रेबीज से जुड़ी सच्चाई क्या संक्रमित इंसान काट सकता है? क्या छूना सुरक्षित है पत्रकार इकबाल खान रेबीज एक गंभीर और जानलेवा बीमारी मानी जाती है, जिसे लेकर लोगों के मन में कई तरह की गलतफहमियां हैं। अक्सर यह सवाल उठता है कि अगर किसी इंसान को रेबीज हो जाए तो क्या वह दूसरों को काटने लगता है और क्या उसे छूना सुरक्षित है।चिकित्सको के अनुसार रेबीज सीधे तौर पर दिमाग (Brain) को प्रभावित करता है, जिससे मरीज में बेचैनी, डर, गुस्सा और असामान्य व्यवहार देखा जा सकता है। कुछ मामलों में मरीज आक्रामक हो सकता है, लेकिन हर व्यक्ति के साथ ऐसा होना जरूरी नहीं है। इसलिए यह कहना गलत होगा कि हर रेबीज मरीज दूसरों को काटने लगता है।संक्रमण के फैलाव को लेकर भी स्पष्ट जानकारी जरूरी है। डॉक्टरों के मुताबिक सामान्य संपर्क जैसे हाथ मिलाना, पास बैठना या छूने से रेबीज नहीं फैलता। यह वायरस मुख्य रूप से संक्रमित लार के संपर्क से फैलता है, खासकर तब जब लार किसी खुले घाव, कट या शरीर के संवेदनशील हिस्सों जैसे आंख या मुंह में पहुंच जाए।स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि इंसान से इंसान में रेबीज फैलने के मामले बेहद दुर्लभ हैं। ज्यादातर संक्रमण कुत्ते, बंदर या चमगादड़ जैसे जानवरों के काटने से होता है। हालांकि एक बार इसके लक्षण दिखाई देने लगें तो यह बीमारी लगभग जानलेवा साबित होती है। ऐसे में सावधानी ही सबसे बड़ा बचाव है। संदिग्ध स्थिति में तुरंत चिकित्सकीय सलाह लेना और संक्रमित व्यक्ति की लार के सीधे संपर्क से बचना बेहद जरूरी माना गया है।
रेबीज से जुड़ी सच्चाई क्या संक्रमित इंसान काट सकता है? क्या छूना सुरक्षित है पत्रकार इकबाल खान रेबीज एक गंभीर और जानलेवा बीमारी मानी जाती है, जिसे लेकर लोगों के मन में कई तरह की गलतफहमियां हैं। अक्सर यह सवाल उठता है कि अगर किसी इंसान को रेबीज हो जाए तो क्या वह दूसरों को काटने लगता है और क्या उसे छूना सुरक्षित है।चिकित्सको के अनुसार रेबीज सीधे तौर पर दिमाग (Brain) को प्रभावित करता है, जिससे मरीज में बेचैनी, डर, गुस्सा और असामान्य व्यवहार देखा जा सकता है। कुछ मामलों में मरीज आक्रामक हो सकता है, लेकिन हर व्यक्ति के साथ ऐसा होना जरूरी नहीं है। इसलिए यह कहना गलत होगा कि हर रेबीज मरीज दूसरों को काटने लगता है।संक्रमण के फैलाव को लेकर भी स्पष्ट जानकारी जरूरी है। डॉक्टरों के मुताबिक सामान्य संपर्क जैसे हाथ मिलाना, पास बैठना या छूने से रेबीज नहीं फैलता। यह वायरस मुख्य रूप से संक्रमित लार के संपर्क से फैलता है, खासकर तब जब लार किसी खुले घाव, कट या शरीर के संवेदनशील हिस्सों जैसे आंख या मुंह में पहुंच जाए।स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि इंसान से इंसान में रेबीज फैलने के मामले बेहद दुर्लभ हैं। ज्यादातर संक्रमण कुत्ते, बंदर या चमगादड़ जैसे जानवरों के काटने से होता है। हालांकि एक बार इसके लक्षण दिखाई देने लगें तो यह बीमारी लगभग जानलेवा साबित होती है। ऐसे में सावधानी ही सबसे बड़ा बचाव है। संदिग्ध स्थिति में तुरंत चिकित्सकीय सलाह लेना और संक्रमित व्यक्ति की लार के सीधे संपर्क से बचना बेहद जरूरी माना गया है।
