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दौसा जिले में किसानों से जुड़ी एक सड़क की खराब हालत पर चिंता जताई गई है। बताया गया है कि यह सड़क गड्ढों से भरी पड़ी है, जिसके कारण साफ-सफाई की स्थिति बेहद खराब है। लोगों ने सड़क की तत्काल मरम्मत और उचित साफ-सफाई सुनिश्चित करने की मांग की है।
Sunil Kumar bairwa
दौसा जिले में किसानों से जुड़ी एक सड़क की खराब हालत पर चिंता जताई गई है। बताया गया है कि यह सड़क गड्ढों से भरी पड़ी है, जिसके कारण साफ-सफाई की स्थिति बेहद खराब है। लोगों ने सड़क की तत्काल मरम्मत और उचित साफ-सफाई सुनिश्चित करने की मांग की है।
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- दौसा जिले के कुंडल तहसील मुख्यालय क्षेत्र की ग्राम पंचायत कुंडल में राजस्थान ग्रामीण बैंक ने प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना (PMJJBY) के तहत एक मृतक ग्राहक के परिजनों को ₹2 लाख की सहायता राशि का चेक प्रदान किया। बैंक की शाखा प्रबंधक विनीता मीणा ने बताया कि ग्राहक विनोद कुमार जांगिड़ ने सालाना ₹436 अपने बैंक खाते से जमा कराकर यह बीमा करवाया था। विनोद कुमार जांगिड़ का निधन 6 मार्च को हो गया था। इसके बाद, आज बैंक द्वारा मृतक की पत्नी और नामांकित व्यक्ति ललिता देवी को ₹2 लाख का चेक सौंपा गया। इस अवसर पर, बैंक की शाखा प्रबंधक विनीता मीणा ने सभी ग्रामीणों से सरकारी योजनाओं के अंतर्गत बीमा पॉलिसी करवाने की अपील की, ताकि किसी भी अप्रत्याशित घटना की स्थिति में परिवारों को आर्थिक कठिनाई का सामना न करना पड़े। चेक सौंपते समय बैंक मैनेजर विनीता मीणा, बैंक शाखा कैशियर जितेंद्र बहादुर सहित कई अन्य लोग मौके पर मौजूद रहे।2
- दौसा के झाझीरामपुरा में बिजली विभाग के नवनिर्मित ग्रिड सब-स्टेशन (GSS) को लेकर गंभीर आरोप सामने आए हैं, जिसमें दावा किया गया है कि यह सरकारी बजट का दुरुपयोग और ठेकेदार के भ्रष्टाचार का जीता-जागता सबूत है। उद्घाटन से पहले ही इस सरकारी संपत्ति की हालत बेहद खराब है, जिसे जनता के टैक्स के पैसों से बनाया गया है। निरीक्षण में GSS परिसर में सुरक्षा से लेकर तकनीकी बारीकियों तक, हर जगह मानकों की धज्जियां उड़ाई गई हैं। GSS परिसर में सुरक्षा व्यवस्था भगवान भरोसे है, जहाँ मुख्य प्रवेश द्वार की कुंडी गायब है और ऑफिस के लकड़ी के दरवाजों में इतने बड़े गैप हैं कि कोई भी आवारा जानवर या असामाजिक तत्व आसानी से अंदर दाखिल हो सकता है। यार्ड में रोड़ी (गिट्टी) का सही भराव न होने के कारण जलभराव की स्थिति बनी हुई है, और ऑफिस के पीछे व गेट के पास मिट्टी का भराव न होने से जमीन कभी भी धंस सकती है, जिससे एक बड़े हादसे का डर है। तकनीकी लापरवाही का आलम यह है कि यार्ड के फ्यूज इतनी ऊंचाई पर लगाए गए हैं जहाँ सामान्य तौर पर पहुंचना नामुमकिन है, और चार-चार फीडर होने के बावजूद पूरे GSS में केवल एक टूटी-फूटी सीढ़ी है, जो कर्मचारियों की जान जोखिम में डाल रही है। पानी के बोरिंग का पाइप भी जमीन के बिल्कुल बराबर छोड़ा गया है, जिससे बारिश का गंदा पानी सीधे बोरिंग में जाकर पूरे वाटर सोर्स को दूषित करने की कगार पर है। इसके अलावा, पूरे परिसर में सुरक्षा के लिए पर्याप्त हैलोजन या हाई-मास्ट लाइटों की जगह छोटी-छोटी लाइटें लगाई गई हैं, और कमरों में ट्यूबलाइट तक नहीं हैं। ठेकेदार की 'ईमानदारी' का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि