रीवा की बड़ी खबर “साहब, हमारा रास्ता बचा लीजिए…” कलेक्टर के सामने छलक पड़े सैनिक के आंसू रीवा। रतहरा क्षेत्र से एक ऐसा मामला सामने आया है, जहां प्लाट खरीदने वाले सैनिकों ने रास्ते को लेकर प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई है। सैनिकों का आरोप है कि प्लाट की रजिस्ट्री के समय उन्हें 20 फीट का रास्ता दिखाया गया था, लेकिन अब उसी रास्ते को बंद करने की कोशिश की जा रही है। सैनिकों का कहना है कि जिस रास्ते का उल्लेख और उपयोग प्लाट खरीदते समय किया गया था, अब वहां रास्ता बंद कर शासकीय भूमि की ओर रास्ता दिखाने का प्रयास किया जा रहा है। अपनी समस्या लेकर सैनिक कलेक्टर के सामने पहुंचे। इसी दौरान अपनी बात रखते हुए एक सैनिक भावुक हो गया और उसकी आंखों से आंसू छलक पड़े। सैनिक ने प्रशासन से गुहार लगाते हुए कहा— “साहब, हमारा रास्ता बचा लीजिए…” सैनिकों ने पूरे मामले की जांच कर वास्तविक स्थिति स्पष्ट कराने और रास्ते को लेकर उचित कार्रवाई की मांग की है। अब सवाल यह है कि रजिस्ट्री के समय दिखाया गया रास्ता वास्तव में कहां था और वर्तमान में उसे लेकर विवाद की स्थिति कैसे बनी? मामले में प्रशासन की जांच के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी। रीवा की बड़ी खबर “साहब, हमारा रास्ता बचा लीजिए…” कलेक्टर के सामने छलक पड़े सैनिक के आंसू रीवा। रतहरा क्षेत्र से एक ऐसा मामला सामने आया है, जहां प्लाट खरीदने वाले सैनिकों ने रास्ते को लेकर प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई है। सैनिकों का आरोप है कि प्लाट की रजिस्ट्री के समय उन्हें 20 फीट का रास्ता दिखाया गया था, लेकिन अब उसी रास्ते को बंद करने की कोशिश की जा रही है। सैनिकों का कहना है कि जिस रास्ते का उल्लेख और उपयोग प्लाट खरीदते समय किया गया था, अब वहां रास्ता बंद कर शासकीय भूमि की ओर रास्ता दिखाने का प्रयास किया जा रहा है। अपनी समस्या लेकर सैनिक कलेक्टर के सामने पहुंचे। इसी दौरान अपनी बात रखते हुए एक सैनिक भावुक हो गया और उसकी आंखों से आंसू छलक पड़े। सैनिक ने प्रशासन से गुहार लगाते हुए कहा— “साहब, हमारा रास्ता बचा लीजिए…” सैनिकों ने पूरे मामले की जांच कर वास्तविक स्थिति स्पष्ट कराने और रास्ते को लेकर उचित कार्रवाई की मांग की है। अब सवाल यह है कि रजिस्ट्री के समय दिखाया गया रास्ता वास्तव में कहां था और वर्तमान में उसे लेकर विवाद की स्थिति कैसे बनी? मामले में प्रशासन की जांच के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।
रीवा की बड़ी खबर “साहब, हमारा रास्ता बचा लीजिए…” कलेक्टर के सामने छलक पड़े सैनिक के आंसू रीवा। रतहरा क्षेत्र से एक ऐसा मामला सामने आया है, जहां प्लाट खरीदने वाले सैनिकों ने रास्ते को लेकर प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई है। सैनिकों का आरोप है कि प्लाट की रजिस्ट्री के समय उन्हें 20 फीट का रास्ता दिखाया गया था, लेकिन अब उसी रास्ते को बंद करने की कोशिश की जा रही है। सैनिकों का कहना है कि जिस रास्ते का उल्लेख और उपयोग प्लाट खरीदते समय किया गया