भागलपुर शहर और ग्रामीण इलाकों में देर रात आए तेज आंधी-तूफान ने भारी तबाही मचा दी। तेज हवाओं के कारण कई जगहों पर विशाल पेड़ सड़कों पर गिर गए, जिससे पूरी रात आवाजाही प्रभावित रही। इसके साथ ही, कई क्षेत्रों में बिजली के खंभे और तार टूट जाने से अंधेरा छा गया और बिजली आपूर्ति पूरी तरह ठप हो गई। इस तूफान का सबसे अधिक असर किसानों पर पड़ा है। खेतों में तैयार खड़ी मक्का की फसल तेज हवा और बारिश के कारण बर्बाद हो गई है, जिससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ रहा है। सूचना मिलते ही प्रशासन और नगर निगम की टीमें देर रात से ही राहत कार्य में जुट गई हैं। सड़कों से पेड़ और मलबा हटाने का काम तेजी से जारी है, जबकि बिजली विभाग क्षतिग्रस्त लाइनों को दुरुस्त करने में लगा हुआ है। प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलने की अपील की है।
भागलपुर शहर और ग्रामीण इलाकों में देर रात आए तेज आंधी-तूफान ने भारी तबाही मचा दी। तेज हवाओं के कारण कई जगहों पर विशाल पेड़ सड़कों पर गिर गए, जिससे पूरी रात आवाजाही प्रभावित रही। इसके साथ ही, कई क्षेत्रों में बिजली के खंभे और तार टूट जाने से अंधेरा छा गया और बिजली आपूर्ति पूरी तरह ठप हो गई। इस तूफान का सबसे अधिक असर किसानों पर पड़ा है। खेतों में तैयार खड़ी मक्का की फसल तेज हवा और बारिश के कारण बर्बाद हो गई है, जिससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ रहा है। सूचना मिलते ही प्रशासन और नगर निगम की टीमें देर रात से ही राहत कार्य में जुट गई हैं। सड़कों से पेड़ और मलबा हटाने का काम तेजी से जारी है, जबकि बिजली विभाग क्षतिग्रस्त लाइनों को दुरुस्त करने में लगा हुआ है। प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलने की अपील की है।
- भागलपुर जिले के प्रसिद्ध अजगैविनाथ धाम में गंगा दशहरा के पावन अवसर पर भक्ति और आस्था का अद्भुत दृश्य देखने को मिला। हर साल की तरह इस वर्ष भी बिहार, झारखंड समेत अन्य राज्यों से हजारों श्रद्धालु उत्तरवाहिनी गंगा में डुबकी लगाने पहुँचे, जहाँ सुबह से ही गंगा घाटों पर भारी भीड़ जमा हो गई थी। श्रद्धालुओं की मान्यता है कि गंगा दशहरा के दिन ही माँ गंगा का पृथ्वी पर अवतरण हुआ था। इसी श्रद्धा के साथ, शिवभक्तों ने गंगा स्नान किया, पूजा-अर्चना की और आम के फल, प्रसाद तथा दीप अर्पित कर माँ गंगा से सुख-समृद्धि की कामना की। उन्होंने अपने परिवारों की खुशहाली और मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए दीपदान भी किया। अजगैविनाथ मंदिर के महंत प्रेमानंद गिरी ने गंगा दशहरा के विशेष धार्मिक महत्व को रेखांकित करते हुए बताया कि इस दिन उत्तरवाहिनी गंगा में स्नान और दीपदान करने से भक्तों की सभी मनोकामनाएँ पूर्ण होती हैं। उन्होंने यह भी कहा कि इसी गहन आस्था के कारण बड़ी संख्या में शिवभक्त दूर-दराज के स्थानों से अजगैविनाथ धाम आते हैं। पूरे मंदिर परिसर और गंगा घाटों पर भक्तिमय और ऊर्जावान माहौल बना रहा। श्रद्धालुओं की सुविधाओं और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन भी पूरी तरह से मुस्तैद और सक्रिय दिखा।1
- झारखंड के हनवारा स्थित The Achievement Classes में एक भव्य सफलता समारोह कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जहाँ छात्रों की शानदार उपलब्धियों का सम्मान किया गया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई। इस अवसर पर, मुख्य अतिथि और शिक्षकों ने छात्रों को संबोधित करते हुए उन्हें मेहनत, अनुशासन और शिक्षा के महत्व के बारे में प्रेरित किया। हनवारा में आयोजित इस समारोह में छात्रों को विशेष सम्मान प्रदान किया गया।1