परिसर का सेप्टिक टैंक अभी से क्षतिग्रस्त हो चुका है, शौचालय की टाइलें उखड़कर गिरने को तैयार हैं, और फ्लश टैंक की फिटिंग टूटी पड़ी है। यह स्पष्ट रूप से दर्शाता है कि निर्माण में बेहद घटिया दर्जे की सामग्री का इस्तेमाल किया गया है। इस पूरे मामले में बिजली विभाग के उन जिम्मेदार अधिकारियों पर सवाल खड़े हो रहे हैं जिनकी देखरेख में यह निर्माण कार्य हुआ था, और जिन्होंने कथित तौर पर आंखें मूंदकर ठेकेदार को भुगतान की हरी झंडी दी। इस 'भ्रष्टाचार की भेंट' चढ़े GSS के मामले में उच्च अधिकारियों से व्यक्तिगत संज्ञान लेने और दोषी ठेकेदार के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए निर्माण कार्य को दोबारा मानकों के अनुरूप दुरुस्त करवाने की मांग की जा रही है। अब देखना यह होगा कि महकमा इस अंधेरे को दूर करता है या फिर भ्रष्टाचार की इस फाइल को हमेशा के लिए दबा दिया जाता है।2
- राजस्थान से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है, जहां एक संविदा नर्सिंग कर्मचारी दीपक ने कथित तौर पर आत्महत्या कर ली है। इस हृदय विदारक घटना के बाद उनके पूरे परिवार में गहरा शोक पसर गया है। दीपक की पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल है, और परिजनों का दर्द देखकर वहां मौजूद हर किसी की आंखें नम हो गईं। घटना की सूचना मिलते ही कई लोग पीड़ित परिवार को सांत्वना देने पहुंचे, जिनमें हनुमान बेनीवाल भी शामिल थे, जिन्होंने शोक संतप्त परिवार को ढांढस बंधाया। परिवार ने दीपक की मौत के पीछे के कारणों की निष्पक्ष एवं गहन जांच कराने की पुरजोर मांग की है, ताकि सच्चाई सामने आ सके और उन्हें न्याय मिल सके। इस दुखद घटना से पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है। आमजन और विभिन्न सामाजिक संगठनों द्वारा पीड़ित परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की जा रही है और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग लगातार उठ रही है। ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें और शोक संतप्त परिवार को इस असहनीय दुःख को सहन करने की शक्ति दें।1
- राजस्थान सरकार जहां एक ओर आमजन को भूमि के पट्टे जारी करने के लिए शिविर आयोजित कर रही है, वहीं दूसरी ओर ऐसे आरोप भी सामने आ रहे हैं कि पट्टाधारकों की संपत्तियों पर अवैध कब्जे का प्रयास किया जा रहा है। इसी क्रम में, जयपुर के मुरलीपुरा थाना क्षेत्र स्थित प्रताप नगर विस्तार से एक मामला सामने आया है। यहां रहने वाले एक बुजुर्ग दंपत्ति ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। दंपत्ति का आरोप है कि कुछ लोग उनके प्लॉट पर अवैध कब्जा करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि उन्हें इस भूमि का सरकारी पट्टा कई वर्ष पहले मिला था और वे लगभग 30 वर्षों से इसी मकान में रह रहे हैं। इसके बावजूद, कथित तौर पर पुलिस की मिलीभगत से कुछ लोग उनकी जमीन हथियाने का प्रयास कर रहे हैं। पीड़ित दंपत्ति ने प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों से इस मामले में निष्पक्ष जांच कर उचित कार्रवाई करने और उन्हें न्याय दिलाने की मांग की है।1