था, अब वहां रास्ता बंद कर शासकीय भूमि की ओर रास्ता दिखाने का प्रयास किया जा रहा है। अपनी समस्या लेकर सैनिक कलेक्टर के सामने पहुंचे। इसी दौरान अपनी बात रखते हुए एक सैनिक भावुक हो गया और उसकी आंखों से आंसू छलक पड़े। सैनिक ने प्रशासन से गुहार लगाते हुए कहा— “साहब, हमारा रास्ता बचा लीजिए…” सैनिकों ने पूरे मामले की जांच कर वास्तविक स्थिति स्पष्ट कराने और रास्ते को लेकर उचित कार्रवाई की मांग की है। अब सवाल यह है कि रजिस्ट्री के समय दिखाया गया रास्ता वास्तव में कहां था और वर्तमान में उसे लेकर विवाद की स्थिति कैसे बनी? मामले में प्रशासन की जांच के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी। रीवा की बड़ी खबर “साहब, हमारा रास्ता बचा लीजिए…” कलेक्टर के सामने छलक पड़े सैनिक के आंसू रीवा। रतहरा क्षेत्र से एक ऐसा मामला सामने आया है, जहां प्लाट खरीदने वाले सैनिकों ने रास्ते को लेकर प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई है। सैनिकों का आरोप है कि प्लाट की रजिस्ट्री के समय उन्हें 20 फीट का रास्ता दिखाया गया था, लेकिन अब उसी रास्ते को बंद करने की कोशिश की जा रही है। सैनिकों का कहना है कि जिस रास्ते का उल्लेख और उपयोग प्लाट खरीदते समय किया गया था, अब वहां रास्ता बंद कर शासकीय भूमि की ओर रास्ता दिखाने का प्रयास किया जा रहा है। अपनी समस्या लेकर सैनिक कलेक्टर के सामने पहुंचे। इसी दौरान अपनी बात रखते हुए एक सैनिक भावुक हो गया और उसकी आंखों से आंसू छलक पड़े। सैनिक ने प्रशासन से गुहार लगाते हुए कहा— “साहब, हमारा रास्ता बचा लीजिए…” सैनिकों ने पूरे मामले की जांच कर वास्तविक स्थिति स्पष्ट कराने और रास्ते को लेकर उचित कार्रवाई की मांग की है। अब सवाल यह है कि रजिस्ट्री के समय दिखाया गया रास्ता वास्तव में कहां था और वर्तमान में उसे लेकर विवाद की स्थिति कैसे बनी? मामले में प्रशासन की जांच के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।
- सिंगरौली में 16 लाख फॉलोअर्स वाली सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर निधि तिवारी की मौत, जांच में जुटी पुलिस सिंगरौली। मध्यप्रदेश के सिंगरौली जिले में सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर निधि तिवारी की मौत के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मचा हुआ है। 30 वर्षीय निधि तिवारी मूल रूप से वाराणसी की रहने वाली थीं और सिंगरौली के भूसा मोड़ इलाके में अपनी मां और बहन के साथ रहती थीं। पुलिस मामले की जांच कर रही है। निधि सोशल मीडिया पर काफी लोकप्रिय थीं। फेसबुक पर उनके करीब 9.28 लाख और इंस्टाग्राम पर करीब 7.12 लाख फॉलोअर्स बताए जा रहे हैं। डांस वीडियो और रील्स के जरिए उन्होंने सोशल मीडिया पर अपनी पहचान बनाई थी। वर्ष 2024 में उन्होंने ‘मिस प्रिटी इंडिया’ का खिताब भी जीता था। मौत से पहले की पोस्ट ने बढ़ाए सवाल निधि की मौत से पहले उनके सोशल मीडिया अकाउंट पर एक भावुक पोस्ट सामने आई थी। पोस्ट में उन्होंने खुद से प्यार करने और खुद को तलाशने की बात लिखी थी। इस पोस्ट के बाद उनकी