गाज़ीपुर-बिहार जोड़ने वाला NH-31 बना हादसों का स्पॉट: आलमपट्टी में जलजमाव से गायब हुई सड़क, गाज़ीपुर-बिहार जोड़ने वाला NH-31 बना हादसों का स्पॉट: आलमपट्टी में जलजमाव से गायब हुई सड़क, एम्बुलेंस से लेकर अफसर तक बेबसगाज़ीपुर जिला मुख्यालय से होते हुए मोहम्मदावाद, बलिया जिला और उसके पड़ोसी बिहार राज्य के बक्सर को जोड़ने वाला नेशनल हाईवे-31 आज प्रशासनिक अनदेखी का शिकार होकर जानलेवा बन चुका है! गाज़ीपुर के आलमपट्टी के पास पिछले कई सालों से हो रहा भारी जलजमाव होता आ रहा है जो अब हादसों को न्योता दे रहा है, जहाँ सड़क पर पानी इतना भरा है कि गड्ढों का पता ही नहीं चलता और स्थानीय लोग तंज कस रहे हैं कि *"यहाँ अब गाड़ियों की जगह धान की रोपाई कर देनी चाहिए!"* ताज्जुब की बात यह है कि इसी VVIP रूट से रोज़ाना स्कूली बच्चे, एम्बुलेंस, ज़िले के आला अफ़सर और मंत्रियों का काफ़िला गुज़रता है, लेकिन किसी को भी फिसलकर गिरते बाइक सवार बच्चे और मरीज़ दिखाई नहीं देते। जल निकासी की कोई समुचित व्यवस्था न होने से आक्रोशित स्थानीय लोगों ने शासन-प्रशासन से मांग की है कि किसी बड़े हादसे का इंतज़ार किए बिना इस सड़क की तुरंत मरम्मत कराई जाए और जलजमाव की समस्या का स्थायी समाधान निकाला जाए जी की बड़ा प्रश्न चिन्ह है
गाज़ीपुर-बिहार जोड़ने वाला NH-31 बना हादसों का स्पॉट: आलमपट्टी में जलजमाव से गायब हुई सड़क, गाज़ीपुर-बिहार जोड़ने वाला NH-31 बना हादसों का स्पॉट: आलमपट्टी में जलजमाव से गायब हुई सड़क, एम्बुलेंस से लेकर अफसर तक बेबसगाज़ीपुर जिला मुख्यालय से होते हुए मोहम्मदावाद, बलिया जिला और उसके पड़ोसी बिहार राज्य के बक्सर को
जोड़ने वाला नेशनल हाईवे-31 आज प्रशासनिक अनदेखी का शिकार होकर जानलेवा बन चुका है! गाज़ीपुर के आलमपट्टी के पास पिछले कई सालों से हो रहा भारी जलजमाव होता आ रहा है जो अब हादसों को न्योता दे रहा है, जहाँ सड़क पर पानी इतना भरा है कि गड्ढों का पता ही नहीं चलता
और स्थानीय लोग तंज कस रहे हैं कि *"यहाँ अब गाड़ियों की जगह धान की रोपाई कर देनी चाहिए!"* ताज्जुब की बात यह है कि इसी VVIP रूट से रोज़ाना स्कूली बच्चे, एम्बुलेंस, ज़िले के आला अफ़सर और मंत्रियों का काफ़िला गुज़रता है, लेकिन किसी को भी फिसलकर गिरते बाइक सवार बच्चे और
मरीज़ दिखाई नहीं देते। जल निकासी की कोई समुचित व्यवस्था न होने से आक्रोशित स्थानीय लोगों ने शासन-प्रशासन से मांग की है कि किसी बड़े हादसे का इंतज़ार किए बिना इस सड़क की तुरंत मरम्मत कराई जाए और जलजमाव की समस्या का स्थायी समाधान निकाला जाए जी की बड़ा प्रश्न चिन्ह है
- गाजीपुर जिला कारागार में शनिवार को बंदियों के लिए योग शिविर आयोजित किया गया। गाजीपुर जिला कारागार में शनिवार को बंदियों के लिए योग शिविर आयोजित किया गया। जेल अधीक्षक जगदम्बा प्रसाद दुबे के निर्देश पर आयोजित शिविर में 10 महिला और 95 पुरुष समेत कुल 105 बंदियों ने प्रतिभाग किया। शिविर की शुरुआत ओम और गायत्री मंत्र के उच्चारण के साथ हुई। इसके बाद एरोबिक्स म्यूजिक और एक्सरसाइज के जरिए बंदियों को योगाभ्यास कराया गया। राजकीय होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज, रौजा की योग विशेषज्ञ प्रतिक्षा पाण्डेय, राजकीय होम्योपैथिक चिकित्सालय, महाहर के योग प्रशिक्षक धीरज राय और सैय्यद सलमान हैदर ने संयुक्त रूप से शिविर का संचालन किया। बंदियों को हाथ-पैर और गर्दन की सूक्ष्म क्रियाओं के साथ सूर्य नमस्कार, भस्त्रिका, कपालभाति, अनुलोम-विलोम, भ्रामरी और भुजंगासन का अभ्यास कराया गया। जेलर शेषनाथ यादव ने योग के महत्व और जीवन में इसकी उपयोगिता बताते हुए बंदियों को नियमित योगाभ्यास के लिए प्रेरित किया। इस दौरान जेल के अधिकारी, कर्मचारी और अन्य स्टाफ भी मौजूद रहे।1
