दौसा जिले के कुंडल तहसील मुख्यालय क्षेत्र की ग्राम पंचायत कुंडल में राजस्थान ग्रामीण बैंक ने प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना (PMJJBY) के तहत एक मृतक ग्राहक के परिजनों को ₹2 लाख की सहायता राशि का चेक प्रदान किया। बैंक की शाखा प्रबंधक विनीता मीणा ने बताया कि ग्राहक विनोद कुमार जांगिड़ ने सालाना ₹436 अपने बैंक खाते से जमा कराकर यह बीमा करवाया था। विनोद कुमार जांगिड़ का निधन 6 मार्च को हो गया था। इसके बाद, आज बैंक द्वारा मृतक की पत्नी और नामांकित व्यक्ति ललिता देवी को ₹2 लाख का चेक सौंपा गया। इस अवसर पर, बैंक की शाखा प्रबंधक विनीता मीणा ने सभी ग्रामीणों से सरकारी योजनाओं के अंतर्गत बीमा पॉलिसी करवाने की अपील की, ताकि किसी भी अप्रत्याशित घटना की स्थिति में परिवारों को आर्थिक कठिनाई का सामना न करना पड़े। चेक सौंपते समय बैंक मैनेजर विनीता मीणा, बैंक शाखा कैशियर जितेंद्र बहादुर सहित कई अन्य लोग मौके पर मौजूद रहे।
दौसा जिले के कुंडल तहसील मुख्यालय क्षेत्र की ग्राम पंचायत कुंडल में राजस्थान ग्रामीण बैंक ने प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना (PMJJBY) के तहत एक मृतक ग्राहक के परिजनों को ₹2 लाख की सहायता राशि का चेक प्रदान किया। बैंक की शाखा प्रबंधक विनीता मीणा ने बताया कि ग्राहक विनोद कुमार जांगिड़ ने सालाना ₹436 अपने बैंक खाते से जमा कराकर यह बीमा करवाया था। विनोद कुमार जांगिड़ का निधन 6 मार्च को हो गया था। इसके बाद, आज
बैंक द्वारा मृतक की पत्नी और नामांकित व्यक्ति ललिता देवी को ₹2 लाख का चेक सौंपा गया। इस अवसर पर, बैंक की शाखा प्रबंधक विनीता मीणा ने सभी ग्रामीणों से सरकारी योजनाओं के अंतर्गत बीमा पॉलिसी करवाने की अपील की, ताकि किसी भी अप्रत्याशित घटना की स्थिति में परिवारों को आर्थिक कठिनाई का सामना न करना पड़े। चेक सौंपते समय बैंक मैनेजर विनीता मीणा, बैंक शाखा कैशियर जितेंद्र बहादुर सहित कई अन्य लोग मौके पर मौजूद रहे।
- जयपुर जिले के बस्सी क्षेत्र में झर के पास आगरा रोड पर एक गौ माता दुर्घटना का शिकार हो गईं। मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने तत्काल नई नाथ गौ रक्षा दल को इसकी सूचना दी। गौ रक्षा दल के सदस्य मौके पर पहुँचे और टोल प्रशासन की गाड़ी में गौ माता का इलाज करवाकर उन्हें सुरक्षित स्थान पर भिजवाया।4
- भारत में ऐसे 'आस्तीन के सांप' पाले जाने का आरोप लगाया गया है जो देश में रहते हुए भी बांग्लादेश और पाकिस्तान का जय जयकारा करते हैं। इन पर यह भी आरोप है कि वे घुसपैठियों की मदद करते हैं, उन्हें छिपाते हैं और उनके दस्तावेज़ बनवाने में सहायता करते हैं। इसके विपरीत, इजराइल में देश के दुश्मन की मदद करने वाले व्यक्ति को फाँसी की सज़ा दी जाती है। इसी कारण इजराइल में कोई देशद्रोही या देशविरोधी तत्व नहीं पाए जाते हैं।1
