सतना सिटी कोतवाली पुलिस ने शहर में नशीले पदार्थों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत एक बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने एक आरोपी को प्रतिबंधित नशीली गोलियां बेचते हुए रंगे हाथों पकड़ा है, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया। मिली जानकारी के अनुसार, दिनांक 07.07.26 को पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि बजरहा टोला क्षेत्र में प्रदीप चौधरी नामक व्यक्ति घूम-घूमकर नशीली दवाओं की बिक्री कर रहा है। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी निरीक्षक रावेन्द्र द्विवेदी के नेतृत्व में एक टीम ने घेराबंदी की। पुलिस को देखते ही प्रदीप चौधरी घबरा गया और भागने की कोशिश करने लगा, लेकिन पुलिस बल ने गवाहों की मदद से उसे धर दबोचा। तलाशी लेने पर उसके पास से एक काली पॉलिथीन मिली, जिसमें कुल 32 पत्ते यानी 480 नशीली टैबलेट बरामद की गईं। आरोपी इन दवाओं से संबंधित कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका। यह पूरी कार्रवाई पुलिस अधीक्षक हंसराज सिंह, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक गौरव पाण्डेय और नगर पुलिस अधीक्षक देवेन्द्र प्रताप सिंह चौहान के दिशा-निर्देशन में की गई। इस सफल ऑपरेशन में उपनिरीक्षक राजकुमार मिश्रा, सहायक उपनिरीक्षक दशरथ सिंह, आरक्षक उपेश पाठक (1081) और आरक्षक निर्भय सिंह (94) की सराहनीय भूमिका रही।
सतना सिटी कोतवाली पुलिस ने शहर में नशीले पदार्थों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत एक बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने एक आरोपी को प्रतिबंधित नशीली गोलियां बेचते हुए रंगे हाथों पकड़ा है, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया। मिली जानकारी के अनुसार, दिनांक 07.07.26 को पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि बजरहा टोला क्षेत्र में प्रदीप चौधरी नामक व्यक्ति घूम-घूमकर नशीली दवाओं की बिक्री कर रहा है। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी निरीक्षक रावेन्द्र द्विवेदी के नेतृत्व में एक टीम ने घेराबंदी की। पुलिस को देखते ही प्रदीप चौधरी घबरा गया और भागने की कोशिश करने लगा, लेकिन पुलिस बल ने गवाहों की मदद से उसे धर दबोचा। तलाशी लेने पर उसके पास से एक काली पॉलिथीन मिली, जिसमें कुल 32 पत्ते यानी 480 नशीली टैबलेट बरामद की गईं। आरोपी इन दवाओं से संबंधित कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका। यह पूरी कार्रवाई पुलिस अधीक्षक हंसराज सिंह, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक गौरव पाण्डेय और नगर पुलिस अधीक्षक देवेन्द्र प्रताप सिंह चौहान के दिशा-निर्देशन में की गई। इस सफल ऑपरेशन में उपनिरीक्षक राजकुमार मिश्रा, सहायक उपनिरीक्षक दशरथ सिंह, आरक्षक उपेश पाठक (1081) और आरक्षक निर्भय सिंह (94) की सराहनीय भूमिका रही।
- सतना सिटी कोतवाली पुलिस ने शहर में नशीले पदार्थों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत एक बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने एक आरोपी को प्रतिबंधित नशीली गोलियां बेचते हुए रंगे हाथों पकड़ा है, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया। मिली जानकारी के अनुसार, दिनांक 07.07.26 को पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि बजरहा टोला क्षेत्र में प्रदीप चौधरी नामक व्यक्ति घूम-घूमकर नशीली दवाओं की बिक्री कर रहा है। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी निरीक्षक रावेन्द्र द्विवेदी के नेतृत्व में एक टीम ने घेराबंदी की। पुलिस को देखते ही प्रदीप चौधरी घबरा गया और भागने की कोशिश करने लगा, लेकिन पुलिस बल ने गवाहों की मदद से उसे धर दबोचा। तलाशी लेने पर उसके पास से एक काली पॉलिथीन मिली, जिसमें कुल 32 पत्ते यानी 480 नशीली टैबलेट बरामद की गईं। आरोपी इन दवाओं से संबंधित कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका। यह पूरी कार्रवाई पुलिस अधीक्षक हंसराज सिंह, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक गौरव पाण्डेय और नगर पुलिस अधीक्षक देवेन्द्र प्रताप सिंह चौहान के दिशा-निर्देशन में की गई। इस सफल ऑपरेशन में उपनिरीक्षक राजकुमार मिश्रा, सहायक उपनिरीक्षक दशरथ सिंह, आरक्षक उपेश पाठक (1081) और आरक्षक निर्भय सिंह (94) की सराहनीय भूमिका रही।1