- नगर पालिका अध्यक्ष जयप्रकाश धरने पर बैठे: फर्जी मुकदमे और एमएलसी चंचल सिंह पर लगाए गंभीर आरोप जमानिया। नगर पालिका अध्यक्ष जयप्रकाश पर एमएलसी चंचल सिंह के प्रतिनिधि द्वारा एमएलसी के लेटर पैड का इस्तेमाल कर लगभग 408 लाख रुपये का प्रस्ताव बनाने का आरोप लगाते हुए कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया गया है। इस कार्रवाई के विरोध में शनिवार को नगर पालिका अध्यक्ष जयप्रकाश रामलीला मैदान में अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए हैं। धरने के दौरान अध्यक्ष जयप्रकाश ने मीडिया से बातचीत करते हुए अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को बेबुनियाद बताया। उन्होंने स्पष्ट किया, "मुझे एमएलसी के लेटर पैड या उनके प्रस्ताव की कोई आवश्यकता ही नहीं थी। शासन द्वारा पहले से ही पंडित दीनदयाल उपाध्याय योजना के तहत 3 करोड़ 70 लाख रुपये स्वीकृत थे। हालांकि, इसे भी मैंने इसलिए स्वीकार नहीं किया क्योंकि यह लोन की तरह नगर पालिका पर एक अतिरिक्त वित्तीय भार डालता। जब शासन से पहले ही राशि मंजूर थी, तो मैं किसी के लेटर पैड का इस्तेमाल क्यों करूंगा?"जयप्रकाश ने कहा कि उन पर फर्जी मुकदमे दर्ज कराकर दबाव बनाने की राजनीति की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि एक वैश्य (बनिया) समाज के व्यक्ति की बढ़ती लोकप्रियता और जनहित के अच्छे कामों से भयभीत होकर कुछ लोग अपनी सामंतवादी विचारधारा थोपने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने एमएलसी पर निशाना साधते हुए कहा कि वे जनता द्वारा सीधे चुने गए प्रतिनिधि नहीं हैं और जबरन अपनी ताकत दिखाकर उनकी छवि धूमिल करने की कोशिश कर रहे हैं। यदि सीधा जनता का चुनाव हो, तो स्थिति खुद-ब-खुद साफ हो जाएगी।नगर पालिका अध्यक्ष ने घोषणा की कि वे तब तक धरने पर डटे रहेंगे जब तक कि यह फर्जी मुकदमा वापस नहीं लिया जाता और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ स्वयं इस मामले का संज्ञान लेकर कोई निर्णय नहीं लेते।उन्होंने अंत में कहा कि वे भारतीय जनता पार्टी की नीतियों के तहत जनता के बीच बहुत बेहतर कार्य कर रहे हैं, जिससे जनता का उन्हें पूरा समर्थन हासिल है। पार्टी और मुख्यमंत्री जी के संज्ञान में सब कुछ है, और आगे संगठन ही तय करेगा कि कौन सही है और कौन गलत।1
- रोड कि समस्या के लिए डर डर भटकते लोग, कोई सुनने वाला नहीं हैं! ग्राम सभा सूरवत ब्लॉक कासिमाबाद, कि रोड कि समस्या से वहा के लोग कई सालो से परेशान हैं! जिसकी समस्या हर्बक अस्तर पर किया जा चुका हैं परन्तु ब्लाक, अस्तर से कोई कार्रवाई नहीं किया जाता है सेक्रेटरी लेखपाल वीडियो एसडीएम दम तथा आइजीआर हर जगह 5 साल से वहां के लोग प्रार्थना पत्र दे रहे हैं लेकिन ग्राम सभा सुरवत के वर्तमान प्रधान का कहना है कि मुझे सुरवत के उत्तर टोला हरिजन बस्ती में कोई विकास का कार्य नहीं करना है चाहे जो भी जहां भी शिकायत कर लो जितना भी जोर लगा लो! सुरवत के उत्तर टोला के लोगों - बच्चों को स्कूल जाने में समस्या रोजगार पर जाने वालों की समस्या अपने दैनिक कार्यों के लिए बाहर निकालने की समस्या बीमारी