- राजस्थान के महवा स्थित ग्राम ऊकरूंद में गुरुवार को धार्मिक आस्था, सनातन संस्कृति और सामाजिक एकता का अनूठा संगम देखने को मिला। हजारों श्रद्धालुओं की मौजूदगी में भव्य कलश यात्रा के साथ श्रीमद्भागवत कथा महोत्सव का भव्य शुभारंभ हुआ, जिससे पूरा गांव भक्ति और श्रद्धा के रंग में रंग गया। सुबह से ही गांव में उत्सव का माहौल था और भगवान के जयकारों, भजन-कीर्तन व शंखध्वनि से वातावरण भक्तिमय हो उठा। आयोजक काडूराम मीना ने बताया कि कथा महोत्सव के शुभारंभ से पहले उनके निज निवास पर वैदिक रीति-रिवाजों के अनुसार पूजा-अर्चना, हवन और कलश पूजन किया गया। विद्वान आचार्यों के मंत्रोच्चार के बीच धार्मिक अनुष्ठान संपन्न होने के बाद संत-महात्माओं और श्रद्धालुओं की उपस्थिति में कलश यात्रा विधिवत शुरू हुई। इस यात्रा में महिलाओं, युवाओं, बुजुर्गों और बच्चों सहित हजारों श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया। पारंपरिक परिधानों में सिर पर कलश धारण किए महिलाओं की लंबी कतारें और उनके द्वारा गाए जा रहे मंगल गीत विशेष आकर्षण का केंद्र रहे। यात्रा में शामिल श्रद्धालु भगवान श्रीकृष्ण और सनातन धर्म के जयकारे लगाते हुए आगे बढ़ रहे थे। यह भव्य कलश यात्रा गांव के प्रमुख मार्गों, चौक-चौराहों और धार्मिक स्थलों से होकर गुजरी। यात्रा के दौरान ग्रामीणों और सामाजिक संगठनों ने विभिन्न स्थानों पर श्रद्धालुओं का फूल-मालाओं, पुष्प वर्षा, फल और शीतल जलपान से भव्य स्वागत किया। जगह-जगह स्वागत द्वार बनाए गए थे और श्रद्धालुओं के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गई थीं, जिससे ग्रामीणों का उत्साह और सहयोग आयोजन को यादगार बना गया। इस आयोजन में सामाजिक समरसता और भाईचारे की मिसाल भी दिखी, जहां गांव के सभी वर्गों और समाजों के लोग एक साथ सहभागी बने। श्रद्धालुओं ने कहा कि ऐसे आयोजन समाज को जोड़ने और संस्कारों को मजबूत करने का कार्य करते हैं, तथा धर्म के माध्यम से प्रेम, सद्भाव और आपसी सहयोग की भावना को बढ़ावा मिलता है। आयोजक काडूराम मीना ने श्रीमद्भागवत कथा को मानव जीवन को सही दिशा देने वाली दिव्य ज्ञान गंगा बताया। उन्होंने कहा कि कथा के श्रवण से व्यक्ति के जीवन में आध्यात्मिक जागृति आती है और उसे धर्म, सत्य, सेवा व सदाचार के मार्ग पर चलने की प्रेरणा मिलती है। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं से कथा में नियमित रूप से उपस्थित होकर धर्म लाभ लेने का आग्रह किया। कलश यात्रा के कथा स्थल पहुंचने पर विधिवत पूजा-अर्चना और धार्मिक अनुष्ठानों के साथ कथा महोत्सव का औपचारिक शुभारंभ किया गया। आगामी दिनों में कथा व्यास द्वारा श्रीमद्भागवत महापुराण के विभिन्न प्रसंगों का रसपान कराया जाएगा, जिसमें भगवान श्रीकृष्ण की दिव्य लीलाओं, भक्तों के प्रति उनकी करुणा, धर्म स्थापना, भक्ति की महिमा और मानव जीवन के कल्याणकारी संदेशों का विस्तार से वर्णन किया जाएगा। ग्रामीणों का मानना है कि ऐसे धार्मिक आयोजनों से नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति, परंपराओं और आध्यात्मिक मूल्यों से जुड़ने का अवसर मिलता है। आधुनिकता के इस दौर में ये आयोजन समाज में नैतिकता, संस्कार और भारतीय संस्कृति को जीवंत बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। कार्यक्रम में क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों, समाजसेवियों, जनप्रतिनिधियों, युवाओं और महिलाओं सहित हजारों श्रद्धालुओं की उपस्थिति रही। आयोजन स्थल पर श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पेयजल, बैठने और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं। कथा महोत्सव को लेकर पूरे क्षेत्र में उत्साह का माहौल है और प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना जताई जा रही है। भक्ति, श्रद्धा, संस्कृति और सामाजिक एकता का यह अद्भुत संगम ऊकरूंद गांव के लिए एक ऐतिहासिक और यादगार अवसर बन गया है।4