मौत की खबर सामने आने से कई सवाल खड़े हुए हैं। दिल्ली के युवक से बातचीत का भी जिक्र परिजनों के मुताबिक, मौत से पहले निधि की दिल्ली से जुड़े सोनू सिंह नाम के युवक से फोन पर बातचीत हुई थी। परिवार ने बातचीत के दौरान विवाद होने की बात कही है। कुछ रिपोर्टों के अनुसार, इसी बातचीत के बाद निधि कमरे में चली गई थीं। हालांकि, इस बातचीत और मौत के बीच क्या संबंध था, यह पुलिस जांच का विषय है। पुलिस ने मामले में मोबाइल फोन, कॉल डिटेल और डिजिटल गतिविधियों की जांच शुरू की है। ताजा रिपोर्टों के मुताबिक, पुलिस चैट और कॉल रिकॉर्ड समेत डिजिटल साक्ष्यों को भी खंगाल रही है। फिलहाल निधि तिवारी की मौत की वास्तविक वजह स्पष्ट नहीं है। पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है और जांच पूरी होने के बाद ही मौत के कारणों को लेकर स्थिति साफ हो सकेगी। सिंगरौली में 16 लाख फॉलोअर्स वाली सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर निधि तिवारी की मौत, जांच में जुटी पुलिस सिंगरौली। मध्यप्रदेश के सिंगरौली जिले में सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर निधि तिवारी की मौत के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मचा हुआ है। 30 वर्षीय निधि तिवारी मूल रूप से वाराणसी की रहने वाली थीं और सिंगरौली के भूसा मोड़ इलाके में अपनी मां और बहन के साथ रहती थीं। पुलिस मामले की जांच कर रही है। निधि सोशल मीडिया पर काफी लोकप्रिय थीं। फेसबुक पर उनके करीब 9.28 लाख और इंस्टाग्राम पर करीब 7.12 लाख फॉलोअर्स बताए जा रहे हैं। डांस वीडियो और रील्स के जरिए उन्होंने सोशल मीडिया पर अपनी पहचान बनाई थी। वर्ष 2024 में उन्होंने ‘मिस प्रिटी इंडिया’ का खिताब भी जीता था। मौत से पहले की पोस्ट ने बढ़ाए सवाल निधि की मौत से पहले उनके सोशल मीडिया अकाउंट पर एक भावुक पोस्ट सामने आई थी। पोस्ट में उन्होंने खुद से प्यार करने और खुद को तलाशने की बात लिखी थी। इस पोस्ट के बाद उनकी मौत की खबर सामने आने से कई सवाल खड़े हुए हैं। दिल्ली के युवक से बातचीत का भी जिक्र परिजनों के मुताबिक, मौत से पहले निधि की दिल्ली से जुड़े सोनू सिंह नाम के युवक से फोन पर बातचीत हुई थी। परिवार ने बातचीत के दौरान विवाद होने की बात कही है। कुछ रिपोर्टों के अनुसार, इसी बातचीत के बाद निधि कमरे में चली गई थीं। हालांकि, इस बातचीत और मौत के बीच क्या संबंध था, यह पुलिस जांच का विषय है। पुलिस ने मामले में मोबाइल फोन, कॉल डिटेल और डिजिटल गतिविधियों की जांच शुरू की है। ताजा रिपोर्टों के मुताबिक, पुलिस चैट और कॉल रिकॉर्ड समेत डिजिटल साक्ष्यों को भी खंगाल रही है। फिलहाल निधि तिवारी की मौत की वास्तविक वजह स्पष्ट नहीं है। पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है और जांच पूरी होने के बाद ही मौत के कारणों को लेकर स्थिति साफ हो सकेगी।1
- स्थित आंगनवाड़ी कार्यकर्ता उमा सिंह द्वारा गरीब बच्चों का भोजन चोरी किया जा रहा है 3 साल के बच्चे हो गए और उनको आज दिनांक तक आंगनवाड़ी में भोजन नहीं कराया गया और सरकार से पैसे लिए गए हैं ग्रामीणों का आरोप है की बच्चों का वज़न कराने कार्यकर्ता घर बुलाती हैं लेकिन पोषण आहार नहीं दिया जा रहा1
