गोंडा की जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन ने 26 मई, 2026 को कलेक्ट्रेट परिसर स्थित विभिन्न कार्यालयों का औचक निरीक्षण किया, जहाँ उन्होंने व्यवस्थाओं का जायजा लिया और अधिकारियों-कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। इस निरीक्षण के दौरान, उन्होंने कार्यालय भूलेख विभाग, नजारत, रिकॉर्ड रूम सहित अन्य सभी कार्यालयों एवं पटलों का गहन अवलोकन किया। जिलाधिकारी ने कार्यालयों में साफ-सफाई की स्थिति, अभिलेखों के रख-रखाव, फाइलों की सुव्यवस्थित व्यवस्था तथा कार्यप्रणाली का विशेष तौर पर निरीक्षण किया। उन्होंने निर्देशित किया कि सभी विभागों में स्वच्छता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए और कार्यालय परिसर को साफ एवं व्यवस्थित बनाए रखा जाए। उन्होंने सरकारी अभिलेखों को अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए उनके सुरक्षित संरक्षण एवं व्यवस्थित संधारण में किसी प्रकार की लापरवाही न बरतने के कड़े निर्देश दिए। साथ ही, उन्होंने सभी पटल सहायकों एवं प्रशासनिक अधिकारियों को अभिलेखों व फाइलों का सुव्यवस्थित वर्गीकरण सुनिश्चित करने को कहा, ताकि आवश्यक दस्तावेज समय पर आसानी से उपलब्ध हो सकें। जिलाधिकारी ने रिकॉर्ड रूम में अभिलेखों के सुरक्षित रख-रखाव के निर्धारित मानकों का पालन करने तथा पुराने अभिलेखों के संरक्षण हेतु आवश्यक सावधानियां अपनाने पर भी जोर दिया, और कार्यालय कार्यों में पारदर्शिता एवं तत्परता बनाए रखने का निर्देश दिया। निरीक्षण के दौरान, जिलाधिकारी ने कर्मचारियों से बातचीत करते हुए कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप आमजन को त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण सेवाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। इसके लिए सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को पूरी निष्ठा एवं जिम्मेदारी के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करना होगा। उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देशित किया कि कार्यालयों में आने वाले फरियादियों एवं आम नागरिकों के साथ संवेदनशील व्यवहार किया जाए तथा उनकी समस्याओं का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी आलोक कुमार, प्रशासनिक अधिकारी वीरेंद्र कुमार तिवारी, जिला आपदा विशेषज्ञ राजेश श्रीवास्तव सहित अन्य संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारीगण उपस्थित रहे।
गोंडा की जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन ने 26 मई, 2026 को कलेक्ट्रेट परिसर स्थित विभिन्न कार्यालयों का औचक निरीक्षण किया, जहाँ उन्होंने व्यवस्थाओं का जायजा लिया और अधिकारियों-कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। इस निरीक्षण के दौरान, उन्होंने कार्यालय भूलेख विभाग, नजारत, रिकॉर्ड रूम सहित अन्य सभी कार्यालयों एवं पटलों का गहन अवलोकन किया। जिलाधिकारी ने कार्यालयों में साफ-सफाई की स्थिति, अभिलेखों के रख-रखाव, फाइलों की सुव्यवस्थित व्यवस्था तथा कार्यप्रणाली का विशेष तौर पर निरीक्षण किया। उन्होंने निर्देशित किया कि सभी विभागों में स्वच्छता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए और कार्यालय परिसर को साफ एवं व्यवस्थित बनाए रखा जाए। उन्होंने सरकारी अभिलेखों को अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए उनके सुरक्षित संरक्षण एवं व्यवस्थित संधारण में किसी प्रकार की