सिद्धार्थनगर जिले के शोहरतगढ़ थाना क्षेत्र स्थित बैदौली घाट पर बाणगंगा नदी में डूबे तीन युवकों के शव करीब 24 घंटे बाद शुक्रवार को बरामद कर लिए गए। मधवापुर टोला मिझुनिया गांव निवासी शिवा चौहान, रवि वरुण और मोनू वरुण गुरुवार को गांव की बुजुर्ग महिला कंचन के अंतिम संस्कार में शामिल होने बैदौली घाट पहुंचे थे। दाह संस्कार के बाद स्नान करते समय तीनों युवक गहरे पानी और तेज बहाव की चपेट में आकर डूब गए थे। आसपास मौजूद लोगों के बचाने के प्रयास विफल रहने के बाद पुलिस और एसडीआरएफ ने गुरुवार देर शाम तक खोजबीन की थी। शुक्रवार सुबह नई डहर गांव के मछुआरा समुदाय के अनुभवी गोताखोरों को अभियान में लगाया गया। प्रशासन, एसडीआरएफ और स्थानीय मछुआरों के संयुक्त अभियान के तहत बड़े जालों की मदद से कई घंटे की मशक्कत के बाद तीनों शव बाहर निकाले गए। शव मिलने पर रवि वरुण और मोनू वरुण के परिजन पोस्टमार्टम न कराने की बात कहकर शव घर ले गए, जबकि शिवा चौहान के शव का पुलिस ने पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मछुआरा समुदाय के साहस और प्रयासों की सराहना करते हुए शोहरतगढ़ विधायक विनय वर्मा ने 7,000 रुपये और थाना प्रभारी नवीन कुमार सिंह ने 5,000 रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की। कुल 12,000 रुपये की प्रोत्साहन राशि देकर गोताखोरों का सम्मान किया गया। मौके पर पहुंचे विधायक ने परिजनों से मुलाकात कर हरसंभव मदद का भरोसा दिया। इस दौरान घटनास्थल पर उपजिलाधिकारी राजेश कुमार, क्षेत्राधिकारी मयंक द्विवेदी, तहसीलदार प्रकाश सिंह यादव, नायब तहसीलदार माधुर्य यादव, निरीक्षक अवधेश पांडेय और लेखपाल आशीष संगम सहित कई अधिकारी व ग्रामीण उपस्थित रहे।
सिद्धार्थनगर जिले के शोहरतगढ़ थाना क्षेत्र स्थित बैदौली घाट पर बाणगंगा नदी में डूबे तीन युवकों के शव करीब 24 घंटे बाद शुक्रवार को बरामद कर लिए गए। मधवापुर टोला मिझुनिया गांव निवासी शिवा चौहान, रवि वरुण और मोनू वरुण गुरुवार को गांव की बुजुर्ग महिला कंचन के अंतिम संस्कार में शामिल होने बैदौली घाट पहुंचे थे। दाह संस्कार के बाद स्नान करते समय तीनों युवक गहरे पानी और तेज बहाव की चपेट में आकर डूब गए थे। आसपास मौजूद लोगों के बचाने के प्रयास विफल रहने के बाद पुलिस और एसडीआरएफ ने गुरुवार देर शाम तक खोजबीन की थी। शुक्रवार सुबह नई डहर गांव के मछुआरा समुदाय के अनुभवी गोताखोरों को अभियान में लगाया गया। प्रशासन, एसडीआरएफ और स्थानीय मछुआरों के संयुक्त अभियान के तहत बड़े जालों की मदद से कई घंटे की मशक्कत के बाद तीनों शव बाहर निकाले गए। शव मिलने पर रवि वरुण और मोनू वरुण के परिजन पोस्टमार्टम न कराने की बात कहकर शव घर ले गए, जबकि शिवा चौहान के शव का पुलिस ने पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मछुआरा समुदाय के साहस और प्रयासों की सराहना करते हुए शोहरतगढ़ विधायक विनय वर्मा ने 7,000 रुपये और थाना प्रभारी नवीन कुमार सिंह ने 5,000 रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की। कुल 12,000 रुपये की प्रोत्साहन राशि देकर गोताखोरों का सम्मान किया गया। मौके पर पहुंचे विधायक ने परिजनों से मुलाकात कर हरसंभव मदद का भरोसा दिया। इस दौरान घटनास्थल पर उपजिलाधिकारी राजेश कुमार, क्षेत्राधिकारी मयंक द्विवेदी, तहसीलदार प्रकाश सिंह यादव, नायब तहसीलदार माधुर्य यादव, निरीक्षक अवधेश पांडेय और लेखपाल आशीष संगम सहित कई अधिकारी व ग्रामीण उपस्थित रहे।
