचाया जा सकता था। अब लोग वन परिक्षेत्राधिकारी वाड्रफनगर के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और उच्च स्तरीय जांच की मांग कर रहे हैं।
पर्यावरण के लिहाज से भी यह मामला बेहद संवेदनशील है। जंगल की अंधाधुंध कटाई न केवल प्राकृतिक संतुलन को बिगाड़ती है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए भी खतरा पैदा करती है। ऐसे में जिम्मेदार पद पर बैठे अधिकारी की निष्क्रियता को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
फिलहाल, वन विभाग की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन वन परिक्षेत्राधिकारी की चुप्पी अब खुद एक बड़ा सवाल बन चुकी है— आखिर जंगल कटता रहा, मशीनें चलती रहीं और जिम्मेदार अधिकारी मौन क्यों रहे?
वनमण्डलाधिकारी जंगलों के संरक्षण में सदैव तत्पर रहते हैं, अब देखने वाली बात यह होगी कि ऐसे निष्क्रिय वन परिक्षेत्राधिकारी पर वे किस प्रकार की कार्रवाई करते हैं और इस मामले में क्या ठोस कदम उठाए जाते हैं।
    user_Shoaib Siddiqui
    Shoaib Siddiqui
    Local News Reporter बलरामपुर, बलरामपुर, छत्तीसगढ़•
    13 min ago
  • वैन चोरी करने के मामले में पुलिस ने की कार्यवाही आरोपी को किया गिरफ्तार
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    वैन चोरी करने के मामले में पुलिस ने की कार्यवाही आरोपी को किया गिरफ्तार
    user_Ghanshyam soni
    Ghanshyam soni
    बलरामपुर, बलरामपुर, छत्तीसगढ़•
    3 hrs ago
  • योजना बहुत अच्छी है। उनकी बातों में केवल राहत नहीं, बल्कि एक नए जीवन की उम्मीद झलकती है। डर के साये से विकास की राह तक गांव के निवासी तेलाम बुधु बताते हैं कि पहले लखापाल में भय का माहौल था। हमारा गांव पहले नक्सल समस्या से प्रभावित था। लोग ख़ौफ़ में जीते थे। बिजली, पानी और सड़क की समस्या थी। गांव में पहले नक्सलियों की मीटिंग होती थी। गांववालों से पैसा और चावल-दाल जमा कराया जाता था। लेकिन अब बदलाव आ गया है। अब पंचायत की मीटिंग ग्राम विकास के लिए होती है। बिजली, पानी, राशन और सड़क की सुविधा मिल रही है।” उनके शब्द साफ कहते हैं अब गांव में डर नहीं, विकास की चर्चा होती है। स्वच्छ जल से स्वास्थ्य में सुधार, बीमारी में कमी जल जीवन मिशन के लागू होने के बाद लखापाल में सिर्फ पानी की सुविधा नहीं आई, बल्कि स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी बड़ा परिवर्तन देखने को मिला। अब जलजनित बीमारियों में कमी आई है और स्वच्छ पेयजल के कारण ग्रामीणों की जीवनशैली में सकारात्मक बदलाव आया है। अब सब्जी-बाड़ी से आत्मनिर्भरता की ओर गांव नल जल योजना से पानी मिलने के बाद ग्रामीणों ने खेती और बाड़ी की ओर कदम बढ़ाया है। अब गांव के लोग अपने घर के आसपास टमाटर, मिर्ची, बरबट्टी, सेमी और खट्टा भाजी उगा रहे हैं। इससे न केवल घर में सब्जी की व्यवस्था हो रही है, बल्कि बाजार से सब्जी खरीदने का खर्च भी बच रहा है। कलेक्टर श्री अमित कुमार ने बताया कि जल जीवन मिशन के माध्यम से ग्राम लखापाल जैसे दूरस्थ और नक्सल प्रभावित क्षेत्र में हर घर तक शुद्ध पेयजल पहुंचाना प्रशासन की बड़ी उपलब्धि है। इससे ग्रामीणों को पानी के लिए भटकना नहीं पड़ेगा और स्वास्थ्य में भी सुधार होगा। उन्होंने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप जिले के प्रत्येक गांव तक मूलभूत सुविधाएं पहुंचाकर विकास की रोशनी हर क्षेत्र तक पहुंचाई जाएगी। ग्रामीणों ने जताया मुख्यमंत्री और प्रशासन के प्रति आभार* ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय एवं जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि अब उन्हें पानी के लिए भटकना नहीं पड़ता। घर में नल से पानी मिल रहा है, जिससे जीवन आसान, सुरक्षित और सम्मानजनक हुआ है। लखापाल बना उदाहरण- विकास हर कोने तक पहुंच रहा है जल जीवन मिशन ने यह साबित कर दिया है कि जब सरकार की योजनाएं ईमानदारी और प्रतिबद्धता के साथ जमीन पर उतरती हैं, तो नक्सल प्रभावित और दूरस्थ क्षेत्रों में भी विकास की नई रोशनी पहुंचती है। आज लखापाल गांव केवल पानी की सुविधा नहीं पा रहा बल्कि वह भय से मुक्त होकर आत्मनिर्भरता और विकास के रास्ते पर आगे बढ़ रहा है।
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    योजना बहुत अच्छी है। उनकी बातों में केवल राहत नहीं, बल्कि एक नए जीवन की उम्मीद झलकती है।
डर के साये से विकास की राह तक
गांव के निवासी तेलाम बुधु बताते हैं कि पहले लखापाल में भय का माहौल था। हमारा गांव पहले नक्सल समस्या से प्रभावित था। लोग ख़ौफ़ में जीते थे। बिजली, पानी और सड़क की समस्या थी। गांव में पहले नक्सलियों की मीटिंग होती थी। गांववालों से पैसा और चावल-दाल जमा कराया जाता था। लेकिन अब बदलाव आ गया है। अब पंचायत की मीटिंग ग्राम विकास के लिए होती है। बिजली, पानी, राशन और सड़क की सुविधा मिल रही है।” उनके शब्द साफ कहते हैं अब गांव में डर नहीं, विकास की चर्चा होती है।
स्वच्छ जल से स्वास्थ्य में सुधार, बीमारी में कमी
जल जीवन मिशन के लागू होने के बाद लखापाल में सिर्फ पानी की सुविधा नहीं आई, बल्कि स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी बड़ा परिवर्तन देखने को मिला। अब जलजनित बीमारियों में कमी आई है और स्वच्छ पेयजल के कारण ग्रामीणों की जीवनशैली में सकारात्मक बदलाव आया है।
अब सब्जी-बाड़ी से आत्मनिर्भरता की ओर गांव
नल जल योजना से पानी मिलने के बाद ग्रामीणों ने खेती और बाड़ी की ओर कदम बढ़ाया है। अब गांव के लोग अपने घर के आसपास टमाटर, मिर्ची, बरबट्टी, सेमी और खट्टा भाजी उगा रहे हैं। इससे न केवल घर में सब्जी की व्यवस्था हो रही है, बल्कि बाजार से सब्जी खरीदने का खर्च भी बच रहा है।
कलेक्टर श्री अमित कुमार ने बताया कि जल जीवन मिशन के माध्यम से ग्राम लखापाल जैसे दूरस्थ और नक्सल प्रभावित क्षेत्र में हर घर तक शुद्ध पेयजल पहुंचाना प्रशासन की बड़ी उपलब्धि है। इससे ग्रामीणों को पानी के लिए भटकना नहीं पड़ेगा और स्वास्थ्य में भी सुधार होगा। उन्होंने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप जिले के प्रत्येक गांव तक मूलभूत सुविधाएं पहुंचाकर विकास की रोशनी हर क्षेत्र तक पहुंचाई जाएगी।
ग्रामीणों ने जताया मुख्यमंत्री और प्रशासन के प्रति आभार*
ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय एवं जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि अब उन्हें पानी के लिए भटकना नहीं पड़ता। घर में नल से पानी मिल रहा है, जिससे जीवन आसान, सुरक्षित और सम्मानजनक हुआ है।
लखापाल बना उदाहरण- विकास हर कोने तक पहुंच रहा है
जल जीवन मिशन ने यह साबित कर दिया है कि जब सरकार की योजनाएं ईमानदारी और प्रतिबद्धता के साथ जमीन पर उतरती हैं, तो नक्सल प्रभावित और दूरस्थ क्षेत्रों में भी विकास की नई रोशनी पहुंचती है। आज लखापाल गांव केवल पानी की सुविधा नहीं पा रहा बल्कि वह भय से मुक्त होकर आत्मनिर्भरता और विकास के रास्ते पर आगे बढ़ रहा है।
    user_Jarif Khan
    Jarif Khan
    अंबिकापुर, सरगुजा, छत्तीसगढ़•
    10 hrs ago
  • Post by हमर जशपुर
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    Post by हमर जशपुर
    user_हमर जशपुर
    हमर जशपुर
    Pathalgaon, Jashpur•