- डोहरी गाँव इस समय अत्यंत दयनीय स्थिति से जूझ रहा है, जहाँ विकास केवल कागज़ी पोस्टरों तक ही सीमित है और ज़मीनी हकीकत बदहाली की एक भयावह तस्वीर पेश करती है। जनप्रतिनिधियों द्वारा किए गए वादे महज़ हवा-हवाई साबित हुए हैं, जिसके कारण डोहरी आज भी बुनियादी और मूलभूत सुविधाओं के लिए तरस रहा है। गाँव की सड़कें गहरे गड्ढों का जाल बन चुकी हैं और पानी का संकट भी अपने चरम पर है, जिससे ग्रामीण बेहाल हैं। स्थिति की गंभीरता का अंदाज़ा इस बात से लगाया जा सकता है कि श्मशान तक जाने के लिए भी कोई सम्मानजनक रास्ता मौजूद नहीं है। डोहरी के लोग सीधे तौर पर सवाल उठा रहे हैं कि उनकी इस पीड़ा का आखिर जिम्मेदार कौन है और सत्ता की चुप्पी कब टूटेगी। यह पूरी स्थिति हर मोर्चे पर सरकारी व्यवस्था की घोर नाकामी को स्पष्ट रूप से उजागर करती है, जिसके चलते डोहरी गाँव विकास की चमक से पूरी तरह वंचित है।1
- जस्ट जयपुर लाइव ने लोगों को चलती गाड़ी पर किसी भी तरह का स्टैंड या स्टंट न करने की चेतावनी जारी की है। चैनल ने स्पष्ट किया है कि इस तरह के कृत्यों से केवल नुकसान ही हो सकता है और इसके अलावा कुछ भी हासिल नहीं होगा। जस्ट जयपुर लाइव ने अपने दर्शकों से ऐसी ही नवीनतम खबरों के लिए उनके चैनल को फॉलो करने का आग्रह किया है।1
- शाहपुरा में अभूतपूर्व पार्षद रोशन बागड़ी और भूतपूर्व पार्षद पुनीत भगेरिया के नेतृत्व में सफाई कर्मचारियों की हड़ताल समाप्त हो गई है। यह हड़ताल सफाई कर्मचारियों को पीएफ और तनख्वाह न दिए जाने के कारण हुई थी, जिसे 'टेंडर फर्म का हर साल का नाटक' बताया गया है। जानकारी के अनुसार, संबंधित टेंडर फर्म हर वर्ष तीन-चार बार ऐसी हड़तालों का कारण बनती है, जिसमें गरीब मजदूर सफाई कर्मचारियों को उनके पीएफ और तनख्वाह से वंचित किया जाता है, उनके हक और अधिकार का हनन होता है। इस गंभीर स्थिति के बाद, मीडिया को विवश होकर हरिद्वार टूरिस्ट विभाग से अनुमति लेनी पड़ी। मीडिया ने विभाग से पूछा कि क्या वे उनके विभाग में कार्यरत एक संवेदक का सफाई टेंडर रद्द करवा दें? अनुमति मिलने और खबर चलने के बाद ही संवेदक को 'ज्ञान आया' कि हरिद्वार टूरिस्ट विभाग तो केवल 'ट्रेलर' है और 'पिक्चर का असली क्लाइमैक्स और द एंड तो गया जी में होता है', जहां असली मोक्ष प्राप्त होता है। इसके बाद, संवेदक आधे रास्ते से ही 'बैक टू पवेलियन' हो गए, और अंततः यह मामला सुलझ गया।1
- लालसोट के खंदक गणगौरी बाजार में दुकानदार प्रतिदिन अपनी दुकानों के सामने जमा होने वाले कचरे के ढेर से बेहद परेशान हैं। व्यापारियों का आरोप है कि सफाई कर्मचारी निर्धारित स्थलों की बजाय जानबूझकर दुकानों के सामने ही कचरा जमा कर देते हैं। इस गंदगी के कारण पूरे बाजार में भीषण दुर्गंध फैलती है, जिससे न केवल उनका व्यापार बुरी तरह प्रभावित हो रहा है बल्कि ग्राहकों पर भी नकारात्मक असर पड़ रहा है। व्यापारियों ने बताया कि उन्होंने इस समस्या को लेकर कई बार शिकायतें की हैं, लेकिन इसके बावजूद