- सिद्धार्थनगर जिले के शोहरतगढ़ थाना क्षेत्र स्थित बैदौली घाट पर बाणगंगा नदी में डूबे तीन युवकों के शव करीब 24 घंटे बाद शुक्रवार को बरामद कर लिए गए। मधवापुर टोला मिझुनिया गांव निवासी शिवा चौहान, रवि वरुण और मोनू वरुण गुरुवार को गांव की बुजुर्ग महिला कंचन के अंतिम संस्कार में शामिल होने बैदौली घाट पहुंचे थे। दाह संस्कार के बाद स्नान करते समय तीनों युवक गहरे पानी और तेज बहाव की चपेट में आकर डूब गए थे। आसपास मौजूद लोगों के बचाने के प्रयास विफल रहने के बाद पुलिस और एसडीआरएफ ने गुरुवार देर शाम तक खोजबीन की थी। शुक्रवार सुबह नई डहर गांव के मछुआरा समुदाय के अनुभवी गोताखोरों को अभियान में लगाया गया। प्रशासन, एसडीआरएफ और स्थानीय मछुआरों के संयुक्त अभियान के तहत बड़े जालों की मदद से कई घंटे की मशक्कत के बाद तीनों शव बाहर निकाले गए। शव मिलने पर रवि वरुण और मोनू वरुण के परिजन पोस्टमार्टम न कराने की बात कहकर शव घर ले गए, जबकि शिवा चौहान के शव का पुलिस ने पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मछुआरा समुदाय के साहस और प्रयासों की सराहना करते हुए शोहरतगढ़ विधायक विनय वर्मा ने 7,000 रुपये और थाना प्रभारी नवीन कुमार सिंह ने 5,000 रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की। कुल 12,000 रुपये की प्रोत्साहन राशि देकर गोताखोरों का सम्मान किया गया। मौके पर पहुंचे विधायक ने परिजनों से मुलाकात कर हरसंभव मदद का भरोसा दिया। इस दौरान घटनास्थल पर उपजिलाधिकारी राजेश कुमार, क्षेत्राधिकारी मयंक द्विवेदी, तहसीलदार प्रकाश सिंह यादव, नायब तहसीलदार माधुर्य यादव, निरीक्षक अवधेश पांडेय और लेखपाल आशीष संगम सहित कई अधिकारी व ग्रामीण उपस्थित रहे।1
- सिद्धार्थनगर में ग्राम कोटिया से दशरथपुर जाने वाली जर्जर सड़क की शिकायत के बाद ब्लॉक स्तर के अधिकारियों द्वारा जांच की गई थी। इसके उपरांत ग्राम प्रधान एवं क्षेत्र पंचायत सदस्य (बीडीसी) द्वारा सड़क की खुदाई तो करा दी गई, किंतु निर्माण कार्य पूरा नहीं कराया गया। इसके परिणामस्वरूप सड़क की स्थिति पहले से भी अधिक खराब हो चुकी है। वर्तमान में बारिश के कारण सड़क पर गहरे गड्ढे और कीचड़ जमा हो गया है, जिससे पैदल चलना भी अत्यंत कठिन हो गया है। किसानों के लिए खेती के इस महत्वपूर्ण समय में ट्रैक्टर और अन्य कृषि वाहन खेतों तक नहीं पहुंच पा रहे हैं, जिससे काम बाधित हो रहा है। इसके अलावा एंबुलेंस, स्कूल वाहन और अन्य आवश्यक सेवाओं का आवागमन भी प्रभावित है। गंभीर रूप से बीमार व्यक्तियों को मजबूरी में कंधे पर उठाकर मुख्य मार्ग तक ले जाना पड़ता है, जिससे किसी भी समय गंभीर दुर्घटना या जनहानि की आशंका बनी हुई है। इस गंभीर समस्या को लेकर ग्राम प्रधान और क्षेत्र पंचायत सदस्य को कई बार अवगत कराया जा चुका है, लेकिन आज तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई और न ही सड़क का निर्माण कराया गया है।4
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का देर रात एक संदेश जारी हुआ है।1
- संतकबीरनगर जिले के मेंहदावल नगर स्थित संस्कार मंडप में शुक्रवार को मेंहदावल विधायक अनिल कुमार त्रिपाठी ने एक प्रेस कांफ्रेंस का आयोजन किया। इस दौरान उन्होंने मेंहदावल विधानसभा क्षेत्र में अपने द्वारा कराए गए विकास कार्यों का ब्योरा रखा और पूर्व विधायक पर आमजन को भ्रमित करने का आरोप लगाया। विधायक अनिल कुमार त्रिपाठी ने बताया कि बघौली ब्लॉक के आमी नदी पर बनने वाले चौरी पुल के निर्माण कार्य के लिए पूर्व में उनके प्रस्ताव पर ही जिम्मेदार अधिकारियों ने सर्वे किया था, जिसकी मंजूरी शीघ्र ही शासन से मिल जाएगी। उन्होंने कहा कि इस परियोजना को लेकर पूर्व विधायक जनता को भ्रमित