- रीवा में छेड़छाड़ के आरोपी पर कार्रवाई, सैफ पठान गिरफ्तार ▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬ रीवा। अमहिया थाना क्षेत्र में युवतियों की शिकायत पर पुलिस ने छेड़छाड़ समेत अन्य गंभीर आरोपों के मामले में सैफ पठान निवासी अमहिया को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, शिकायत मिलने के बाद प्रकरण दर्ज कर वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर कार्रवाई की गई। नगर पुलिस अधीक्षक आलोक वर्मा के अनुसार थाना प्रभारी मनोज गौतम ने पुलिस टीम के साथ आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई जारी है। ब्यूरो चीफ रीवा1
- मध्यप्रदेश से जुड़ी आज की बड़ी खबरें देखिए, #जनसंपर्क_खबरें 🗓️ 29 सितम्बर 2026 मध्यप्रदेश से जुड़ी आज की बड़ी खबरें देखिए, #जनसंपर्क_खबरें 🗓️ 29 सितम्बर 20261
- रीवा में BSNL कर्मचारी की संदिग्ध मौत से हड़कंप: परिजनों ने कॉलेज चौराहे पर शव रखकर किया चक्का जाम, सड़क पर लगा लंबा जाम रीवा में BSNL कर्मचारी की संदिग्ध मौत से हड़कंप: परिजनों ने कॉलेज चौराहे पर शव रखकर किया चक्का जाम, सड़क पर लगा लंबा जाम1
- "रामपुर बाघेलान में सरकारी जमीन पर कब्जे का आरोप, जनसुनवाई में महिला ने लगाई गुहार,, "नगर परिषद इंजीनियर और सफाई कर्मियों पर परेशान करने का आरोप,आयुक्त से कार्रवाई की मांग,, सतना जिले रामपुर बाघेलान मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान के तहत 26 सितंबर को रामपुर बघेलान में आयोजित जनसुनवाई में वार्ड नंबर 6 निवासी "श्रीमती ललिता सोनी पति विष्णु सोनी,, ने अतिक्रमण और प्रताड़ना को लेकर शिकायती आवेदन दिया है। आवेदन आयुक्त रीवा संभाग को संबोधित है,आवेदिका का आरोप है,कि उसकी आराजी नंबर 152/5/1/2 रकबा 0.40 हेक्टेयर मौजा रामपुर बाघेलान का विधिवत सीमांकन दिनांक 30.11.2017 को हो चुका है और वह बाउंड्रीवाल कराकर परिवार सहित निवास कर रही है। लेकिन नगर परिषद के कर्मचारियों द्वारा उसकी बाउंड्री तोड़ी जा रही है और जान से मारने की धमकी दी जा रही है,आवेदन में विजय उर्फ साजन कोल,नगर परिषद के इंजीनियर विश्वजीत कुशवाहा, पूर्व सफाईकर्मी बिन्दा मेहतर,लक्ष्मण मेहतर सहित शासन को अनावेदक बनाया गया है,आरोप है,कि रात में 8 बजे उसकी जमीन की दोबारा नाप की गई और विरोध करने पर घर से निकालने की धमकी दी गई, आवेदिका ने यह भी आरोप लगाया है कि ग्राम नेमुआं पार की सरकारी जमीन पर लगभग 1 हेक्टेयर में अवैध कब्जा कर मकान बना लिए गए हैं,और उसके घर के सामने के शासकीय रास्ते को विजय उर्फ साजन की भूमि बताया जा रहा है,जबकि उक्त व्यक्ति द्वारा 5 मकान सरकारी जमीन पर बनाए गए हैं, फोटो साक्ष्य भी आवेदन के साथ संलग्न किए गए हैं,आवेदिका के अनुसार उसने तहसील न्यायालय में धारा 248-1 के तहत आवेदन दिया था, जिस पर तहसीलदार द्वारा 22.06.2026 को स्थगन आदेश जारी किया गया था। लेकिन आज तक बेदखली की कार्रवाई नहीं हुई। पटवारी की रिपोर्ट भी नगर परिषद के पक्ष में दी गई है। *ललिता सोनी ने मांग की है* कि वार्ड नं. 6 और वार्ड नं. 5 ग्राम नेमुआं की सरकारी आराजी व रास्ते की नाप कराकर अतिक्रमण हटवाया जाए और दोषियों के विरुद्ध दण्डात्मक कार्रवाई की जाए।4
