भोजपुर जिले के पीरो में इन दिनों एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने पूरे इलाके में चर्चाओं का बाजार गर्म कर दिया है। बुधवार की रात सामने आए इस वीडियो में एक युवक हाथ में हथियार लहराते हुए नर्तकियों के साथ डांस करता दिख रहा है। बताया जा रहा है कि वीडियो में बैकग्राउंड में जाति सूचक गानों पर माहौल बनाने की कोशिश की जा रही है, जिससे यह मामला और भी ज्यादा संवेदनशील हो गया है। वीडियो के सामने आने के बाद स्थानीय लोगों के बीच तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। लोग इसे कानून-व्यवस्था के लिए एक गंभीर चुनौती मान रहे हैं, वहीं कुछ अन्य इसे सिर्फ दिखावा और सोशल मीडिया पर लोकप्रियता हासिल करने का तरीका बता रहे हैं। गौरतलब है कि हाल के दिनों में इस तरह के वीडियो बनाकर वायरल करना एक चलन बनता जा रहा है, जिससे समाज में गलत संदेश जा रहा है। जानकारी के अनुसार, यह वायरल वीडियो बारनाव गांव के एक युवक का बताया जा रहा है, जो हथियार के साथ नर्तकियों के बीच डांस कर अपना दबदबा दिखाने की कोशिश कर रहा है। हालांकि, इस वायरल वीडियो की अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, और स्थानीय पब्लिक एप भी इसकी पुष्टि नहीं करता है। इसके बावजूद, वीडियो के सामने आने के बाद से पीरो इलाके में इसे लेकर बहस और चर्चाएं तेज हो गई हैं। अब देखना होगा कि प्रशासन इस पूरे मामले को कितनी गंभीरता से लेता है और ऐसे कृत्यों पर क्या उचित कार्रवाई करता है।
भोजपुर जिले के पीरो में इन दिनों एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने पूरे इलाके में चर्चाओं का बाजार गर्म कर दिया है। बुधवार की रात सामने आए इस वीडियो में एक युवक हाथ में हथियार लहराते हुए नर्तकियों के साथ डांस करता दिख रहा है। बताया जा रहा है कि वीडियो में बैकग्राउंड में जाति सूचक गानों पर माहौल बनाने की कोशिश की जा रही है, जिससे यह मामला और भी ज्यादा संवेदनशील हो गया है। वीडियो के सामने आने के बाद स्थानीय लोगों के बीच तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। लोग इसे कानून-व्यवस्था के लिए एक गंभीर चुनौती मान रहे हैं, वहीं कुछ अन्य इसे सिर्फ दिखावा और सोशल मीडिया पर लोकप्रियता हासिल करने का तरीका बता रहे हैं। गौरतलब है कि हाल के दिनों में इस तरह के वीडियो बनाकर वायरल करना एक चलन बनता जा रहा है, जिससे समाज में गलत संदेश जा रहा है। जानकारी के अनुसार, यह वायरल वीडियो बारनाव गांव के एक युवक का बताया जा रहा है, जो हथियार के साथ नर्तकियों के बीच डांस कर अपना दबदबा दिखाने की कोशिश कर रहा है। हालांकि, इस वायरल वीडियो की अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, और स्थानीय पब्लिक एप भी इसकी पुष्टि नहीं करता है। इसके बावजूद, वीडियो के सामने आने के बाद से पीरो इलाके में इसे लेकर बहस और चर्चाएं तेज हो गई हैं। अब देखना होगा कि प्रशासन इस पूरे मामले को कितनी गंभीरता से लेता है और ऐसे कृत्यों पर क्या उचित कार्रवाई करता है।