- मैहर के सरला नगर स्थित अल्ट्राटेक सीमेंट फैक्ट्री की तिलौरा माइंस में ग्रामीणों ने पत्थर परिवहन कर रहे वाहनों को रोक दिया। यह स्थिति एक फैक्ट्री कर्मचारी द्वारा ग्रामीणों के साथ गाली-गलौज करने पर उत्पन्न हुई। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि उनकी खरीदी गई भूमियों में उत्खनन कार्य हो रहा है, लेकिन उनके परिवार के किसी भी सदस्य को कोई रोजगार नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने यह भी शिकायत की है कि हैवी ब्लास्टिंग से उनके घरों को नुकसान हो रहा है और माइंस संचालन से संबंधित नियमों का पालन नहीं किया जा रहा है। ग्रामीणों ने यह भी बताया कि फैक्ट्री कर्मचारी श्रीनिवास उर्मालिया द्वारा अल्ट्राटेक स्टाफ से मिलकर अवैध लाभ लिया जा रहा है और ग्रामीणों के साथ गाली-गलौज कर धमकाया जा रहा है। इन शिकायतों के मद्देनजर, ग्रामीणों ने सीमेंट प्रबंधन को स्थिति में सुधार के लिए एक सप्ताह का समय दिया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि इस अवधि में कोई सुधार नहीं हुआ, तो वे एक बड़े आंदोलन की शुरुआत करेंगे।1
- दिल्ली की सड़कों से पांडवों के अचानक गायब होने को लेकर एक बड़ा सवाल उठाया गया है। इस घटना को दिल्ली का सबसे बड़ा 'छुपाया गया सच' बताया जा रहा है, जो एक गहरे रहस्य की ओर संकेत करता है।1
- सतना जिले के मैहर स्थित लुधौंती ग्राम पंचायत की सड़क का हाल बेहद खराब है। इस संबंध में शिकायत भी की गई है, लेकिन समस्या को लेकर अभी तक कोई सुनवाई नहीं हुई है।1
- सतना के कलेक्ट्रेट परिसर से रघुराजनगर ग्रामीण शाखा के बाबू शिवांक त्रिपाठी की स्कूटी चोरी हो गई है। चोरी हुई स्कूटी का क्रमांक MP19 MJ 9952 बताया गया है। यह पूरी घटना सीसीटीवी फुटेज में कैद हो गई है।1
- मध्य प्रदेश के जबलपुर से रिश्तों को शर्मसार कर देने वाला एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहाँ अधारताल इलाके में संपत्ति विवाद के चलते 68 साल की एक बुजुर्ग महिला मुन्नी बाई चक्रवर्ती को उनकी ही बड़ी बहू, पोते और रिश्तेदार द्वारा बेरहमी से मारपीट की गई। इस पूरी घटना का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसके बाद पीड़िता ने न्याय और सुरक्षा की गुहार लगाने के लिए पुलिस अधीक्षक (SP) कार्यालय का रुख किया है। मिली जानकारी के अनुसार, अधारताल निवासी मुन्नी बाई चक्रवर्ती के पास उनकी खुद की संपत्ति और मकान है, जिसे उनके नाम करवाने के लिए उनका परिवार पिछले काफी समय से उन पर लगातार मानसिक और शारीरिक दबाव बना रहा था। जब बुजुर्ग महिला ने मकान उनके नाम करने से इनकार कर दिया, तो उनकी बड़ी बहू, पोते और बहू के भाई ने एक राय होकर उनके घर में धावा बोल दिया। आरोपियों ने घर के भीतर घुसकर मुन्नी बाई के साथ बेरहमी से मारपीट की और घर में रखे सामान की जमकर तोड़फोड़ की। पीड़िता का आरोप है कि मारपीट के दौरान आरोपियों ने उन्हें जान से मारने की कोशिश भी की। घर में हुए इस जानलेवा हमले और लगातार मिल रही धमकियों से भयभीत होकर, बुजुर्ग महिला इंसाफ की आस में सीधे एसपी ऑफिस पहुंचीं और वरिष्ठ अधिकारियों को अपनी आपबीती सुनाई। उन्होंने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए खुद के लिए सुरक्षा की मांग की है। घटना का सीसीटीवी/वीडियो फुटेज भी सामने आया है, जिसके आधार पर स्थानीय पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। पुलिस का कहना है कि बुजुर्गों की सुरक्षा सर्वोपरि है और इस मामले में दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।1