लापरवाही न बरतने के कड़े निर्देश दिए। साथ ही, उन्होंने सभी पटल सहायकों एवं प्रशासनिक अधिकारियों को अभिलेखों व फाइलों का सुव्यवस्थित वर्गीकरण सुनिश्चित करने को कहा, ताकि आवश्यक दस्तावेज समय पर आसानी से उपलब्ध हो सकें। जिलाधिकारी ने रिकॉर्ड रूम में अभिलेखों के सुरक्षित रख-रखाव के निर्धारित मानकों का पालन करने तथा पुराने अभिलेखों के संरक्षण हेतु आवश्यक सावधानियां अपनाने पर भी जोर दिया, और कार्यालय कार्यों में पारदर्शिता एवं तत्परता बनाए रखने का निर्देश दिया। निरीक्षण के दौरान, जिलाधिकारी ने कर्मचारियों से बातचीत करते हुए कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप आमजन को त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण सेवाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। इसके लिए सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को पूरी निष्ठा एवं जिम्मेदारी के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करना होगा। उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देशित किया कि कार्यालयों में आने वाले फरियादियों एवं आम नागरिकों के साथ संवेदनशील व्यवहार किया जाए तथा उनकी समस्याओं का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी आलोक कुमार, प्रशासनिक अधिकारी वीरेंद्र कुमार तिवारी, जिला आपदा विशेषज्ञ राजेश श्रीवास्तव सहित अन्य संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारीगण उपस्थित रहे।
- गोंडा की जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन ने 26 मई, 2026 को कलेक्ट्रेट परिसर स्थित विभिन्न कार्यालयों का औचक निरीक्षण किया, जहाँ उन्होंने व्यवस्थाओं का जायजा लिया और अधिकारियों-कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। इस निरीक्षण के दौरान, उन्होंने कार्यालय भूलेख विभाग, नजारत, रिकॉर्ड रूम सहित अन्य सभी कार्यालयों एवं पटलों का गहन अवलोकन किया। जिलाधिकारी ने कार्यालयों में साफ-सफाई की स्थिति, अभिलेखों के रख-रखाव, फाइलों की सुव्यवस्थित व्यवस्था तथा कार्यप्रणाली का विशेष तौर पर निरीक्षण किया। उन्होंने निर्देशित किया कि सभी विभागों में स्वच्छता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए और कार्यालय परिसर को साफ एवं व्यवस्थित बनाए रखा जाए। उन्होंने सरकारी अभिलेखों को अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए उनके सुरक्षित संरक्षण एवं व्यवस्थित संधारण में किसी प्रकार की लापरवाही न बरतने के कड़े निर्देश दिए। साथ ही, उन्होंने सभी पटल सहायकों एवं प्रशासनिक अधिकारियों को अभिलेखों व फाइलों का सुव्यवस्थित वर्गीकरण सुनिश्चित करने को कहा, ताकि आवश्यक दस्तावेज समय पर आसानी से उपलब्ध हो सकें। जिलाधिकारी ने रिकॉर्ड रूम में अभिलेखों के सुरक्षित रख-रखाव के निर्धारित मानकों का पालन करने तथा पुराने अभिलेखों के संरक्षण हेतु आवश्यक सावधानियां अपनाने पर भी जोर दिया, और कार्यालय कार्यों में पारदर्शिता एवं तत्परता बनाए रखने का निर्देश दिया। निरीक्षण के दौरान, जिलाधिकारी ने कर्मचारियों से बातचीत करते हुए कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप आमजन को त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण सेवाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। इसके लिए सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को पूरी निष्ठा एवं जिम्मेदारी के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करना होगा। उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देशित किया कि कार्यालयों में आने वाले फरियादियों एवं आम नागरिकों के साथ संवेदनशील व्यवहार किया जाए तथा उनकी समस्याओं का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी आलोक कुमार, प्रशासनिक अधिकारी वीरेंद्र कुमार तिवारी, जिला आपदा विशेषज्ञ राजेश श्रीवास्तव सहित अन्य संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारीगण उपस्थित रहे।1