    12 hrs ago
  • चैनपुर थाना क्षेत्र के छिछवानी गांव में हुए सनसनीखेज हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। इस मामले में फरार चल रहे मुख्य आरोपी कमिल टोप्पो को गुरुवार को छेरियाटोंगरी जंगल से गिरफ्तार कर लिया गया, जबकि हत्या में शामिल 14 वर्षीय नाबालिग किशोर को भी पुलिस ने हिरासत में लेकर शुक्रवार को न्यायिक हिरासत में भेज दिया। पुलिस के अनुसार, यह हत्या पैसों के लेन-देन के विवाद को लेकर हुई थी। मृतक राजेंद्र मिंज और आरोपी कमिल टोप्पो के बीच पहले से ही पैसों को लेकर विवाद चल रहा था। दोनों रोजगार के लिए बेंगलुरु गए थे, जहां उनके बीच आर्थिक लेन-देन हुआ था। गांव लौटने के बाद कमिल बार-बार अपने पैसे की मांग कर रहा था, जिससे दोनों के बीच तनाव बढ़ता गया। घटना सोमवार शाम करीब 6 बजे की है, जब राजेंद्र मिंज अपनी 13 वर्षीय नाबालिग बेटी के साथ टमाटर खरीदने डीपाखोइर गया था। इसी दौरान नशे की हालत में कमिल टोप्पो एक नाबालिग किशोर को साथ लेकर पहुंचा और राजेंद्र पर लाठी से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। इस निर्मम हत्या की पूरी वारदात राजेंद्र की बेटी के सामने ही हुई। हत्या के बाद दोनों आरोपी मौके से फरार हो गए थे। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया और हत्या में प्रयुक्त खून लगा पुटकल डंडा भी बरामद कर लिया है। थाना प्रभारी अरविंद कुमार ने बताया कि मामले में आगे की जांच जारी है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि नाबालिग किशोर पहले भी चोरी की कई घटनाओं में शामिल रहा है।
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    चैनपुर थाना क्षेत्र के छिछवानी गांव में हुए सनसनीखेज हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। इस मामले में फरार चल रहे मुख्य आरोपी कमिल टोप्पो को गुरुवार को छेरियाटोंगरी जंगल से  गिरफ्तार कर लिया गया, जबकि हत्या में शामिल 14 वर्षीय नाबालिग किशोर को भी पुलिस ने हिरासत में लेकर शुक्रवार को न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
पुलिस के अनुसार, यह हत्या पैसों के लेन-देन के विवाद को लेकर हुई थी। मृतक राजेंद्र मिंज और आरोपी कमिल टोप्पो के बीच पहले से ही पैसों को लेकर विवाद चल रहा था। दोनों रोजगार के लिए बेंगलुरु गए थे, जहां उनके बीच आर्थिक लेन-देन हुआ था। गांव लौटने के बाद कमिल बार-बार अपने पैसे की मांग कर रहा था, जिससे दोनों के बीच तनाव बढ़ता गया।
घटना सोमवार शाम करीब 6 बजे की है, जब राजेंद्र मिंज अपनी 13 वर्षीय नाबालिग बेटी के साथ टमाटर खरीदने डीपाखोइर गया था। इसी दौरान नशे की हालत में कमिल टोप्पो एक नाबालिग किशोर को साथ लेकर पहुंचा और राजेंद्र पर लाठी से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। इस निर्मम हत्या की पूरी वारदात राजेंद्र की बेटी के सामने ही हुई।
हत्या के बाद दोनों आरोपी मौके से फरार हो गए थे। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया और हत्या में प्रयुक्त खून लगा पुटकल डंडा भी बरामद कर लिया है।
थाना प्रभारी अरविंद कुमार ने बताया कि मामले में आगे की जांच जारी है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि नाबालिग किशोर पहले भी चोरी की कई घटनाओं में शामिल रहा है।
    user_Sachin public news
    Sachin public news
    Local News Reporter चैनपुर, गुमला, झारखंड•
    20 hrs ago
