उत्तर प्रदेश के झांसी में एक दारोगा और सिपाही को एंटी करप्शन टीम ने रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ पकड़ा है। यह घूस मारपीट के एक मामले में दर्ज एफआईआर से नाम हटाने के लिए ली जा रही थी। जानकारी के अनुसार, आरोपी दारोगा, जिसे 'साहब' कहकर संबोधित किया गया है, पहले ही तीन किस्तें ले चुका था, और आज चौथी किस्त के रूप में ₹10,000 की रिश्वत लेते हुए टीम ने उन्हें धर दबोचा। इस घटना ने एक बार फिर कानून के रखवालों की निष्ठा पर सवाल खड़े किए हैं, जो अपनी ट्रेनिंग के बाद संविधान के प्रति वफादारी, ईमानदारी, कानून का निष्पक्ष पालन करने और बिना किसी भेदभाव के जनसेवा करने की प्रतिज्ञा लेते हैं, लेकिन उसे भूलकर कानून का ही शोषण करते हैं। पोस्ट में गहरी निराशा व्यक्त की गई है कि ये सब रुकने वाला नहीं है, और ऐसे अधिकारी दो-चार महीने बाद फिर किसी थाने में पोस्टिंग पाकर 'सुविधा शुल्क' वसूलना शुरू कर देंगे। यह भी बताया गया है कि उत्तर प्रदेश में रिश्वतखोरी की घटनाएं आम हो गई हैं, और आगरा में भी बहुत से ऐसे मामले हैं जो अभी तक विजिलेंस या एंटी करप्शन टीम की पकड़ से दूर हैं।
उत्तर प्रदेश के झांसी में एक दारोगा और सिपाही को एंटी करप्शन टीम ने रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ पकड़ा है। यह घूस मारपीट के एक मामले में दर्ज एफआईआर से नाम हटाने के लिए ली जा रही थी। जानकारी के अनुसार, आरोपी दारोगा, जिसे 'साहब' कहकर संबोधित किया गया है, पहले ही तीन किस्तें ले चुका था, और आज चौथी किस्त के रूप में ₹10,000 की रिश्वत लेते हुए टीम ने उन्हें धर दबोचा। इस घटना ने एक बार फिर कानून के रखवालों की निष्ठा पर सवाल खड़े किए हैं, जो अपनी ट्रेनिंग के बाद संविधान के प्रति वफादारी, ईमानदारी, कानून का निष्पक्ष पालन करने और बिना किसी भेदभाव के जनसेवा करने की प्रतिज्ञा लेते हैं, लेकिन उसे भूलकर कानून का ही शोषण करते हैं। पोस्ट में गहरी निराशा व्यक्त की गई है कि ये सब रुकने वाला नहीं है, और ऐसे अधिकारी दो-चार महीने बाद फिर किसी थाने में पोस्टिंग पाकर 'सुविधा शुल्क' वसूलना शुरू कर देंगे। यह भी बताया गया है कि उत्तर प्रदेश में रिश्वतखोरी की घटनाएं आम हो गई हैं, और आगरा में भी बहुत से ऐसे मामले हैं जो अभी तक विजिलेंस या एंटी करप्शन टीम की पकड़ से दूर हैं।
- प्रयागराज के एयरपोर्ट क्षेत्र में एक बेकाबू रेसर बाइक की टक्कर से एक युवक की मौत के मामले में, घटना के 32 दिन बाद FIR दर्ज की गई है। मृतक की माँ ने पुलिस को दी गई तहरीर में बताया है कि उनके बेटे की जान लेने वाली बाइक एक तेज रफ्तार रेसर बाइक थी। पुलिस के अनुसार, शाहा उर्फ पीपलगांव की निवासी विजमा देवी ने अपनी शिकायत में बताया कि उनके पुत्र निखिल पटेल की मौत 1 मई को दोपहर करीब 1 बजे हुई थी, जब वह एयरपोर्ट रोड स्थित मोहनी चौराहे से अपने घर लौट रहा था। इसी दौरान, पीछे से आ रही एक तेज रफ्तार आर-15 बाइक ने उसे जोरदार टक्कर मार दी। अब इस मामले में पुलिस सीसीटीवी फुटेज खंगालने में जुट गई है।1
- आज मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रयागराज में बोट क्लब के पास 'प्रेरणा स्थल' का लोकार्पण किया। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी, श्यामा प्रसाद मुखर्जी और अशोक सिंघल जी की तीन प्रतिमाओं का अनावरण किया। यह स्थल अब 'प्रेरणा स्थल' के नाम से जाना जाएगा और इन तीनों प्रतिमाओं का निर्माण प्रयागराज नगर निगम द्वारा किया गया है। इस अवसर पर प्रयागराज के जिलाधिकारी, फूलपुर के सांसद प्रवीन पटेल, शहर उत्तरी के विधायक हर्षवर्धन वाजपेयी, फूलपुर के विधायक दीपक पटेल, नगर निगम के नगर आयुक्त सीलम साईं तेजा, मंफोर्डगंज के पार्षद विजय विश्वास रावत सहित भारतीय जनता पार्टी के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।1
