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बांदीकुई. आगरा फटक पर विद्युत के पोल को हटाया, विद्युत तारों से राहगीर हो रहे हैं चोटिल, बिजली विभाग नहीं दे रहा ध्यान... CM भजनलाल के दौरे के दौरान हटाया था पोल, परंतु तार नहीं हटाए। बांदीकुई के आगरा फाटक पर बड़ी लापरवाही! बिजली का पोल हटाया… लेकिन जानलेवा तार छोड़ दिए गए खुले! राहगीर हो रहे थे चोटिल, हादसे का बना था खतरा… खबर चलते ही मचा हड़कंप — सिर्फ 1 घंटे में हरकत में आया बिजली विभाग! अब मौके पर शुरू हुआ सुधार कार्य… 👉 सवाल कायम — पहले क्यों नहीं जागा प्रशासन?
Ganesh Yogi
बांदीकुई. आगरा फटक पर विद्युत के पोल को हटाया, विद्युत तारों से राहगीर हो रहे हैं चोटिल, बिजली विभाग नहीं दे रहा ध्यान... CM भजनलाल के दौरे के दौरान हटाया था पोल, परंतु तार नहीं हटाए। बांदीकुई के आगरा फाटक पर बड़ी लापरवाही! बिजली का पोल हटाया… लेकिन जानलेवा तार छोड़ दिए गए खुले! राहगीर हो रहे थे चोटिल, हादसे का बना था खतरा… खबर चलते ही मचा हड़कंप — सिर्फ 1 घंटे में हरकत में आया बिजली विभाग! अब मौके पर शुरू हुआ सुधार कार्य… 👉 सवाल कायम — पहले क्यों नहीं जागा प्रशासन?
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- दौसा। बांदीकुई क्षेत्र के गांव दुड़की के पास स्थित नाई की खातली में एक युवक का शव पेड़ से लटका हुआ मिला शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। ग्रामीणों के अनुसार मृतक की पहचान प्रहलाद मीणा पुत्र प्रभाती लाल के रूप में हुई है। जानकारी के मुताबिक, युवक का शव गुलर के पेड़ पर फंदे से लटका हुआ मिला। घटना की सूचना मिलते ही आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे। मृतक का भाई जगदीश भी घटनास्थल पर मौजूद था, जिसने किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता से इनकार किया है। प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है, हालांकि वास्तविक कारणों का पता जांच के बाद ही चल सकेगा। ग्रामीणों द्वारा घटना की सूचना पुलिस को दे दी गई है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए बांदीकुई अस्पताल में भेजा गया,आगे की कार्रवाई की जा रही है। घटना के बाद क्षेत्र में शोक और चर्चा का विषय बना हुआ है।4
- बांदीकुई के आगरा फाटक पर बड़ी लापरवाही! बिजली का पोल हटाया… लेकिन जानलेवा तार छोड़ दिए गए खुले! राहगीर हो रहे थे चोटिल, हादसे का बना था खतरा… खबर चलते ही मचा हड़कंप — सिर्फ 1 घंटे में हरकत में आया बिजली विभाग! अब मौके पर शुरू हुआ सुधार कार्य… 👉 सवाल कायम — पहले क्यों नहीं जागा प्रशासन?2
- पटना। बिहार की राजनीति ने एक बार फिर करवट ली है। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष और प्रखर नेता सम्राट चौधरी का कद जिस तरह पार्टी के भीतर और राज्य की सत्ता में बढ़ा है, उसने यह साफ कर दिया है कि भाजपा अब बिहार में अपने 'कोर' चेहरे पर दांव लगा रही है। सम्राट चौधरी के नेतृत्व को लेकर कार्यकर्ताओं में भारी उत्साह है और इसे बिहार में "लव-कुश" समीकरण को साधने की दिशा में सबसे बड़ा कदम माना जा रहा है। मुख्य आकर्षण: रिपोर्ट के खास बिंदु आक्रामक नेतृत्व: सम्राट चौधरी अपनी बेबाक बयानबाजी और नीतीश सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलने के लिए जाने जाते हैं। उनकी पगड़ी की कसम और उनके संकल्प ने उन्हें कार्यकर्ताओं के बीच बेहद लोकप्रिय बनाया है। जातीय समीकरण का मास्टरस्ट्रोक: पिछड़ा वर्ग (OBC) से आने वाले सम्राट चौधरी के जरिए भाजपा ने बिहार के एक बड़े वोट बैंक को सीधा संदेश दिया है। संगठन से सत्ता तक: एक कुशल संगठनकर्ता के रूप में अपनी क्षमता साबित करने के बाद, अब उनके कंधों पर बिहार के विकास और कानून-व्यवस्था को पटरी पर लाने की बड़ी जिम्मेदारी है। सत्ता के गलियारों में हलचल सम्राट चौधरी के मुख्यमंत्री बनने की चर्चाओं ने विपक्षी खेमे में हलचल पैदा कर दी है। राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि भाजपा ने सम्राट चौधरी को आगे करके बिहार में "चेहरा विहीन" राजनीति के दौर को खत्म करने की कोशिश की है। "बिहार की जनता अब बदलाव चाहती है। हमारा लक्ष्य केवल सत्ता प्राप्त करना नहीं, बल्कि बिहार को सुशासन और विकास के पथ पर अग्रसर करना है।" > — सम्राट चौधरी (हालिया संबोधन के दौरान) चुनौतियां और भविष्य की राह मुख्यमंत्री के रूप में या नेतृत्वकर्ता के रूप में सम्राट चौधरी के सामने कई बड़ी चुनौतियां हैं: रोजगार और पलायन: बिहार के युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा करना। कानून व्यवस्था: राज्य में बढ़ते अपराधों पर लगाम लगाना। गठबंधन का तालमेल: सहयोगियों के साथ मिलकर सरकार को स्थिरता देना। निष्कर्ष सम्राट चौधरी का मुख्यमंत्री बनना न केवल उनके व्यक्तिगत राजनीतिक सफर की एक बड़ी उपलब्धि है, बल्कि यह भाजपा की उस दूरगामी रणनीति का हिस्सा है, जिसके केंद्र में बिहार की कमान अपने हाथों में लेना है। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि वह बिहार की उम्मीदों पर कितना खरा उतरते हैं। रिपोर्टर : खेमराज जोशी1