  • ⏺️ प्रथम तिमाही में 537 शराबी, 2023 बिना हेल्मेट, 1659 सीट बेल्ट समेत कुल 7970 पर कार्यवाही। ⏺️ बलरामपुर पुलिस ने सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण हेतु प्रथम तिमाही में की ताबड़तोड़ कार्यवाही धरे गये 537 शराबी चालक । पुलिस महानिरीक्षक सरगुजा, रेंज सरगुजा के निर्देषन में इकाई में सड़क दुर्घटना पर प्रभावी अंकुष लगाने व दुर्घटना दर में कमी लाने के उद्देष्य से पुलिस अधीक्षक जिला बलरामपुर रामानुजगंज श्री वैभव बैंकर (भा.पु.से.) एवं श्री विष्व दीपक त्रिपाठी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के मार्गदर्षन पर जिला बलरापमुर-रामानुगंज अंतर्गत सड़क दुर्घटनाओं को कम करने लगातार जन जागरूकता के साथ ही प्रवर्तन की कार्यवाही के तारतम्य में जिला पुलिस बलरामपुर-रामानुजगंज नें प्रथम तिमाही माह (जनवरी से मार्च 2026 तक) में लगातार अभियान चलाकर शराब सेवन कर वाहन चलाने पर कुल 537 प्रकरण, बिना हेलमेट पर 2023 प्रकरण व बिना सीट बेल्ट लगाये वाहन चलाने वाले 1659 प्रकरण समेत कुल 7970 प्रकरण में 29,89,900/- (रूपये उन्तीस लाख नवासी हजार, नौ सौ) की चालानी कार्यवाही की गई है। बलरामपुर पुलिस आम नागरिको से अपील करती है कि दोपहिया वाहन में तीन सवारी न बैठाने, नाबालिक को वाहन न चलाने दे, बिना लायसेंस वाहन न चलाये, नषे की हालत में वाहन न चलावे, सीट बेल्ट का उपयोग करें। बिना हेलमेट वाहन न चलावे, तेज रफ्तार से वाहन न चलाये। क्षमता से अधिक सवारी/माल न ढोना एवं वाहन संबंधी सभी प्रकार के दस्तावेजों को हमेशा वाहन के साथ रखे एवं एक जिम्मेदार नागरिक का कर्तव्य निभाये।
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    ⏺️ प्रथम तिमाही में 537 शराबी, 2023 बिना हेल्मेट, 1659 सीट बेल्ट समेत कुल 7970 पर कार्यवाही।
⏺️ बलरामपुर पुलिस ने सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण हेतु प्रथम तिमाही में की ताबड़तोड़ कार्यवाही धरे गये 537 शराबी चालक ।
पुलिस महानिरीक्षक सरगुजा, रेंज सरगुजा के निर्देषन में इकाई में सड़क दुर्घटना पर प्रभावी अंकुष लगाने व दुर्घटना दर में कमी लाने के उद्देष्य से पुलिस अधीक्षक जिला बलरामपुर रामानुजगंज श्री वैभव बैंकर (भा.पु.से.) एवं श्री विष्व दीपक त्रिपाठी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के मार्गदर्षन पर जिला बलरापमुर-रामानुगंज अंतर्गत सड़क दुर्घटनाओं को कम करने लगातार जन जागरूकता के साथ ही प्रवर्तन की कार्यवाही के तारतम्य में जिला पुलिस बलरामपुर-रामानुजगंज नें प्रथम तिमाही माह (जनवरी से मार्च 2026 तक) में लगातार अभियान चलाकर शराब सेवन कर वाहन चलाने पर कुल 537 प्रकरण, बिना हेलमेट पर 2023 प्रकरण व बिना सीट बेल्ट लगाये वाहन चलाने वाले 1659 प्रकरण समेत कुल 7970 प्रकरण में 29,89,900/- (रूपये उन्तीस लाख नवासी हजार, नौ सौ) की चालानी कार्यवाही की गई है।  
बलरामपुर पुलिस आम नागरिको से अपील करती है कि दोपहिया वाहन में तीन सवारी न बैठाने, नाबालिक को वाहन न चलाने दे, बिना लायसेंस वाहन न चलाये, नषे की हालत में वाहन न चलावे, सीट बेल्ट का उपयोग करें। बिना हेलमेट वाहन न चलावे, तेज रफ्तार से वाहन न चलाये। क्षमता से अधिक सवारी/माल न ढोना एवं वाहन संबंधी सभी प्रकार के दस्तावेजों को हमेशा वाहन के साथ रखे एवं एक जिम्मेदार नागरिक का कर्तव्य निभाये।
    user_Shoaib Siddiqui
    Shoaib Siddiqui
    Local News Reporter बलरामपुर, बलरामपुर, छत्तीसगढ़•
    1 hr ago
  • Post by Ratan Choudhry
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    Post by Ratan Choudhry
    user_Ratan Choudhry
    Ratan Choudhry
    बलरामपुर, बलरामपुर, छत्तीसगढ़•
    16 hrs ago
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