- प्रयागराज की संगम नगरी में बोर्ड ऑफ रेवेन्यू के बाहर अधिवक्ताओं ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। हाथों में पोस्टर लेकर प्रदर्शन कर रहे अधिवक्ताओं का आरोप है कि बोर्ड ऑफ रेवेन्यू की चेयरमैन द्वारा एक "नियम विरोधी काला कानून" पारित किया गया है। इस नए प्रावधान के तहत, सरकारी मुकदमों की सुनवाई के लिए तीन जजों की पीठ बनाई गई है, जबकि जनता के मुकदमों के लिए केवल एक सिंगल जज ही सुनवाई करेगा, जिसे अधिवक्ताओं ने भेदभावपूर्ण बताया है। पूर्व महासचिव पंकज कुमार श्रीवास्तव ने इस निर्णय पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए सवाल उठाया कि सरकारी और जनता के मुकदमों में यह भेदभाव क्यों किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस कदम से बोर्ड ऑफ रेवेन्यू की गरिमा गिरी है और इसकी स्थिति कमिश्नर कोर्ट से भी नीचे हो गई है। विरोध प्रदर्शन के दौरान पूर्व उपाध्यक्ष हरीश चंद्र सिंह, वरिष्ठ अधिवक्ता वी.सी. श्रीवास्तव, पूर्व संयुक्त महिला सचिव रेखा सिंह, वरिष्ठ अधिवक्ता अशोक सिंह, अधिवक्ता अम्बुज श्रीवास्तव, अधिवक्ता मनोज पांडेय, अधिवक्ता धर्मेंद्र सिंह चौहान समेत सैकड़ों अधिवक्ता मौजूद रहे। अधिवक्ताओं ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि यह "काला कानून" वापस नहीं लिया जाता है, तो वे उच्च न्यायालय का रुख करेंगे और उनका विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा। सरकारी और जनता के मुकदमों में इस भेदभाव को देखते हुए अधिवक्तागण हड़ताल पर चले गए हैं।3
- सोशल मीडिया पर एक वीडियो के तेजी से वायरल होने के बाद दक्षिण मध्य रेलवे ने नंदीग्राम एक्सप्रेस की फर्स्ट एसी बर्थ को "सुहागरात" की तरह सजाने के मामले में सख्त कार्रवाई की है। जांच के दौरान यह पता चला कि यह वीडियो 6 जुलाई का है, जब एक दंपति ने फर्स्ट एसी कूपे बुक किया था और उन्होंने ही सजावट के लिए एक निजी ऑनलाइन डेकोरेटर को ट्रेन में बुलाया था। इस मामले में रेलवे ने अपनी ड्यूटी पर तैनात टिकट चेकर (टीटीई) को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। इसके अतिरिक्त, बिना टिकट ट्रेन में प्रवेश कर सजावट का काम करने वाले निजी डेकोरेटर के खिलाफ भी रेलवे अधिनियम के तहत कार्रवाई शुरू की गई है। इस पूरे प्रकरण की विभागीय जांच अभी जारी है।1
- उत्तर प्रदेश के भदोही में क्रिकेट खेलने के दौरान 'नो बॉल' को लेकर हुए विवाद में एक बच्चे की हत्या कर दी गई। यह दुखद घटना तब हुई जब 'नो बॉल' पर शुरू हुई बहस इतनी बढ़ गई कि एक बाल आरोपी ने बैट से बच्चे के सिर पर वार कर दिया, जिसके बाद उसकी मौत हो गई। इस मामले में पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए बाल आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।1
- संगम नगरी प्रयागराज में बोर्ड ऑफ रेवेन्यू के बाहर अधिवक्ताओं ने हाथों में पोस्टर लेकर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी अधिवक्ताओं का आरोप है कि बोर्ड ऑफ रेवेन्यू की चेयरमैन ने नियमों के विरुद्ध एक 'काला कानून' पारित किया है। इस नए प्रावधान के तहत, सरकारी मुकदमों की सुनवाई के लिए तीन जजों की पीठ का गठन किया गया है, जबकि जनता से जुड़े मुकदमों के लिए सिंगल जज ही सुनवाई करेंगे। पूर्व महासचिव पंकज कुमार श्रीवास्तव ने इस 'भेदभाव' पर सवाल उठाते हुए कहा कि आखिर सरकारी और जनता के मुकदमों में यह अंतर क्यों किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस निर्णय से बोर्ड ऑफ रेवेन्यू की गरिमा गिरी है और इसे कमिश्नर कोर्ट से भी निचले स्तर पर ला दिया गया है। अधिवक्ताओं ने चेतावनी दी है कि यदि यह 'काला कानून' वापस नहीं लिया जाता है, तो वे उच्च न्यायालय का रुख करेंगे और उनका विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा।1
- इंडोनेशिया के सुमात्रा द्वीप से एक दिल छू लेने वाला दृश्य सामने आया है, जहाँ अचानक आई भीषण बाढ़ के दौरान एक बाघ तेज़ बहाव में फँस गया। इस दौरान एक सुमात्रा हाथी उस बाघ को बचाने की कोशिश करता दिखाई दिया। इस बेहद भावुक पल का वीडियो सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो रहा है, जो यह दर्शाता है कि इंसानों की तरह जानवरों में भी संवेदनाएँ और एक-दूसरे की मदद करने की भावना देखने को मिलती है। यह प्रकृति का एक दुर्लभ और भावुक दृश्य है।1
- हरियाणा के रोहतक में शराब के नशे में धुत एक पिता ने हैवानियत की सारी हदें पार करते हुए अपनी चार साल की मासूम बेटी को सड़क पर पटक दिया और उसे थप्पड़ भी मारे। यह दिल दहला देने वाली घटना उस समय हुई जब बच्ची की माँ पड़ोस में एक जन्मदिन समारोह में गई हुई थी। पूरी वारदात सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई, जिसके बाद वीडियो वायरल हो गया। इस बर्बर हमले में बच्ची के कंधे में फ्रैक्चर आ गया है, हालांकि उसकी जान बच गई है और उसका अस्पताल में इलाज चल रहा है। घटना के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और आरोपी पिता के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।1