- पुलिस पर महिलाओं के साथ छेड़छाड़ करने और उनके प्रति अभद्र भाषाओं का प्रयोग करने का आरोप है।3
- तमिलनाडु के कोयंबटूर में एक 10 वर्षीय बच्ची के हत्याकांड से जुड़े एक मामले में पुलिस अधिकारियों का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो रहा है। यह वीडियो एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान का है, जिसमें कुछ पुलिस अधिकारी हंसते हुए दिखाई दे रहे हैं। इस घटना को लेकर पुलिस की कड़ी आलोचना की जा रही है, क्योंकि यह वीडियो एक गंभीर मामले की जानकारी देते समय उनकी असंवेदनशीलता को दर्शाता है।1
- मंगलवार को टिकैतनगर में शहीद व्यापारी नेता हरिश्चंद्र अग्रवाल की स्मृति दिवस पर व्यापारी संगठनों द्वारा एक श्रद्धांजलि कार्यक्रम का आयोजन किया गया। हरिश्चंद्र अग्रवाल 26 मई 1979 को व्यापारी एकता संगठन के आंदोलन के दौरान गोली लगने से शहीद हो गए थे। इस अवसर पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र टिकैतनगर और जेडी हॉस्पिटल में मरीजों, तीमारदारों तथा कामगारों को फल वितरित कर शहीद व्यापारी नेता को याद किया गया। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित व्यापारियों एवं सामाजिक लोगों ने हरिश्चंद्र अग्रवाल के संघर्ष को याद किया, जिन्होंने व्यापारी हितों और संगठन की मजबूती के लिए कार्य किया था। उन्होंने कहा कि हरिश्चंद्र अग्रवाल का बलिदान आज भी व्यापारियों को एकजुट होकर समाज हित में काम करने की प्रेरणा देता है। उपस्थित सभी लोगों ने उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी और दो मिनट का मौन रखकर उन्हें नमन किया। इसके बाद, व्यापार मंडल के पदाधिकारियों और स्थानीय व्यापारियों ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र टिकैतनगर पहुंचकर भर्ती मरीजों को फल वितरित किए। वहीं जेडी हॉस्पिटल में भी मरीजों एवं कामगारों के बीच फल बांटे गए, जिसकी मरीजों और उनके परिजनों ने सराहना की। इस अवसर पर व्यापार मंडल के जिला महामंत्री फक्कड़ शर्मा, विधानसभा प्रभारी बृज किशोर सोनी, पूर्व चेयरमैन प्रत्याशी मुन्ना रानई, नगर मंत्री सोनू शर्मा, नगर मंत्री अक्षय मिश्रा, डॉ. सियाराम कौशल, राकेश कौशल, पूर्व लेखपाल अवधेश सिंह, सिराज अहमद, रमजान अहमद, पूर्व सपा नेता याकूब, पूर्व सपा नेता मनु नेता सहित बड़ी संख्या में व्यापारी और गणमान्य लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम के अंत में, उपस्थित सभी व्यापारियों ने हरिश्चंद्र अग्रवाल के बताए मार्ग पर चलने और व्यापारी समाज की एकता बनाए रखने का संकल्प लिया।4