की इलाज के लिए जाने के लिए समस्या हो जाती है अपने घरों से में रोड तक नहीं आ पाते हैं जो एक पुराना रोड था 15 साल पहले बना था वर्तमान में टूट गया है जिसकी रिपेयर की मांग 5 साल से कह रहे हैं लेकिन ग्राम प्रधान के कहने से अधिकारी भी सेक्रेटरी हर बार नए-नए बहाने लगाकर के रिपोर्ट लगा देते हैं! उधर पानी निकासी की व्यवस्था भी नहीं है लोगों को घरों का पानी घरों के आगे जमा होता है जिसमें एक-एक साल का बच्चा गिर के डूब के मर गया फिर भी प्रधान के अंदर दया नहीं है कि रोड की व्यवस्था कर सके ना ही किसी सिक्योरिटी वीडियो को परवाह है की समस्या को दूर कराया जाए हर बार हम लोग हफ्ते 10- 15 दिन पर ब्लॉक के चक्कर काटते रहते हैं अधिकारी को फोन करते रहते हैं लेकिन टालमटोल जवाब मिलता है!1
- स्व. कल्पनाथ राय ने ए.के. शर्मा के रूप में लिया पुनर्जन्म” — सिद्धार्थ राय मऊ। घोसी थाना क्षेत्र अंतर्गत सारीसाथी में स्थित सौर ऊर्जा पार्क के उद्घाटन एवं शिलान्यास समारोह में भारी जनसैलाब उमड़ पड़ा। कार्यक्रम के दौरान स्वर्गीय कल्पनाथ राय के बेटे सिद्धार्थ राय ने मंच से अपने पिता के विकास कार्यों को याद करते हुए ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा की जमकर सराहना की। सिद्धार्थ राय ने कहा कि “कोई किसी को यूं ही नहीं मानता। ए.के. शर्मा में भी स्वर्गीय कल्पनाथ राय की तरह विकास कार्य कराने की क्षमता है। ऐसा लगता है कि स्वर्गीय कल्पनाथ राय ने ए.के. शर्मा के रूप में पुनर्जन्म लिया है।” उन्होंने कहा कि जिस तरह उनके पिता ने क्षेत्र के विकास के लिए बड़े-बड़े कार्य कराए और मऊ को विकास की नई पहचान दिलाई, उसी दिशा में ए.के. शर्मा भी लगातार काम कर रहे हैं। उन्होंने ऊर्जा मंत्री के विकास कार्यों की जमकर वाहवाही की। कार्यक्रम में मौजूद लोगों की भारी भीड़ के बीच सिद्धार्थ राय का यह बयान चर्चा का विषय बना रहा। 5 मेगावाट क्षमता के सौर ऊर्जा पार्क के उद्घाटन एवं शिलान्यास समारोह को लेकर क्षेत्र में खासा उत्साह देखने को मिला।1
- भ्रष्टाचारः आपरेशन के लिए चिकित्सक ने विधवा से मांगे 30 हजार मामला संज्ञान में आने के बाद मनोज सिंह डब्लू ने विधवा को निजी अस्पताल में कराया भर्ती चंदौली। जनपद में चिकित्सा सेवाओं में बड़े पैमाने भ्रष्टाचार व्याप्त है। इसकी पोल उस वक्त खुली जब एक गरीब विधवा के परिजनों ने सैयदराजा के पूर्व विधायक मनोज सिंह डब्लू को फोन कर मेडिकल कालेज चंदौली में आपरेशन के नाम पर 30 हजार रुपये अवैध धन मांगने की शिकायत की। मामला संज्ञान में आता तो सपा नेता ने इसकी शिकायत सीधे मेडिकल कालेज के प्रधानाचार्य अमित सिंह व सीएमओ से की। बावजूद इसके महिला का आपरेशन नहीं हुआ। इसके बाद उन्होंने जिलाधिकारी से भी फरियाद की, लेकिन मामला सिफर रहा है। मनोज सिंह डब्लू ने आरोप लगाया कि बाबा कीनाराम मेडिकल कालेज में भ्रष्टाचार की जड़े इतनी गहरी हो गयी है कि डीएम का फरमान भी बेअसर साबित हो रहा है। ऐसे में उन्होंने पीड़िता विधवा को बेहतर उपचार के लिए निजी अस्पताल में भर्ती कराया और हरसंभव मदद का भी भरोसा दिया। साथ ही मेडिल कालेज में व्याप्त भ्रष्टाचार के खिलाफ सोमवार को धरने के माध्यम से बिगुल फूंकने का भी आह्वान किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि मेडिकल कालेज की स्थापना के लिए बड़ा प्रयास किया गया है। चंदौली में मेडिकल कालेज की स्थापना के बाद भी लोगों को यहां बेहतर चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। पूरा का पूरा कालेज भ्रष्टाचार का अड्डा बन गया है। गरीब व जरूरतमंदों ने धन उगाही की जा रही है। यहां तैनात चिकित्सकों ने अस्पताल को अवैध वसूली का अड्डा बना लिया और धन वसूली के लिए प्र्राइवेट लोगों को भी अस्पताल में तैनात कर रखा है। आए दिन भ्रष्टाचार के चौकाने वाले मामले मेडिकल कालेज से सामने आ रहे हैं। बताया कि धानापुर की मेढ़वा निवासी विधवा किताबी देवी का पैर के आपरेशन के लिए 10 दिन पूर्व भर्ती हुई थी। चिकित्सक आपरेशन के लिए उन्हें ओटी में ले गए और वहां जाकर उनसे 30 हजार रुपये की डिमांड की गई। परिजनों ने आरोप लगाया कि चिकित्सक पंकज मौर्या ने पैसे नहीं देने पर विधवा को आपरेशन कक्ष से बाहर निकाल दिया। उनके पैर में कच्चा प्लास्टर लगाकर कई दिनों तक अस्पताल में रखा गया। मामला जब प्रधानाचार्य व सीएमओ के संज्ञान में आया तो उक्त चिकित्सक द्वारा रखे गए आउट साइडर मनोज नामक व्यक्ति ने महिला के परिजनों से पहले 13 हजार और फिर बाद 10 हजार रुपये की डिमांड की गई। ऐसे में लाचार व विवश होकर महिला के परिजनों ने गुहार लगाई, जिस पर शनिवार को मनोज सिंह डब्लू मेडिकल कालेज पहुंचे और प्रकरण से डीएम को अवगत कराया। इसके बाद भी दुस्साहसिक चिकित्सक द्वारा सीधे तौर पर आपरेशन करने से साफ इन्कार कर दिया। पूर्व विधायक मनोज सिंह डब्लू ने कहा कि पूरा मेडिकल कालेज भ्रष्टाचार का अड्डा बन गया है। यहां मरीजों को बाहर से दवाएं लिखी जा रही है और आपरेशन के नाम पर चिकित्सक खुलेआम धनउगाही कर रहे हैं। यह सबकुछ जिम्मेदार अफसरों के नाक के नीचे हो रहा है। ऐसा इसलिए क्योंकि भ्रष्टाचार में सबकी कुछ न कुछ भागीदारी है जिसके खिलाफ सोमवार से जन आंदोलन शुरू किया जाएगा। चिकित्सा सेवाओं में भ्रष्टाचार व गरीबों का आर्थिक व मानसिक उत्पीड़न बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।1
- सकलडीहा रैपुरा गांव कम्पोजिट विद्यालय छात्र द्वारा बच्चों को फोन करके बुलाया जाते प्रधानाचार्य डॉ देवेंद्र प्रताप सिंह1
- गाज़ीपुर-बिहार जोड़ने वाला NH-31 बना हादसों का स्पॉट: आलमपट्टी में जलजमाव से गायब हुई सड़क, गाज़ीपुर-बिहार जोड़ने वाला NH-31 बना हादसों का स्पॉट: आलमपट्टी में जलजमाव से गायब हुई सड़क, एम्बुलेंस से लेकर अफसर तक बेबसगाज़ीपुर जिला मुख्यालय से होते हुए मोहम्मदावाद, बलिया जिला और उसके पड़ोसी बिहार राज्य के बक्सर को जोड़ने वाला नेशनल हाईवे-31 आज प्रशासनिक अनदेखी का शिकार होकर जानलेवा बन चुका है! गाज़ीपुर के आलमपट्टी के पास पिछले कई सालों से हो रहा भारी जलजमाव होता आ रहा है जो अब हादसों को न्योता दे रहा है, जहाँ सड़क पर पानी इतना भरा है कि गड्ढों का पता ही नहीं चलता और स्थानीय लोग तंज कस रहे हैं कि *"यहाँ अब गाड़ियों की जगह धान की रोपाई कर देनी चाहिए!"* ताज्जुब की बात यह है कि इसी VVIP रूट से रोज़ाना स्कूली बच्चे, एम्बुलेंस, ज़िले के आला अफ़सर और मंत्रियों का काफ़िला गुज़रता है, लेकिन किसी को भी फिसलकर गिरते बाइक सवार बच्चे और मरीज़ दिखाई नहीं देते। जल निकासी की कोई समुचित व्यवस्था न होने से आक्रोशित स्थानीय लोगों ने शासन-प्रशासन से मांग की है कि किसी बड़े हादसे का इंतज़ार किए बिना इस सड़क की तुरंत मरम्मत कराई जाए और जलजमाव की समस्या का स्थायी समाधान निकाला जाए जी की बड़ा प्रश्न चिन्ह है4
- ye hai nye jindagi ko bnne wale hk dilane insan jo hmesha ldte hai jha per sosan hota hai1