आज तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकला है। उन्होंने नगर परिषद से यह सुनिश्चित करने की मांग की है कि कचरा समय पर उठाया जाए और उसे केवल निर्धारित स्थानों पर ही एकत्र किया जाए। व्यापारी अब इस बात का इंतजार कर रहे हैं कि उनकी शिकायतों पर नगर परिषद क्या कार्रवाई करती है और इस गंभीर समस्या से उन्हें कब निजात मिलती है। लोगों में यह सवाल उठ रहा है कि लालसोट की यह संस्था 'नगर परिषद' है या 'नरक परिषद'।2
- रोजमर्रा की ज़िंदगी में अनगिनत तनावों और समस्याओं का ज़िक्र किया गया है, जिसमें खाने-कमाने की परेशानी, रोज़गार का अभाव, बच्चों से जुड़ी दिक्कतें, और शाम को पत्नी के साथ होने वाली घरेलू समस्याएँ भी शामिल हैं। पोस्ट में इन सभी को 'समस्याओं का अनंत भंडार' बताया गया है, जिनका कोई अंत नहीं दिखता। इसी स्थिति को देखते हुए, पाठकों को सुझाव दिया गया है कि वे इन अंतहीन परेशानियों के बीच कुछ पल हँसने और दूसरों को हँसाने के लिए निकालें। यह वीडियो (जिसका संदर्भ दिया गया है) इन्हीं हँसी के पलों को दर्शाने का काम कर रहा है।1
- राजस्थान के लालसोट में बुधवार को एक पाँच साल पुराने वैवाहिक विवाद ने सनसनीखेज मोड़ ले लिया। ग्राम पंचायत खटवा में पंचायत समिति कार्यालय के पास स्थित एक ऊँची पानी की टंकी पर आरती मीणा नाम की एक महिला चढ़ गई, जिससे क्षेत्र में हाई वोल्टेज ड्रामा मच गया और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जमा हो गए। आरती मीणा और उनके पति राजूलाल मीणा, जो पिछले पाँच साल से बाड़मेर जिले में तृतीय श्रेणी शिक्षक के रूप में कार्यरत हैं, के बीच लंबे समय से आपसी विवाद चल रहा था, जिसके कारण उनकी गृहस्थी सुचारू रूप से नहीं चल पा रही थी। आरती मीणा का पीहर ग्राम कोड्याई में है, जबकि उनका विवाह खटवा में हुआ था। महिला ने आरोप लगाया कि उनका पति उन्हें ठीक से नहीं रखता और उनसे बातचीत भी नहीं करता। आरती का कहना था कि वह अपने पति के साथ खटवा में रहकर ही जीवन बिताना चाहती हैं और अपने वैवाहिक अधिकारों के लिए संघर्ष कर रही हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह पति के खिलाफ कार्रवाई का दबाव बनाने के लिए ही पानी की टंकी पर चढ़ी थीं। ससुराल पक्ष में पति, सास और आरती मीणा सहित केवल तीन सदस्य बताए गए हैं। घटना की सूचना मिलते ही प्रशासनिक अधिकारी, पुलिस जाप्ता और राजस्व विभाग के अधिकारी तुरंत मौके पर पहुँचे। घंटों चली समझाइश के बाद महिला को सुरक्षित टंकी से नीचे उतार लिया गया और उसे लालसोट थाने ले जाया गया। थाने में उसके पीहर पक्ष, पति और अधिकारियों की मौजूदगी में समझाइश और बातचीत का दौर चला। प्रशिक्षु आरपीएस कैलाश मीणा ने बताया कि महिला आपसी विवाद के कारण टंकी पर चढ़ी थी और समझाइश के बाद उसे सुरक्षित नीचे उतारा गया है। उन्होंने यह भी बताया कि दोनों पक्षों से पूछताछ कर मामले की जाँच की जा रही है। वहीं, एएसपी विनोद सीपा ने जानकारी दी कि महिला द्वारा अभी तक थाने में कोई औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है और पुलिस फिलहाल दोनों पक्षों से बातचीत कर विवाद का समाधान निकालने का प्रयास कर रही है। प्रशासन की तत्परता, पुलिस की सूझबूझ और समय रहते की गई समझाइश से एक बड़ा हादसा टल गया।1