- बहराइच जिले के ग्राम प्रधानों का कार्यकाल बढ़ाए जाने के सरकार के फैसले से क्षेत्र के ग्राम प्रधान बेहद खुश और उत्साहित हैं। इस फैसले का स्वागत करते हुए प्रधानों ने बहराइच में एक बैठक आयोजित की और सर्वसम्मति से योगी सरकार को धन्यवाद दिया। सभी प्रधानों ने सरकार के इस कदम की सराहना की और इसे पंचायत व्यवस्था के लिए एक बेहतर निर्णय बताया। कार्यकाल बढ़ाए जाने की घोषणा से उत्साहित ग्राम प्रधानों ने यह भी कहा कि वे 2027 के विधानसभा चुनाव में सरकार को 'रिटर्न गिफ्ट' देंगे। प्रधानों का मानना है कि सरकार ने उनके हित में एक बड़ा फैसला लिया है, जिससे उन्हें विकास कार्यों को पूरा करने के लिए पर्याप्त समय मिल सकेगा। उन्होंने आश्वस्त किया कि वे सरकार के इस फैसले से प्रसन्न हैं और भविष्य में भी सरकार के साथ मजबूती से खड़े रहेंगे।2
- अयोध्या के हैरिंगटनगंज क्षेत्र में ज्येष्ठ मास के चतुर्थ 'बड़े मंगलवार' के पावन अवसर पर, मंगलवार को बजरंग बली की भक्ति का माहौल छा गया। पलिया चौराहा स्थित पुलिस चौकी के बगल में एक ऐतिहासिक और विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसका शुभारंभ श्रद्धा, उत्साह और धार्मिक उल्लास के साथ हुआ। हैरिंगटनगंज चौकी प्रभारी राणा दिग्विजय सिंह ने अपने समस्त स्टाफ के साथ विधि-विधान से हनुमान जी का पूजन-अर्चन और भव्य आरती कर कार्यक्रम की शुरुआत की। इसके बाद कन्याओं को छोला-पूड़ी का प्रसाद वितरित कर भंडारे का विधिवत शुभारंभ किया गया, जिससे वैदिक मंत्रोच्चार और 'जय श्रीराम' व 'जय बजरंग बली' के गगनभेदी जयकारों से पूरा क्षेत्र भक्तिमय हो उठा। भंडारा प्रारंभ होते ही राहगीरों, स्थानीय दुकानदारों और दूर-दराज के गांवों से आए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। सभी श्रद्धालु कतारबद्ध होकर शालीनता एवं अनुशासन के साथ छोला-पूड़ी का महाप्रसाद ग्रहण करते दिखाई दिए। आयोजन समिति के पदाधिकारियों ने जानकारी दी कि यह महाप्रसाद वितरण देर रात तक लगातार जारी रहेगा। इस धार्मिक एवं सामाजिक आयोजन की व्यवस्था को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए स्थानीय युवाओं और प्रबुद्धजनों की टीम पूरी मुस्तैदी से जुटी रही। पलिया लोहानी के ग्राम प्रधान अभिषेक भद्र सिंह ‘भोला’ इस कार्यक्रम की अगुवाई कर रहे हैं, जिनके साथ दुर्गा अग्रहरि, विरेन्द्र अग्रहरि ‘लाला’, अर्जुन अग्रहरि, प्रिंस कसौंधन, कमलेश, रोहित गुप्ता, हिमांशू कसौंधन, प्रदीप, टिंकू कसौंधन और अजीत सहित पूरी टीम श्रद्धालुओं की सेवा और व्यवस्था में लगी हुई है। भीड़ को देखते हुए पलिया चौराहे पर स्थानीय पुलिस प्रशासन द्वारा सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम भी किए गए हैं, जिससे आस्था और सेवा का यह संगम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो रहा है।4
- गोंडा जिले में थाना गेट के ठीक सामने दो पक्षों के बीच जमकर मारपीट हुई। यह घटना आपसी रंजिश के कारण हुई, जहाँ दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर हमला किया।1
- गोंडा में गैस सिलेंडर के लिए भीषण हाहाकार मचा हुआ है, जहाँ गैस की किल्लत से लोग बेहाल हैं। मंगलम गैस एजेंसी पर सिलेंडर पाने के लिए ग्राहकों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी है, जिससे लंबी कतारें लगी हुई हैं। जनता गैस न मिलने और स्टाफ के असहयोग से परेशान है, यहाँ तक कि एजेंसी के कर्मचारी भी यह कहते हुए सुने गए हैं कि 'हमसे ना हो पाएगा'। इस स्थिति के कारण एजेंसी पर जनता को धक्के खाने पड़ रहे हैं और उनका गुस्सा बढ़ता जा रहा है।3
- अयोध्या के रानो पाली चौकी क्षेत्र में, दीवानी स्टेट यानी न्यायालय के आदेश के बाद भी, प्रार्थी की जमीन पर जबरन कब्जा कर लिया गया। जब प्रार्थी के परिवार के सदस्यों ने इस कब्जे का विरोध किया, तो उनके परिवार के 10 लोगों को बंद कर दिया गया।3