- राजस्थान के भरतपुर जिले के बयाना में एक बैठक के दौरान निर्दलीय विधायक ऋतु बनावत और नगर पालिका की अधिशाषी अधिकारी (EO) अनीता कुशवाह के बीच तीखी बहस हो गई। यह विवाद इतना बढ़ गया कि बात 'तू-तड़ाक' तक जा पहुँची। दरअसल, विधायक ऋतु बनावत बयाना नगर पालिका में अधिकारियों की बैठक लेने पहुँची थीं, जहाँ उन्होंने EO अनीता कुशवाह से कई प्रश्न पूछे। इसी दौरान, वहाँ बैठे लोगों में से EO के भतीजे ने कुछ कहा, जिस पर विधायक ने उसे बीच में न बोलने और बाहर जाने को कह दिया। इसी बात को लेकर विधायक और EO के बीच बहस शुरू हो गई।1
- ओला कंपनी पर ड्राइवर भाइयों को हवाई अड्डे की पार्किंग में बुलाकर घंटों इंतजार करवाने का आरोप लगा है। कंपनी ड्राइवरों को 4-4 किलोमीटर दूर से एयरपोर्ट पार्किंग में आने का निमंत्रण दे रही है, ताकि वे ग्राहकों के लिए प्रतीक्षा कर सकें। इस प्रक्रिया पर ड्राइवरों ने तीखी आपत्ति जताई है। ड्राइवर इस बात पर सवाल उठा रहे हैं कि उन्हें बिना किसी बुकिंग गारंटी के एयरपोर्ट पार्किंग में क्यों जाना चाहिए, और वहां 1-2 घंटे तक लाइन में खड़े होकर इंतजार क्यों करना पड़े। उनका कहना है कि ड्राइवरों का समय भी कीमती है। यदि बुकिंग की कोई सुनिश्चित व्यवस्था नहीं होती है, तो ग्राहकों के लिए केवल इंतजार करवाने वाली ऐसी बुकिंग ड्राइवरों के लिए एक नुकसान का सौदा साबित होती है। इसी के मद्देनजर, ओला कंपनी से विनम्र निवेदन किया गया है कि ऐसी बुकिंग ड्राइवरों को न भेजी जाए, जिनमें उन्हें लंबा इंतजार करना पड़े और कमाई की कोई गारंटी न हो। यह मांग की गई है कि ड्राइवर के समय, ईंधन और मेहनत – इन तीनों का सम्मान किया जाना चाहिए।1
- जयपुर पुलिस ने शहर में "कच्छा-बनियान गिरोह" की संभावित सक्रियता की आशंका के मद्देनजर एक हाई अलर्ट एडवाइजरी जारी की है। पुलिस ने आमजन से विशेष रूप से सतर्क रहने की अपील करते हुए निर्देश दिया है कि वे रात के समय अपने घरों के दरवाजे और खिड़कियां अच्छी तरह से बंद रखें। पुलिस ने नागरिकों से यह भी आग्रह किया है कि वे अपने आसपास दिखाई देने वाले किसी भी संदिग्ध व्यक्ति पर कड़ी नजर रखें। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस कंट्रोल रूम या नजदीकी थाने को दें और स्वयं किसी भी प्रकार का जोखिम न उठाएं। जयपुर पुलिस का संदेश है कि "सतर्क नागरिक ही सुरक्षित समाज की सबसे बड़ी ताकत हैं" और उन्होंने इस महत्वपूर्ण सूचना को परिवार, मित्रों और पड़ोसियों तक पहुंचाने का भी आग्रह किया है।1
- जयपुर के खोह नागोरियान क्षेत्र में एक अवैध पटाखा फैक्ट्री में हुए दर्दनाक हादसे के बाद पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पीड़ित परिवारों से मिलने पहुंचे। इस दौरान उन्होंने हादसे से प्रभावित परिजनों का दुख-दर्द सुना और उन्हें हर संभव सहयोग का भरोसा दिलाया। अशोक गहलोत ने कहा कि इस त्रासदी ने कई परिवारों को गहरा आघात पहुंचाया है, जिसके चलते सरकार को पीड़ितों के पुनर्वास और आर्थिक सहायता के लिए तत्काल विशेष कदम उठाने चाहिए। उन्होंने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर प्रभावित परिवारों के लिए विशेष राहत पैकेज और समुचित मुआवजे की मांग की है। इसके अतिरिक्त, गहलोत ने हादसे की गंभीरता को देखते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए एक प्रभावी निगरानी व्यवस्था सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया। इस मुलाकात में पीड़ित परिवारों ने भी अपनी समस्याएं और मांगें अशोक गहलोत के सामने रखीं। हादसे के बाद से पूरे इलाके में शोक का माहौल बना हुआ है।1