- चरपोखरी प्रखंड मुख्यालय स्थित पंचायती राज भवन में लगभग एक साल बाद आयोजित पंचायत समिति की सामान्य बैठक पूरी तरह से हंगामेदार रही, जहाँ जनप्रतिनिधियों का गुस्सा फूट पड़ा। इस बैठक के दौरान स्वास्थ्य, बिजली, मनरेगा सहित कई विभागों की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए गए। बैठक में पिछली बैठक की पुष्टि, मनरेगा की समीक्षा, स्वास्थ्य, शिक्षा, पीएचईडी और जन वितरण प्रणाली जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होनी थी, लेकिन यह जल्द ही आरोप-प्रत्यारोप और तीखे सवालों में बदल गई। जनप्रतिनिधियों ने अधिकारियों से सीधा जवाब मांगा और कई मामलों में घोर लापरवाही का आरोप लगाया। पूर्व प्रमुख ललन प्रसाद सिंह ने स्वास्थ्य विभाग पर बड़ा हमला करते हुए कहा कि व्यवस्था पूरी तरह चरमरा चुकी है और मरीजों को समुचित इलाज नहीं मिल पा रहा है। वहीं, पूर्व उप प्रमुख पप्पू कुमार शाह ने बिजली विभाग के कनीय अभियंता पर नाराजगी जताते हुए बलिहारी और मनैनी गाँव में जर्जर तार बदलने की माँग की; उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि अभियंता फोन तक नहीं उठाते, जिससे आम लोगों को भारी परेशानी हो रही है। मुखिया लाल मुक्ति पासवान ने बैठक में यह गंभीर आरोप लगाया कि जानबूझकर एक साल तक पंचायत समिति की बैठक नहीं कराई गई, ताकि विकास कार्यों को रोका जा सके और चुपके से फंड की निकासी की जा सके। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग पर सीधा हमला बोलते हुए यह भी कहा कि प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी के स्तर पर अवैध वसूली हो रही है और ड्यूटी में भारी लापरवाही बरती जा रही है, यहाँ तक कि इमरजेंसी में आने वाले मरीजों का इलाज चतुर्थ वर्गीय कर्मचारियों से कराया जा रहा है, जिसे उन्होंने बेहद गंभीर मामला बताया। बैठक में उठे इन गंभीर मुद्दों ने स्पष्ट कर दिया है कि चरपोखरी में कई विभागों की कार्यप्रणाली सवालों के घेरे में है और यदि जल्द सुधार नहीं हुआ, तो यह मामला आने वाले दिनों में और तूल पकड़ सकता है, जिससे यह भी संकेत मिलता है कि चरपोखरी में 'सिस्टम फेल' हो चुका है। इस हंगामेदार बैठक के दौरान प्रखंड विकास पदाधिकारी मोनिका कुमारी, प्रखंड प्रमुख रामचंद्र सिंह यादव, उप प्रमुख दीपक चौधरी, अभिषेक यादव, रीना देवी, मुखिया पप्पू कुमार साह, प्रवीण कुमार राजू, पूजा देवी, दशरथ यादव सहित कई जनप्रतिनिधि और विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।1
- भोजपुर जिले के जगदीशपुर में एक पिता-पुत्री की जोड़ी ने मेडल जीतकर अपने क्षेत्र का नाम रोशन किया है। इस उपलब्धि के बाद पूरे जगदीशपुर में खुशी का माहौल है।1
- Post by CHANDAN KUMAR1
- बिहार राज्य में शराबबंदी लागू होने के बाद, यह एक महत्वपूर्ण प्रश्न है कि क्या इससे वास्तव में महिलाओं का सशक्तिकरण हो रहा है।1
- आधुनिक तकनीक और वैज्ञानिक फिजियोथेरेपी के माध्यम से मरीजों को चरणबद्ध उपचार प्रदान किया जा रहा है, जिसके परिणामस्वरूप उन्हें बेहतर और स्थाई इलाज मिल रहा है। 'डॉ दिव्य प्रकाश थेरेपी' इस बात पर विशेष ध्यान केंद्रित करती है कि उपचार केवल दर्द कम करने तक सीमित न रहे, बल्कि मरीजों की पूरी रिकवरी पर भी केंद्रित हो। इस पद्धति के तहत, आधुनिक फिजियोथेरेपी का उपयोग करके दर्द में राहत के साथ-साथ सही रिकवरी भी संभव हो पाती है। यह थेरेपी हर मरीज के लिए एक अलग योजना और चरणबद्ध इलाज पर आधारित एक विशिष्ट पद्धति का पालन करती है।1