कर रहे हैं। वर्तमान में पूरी विधानसभा में पुल निर्माण, सड़क निर्माण और सड़कों के चौड़ीकरण के काम करवाए जा रहे हैं, लेकिन कुछ लोग उनकी लोकप्रियता से घबराकर सस्ती लोकप्रियता के लिए इन कार्यों को अपना बताकर लोगों को बरगला रहे हैं। विधायक अनिल त्रिपाठी ने कहा कि आमजन की समस्याओं के समाधान और हर किसी के सुख-दुख में तत्परता से शामिल होने के कारण उनकी लोकप्रिय छवि बनी है, जो कुछ लोगों को पच नहीं रही है। उन्होंने दावा किया कि मेंहदावल विधानसभा क्षेत्र का सर्वांगीण विकास हो रहा है।2
- महाराजगंज के वृजमनगंज स्थित सना ज्वेलर्स की दुकान पर हुई चोरी के मामले में पुलिस ने सभी आरोपी महिलाओं को गिरफ्तार कर लिया है। इस पूरे मामले में हुई कार्रवाई की जानकारी एसपी शक्ति मोहन अवस्थी ने दी है।1
- सिद्धार्थनगर जिले की डुमरियागंज पुलिस ने नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में वांछित चल रहे दो आरोपियों को शुक्रवार को बैदोला से बेंवा जाने वाले मार्ग से गिरफ्तार कर न्यायालय भेज दिया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अभिषेक महाजन के निर्देशन में चलाए जा रहे अभियान के तहत अपर पुलिस अधीक्षक प्रशांत कुमार प्रसाद के पर्यवेक्षण और क्षेत्राधिकारी डुमरियागंज बृजेश कुमार वर्मा के निर्देशन में प्रभारी निरीक्षक श्रीप्रकाश यादव के नेतृत्व वाली पुलिस टीम ने यह सफलता हासिल की। थाना डुमरियागंज में दर्ज मुकदमा संख्या 156/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 137(2), 87, 64(2)(एम) तथा पॉक्सो एक्ट की धारा 5(एल)/6 में वांछित आरोपी कोमल (निवासी प्रतापपुर, थाना बांसी, सिद्धार्थनगर) और अमर कुमार (निवासी हरदवा, थाना मनिकापुर, गोंडा) को पुलिस ने पकड़ा। विधिक कार्रवाई पूरी कर दोनों को न्यायालय में पेश कर दिया गया। इस पूरी कार्रवाई में उपनिरीक्षक राम मिलन आजाद, कांस्टेबल आदित्य पांडेय और कांस्टेबल अमन प्रतीक दुबे ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।1
- सिद्धार्थनगर जिले के बांसी कोतवाली क्षेत्र स्थित महदेवा के टोला पठानपुरवा गाँव में शुक्रवार शाम गहरे पोखरे में डूबने से 14 वर्षीया किशोरी की दर्दनाक मौत हो गई। मृतक किशोरी की पहचान महदेवा निवासी सूलेमान की 14 वर्षीया पुत्री शाकिरा के रूप में हुई है। शाकिरा शाम लगभग 5:00 बजे गाँव के समीप गाय चराने गई थी। इसी दौरान अचानक तेज बारिश शुरू हो गई। बारिश से बचने और मवेशियों को संभालने के प्रयास में शाकिरा का पैर फिसल गया और वह पास स्थित गहरे पोखरे में जा गिरी। पानी की गहराई अधिक होने के कारण वह खुद को संभाल नहीं सकी और डूब गई। साथ में गाय चरा रहे अन्य बच्चों के सूचना देने पर बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जुट गए। इस हादसे के बाद ग्रामीणों में रेलवे ठेकेदार की लापरवाही को लेकर गहरा आक्रोश व्याप्त है। ग्रामीणों का आरोप है कि रेलवे ठेकेदार द्वारा पोखरे से मिट्टी निकाली गई थी, जिससे वह अत्यधिक गहरा हो गया था। इसके बावजूद ठेकेदार द्वारा सुरक्षा का कोई इंतज़ाम या चेतावनी बोर्ड नहीं लगाया गया था, जिसके कारण यह दुखद हादसा हुआ। घटना की जानकारी मिलते ही बांसी कोतवाली पुलिस त्वरित कार्रवाई करते हुए मौके पर पहुँची। प्रभारी निरीक्षक मृत्युंजय पाठक की मौजूदगी में ग्रामीणों की मदद से काफी मशक्कत के बाद किशोरी के शव को पानी से बाहर निकाला गया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। इस घटना के बाद से मृतक किशोरी के परिवार में कोहराम मचा हुआ है और पूरे गाँव में शोक की लहर व्याप्त है।2