- बिहार के बांका जिले के बाराहाट प्रखंड स्थित भेड़ामोड़ निवासी अमरकांत कुमार ने धोरैया अंचल अधिकारी (CO) पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़ित अमरकांत का दावा है कि उनकी मां के नाम पर दाखिल-खारिज के आवेदन को "बेवजह ऑब्जेक्शन" लगाकर रद्द कर दिया गया है, और उन्हें लगातार अंचल कार्यालय के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। पीड़ित ने बताया कि उन्होंने 15 मई को अंचल अधिकारी के सामने अपना पक्ष भी रखा था, लेकिन इसके बावजूद उन्हें अब तक कोई न्याय नहीं मिला है। अपनी शिकायत को लेकर अमरकांत कुमार ने बांका डीएम, DCLR, भूमि एवं राजस्व सुधार मंत्री, और मुख्यमंत्री तक आवेदन देकर इस मामले में कार्रवाई की मांग की है। अमरकांत कुमार की यह गुहार बताती है कि उन्हें न्याय का इंतजार है। सवाल उठता है कि पीड़ित को आखिर कब इंसाफ मिलेगा?1
- झारखंड के गोड्डा जिले के ठाकुर गंगटी प्रखंड की दिग्घी पंचायत के खानिचक गांव से एक हैरान कर देने वाली खबर सामने आई है, जहाँ एक सगे बेटे ने अपने ही माता-पिता को अपने साथ रखने से साफ इनकार कर दिया है। बेटे के इस व्यवहार के कारण अब माता-पिता दर-दर भटकने को मजबूर हैं और उन्होंने प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई है। यह घटना इस सवाल को उठाती है कि क्या किसी बेटे को अपने माता-पिता के साथ इस प्रकार का व्यवहार करना चाहिए।1
- सिजिमाली के आदिवासियों की लड़ाई केवल जमीन बचाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह अपने अधिकारों और स्वाभिमान को बचाने का एक महत्वपूर्ण संघर्ष है। वे कई प्रमुख मांगों के साथ अपनी आवाज उठा रहे हैं, जिसमें पूरे ओडिशा में तत्काल PESA अधिनियम को लागू करना शामिल है। आदिवासी समुदाय सिजिमाली पहाड़ियों में बॉक्साइट खनन पर तुरंत रोक लगाने और न्यायालय की निगरानी में एक निष्पक्ष ग्राम सभा प्रक्रिया को दोबारा आयोजित करने की भी मांग कर रहा है। इसके अतिरिक्त, आदिवासियों पर वेदांता और अडानी समर्थित कंपनियों द्वारा किए जा रहे पुलिस दमन और अत्याचार को तत्काल बंद करने की मांग उठाई गई है। उनकी मांग है कि जेल में बंद सभी आदिवासी युवा कार्यकर्ताओं को तुरंत रिहा किया जाए और उन पर लगाए गए सभी झूठे मुकदमों को वापस लिया जाए। इन मांगों के पीछे सिजिमाली के आदिवासी समाज का स्वाभिमान वापस लौटाने का संकल्प है। यह जानकारी IYC प्रभारी श्री मनीष शर्मा द्वारा साझा की गई है।1
- गुजरात में आम आदमी पार्टी (AAP) के प्रवेश से राजनीतिक हलचल बढ़ गई है, जिसके चलते आदिवासी समाज ने राज्य में सियासी ‘गेम’ को बदल दिया है।1
- बौंंसी में पुलिस ने नशे के कारोबारियों के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई की है। इस अभियान के तहत पुलिस ने ब्राउन शुगर के साथ दो तस्करों को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई को नशे के कारोबार पर एक महत्वपूर्ण प्रहार के रूप में देखा जा रहा है।1
- भागलपुर शहर और ग्रामीण इलाकों में देर रात आए तेज आंधी-तूफान ने भारी तबाही मचा दी। तेज हवाओं के कारण कई जगहों पर विशाल पेड़ सड़कों पर गिर गए, जिससे पूरी रात आवाजाही प्रभावित रही। इसके साथ ही, कई क्षेत्रों में बिजली के खंभे और तार टूट जाने से अंधेरा छा गया और बिजली आपूर्ति पूरी तरह ठप हो गई। इस तूफान का सबसे अधिक असर किसानों पर पड़ा है। खेतों में तैयार खड़ी मक्का की फसल तेज हवा और बारिश के कारण बर्बाद हो गई है, जिससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ रहा है। सूचना मिलते ही प्रशासन और नगर निगम की टीमें देर रात से ही राहत कार्य में जुट गई हैं। सड़कों से पेड़ और मलबा हटाने का काम तेजी से जारी है, जबकि बिजली विभाग क्षतिग्रस्त लाइनों को दुरुस्त करने में लगा हुआ है। प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलने की अपील की है।1