- रेबीज से जुड़ी सच्चाई क्या संक्रमित इंसान काट सकता है? क्या छूना सुरक्षित है पत्रकार इकबाल खान रेबीज एक गंभीर और जानलेवा बीमारी मानी जाती है, जिसे लेकर लोगों के मन में कई तरह की गलतफहमियां हैं। अक्सर यह सवाल उठता है कि अगर किसी इंसान को रेबीज हो जाए तो क्या वह दूसरों को काटने लगता है और क्या उसे छूना सुरक्षित है।चिकित्सको के अनुसार रेबीज सीधे तौर पर दिमाग (Brain) को प्रभावित करता है, जिससे मरीज में बेचैनी, डर, गुस्सा और असामान्य व्यवहार देखा जा सकता है। कुछ मामलों में मरीज आक्रामक हो सकता है, लेकिन हर व्यक्ति के साथ ऐसा होना जरूरी नहीं है। इसलिए यह कहना गलत होगा कि हर रेबीज मरीज दूसरों को काटने लगता है।संक्रमण के फैलाव को लेकर भी स्पष्ट जानकारी जरूरी है। डॉक्टरों के मुताबिक सामान्य संपर्क जैसे हाथ मिलाना, पास बैठना या छूने से रेबीज नहीं फैलता। यह वायरस मुख्य रूप से संक्रमित लार के संपर्क से फैलता है, खासकर तब जब लार किसी खुले घाव, कट या शरीर के संवेदनशील हिस्सों जैसे आंख या मुंह में पहुंच जाए।स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि इंसान से इंसान में रेबीज फैलने के मामले बेहद दुर्लभ हैं। ज्यादातर संक्रमण कुत्ते, बंदर या चमगादड़ जैसे जानवरों के काटने से होता है। हालांकि एक बार इसके लक्षण दिखाई देने लगें तो यह बीमारी लगभग जानलेवा साबित होती है। ऐसे में सावधानी ही सबसे बड़ा बचाव है। संदिग्ध स्थिति में तुरंत चिकित्सकीय सलाह लेना और संक्रमित व्यक्ति की लार के सीधे संपर्क से बचना बेहद जरूरी माना गया है।1
- बीकानेर कलेक्ट्रेट को बम से उड़ाने की धमकी भरा ईमेल मिला है बीकानेर जिला कलेक्टर कार्यालय को मंगलवार सुबह ईमेल से बम से उड़ाने की धमकी मिली। पुलिस ने तुरंत बिल्डिंग खाली कराकर बम निरोधक दस्ते और डॉग स्क्वाड से तलाशी करवाई। जांच में कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली। पुलिस ने बताया कि यह धमकी फर्जी थी। साइबर सेल ईमेल भेजने वाले की तलाश कर रही है। इससे पहले भी राजस्थान में कलेक्ट्रेट, कोर्ट और पोस्ट ऑफिस को ऐसी कई फर्जी धमकियां मिल चुकी हैं।1
- बीकानेर कलेक्ट्रेट को बम से उड़ाने की धमकीः परिसर खाली करवाया ई-मेल में लिखा- 16 बम रखे गए; कलेक्ट्रेट खाली कराया, कर्मचारियों को बाहर निकाला बीकानेर कलेक्ट्रेट ऑफिस को एक बार फिर से बम से उड़ाने की धमकी मिली है। बुधवार को आए एक ई-मेल में 16 बम ऑफिस में रखने का दावा किया गया। इसके बाद पूरे कलेक्ट्रेट परिसर को खाली करवाया। इसके साथ ही कर्मचारियों को बाहर निकाल कर तलाशी शुरू कर दी है। एसपी भी पहुंचे मौके पर, 12:15 बजे धमाके की चेतावनी इधर, सुबह जैस े ही इस धमकी भरे ई-मेल की जानकारी मिली एसपी मृदुल कच्छावा भी कलेक्ट्रेट ऑफिस पहुंचे। इसके साथ ही अन्य अधिकारी और रेस्क्यू टीम े ं भी मौके पर पहुंची। ई-मेल में लिखा गया कि कलेक्ट्रेट परिसर में 16 बम रखे गए है। दोपहर 12:15 बज े धमाके होंगे। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम े ं मौके पर पहुंच गईं और सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया गया। कलेक्टर निशांत जैन ने बताया कि मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है। एसपी मृदुल कच्छावा ने कहा कि एसओपी के तहत कार्रवाई की जा रही है। फिलहाल बम निरोधक दस्ते और अन्य एजेंसियो ं द्वारा कलेक्ट्रेट परिसर की गहन जांच की जा रही है। कलेक्ट्रेट के सभी कर्मचारियों को बाहर निकाला गया है। एक एक कमरे मे ं पहुंचकर बम विरोधी दस्ता छानबीन कर रहा है। अब तक पुलिस को कुछ भी संदिग्ध नही ं मिला है, लेकिन इसके बाद भी चप्पा चप्पा छाना जा रहा है। पहले भी दी जा चुकी ह ै धमकी इसस े पहले बीकानेर के कोर्ट परिसर और मुख्य डाकघर को बम से उड़ान े की धमकी मिल चुकी ह1
- बीकानेर की सब्जी मंडी में बीती रात चोरी की वारदात हुई। इस घटना से स्थानीय व्यापारियों में हड़कंप मच गया है और पुलिस जांच में जुट गई है।1
- जीवन के लिए जल का महत्व अनमोल है, यह शरीर को ऊर्जा प्रदान करता है। जल के बिना शरीर की कोई भी क्रिया संभव नहीं है और ऊर्जा की पूर्ति अधूरी रह जाती है।1
- एक लड़की का डांस वीडियो इंस्टाग्राम पर तेज़ी से वायरल हो रहा है। इसके अनोखे मूव्स ने इंटरनेट पर धूम मचा दी है, और लोग इसे खूब पसंद कर रहे हैं।1
- बीकानेर के पूगल तहसील के बरजू गांव में ओवरलोड गाड़ियों के कारण सड़कें खराब हो रही हैं। गांव के भीतर से गुजरने वाले इन वाहनों से अब तक तीन दुर्घटनाएं हो चुकी हैं और प्लॉट मालिक ग्रामीणों को धमका रहे हैं। पुलिस की ओर से कोई कार्रवाई न होने से ग्रामीण परेशान हैं।2
- राजस्थान में फ़िल्मी चेज़: पाकिस्तान चीन के हथियारों समेत तस्कर गिरफ्तार, ट्रॉली से टकराकर पकड़े गए राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले में पुलिस और तस्करों के बीच फ़िल्मी अंदाज़ में हाई-स्पीड चेज़ का मामला सामने आया है। सूचना मिलने पर पुलिस ने इलाके में नाकाबंदी की, लेकिन संदिग्ध कार सवार तस्करों ने रुकने के बजाय बैरिकेड तोड़कर भागने की कोशिश की। इसके बाद पुलिस ने कई किलोमीटर तक पीछा किया और रास्ता रोकने के लिए ट्रैक्टर-ट्रॉली लगाई। तेज रफ्तार में भाग रही कार ट्रॉली से जा टकराई, जिससे वाहन अनियंत्रित हो गया और पुलिस ने मौके पर ही दोनों आरोपियों को दबोच लिया। तलाशी के दौरान पुलिस को आरोपियों के पास से भारी मात्रा में मादक पदार्थ और अवैध हथियार बरामद हुए। जानकारी के अनुसार करीब 1.5 किलो हेरोइन, 1 किलो अफीम, 5 पिस्तौल और दर्जनों कारतूस जब्त किए गए हैं। बरामद हथियारों में 4 पिस्तौल पाकिस्तान निर्मित और 1 चीन निर्मित बताई जा रही है। प्रारंभिक जांच में दोनों आरोपी पंजाब के फाजिल्का के निवासी बताए जा रहे हैं। पुलिस को अंतरराष्ट्रीय तस्करी नेटवर्क से जुड़े होने की आशंका है और यह भी जांच की जा रही है कि खेप कहां से लाई गई और किसे सप्लाई की जानी थी।फिलहाल पुलिस आरोपियों से गहन पूछताछ कर रही है।1