- भोजपुर के हसन बाजार थाना की पुलिस ने शादी की नीयत से घर से भागे एक प्रेमी युगल को बरामद कर लिया है। लड़की के परिजनों ने 22 फरवरी को हसन बाजार थाना कांड संख्या 18/26 के तहत शादी की नीयत से अपहरण का मामला दर्ज कराया था। इसके बाद से ही पुलिस दोनों की तलाश में जुटी हुई थी। इसी क्रम में, गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने प्रेमी युगल को दूसरे राज्य से बरामद किया। इस संबंध में बुधवार की शाम करीब 6:00 बजे एक प्रेस रिलीज जारी कर यह जानकारी दी गई। पुलिस द्वारा मामले में आगे की विधि-सम्मत कार्रवाई की जा रही है।1
- भाकपा-माले के राष्ट्रीय महासचिव दीपंकर भट्टाचार्य ने बुधवार को भोजपुर जिले के शाहपुर प्रखंड के बिलौटी गांव में भरत तिवारी के परिजनों से मुलाकात की और फिर आरा स्थित पार्टी कार्यालय में एक प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए राज्य और केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार न्यायिक प्रक्रिया को दरकिनार कर एनकाउंटर, बुलडोजर कार्रवाई और दमनात्मक नीतियों को शासन का मॉडल बना रही है, जिसे उन्होंने लोकतंत्र के लिए गंभीर खतरा बताया। भट्टाचार्य ने कहा कि उनकी पार्टी विधानसभा से लेकर सड़क तक इस नीति का लोकतांत्रिक तरीके से विरोध करेगी। भरत तिवारी के मामले में उन्होंने बताया कि उनकी बहन ने दोषियों को बचाने और जांच को प्रभावित करने के प्रयास का आरोप लगाया है। महासचिव ने मांग की कि प्रभावशाली लोगों की भूमिका की निष्पक्ष जांच कराई जाए और जांच पूरी होने तक संबंधित अधिकारियों व जिम्मेदार लोगों को तत्काल निलंबित किया जाए। उन्होंने जोर दिया कि किसी भी अपराध या घटना को जातीय दृष्टिकोण से नहीं देखना चाहिए और भरत तिवारी, राजगीर के दलित युवक या किसी अन्य समुदाय के पीड़ित—सभी को समान न्याय मिलना चाहिए। उन्होंने मॉब लिंचिंग और मंदिर में प्रवेश को लेकर हुई हिंसक घटनाओं को सभ्य समाज के लिए चिंताजनक बताया। भट्टाचार्य ने सरकार को महंगाई, बेरोजगारी, मनरेगा, नए श्रम कानूनों और लगातार सामने आ रहे पेपर लीक मामलों पर भी घेरा। उन्होंने कहा कि देश का युवा रोजगार और बेहतर शिक्षा चाहता है, लेकिन उसे बेरोजगारी और परीक्षा घोटालों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने शिक्षा और रोजगार के मुद्दे पर आंदोलन कर रहे छात्र संगठनों का समर्थन करते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफे की मांग की। इसके अलावा, उन्होंने राम मंदिर निर्माण के नाम पर कथित चंदा और भूमि घोटालों के आरोपों की निष्पक्ष जांच कराने की भी मांग की, जिसमें पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की बात कही गई। भाकपा-माले महासचिव ने घोषणा की कि आने वाले दिनों में उनकी पार्टी "दाम बांधो, काम दो", "बुलडोजर राज खत्म करो", "कानून का राज स्थापित करो" और "लोकतंत्र बचाओ" जैसे मुद्दों को लेकर व्यापक जनआंदोलन चलाएगी। उन्होंने बिहार की जनता से 4 जुलाई को मॉब लिंचिंग, कथित फर्जी मुठभेड़ों, बुलडोजर कार्रवाई, पुलिस दमन, बेरोजगारी और महंगाई के विरोध में आयोजित राज्यव्यापी विरोध दिवस में बड़ी संख्या में भाग लेने की अपील भी की।2