- manikwar जिला रीवा मध्यप्रदेश में इस तरह कि सड़क हैं 🙏🏻 आप लोग इस पर क्या बोलते हैं 1 km ki sadk hai kay yah banni chaiye manikwar जिला रीवा मध्यप्रदेश में इस तरह कि सड़क हैं 🙏🏻 आप लोग इस पर क्या बोलते हैं 1 km ki sadk hai kay yah banni chaiye1
- रीवा की बड़ी खबर “साहब, हमारा रास्ता बचा लीजिए…” कलेक्टर के सामने छलक पड़े सैनिक के आंसू रीवा। रतहरा क्षेत्र से एक ऐसा मामला सामने आया है, जहां प्लाट खरीदने वाले सैनिकों ने रास्ते को लेकर प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई है। सैनिकों का आरोप है कि प्लाट की रजिस्ट्री के समय उन्हें 20 फीट का रास्ता दिखाया गया था, लेकिन अब उसी रास्ते को बंद करने की कोशिश की जा रही है। सैनिकों का कहना है कि जिस रास्ते का उल्लेख और उपयोग प्लाट खरीदते समय किया गया था, अब वहां रास्ता बंद कर शासकीय भूमि की ओर रास्ता दिखाने का प्रयास किया जा रहा है। अपनी समस्या लेकर सैनिक कलेक्टर के सामने पहुंचे। इसी दौरान अपनी बात रखते हुए एक सैनिक भावुक हो गया और उसकी आंखों से आंसू छलक पड़े। सैनिक ने प्रशासन से गुहार लगाते हुए कहा— “साहब, हमारा रास्ता बचा लीजिए…” सैनिकों ने पूरे मामले की जांच कर वास्तविक स्थिति स्पष्ट कराने और रास्ते को लेकर उचित कार्रवाई की मांग की है। अब सवाल यह है कि रजिस्ट्री के समय दिखाया गया रास्ता वास्तव में कहां था और वर्तमान में उसे लेकर विवाद की स्थिति कैसे बनी? मामले में प्रशासन की जांच के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी। रीवा की बड़ी खबर “साहब, हमारा रास्ता बचा लीजिए…” कलेक्टर के सामने छलक पड़े सैनिक के आंसू रीवा। रतहरा क्षेत्र से एक ऐसा मामला सामने आया है, जहां प्लाट खरीदने वाले सैनिकों ने रास्ते को लेकर प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई है। सैनिकों का आरोप है कि प्लाट की रजिस्ट्री के समय उन्हें 20 फीट का रास्ता दिखाया गया था, लेकिन अब उसी रास्ते को बंद करने की कोशिश की जा रही है। सैनिकों का कहना है कि जिस रास्ते का उल्लेख और उपयोग प्लाट खरीदते समय किया गया था, अब वहां रास्ता बंद कर शासकीय भूमि की ओर रास्ता दिखाने का प्रयास किया जा रहा है। अपनी समस्या लेकर सैनिक कलेक्टर के सामने पहुंचे। इसी दौरान अपनी बात रखते हुए एक सैनिक भावुक हो गया और उसकी आंखों से आंसू छलक पड़े। सैनिक ने प्रशासन से गुहार लगाते हुए कहा— “साहब, हमारा रास्ता बचा लीजिए…” सैनिकों ने पूरे मामले की जांच कर वास्तविक स्थिति स्पष्ट कराने और रास्ते को लेकर उचित कार्रवाई की मांग की है। अब सवाल यह है कि रजिस्ट्री के समय दिखाया गया रास्ता वास्तव में कहां था और वर्तमान में उसे लेकर विवाद की स्थिति कैसे बनी? मामले में प्रशासन की जांच के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।1