- डा भीमराव अंबेडकर की 135 वी जयंती मनाई बांसखोह योगेश कुमार गुप्ता बांसखोह कस्बा स्थित रामदेव जी महाराज के मंदिर में मंगलवार को सुबह डा भीमराव अंबेडकर के जन्मोत्सव पर ग्रामीणों द्वारा माला पहनाकर डॉ भीमराव अंबेडकर की जय जयकार लगाते हुए नजर आए इस मौके पर चिरंजीलाल पिंगोलिया, विनोद पिंगोलिया, लालचंद पिंगोलिया, पवन, देवेन्द्र पिंगोलिया योगेश कुमार गुप्ता, हनुमान सहाय सैनी, बद्रीनारायण मीणा, प्रभातीलाल पिंगोलिया, रामेश्वर परेवा, पुरण , अन्य काफी संख्या में लोग मौजूद थे इस दौरान चिरंजीलाल पिंगोलिया ने डॉ भीमराव अंबेडकर के जीवन के बारे मे बताया कि भारतीय संविधान निर्माता आधुनिक भारत के शिल्पकार न्याय समानता शिक्षा ओर बंधुत्व के प्रतीक भारत रत्न बाबा साहब डॉ भीमराव अंबेडकर की 135 वी जयंती पर यह कार्यक्रम सभी के सहयोग से किया गया4
- लालसोट उपखंड में मंगलवार को परशुराम सर्किल पर सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ का आयोजन किया गया। जिसमे भक्तों ने बढ़ चढ़कर भाग लिया।3
- लालसोट में भव्य महारैली के साथ मनाई गई की 135वीं जयंती लालसोट में अंबेडकर विकास मंच के तत्वावधान में विशाल रैली निकाली गई, जो रामदेव मंदिर से अंबेडकर सर्किल तक पहुंची। इस दौरान बाबा साहब की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि दी गई। रैली में हजारों लोग शामिल हुए, वहीं घोड़ियों पर बच्चियों का जुलूस मुख्य आकर्षण रहा। जगह-जगह पुष्प वर्षा कर रैली का स्वागत किया गया।4
- Post by Manoj Manojkumar2
- दौसा। भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की 135वीं जयंती के अवसर पर मंगलवार को जिला कलक्ट्रेट सभागार में जिला स्तरीय समारोह आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम जयपुर में आयोजित राज्य स्तरीय समारोह से वर्चुअल रूप से जुड़ा रहा। सांसद मुरारी लाल मीणा ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि डॉ. अंबेडकर ने समाज में व्याप्त सामाजिक एवं आर्थिक असमानता तथा छुआछूत को समाप्त करने के लिए महत्वपूर्ण कार्य किए। उन्होंने सभी को शिक्षित बनने, आगे बढ़ने और समाज में समानता का भाव स्थापित करने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि बाबा साहब के बताए मार्ग पर चलकर ही उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि दी जा सकती है। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों ने वर्चुअल माध्यम से मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा तथा सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री अविनाश गहलोत के प्रेरणादायक उद्बोधन सुने। मुख्यमंत्री ने राज्य स्तरीय समारोह से सामाजिक सुरक्षा पेंशन एवं पालनहार योजना की राशि डीबीटी के माध्यम से लाभार्थियों के खातों में स्थानांतरित की तथा बहरावंडा में राजकीय सावित्रीबाई फुले अनुसूचित जाति बालिका छात्रावास भवन का वर्चुअल शिलान्यास किया। *संविधान की शपथ दिलाई, जनप्रतिनिधियों ने साझा किए विचार* इस अवसर पर जिला कलक्टर डॉ. सौम्या झा ने उपस्थित जनों को संविधान की शपथ दिलाई, जबकि अतिरिक्त जिला कलक्टर अरविंद शर्मा ने संविधान की प्रस्तावना का वाचन किया। महवा विधायक राजेन्द्र मीणा, दौसा विधायक दीन दयाल बैरवा, जिला परिषद सदस्य नीलम गुर्जर एवं कमला केशरा ने भी डॉ. अंबेडकर के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर प्रकाश डालते हुए उनके बताए मार्ग पर चलने का आह्वान किया। *उत्कृष्ट कार्य करने वालों को किया सम्मानित* समारोह के दौरान जिला स्तर पर उत्कृष्ट कार्य करने वाले व्यक्तियों को सम्मानित किया गया। अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के उत्थान तथा जरूरतमंदों के पुनर्वास में उत्कृष्ट योगदान के लिए अम्बेडकर सामाजिक सेवा पुरस्कार से हीरालाल महावर एवं राजेन्द्र कुमार वर्मा को सम्मानित किया गया। वहीं महिला कल्याण के क्षेत्र में सराहनीय कार्य के लिए अम्बेडकर महिला कल्याण पुरस्कार से प्रिया मेहरा एवं द्रौपदी देवी को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी बिरदीचंद गंगवाल, अतिरिक्त जिला कलक्टर (लालसोट) मनमोहन मीणा, नगर विकास न्यास सचिव मूलचंद लूनिया, उपखंड अधिकारी संजू मीणा, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के सहायक निदेशक रामराज मीणा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित रहे।4